Wednesday, 25 May 2022

कानपुर धर्मांतरण मामले में थानेदार और चौकी इंचार्ज सस्पेंड दो संप्रदाय व दलित से जुड़ा होने के बाद भी थानेदार और दरोगा ने दबाए रखा था मामला


 कानपुर धर्मांतरण मामले में थानेदार और चौकी इंचार्ज सस्पेंड


दो संप्रदाय व दलित से जुड़ा होने के बाद भी थानेदार और दरोगा ने दबाए रखा था मामला



उत्तर प्रदेश कानपुर काकादेव में नाबालिग को अगवा कर धर्मांतरण कराने और उसकी दो गुनी उम्र की महिला से शादी कराने के मामले में कानपुर पुलिस कमिश्नर ने बड़ी कार्रवाई की है। संवेदनशील मामला होने के बाद भी उसे दबाने और अफसरों को इस संबंध में कोई जानकारी नहीं देने पर काकादेव थाना प्रभारी रामकुमार गुप्ता और दरोगा शेर सिंह को डीसीपी वेस्ट ने सस्पेंड किया है। इसके साथ ही विभागीय जांच का भी आदेश दिया है।



डीसीपी वेस्ट बीबीजीटीएस मूर्ति की रिपोर्ट के मुताबिक दो दिन पहले 21 मई को हुई नाबालिग के धर्मांतरण के घटना की जानकारी इंस्पेक्टर काकादेव रामकुमार गुप्ता और दरोगा शेर सिंह को हो गई थी। मामला अनुसूचित जाति वर्ग से जुड़ा होने और और इसका साम्प्रदायिक दृष्टिकोण अति संवेदनशील होने के बाद भी मामले में कार्रवाई नहीं की गई। इतना ही नहीं थानेदार और चौकी इंचार्ज ने वरिष्ठ अफसरों को भी मामले की जानकारी नहीं दी। पूरे मामले में एक्शन लेने की बजाए दबाने का प्रयास किया। इसके चलते कानून व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन गया था।



 घोर लापरवाही करने पर डीसीपी वेस्ट बीबीजीटीएस मूर्ति ने थानेदार और पांडु नगर चौकी इंचार्ज शेर सिंह को सस्पेंड कर दिया।




डीसीपी वेस्ट ने बताया कि निलंबन की कार्रवाई के बाद अब इंस्पेक्टर राम कुमार गुप्ता और दरोगा शेर सिंह को आधा वेतन मिलेगा। उनके तैनाती पुलिस लाइन में रहेगी। बगैर अनुमति के हेडक्वार्टर भी नहीं छोड़ सकते हैं। इसके साथ ही अब पूरे मामले में थानेदार और दरोगा की विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।




यह कोई पहला मामला नहीं है जब इंस्पेक्टर राम कुमार गुप्ता पर घोर लापरवाही का आरोप लगा और सस्पेंड करने की कार्रवाई की गई है। इससे पूर्व चकेरी थाना प्रभारी रहने के दौरान इंस्पेक्टर राम कुमार गुप्ता पर पिंटू सेंगर हत्याकांड में विवेचना में गड़बड़ी करने का आरोप लगा था। तत्काली एसएसपी ने राम कुमार गुप्ता को लापरवाही के आरोप में लाइन हाजिर कर दिया था। इसके साथ ही विभागीय जांच भी की गई थी।

Tuesday, 24 May 2022

सुल्तानपुर महिला सेक्रेटरी का हाईवे पर फायरिंग करते वीडियो वायरल


 सुल्तानपुर महिला सेक्रेटरी का हाईवे पर फायरिंग करते वीडियो वायरल




उत्तर प्रदेश सुल्तानपुर में कुड़वार ब्लॉक की महिला सचिव का एक वायरल वीडियो सामने आया है। वो खुलेआम रिवाल्वर से गोली चला रही हैं जबकि लाइसेंसी असलहा से खुलेआम फायरिंग गैर कानूनी है,लाइसेंस भी उनके नाम नहीं है। 



सोशल साइट पर वायरल हो रहा वीडियो लखनऊ नेशनल हाईवे का बताया जा रहा है। वीडियो के बारे में सचिव ने कहा कि ये असली रिवाल्वर नहीं है, बच्चों की खिलौना बंदूक है। मुकदमा दर्ज करके मामले की जांच पुलिस कर रही है।



महिमा सिंह कुड़वार ब्लॉक में सचिव हैं। उनका वीडियो कुछ इस तरह का है, जैसे वो ट्रेनिंग ले रही हैं। एक शख्स बैक ग्राउंड में उन्हें गोली चलाने के बारे में बता रहा है। उन्हीं शब्दों को सुनते हुए महिमा हवा में गोली चलाती हैं।




जानकारी के अनुसार  चंद सेकंड का ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। महिमा ने फोन करने पर कहा- वीडियो देखकर गलत फहमी हो रही है। ये कोई असली रिवाल्वर नहीं है। बच्चों का खिलौना बंदूक है। इसको बेवजह तूल दिया जा रहा है। उनके बयान से वीडियो थोड़ा जुदा है। 



क्योंकि असली रिवाल्वर की तरह उनके हाथ को झटका लगता है। रिवाल्वर से धुआं और आवाज असली असलहे की तरह लग रही है। लाइसेंसी असलहा का सार्वजनिक प्रदर्शन पूरी तरह से गैर कानूनी है। फिर चाहे सोशल मीडिया पर ही क्यों न किया तस्वीर या वीडियो पोस्ट किया गया हो।



 ऐसा करना असलहा लाइसेंस जारी करने के लिए तय शर्तों के उल्लंघन एवं असलहे के दुरुपयोग की परिधि में आता है। सोशल मीडिया पूरी तरह से सार्वजनिक मंच है। लिहाजा वहां असलहा के साथ फोटो टैग करना सार्वजनिक प्रदर्शन के दायरे में आता है। ऐसा करने वालों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा के तहत मुकदमा दर्ज करने का प्रावधान है। 



इसमें आरोपी को तीन साल से 10 साल तक की जेल हो सकती है। असलहा लाइसेंस अनिवार्य रूप से निरस्त करने का भी निर्देश हैं।

आजमगढ़ श्यामबाबू पासी पर हत्या का आरोप तय मुख्तार का शूटर है अभियुक्त, मुख्तार अंसारी की भी ऑनलाइन हुई पेशी


 आजमगढ़ श्यामबाबू पासी पर हत्या का आरोप तय


मुख्तार का शूटर है अभियुक्त, मुख्तार अंसारी की भी ऑनलाइन हुई पेशी



उत्तर प्रदेश आजमगढ़ पूर्वांचल के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के शार्प शूटर श्यामबाबू पासी को हत्या के एक मामले में बुलंदशहर जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच मंगलवार को जिले के एमपी एमएलए कोर्ट नंबर 3 में पेश किया गया। इस मामले में बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी की भी ऑनलाइन पेशी हुई। 




कोर्ट ने श्यामबाबू पासी पर हत्या का आरोप निर्धारित कर दिया है। मामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख 3 जून तय की गई है।



गौरतलब है कि विगत वर्ष 2014 में सड़क निर्माण के ठेके को लेकर शुरू हुई वर्चस्व की जंग में तरवां थाना क्षेत्र के ऐराकला गांव के समीप सड़क निर्माण कार्य में लगे बिहार निवासी मजदूर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस मामले में बाहुबली मुख्तार अंसारी समेत कई लोगों को नामजद किया गया था मामले की सुनवाई जिले के एमपी एमएलए कोर्ट नंबर 3 में चल रही है। मजदूर की हत्या के मामले में बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी की आनलाइन पेशी हुई। इसी मुकदमे में शामिल बुलंदशहर जेल में बंद कुख्यात श्यामबाबू पासी को कड़ी सुरक्षा में एमपी एमएलए कोर्ट मंगलवार को पेश किया गया। 



कोर्ट ने श्यामबाबू पर आरोप निर्धारित किया। आज ही जौनपुर जेल से राजन पासी की भी पेशी हुई। राजन पर पहले ही आरोप निर्धारित हो चुका है। मुख्तार अंसारी समेत अन्य पर भी पहले ही आरोप निर्धारित हो चुका है। इस मामले में श्यामबाबू पर आरोप बाकी था जिसे कोर्ट ने मंगलवार को निर्धारित कर दिया।



 सुनवाई की अगली तारीख 3 जून 2022 तय की गई। बताते चलें कि विगत 6 फरवरी 2014 को बिहार निवासी मजदूर की हत्या के मामले में आरोप है कि मुख्तार अंसारी ने साजिश रचकर अपने विपक्षी को फंसाने के लिए अपने ही खास के यहां काम कर रहे मजदूर की हत्या करवा दी थी। मामले में मुख्तार अंसारी समेत अन्य के खिलाफ दौरान विवेचना मुकदमा दर्ज किया गया था।



 स्टेट बनाम राजेंद्र पासी के नाम से ट्रायल चल रहा है। पुलिस ने वर्ष 2020 में नामजद आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज किया था।

आजमगढ़ अंधी युवती के साथ दुष्कर्म मुबारकपुर थाना क्षेत्र की घटना, आरोपी फरार


 आजमगढ़ अंधी युवती के साथ दुष्कर्म


मुबारकपुर थाना क्षेत्र की घटना, आरोपी फरार



उत्तर प्रदेश आजमगढ़ मुबारकपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में एक युवक ने 10 दिन पूर्व 20 वर्षीय अंधी युवती के साथ दुष्कर्म किया। युवती के शोर मचाने पर पहुंची युवती की बड़ी बहन ने विरोध किया। आरोपी ने बड़ी बहन को मारपीट कर घायल कर दिया। 



घटना के बाद आसपास के लोगों के पहुंचने पर आरोपी फरार हो गया। पीड़िता की मां ने आरोपी युवक के विरुद्ध नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। घटना के बाद से आरोपी फरार चल रहा है। पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी में लग गई है।

प्रयागराज नौकरी के नाम पर युवती से सामूहिक दुष्कर्म


 प्रयागराज नौकरी के नाम पर युवती से सामूहिक दुष्कर्म



उत्तर प्रदेश प्रयागराज कानपुर के पुराना शिविली रोड कल्यानपुर की रहने वाली एक युवती से नौकरी दिलाने के नाम पर सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। युवती ने परिजनों के साथ पहुंचकर एसएसपी समेत अन्य अफसरों को तहरीर दी है।



युवती का आरोप है कि रजवापुर मऊआइमा के एक शख्स ने बातचीत के बाद उसे नौकरी के लिए बुलाया। 22 मई की रात वह आठ बजे प्रयागराज पहुंची तो उसे एक कार से फाफामऊ ले जाया गया। 


वहां पहुंचने पर चार और लोग आ गए। इसके बाद उसे नशा देकर सभी ने सामूहिक दुष्कर्म किया। युवती का नशा उतरा तो वह विरोध करने लगी। आरोप है कि तब आरोपितों ने तमंचा निकाल लिया और कहा कि गोली मार देंगे।



दुष्कर्म के बाद वह लोग धमकी देकर चले गए। युवती ने थरवई में रहने वाले अपने रिश्तेदार को फोन कर बताया तो वे लोग पहुंचे। युवती का आरोप है कि दूसरे दिन घरवाले कानपुर से आ गए।



 वे सब फाफामऊ थाने गए तो पुलिस मामले को लेकट टालमटोल करती रही। अंत में उनकी रिपोर्ट नहीं लिखी गई। परेशान युवती की तहरीर पर एसएसपी ने फाफामऊ पुलिस से जांच कराने का आदेश दिया है।



 युवती ने तहरीर में कई लोगों के नाम लिखे हैं। मामले में एसएसपी के हस्तक्षेप से पुलिस विभाग के मातहतों में हड़कंप मचा है।

Monday, 23 May 2022

आगरा प्रेमिका के साथ मिलकर पति ने खेला खूनी खेल, मंजर देख सन्न रह गए लोग


 आगरा प्रेमिका के साथ मिलकर पति ने खेला खूनी खेल, मंजर देख सन्न रह गए लोग



उत्तर प्रदेश आगरा न्यू आगरा थाना क्षेत्र के नगला हवेली में शादी के पांच महीने बाद विवाहिता प्रीति (25) की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। उसके पति उपेंद्र उर्फ उमंग ने बेहद खौफनाक तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। 




जांच में पता चला है कि वारदात के वक्त कमरे में उपेंद्र की प्रेमिका और एक अन्य युवती भी थी। पुलिस अब दोनों युवतियों की तलाश में जुटी है।



थाना न्यू आगरा के प्रभारी निरीक्षक विजय विक्रम सिंह के मुताबिक, हत्या आरोपी के पिता साहब सिंह ने बताया था कि उनकी मां ने उपेंद्र के कमरे में दो युवतियों को देखा था। जब वो पुलिस को बुला रहे थे, इसी दौरान युवतियां कमरे से निकलकर चली गई थीं। इस संबंध में उपेंद्र से पूछताछ की गई। उसने प्रेम प्रसंग की बात कबूल की है।



पूछताछ में उसने बताया कि उसके प्रेम संबंध न्यू आगरा क्षेत्र की युवती से थे। उसने टेक्सटाइल डिजायनिंग में डिप्लोमा कर रखा है। पहले जयपुर में नौकरी करती थी। अब आगरा आ गई है। वह प्रेम संबंध की वजह से शादी के लिए तैयार नहीं था। मगर, परिवार वाले नहीं माने। शादी के बाद प्रेमिका को लेकर झगड़ा होने लगा। वह फोन पर बात भी नहीं कर पाता था। पूर्व में उसका मोबाइल भी झगड़े में टूट गया था।




पुलिस की पूछताछ में आरोपी पति ने बताया कि शनिवार रात को पत्नी से झगड़ा हो गया था। प्रीति दूसरे कमरे में सोने चली गई। रात में प्रेमिका अपनी सहेली के साथ आई थी। दोनों घर के बराबर में प्लॉट में रहीं। तड़के प्रेमिका और उसकी सहेली को घर में बुला लिया। पत्नी पर चाकू से हमला बोला। गर्दन पर वार किए, पत्नी ने बचने की कोशिश की। इस दौरान उसके हाथों पर भी चाकू मारे। पुलिस को कमरे से चाकू नहीं मिला। यही आशंका है कि प्रेमिका चाकू लेकर चली गई। पुलिस उसकी तलाश में लगी है।




थाना प्रभारी निरीक्षक विजय विक्रम सिंह ने बताया कि मृतका के पिता भूरी सिंह की तहरीर पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें आरोप लगाया गया है कि उपेंद्र प्रीति को कार के लिए परेशान करता था। ससुराली भी परेशान करते थे। ताने दिया करते थे। मुकदमे में पति उपेंद्र उर्फ उमंग, ससुर साहब सिंह, सास ओमवती, जेठ आकाश, जेठानी कल्पना, ननद सुरेखा, ननदोई शैलेंद्र को नामजद किया गया है। मामले में विवेचना की जा रही है।



एसपी सिटी विकास कुमार ने बताया कि विवाहिता की हत्या की गई है। मामले में दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पति को हिरासत में लिया गया है। उससे पूछताछ में उसके एक युवती से प्रेम संबंध में हत्या की बात सामने आई। हत्या में दो युवतियों के बारे में पता चला है। उनकी तलाश की जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

आज़मगढ़ एसपी के नाम पर दरोगा ने की धोखाधड़ी


 आज़मगढ़ एसपी के नाम पर दरोगा ने की धोखाधड़ी


 


उत्तर प्रदेश आजमगढ़ सिधारी थाने में दर्ज एक मुकदमे की जांच करने वाला दरोगा एसपी के नाम पर धोखाधड़ी करते हुए मुकदमे की फाइल स्वयं दबाकर बैठ गया। मामला संज्ञान में आने पर एसपी ट्रैफिक से जांच कराई गई तो सच उजागर हुआ। दोषी दरोगा के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर सिर्फ चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।



जानकारी के मुताबिक पतरूराम विश्वकर्मा सिधारी थाने के कटघर गांव के निवासी हैं। वह आरटीआई कार्यकर्ता हैं। पतरू ने सिधारी थाने में एक दरोगा के खिलाफ धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच सिधारी थाने में तैनात उपनिरीक्षक सूरज चौधरी को सौंपी गई थी। सूरज चौधरी ने मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगा दिया। जब पतरू ने दरोगा से दर्ज कराए गए मुकदमे की जांच के संबंध में पूछा तो उपनिरीक्षक ने कहा कि एसपी का दवाब है। फाइल वह अपने पास मंगा लिए हैं। 9 दिसंबर 2021 को पतरू ने इसकी शिकायत एसपी से की तो उन्होंने एसपी ट्रैफिक को मामले की जांच सौंप दी। एसपी ट्रैफिक सुधीर जायसवाल की जांच में सिधारी थाने पर तैनात दरोगा सुरज चौधरी दोषी पाए गए। कार्रवाई के लिए उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट एसपी को सौंप दिया। 



पतरू विश्वकर्मा ने बताया कि उक्त मामले में दोषी दरोगा के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई। इस संबंध में वह जब दंड लिपिक को पत्र भेजकर पूछा तो जवाब मिला कि उपनिरीक्षक सूरज चौधरी को चेतावनी दी गई है।



 एसपी अनुराग आर्य ने बताया कि मामले की एसपी ट्रैफिक से जांच करवाई गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई है।