Saturday, 8 July 2023

आजमगढ़ कप्तानगंज किशोरी संग छेड़खानी व मारपीट के आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार


 आजमगढ़ कप्तानगंज किशोरी संग छेड़खानी व मारपीट के आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार 



उत्तर प्रदेश आजमगढ़ कप्तानगंज पुलिस ने घर में घुसकर अकेले रही किशोरी के साथ छेड़खानी तथा विरोध करने पर उसके साथ मारपीट कर जान से मारने की धमकी देने वाले आरोपी युवक को शनिवार की सुबह गिरफ्तार कर लिया।


कप्तानगंज क्षेत्र के निवासी व्यक्ति ने स्थानीय थाने में लिखित तहरीर देकर आरोप लगाया कि बीते पांच जुलाई की दोपहर उनकी किशोरवय पुत्री घर में अकेली थी। इसका लाभ उठाते हुए क्षेत्र के कौड़िया बाजार निवासी रवि वर्मा पुत्र रूदल वर्मा मौका पाकर घर में घुस गया और लड़की के साथ छेड़खानी करने लगा।


 पीड़िता द्वारा विरोध करने पर आरोपी युवक उसके साथ मारपीट करते हुए जुबान खोलने पर जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गया। पीड़ित पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर शनिवार की सुबह उसे क्षेत्र के पासीपुर पुलिया के समीप धर दबोचा।

मैनपुरी सहेली के प्यार में पड़ी 3 बच्चों की मां पहुंची थाने, बोली साहब, पति के साथ नहीं रहना है


 मैनपुरी सहेली के प्यार में पड़ी 3 बच्चों की मां



पहुंची थाने, बोली साहब, पति के साथ नहीं रहना है


उत्तर प्रदेश मैनपुरी एक शादीशुदा महिला और उसकी सहेली के बीच समलैंगिक संबंधों का मामला सामने आया है। तीन बच्चों की मां यह महिला अपने पति को छोड़ सहेली के साथ ही रहने की जिद पर अड़ी है। तीन माह से गायब विवाहिता अपनी महिला दोस्त के साथ शुक्रवार को अचानक थाने पहुंची और पुलिस से मदद की गुहार लगाने लगी। समलैंगिक संबंधों से जुड़े इस मामले को सुलझाने में पुलिस के पसीने छूट गए।


मिली जानकारी के अनुसार विवाहित महिला ने थाने जाकर पुलिस ले कहा, 'साहब, मैं पति के साथ नहीं रहना चाहती। मेरी दोस्त मुझे बहुत चाहती है, मैं भी उसे पसंद करती हूं' । महिला पति के बजाय अपनी दोस्त के साथ ही रहने का राग अलापने लगी। महिला की गुमशुदगी के संबंध में पति द्वारा मैनपुरी जिले के बिछवां थाने में तीन माह पहले एफआईआर दर्ज कराई थी। थाने में पति और परिवारीजन आए तो उनके साथ जाने से इनकार कर दिया। काफी समझाने पर भी जब वो नहीं मानी तो परिजन उसे थाने में ही छोड़कर लौट गए।


मामला थाना क्षेत्र के ग्राम नेकपुरा से जुड़ा है। यहां की निवासी वंदना पुत्री अशोक कुमार की दोस्ती कुरावली के ग्राम हविलिया निवासी खुशबू पत्नी संजीव कुमार से हो गई। वंदना बाइक से अक्सर खुशबू से मिलने हविलिया आती और उसे अपने साथ बाजार भी ले जाती। खुशबू और वंदना की दोस्ती पति संजीव को पसंद नहीं थी और उसने रोक-टोक शुरू कर दी। 27 अप्रैल को खुशबू अपने तीन बच्चों शालू, कनक और आर्यन के साथ गायब हो गई। वंदना की गुमशुदगी पिता ने और खुशबू की गुमशुदगी पति ने दर्ज कराई।

दोनों की गुमशुदगी दर्ज करने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। शुक्रवार को अचानक वंदना, खुशबू और उसके तीन बच्चों के साथ थाने पहुंच गईं। उन दोनों ने बताया कि वो नोएडा के सूरजपुर के मोहल्ला मलकपुर में रहने लगी हैं और वहीं एक कंपनी में काम कर रही हैं। जानकारी पाकर परिजन थाने आ गए। जहां पति को देखकर खुशबू ने उसके साथ जाने से इनकार कर दिया। वंदना और खुशबू ने लिखकर दिया कि वे दोनों अपनी मर्जी से गई थीं और अब एक- दूसरे के साथ ही जिंदगी बिताएंगी।


बच्चों ने भी मां खुशबू की बात का समर्थन कर कहा कि पिता उनके साथ मारपीट करते हैं। चूंकि दोनों महिलाएं बालिग हैं, इसलिए पुलिस ने दोनों की बातें लिखित में लेकर उन्हें छोड़ दिया और वे दोनों फिर से नोएडा के लिए रवाना हो गईं। परिवार के लोग भी थाने से निराश होकर लौट आए।

आजमगढ़ फरिहा चौकी प्रभारी ने बंद कराई मीट, मछली, अंडा की दुकानें दी सख्त हिदायत लाइसेंसधारी पर्दा लगा कर खोलेंगे अपनी दुकान


 आजमगढ़ फरिहा चौकी प्रभारी ने बंद कराई मीट, मछली, अंडा की दुकानें


दी सख्त हिदायत लाइसेंसधारी पर्दा लगा कर खोलेंगे अपनी दुकान


उत्तर प्रदेश आजमगढ़ निजामाबाद थाना क्षेत्र के फरिहा में बीती शाम उस समय हड़कंप मच गया जब चौकी प्रभारी फरिहा सुल्तान सिंह द्वारा फरिहा चौक पर स्थित मीट, मछली और अंडा की दुकानों को बंद करवाए जाने लगा। बाजार में उत्पन्न हुई ऊहापोह की स्थिति के बीच जब चौकी प्रभारी सुल्तान सिंह द्वारा यह अवगत कराया गया कि सावन माह में कोई भी दुकानदार सड़क के किनारे मीट, मछली और अंडा की दुकान नहीं खोलेगा।


 उन्होंने सख्त हिदायत देते हुए कहा कि जिनके पास लाइसेंस है वह अपनी दुकान पर्दा लगाकर खोलेंगे। शुक्रवार की शाम रूटीन गश्त के दौरान उन्होंने बताया कि कांवरियों का जत्था चल रहा है जल लेकर बनारस जाने के लिए यही मार्ग है इसलिए सावन भर दुकानें बंद रहेगी।

आजमगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष का स्विमिंग पूल में अश्लील जश्न का वीडियो वायरल


 आजमगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष का स्विमिंग पूल में अश्लील जश्न का वीडियो वायरल



उत्तर प्रदेश आजमगढ़ शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुए पालिका अध्यक्ष की एक वीडियो जिसमें वह कुछ ठेकेदारों के साथ स्विमिंग पूल में अश्लील जश्न मनाने में जुटे हुए हैं। वायरल वीडियो उनकी कार्यशैली पर सवालिया निशान जरूर लगा रहा है। विडिओ कब का है और किस स्थान का है यह पता नही है। इसी के साथ आपको शहर क्षेत्र में व्याप्त दुर्व्यवस्था की ओर ध्यान आकृष्ट कराना चाहिए कि दिन के उजाले में शहर की जलती स्ट्रीट लाइटें लगता है सूरज को चिढ़ाने के लिए जगमगाती दिखती हैं।


 वहीं शहर की नालियां सफाई के अभाव में बजबजा रही हैं। इसकी बानगी भर देखनी है तो मातबरगंज क्षेत्र में चौक से महिला अस्पताल तक की कूड़े से पटी नालियों को देखा जा सकता है। क्षेत्र के लोगों के अनुसार यहां करीब एक सप्ताह से कोई सफाई कर्मचारी या सफाई नायक तक के दर्शन नहीं हुए हैं।


 एक जगह तो पुराना भवन तोड़कर बहुमंजिली इमारत खड़ी करने वालों ने मलबा हटाने के लिए नाली को पाटकर जल की निकासी अवरुद्ध कर दिया है। मानसून की पहली बारिश में शहर के निचले इलाकों में हुए जलजमाव के कारण उत्पन्न हुई समस्या का उचित समाधान अभी नहीं हो सका है ऐसा उस क्षेत्र के लोगों का कहना है। खैर पालिका के अधिकारी व कर्मचारी क्यों बिना दबाव के जनसमस्याओं को निस्तारित करने के लिए आगे आएगा जब मुखिया ही रसिकमिजाज होगा। खैर हम कुछ नहीं कहेंगे बाकी और कुछ शहरवासियों के ऊपर भी छोड़ना उचित लगता है।

मऊ एसपी त्रिवेणी सिंह को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने का आदेश, जानिए पूरा मामला


 मऊ एसपी त्रिवेणी सिंह को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने का आदेश, जानिए पूरा मामला



उत्तर प्रदेश मऊ विशेष न्यायाधीश एससी/ एसटी एक्ट हर्ष अग्रवाल ने सम्मन का तमिला होने के बावजूद साक्ष्य के लिए कोर्ट में उपस्थित न होने पर पुलिस अधीक्षक साइबर सेल सिग्नेचर बिल्डिंग पुलिस मुख्यालय कमिश्नरेट लखनऊ त्रिवेणी सिंह को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने का आदेश पुलिस कमिश्नर लखनऊ को दिया है। साथ ही उनकी गिरफ्तारी के लिए गैरजमानतीय वारंट के साथ ही धारा 350 सीआरपीसी के तहत नोटिस भेजा है तथा त्रिवेणी सिंह पर 3 हजार रुपये हर्जा अधिरोपित करते हुए उनके वेतन से काटकर न्यायालय में जमा करने का आदेश दिया।


 विशेष न्यायाधीश ने मामले में सुनवाई के लिए 20 जुलाई की तिथि नियत किया है। मामला सरायलखंसी थाना क्षेत्र का है। मामले के अनुसार विशेष न्यायालय एससी/ एसटी के न्यायालय में थाना सरायलखंसी का एक मुकदमा स्टेट बनाम प्रवीण आदि अपराध संख्या 437 /1999 धारा 323, 325, 427 ,440 भादवि व धारा 3(1) 10 एससी/ एसटी एक्ट विचाराधीन चल रहा है । 


जिसमें मामले के विवेचक रहे तत्कालीन क्षेत्राधिकारी त्रिवेणी सिंह जो वर्तमान में पुलिस अधीक्षक साइबर सेल सिग्नेचर बिल्डिंग पुलिस मुख्यालय कमिश्नरेट लखनऊ में कार्यरत हैं, उनका साक्ष्य अंकित होना है। उन्हें न्यायालय से कई बार सम्मन भेजा गया, तामिला के बाद साक्ष्य के लिए त्रिवेणी सिंह कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए। इसे गंभीरता से लेते हुए विशेष न्यायाधीश ने उनके विरुद्ध गैर जमानतीय अधिपत्र के साथही धारा 350 सीआरपीसी की नोटिस जारी किया है। विशेष न्यायाधीश ने पुलिस कमिश्नर लखनऊ को आदेश दिया कि त्रिवेणी सिंह के वेतन से तीन हजार रुपये की कटौती कर न्यायालय में जमा करे। ताकि साक्षी के साक्ष्य प्रस्तुत न किए जाने के फल स्वरुप जो विलंब हुआ है, उसमें अभियुक्तगण की क्षतिपूर्ति हर्जे के द्वारा किया जा सके।


 विशेष न्यायाधीश ने अपने पत्र में लिखा कि मामला 20 वर्ष पुराना है ,जिसका निस्तारण नहीं किया जा सका है। जिसके लिए पूर्णरूपेण पुलिस विभाग व उपरोक्त साक्षी जिम्मेदार हैं। उन्होंने साक्षी त्रिवेणी सिंह के विरुद्ध गैर जमानतीय अधिपत्र के साथ ही धारा 350 सीआरपीसी की नोटिस पुलिस कमिश्नर लखनऊ को इस आशय से प्रेषित किया कि वह उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष 20 जुलाई को प्रस्तुत किया जाना सुनिश्चित करें, जिससे साक्ष्य संकलन किया जा सके। यदि साक्षी अग्रिम नियत तिथि तक न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं आता है, तो साक्ष्य का अवसर समाप्त कर दिया जाएगा। जिसकी पूर्णरूपेण जिम्मेदारी पुलिस विभाग की होगी।

Friday, 7 July 2023

आजमगढ़ जीयनपुर सामूहिक दुष्कर्म व हमले के मामले में वांछित चाचा-भतीजा गिरफ्तार


 आजमगढ़ जीयनपुर सामूहिक दुष्कर्म व हमले के मामले में वांछित चाचा-भतीजा गिरफ्तार



उत्तर प्रदेश आजमगढ़ जीयनपुर कोतवाली पुलिस ने 21 वर्षीय युवती को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने तथा इस संबंध में पूछताछ करने पर अपहृता के पिता के साथ मारपीट करने के साथ ही पीड़ित की आबरू लूटने के आरोपी चाचा-भतीजे को शुक्रवार को दिन में गिरफ्तार कर लिया।


जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र निवासी व्यक्ति ने स्थानीय थाने में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि उसकी पुत्री को क्षेत्र के चांदपार ग्राम निवासी राफे पुत्र रफत बहला-फुसलाकर भगा ले गया। इस संबंध में पूछे जाने पर आरोपी युवक के चाचा उमैर पुत्र स्व० अबूशाद ने मारपीट की। पुलिस द्वारा अगवा की गई युवती की बरामदगी करते हुए उसे बयान दर्ज कराने के लिए न्यायालय में पेश किया गया। पीड़िता के बयान पर पुलिस ने इस मामले में गैंगरेप की धारा बढ़ा दिया। शुक्रवार को दिन में पुलिस ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर क्षेत्र के चुनुगपार मोड़ के समीप आरोपी चाचा उमैर तथा भतीजे राफे को गिरफ्तार कर लिया।

आजमगढ़ PCS अफसर ज्योति के पति आलोक के गांव वालों ने दे दी ‘विस्फोटक’ जानकारी...


 आजमगढ़ PCS अफसर ज्योति के पति आलोक के गांव वालों ने दे दी ‘विस्फोटक’ जानकारी...



उत्तर प्रदेश आजमगढ़ प्रदेश की पीसीएस अधिकारी ज्योति मौर्य और उनके पति आलोक मौर्य के बीच का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है।इस बीच ज्योति मौर्य और आलोक मौर्य की शादी का साल 2010 का कार्ड वायरल हो गया। जिसमें आलोक के नाम के साथ ग्राम पंचायत अधिकारी लिखा हुआ है। शादी के कार्ड में आलोक मौर्य को ग्राम पंचायत अधिकारी बताया गया है, जबकि वह पंचायती राज विभाग में चतुर्थ श्रेणी के पद पर कार्यरत हैं।


 ऐसे में जब संवाददाताओ  ने आलोक मौर्य के निवास स्थान आजमगढ़ के मेहनगर तहसील अंतर्गत बछवल गांव पहुंचकर वायरल शादी के कार्ड के बारे में हकीकत जानने की कोशिश की। दरअसल, आलोक मौर्य की पत्नी ज्योति मौर्य वर्तमान में बरेली के शुगर मिल में जीएम के पद पर तैनात हैं। वाराणसी की रहने वालीं PCS अधिकारी ज्योति ने पति और उनके परिवार पर दहेज मांगने का आरोप लगाया है। वहीं, आलोक का आरोप है कि ज्योति ने उनकी हत्या की साजिश रची है। 2010 में आलोक मौर्य की शादी वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र के चिरईगांव निवासी ज्योति मौर्य से हुई थी


बछवल गांव में जब संवाददाताओ ने आलोक मौर्य के पिता राम मुरारी मौर्य से बातचीत करने की कोशिश की तो उन्होंने बात करने से मना कर दिया। लेकिन ग्राम वासियों ने बताया कि जो भी हुआ है, वो बहुत गलत हुआ है। मास्टर साहब (आलोक के पिता) ने अपने खून-पसीने की कमाई को बहू को पढ़ाने में लगा दिया था। नहीं तो उनकी (ज्योति मौर्य) की औकात नहीं है कि वो वहां तक पहुंच पाए। मास्टर साहब ने पैसे से पूरी ताकत लगा दी थी। उन्होंने बताया कि ज्योति जी का यह बहुत ही घिनौना काम है। ग्राम वासियों ने बताया कि इलाहाबाद में रहकर अच्छी कोचिंग, अच्छी पढ़ाई और सारी व्यवस्था ज्योति मौर्य को मिली।पूरा परिवार उनके लिए लगा रहा, क्योंकि वो पढ़ने में तेज थी।



शादी के कार्ड में आलोक मौर्य को ग्राम पंचायत अधिकारी के तौर पर लिखे जाने से जुड़े सवाल पर उन्होंने बताया कि उन लोगों (ज्योति मौर्य के पक्ष) ने जो कार्ड छपवाया था उसमें आलोक मौर्य को ग्राम पंचायत अधिकारी लिखा गया था। हमारे गांव में शादी के कार्ड में केवल आलोक मौर्य का नाम था, उसमें कोई पद का नाम नहीं था। गांव वालों से बातचीत में जब इस बात की भी पुष्टि की गई कि आखिर विवाह के दरमियान छपे कार्ड में झूठ बोलकर सफाई कर्मी को ग्राम विकास अधिकारी पद पर बताया गया और विवाह कराया गया तो इसकी भी सफाई गांव वालों ने अपने तरीके से दी। उनका कहना है कि गांव में बंटे किसी भी कार्ड पर पद का जिक्र नहीं था और जिस कार्ड की चर्चा हो रही है वह कार्ड खुद लड़की वालों ने बाटा था जिसका उन्हें संज्ञान भी नहीं है।


वहीं गाँव वालो ने यह भी बताया कि हमारा गांव पढ़े-लिखे लोगों का गांव है। यहां के लोग बहुत बड़े-बड़े उच्च पदों पर रहे हैं। हम लोगो के गांव की यह परपंरा रही है कि लोग बहुओं को बेटियों की तरह देखते थे और उन्हें पढ़ाते भी थे। मास्टर साहब (आलोक के पिता) ने बहू को पढ़ाया और उसमें पति आलोक ने भी सहयोग किया। उन्होंने कहा कि जिस परिवार ने, जिस ससुर ने त्याग करके उनको (ज्योति) इतना ऊंचा उठाया। जब वह उठ गई तो अपने ही पति को हिकारत भरी नजरों से देखने लगी।