Friday, 20 May 2022

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रद्द किया सिपाही की बर्खास्तगी का आदेश नशे की हालत में एसओ से की थी बदसलूकी


 इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रद्द किया सिपाही की बर्खास्तगी का आदेश



नशे की हालत में एसओ से की थी बदसलूकी


उत्तर प्रदेश प्रयागराज इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस के एक सिपाही द्वारा नशे की हालत में अपने एसओ से बदसलूकी करने पर उसके खिलाफ पारित बर्खास्तगी आदेश को रद्द कर दिया है। इस आदेश के जरिए उसकी सेवा को समाप्त कर दिया गया था। यह आदेश जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा ने दशरथ सिंह की याचिका को स्वीकार करते हुए दिया।




कोर्ट ने कहा कि जांच अधिकारी पुलिस अधीक्षक ललितपुर का आदेश गलत है। कोर्ट ने मामले में आईजी झांसी रेंज झांसी और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक दूरसंचार उत्तर प्रदेश लखनऊ द्वारा सिपाही की सेवा से बर्खास्तगी की पुष्टि करने वाले आदेशों को भी रद्द कर दिया।



 कोर्ट ने कहा कि याची का न तो यूरिन परीक्षण किया गया और न ही रक्त परीक्षण किया गया। जबकि, उस पर लगाए गए आरोप के आधार पर ये दोनों ही जांच जरूर होने चाहिए थे। याची को जब विभागीय कार्यवाही में दंडित किया जा रहा था तब इन तथ्यों पर भी विचार किया जाना जरूरी था। कोर्ट ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में याची के खिलाफ पारित आदेश पोषणीय नहीं है। उसे रद्द किया जाता है।

गाजियाबाद फौजी पति को वीडियो काल कर के फंदे पर झुली महिला सिपाही


 गाजियाबाद फौजी पति को वीडियो काल कर के फंदे पर झुली महिला सिपाही 



गाजियाबाद यूपी पुलिस की महिला सिपाही ने गाजियाबाद में फांसी लगाकर जान दे दी। जान देने से पहले उसने अपने फौजी पति को वीडियो कॉल की।



 बताया जा रहा है कि दोनों के बीच बेटे को अपने पास रखने को लेकर विवाद था।



बुलंदशहर में अगौता थाना क्षेत्र के गांव मानपुर में रहने वाली 28 साल की रोहिणी मलिक कांस्टेबल थी। 2016 बैच की सिपाही रोहिणी फिलहाल गाजियाबाद में तैनात थी। वह कविनगर थाना क्षेत्र के आरकेपुरम स्थित में मकान में रहती थी। रोहिणी की शादी करीब 4 साल पहले गौतमबुद्धनगर में जारचा थाना क्षेत्र के गांव छायसा निवासी संदीप मलिक से हुई थी। संदीप मलिक भारतीय सेना में जालंधर में पोस्टेड हैं।



नौकरी की व्यस्तता के चलते रोहिणी ने अपने दो साल के मासूम बच्चे को मायके में छोड़ रखा था। इसे लेकर दंपति में अक्सर विवाद होता था। संदीप अक्सर रोहिणी से कहता था कि वह बच्चे को साथ रखे और ससुराल में रहकर नौकरी करे। रोहिणी इन दोनों बातों से नाराज थी।



गुरुवार को रोहिणी ने अपने पति को वीडियो कॉल की और कमरे में फांसी के फंदे पर झूलने लगी। संदीप ने उसे नीचे उतरने के लिए कहा, लेकिन वह नहीं मानी। इसके बाद संदीप ने मकान मालिक को फोन करके पूरा घटनाक्रम बताया। मकान मालिक जब कमरे में पहुंचा, तो रोहिणी फंदे पर लटक रही थी। जैसे-तैसे उसे नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।



 सूचना पर पुलिस पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।


कविनगर सीओ अवनीश कुमार ने बताया कि दंपति से विवाद के बाद महिला सिपाही ने खुदकुशी की है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। अभी इस बारे में कोई शिकायत नहीं मिली है।

उत्तर प्रदेश मुख्तार अंसारी की पत्नी की गिरफ्तारी के लिए गाजीपुर व मऊ पहुंची पुलिस


 उत्तर प्रदेश मुख्तार अंसारी की पत्नी की गिरफ्तारी के लिए गाजीपुर व मऊ पहुंची पुलिस



मऊ पूर्व विधायक माफिया मुख्तार अंसारी की पत्नी की गिरफ्तारी के लिए गुरुवार को मऊ और गाजीपुर में आधे दर्जन स्थानों पर छापेमारी की गई। गैंगस्टर कोर्ट से एनबीडब्ल्यू जारी होने के साथ ही मऊ पुलिस ने टीम बनाई और तेजी से कार्रवाई कर रही है।



मऊ के दक्षिण टोला थाना क्षेत्र के रैनी गांव में एफसीआई का गोदाम बनाने के लिए मुख्तार अंसारी ने अनुसूचित जाति के लोगों की जमीन को अपनी पत्नी आफ्शां अंसारी और दो अन्य के नाम जबरन रजिस्ट्री करा ली थी। इस मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद गैंगस्टर की कार्रवाई की गई थी।



बुधवार को गैंगस्टर कोर्ट ने तीनों के खिलाफ बुधवार को एनबीडब्ल्यू जारी किया था। एनबीडब्ल्यू जारी होने के बाद तीनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने टीम गठित कर दी थी। गुरुवार को मुख्तार की पत्नी की गिरफ्तारी के लिए गाजीपुर और मऊ में कई स्थानों पर पुलिस ने छापेमारी की।



वहीं गाजीपुर में गैंगस्टर कोर्ट से जारी वारंट को तामील कराने के लिए पुलिस ने उनके घर के बाहर नोटिस चस्पा कर दिया। इसके बाद पुलिस टीम सैय्यदबाड़ा स्थित मुख्तार अंसारी की ससुराल पहुंची, उनके साले अनवर शहजाद और सरजील रजा के बारे में भी पूछताछ की।

Thursday, 19 May 2022

आजमगढ़ दलालों की खोज में आरटीओ कार्यालय पर छापेमारी पुलिस के आने की भनक लगते ही हो गए भूमिगत, मचा हड़कंप आरआई एआरटीओ पवन कुमार सोनकर ने बताया कि मुख्यमंत्री के आदेश पर सिधारी थाने की पुलिस छापेमारी कर दलालों को कार्यालय से खदेड़ा


 आजमगढ़ दलालों की खोज में आरटीओ कार्यालय पर छापेमारी


पुलिस के आने की भनक लगते ही हो गए भूमिगत, मचा हड़कंप



आरआई एआरटीओ पवन कुमार सोनकर ने बताया कि मुख्यमंत्री के आदेश पर सिधारी थाने की पुलिस छापेमारी कर दलालों को कार्यालय से खदेड़ा



उत्तर प्रदेश आजमगढ़ दलालों के चंगुल में बुरी तरह जकड़े आरटीओ और एआरटीओ कार्यालय को उनसे मुक्त कराने के लिए गुरुवार को पुलिस ने दोनों कार्यालयों पर छापेमारी की। हालांकि इस दौरान वहां मौजूद दलाल पुलिस के आने की भनक लगते ही भूमिगत हो गए। 




पुलिस ने बगैर किसी काम के वहां मौजूद लोगों को खदेड़ दिया। पुलिस की इस औचक कार्रवाई से मौके पर हड़कंप की स्थिति बनी हुई थी। एसपी आवास के समीप आरटीओ एवं एआरटीओ का कार्यालय स्थित है। ये दोनों कार्यालय दलालों के कब्जे में रहता है। बगैर दलालों से संपर्क किए आम आदमी यहां कोई भी काम नहीं करा सकता। 




दलालों का वर्चस्व इतना है कि यहां अगर कोई अधिकारी, कर्मचारी या सामान्य नागरिक उनका विरोध करते हैं तो वे हमलावर हो जाते हैं। पूर्व में इस तरह की कई घटनाएं हो चुकी हैं। भय के चलते इन दलालों के खिलाफ कोई आवाज नहीं उठाता। गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े आदेश के बाद प्रशासन जागा और सिधारी थाने की पुलिस ने दलालों से मुक्त कराने के लिए आरटीओ और एआरटीओ दफ्तर में छापेमारी की। 



इस दौरान वहां बगैर काम के मौजूद लोगों को बाहर खदेड़ दिया गया। साथ ही ऐसे लोगों को चेतावनी दी गई कि अब बगैर किसी काम के यहां कोई भी मिला तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।



 आरआई एआरटीओ पवन कुमार सोनकर ने बताया कि मुख्यमंत्री के आदेश पर सिधारी थाने की पुलिस छापेमारी कर दलालों को कार्यालय से खदेड़ा लेकिन यह व्यवस्था कब तक चल पाती है कुछ कह पाना मुश्किल है।

आजमगढ़ पूर्व सांसद उमाकांत यादव की एक करोड़ की प्रॉपर्टी हुई कुर्क


 आजमगढ़ पूर्व सांसद उमाकांत यादव की एक करोड़ की प्रॉपर्टी हुई कुर्क



उत्तर प्रदेश आजमगढ़ पूर्व सांसद उमाकांत यादव की एक करोड़ से अधिक की प्रापर्टी को प्रशासन ने गुरुवार को कुर्क कर ली। गैंगस्टर एक्ट के तहत जिलाधिकारी ने कार्रवाई का आदेश दिया था।



 तहसीलदार फूलपुर के नेतृत्व में प्रशासन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में यह कार्रवाई की। प्रशासन ने तहसील के सात गांव में 16 स्थानों पर यह कार्रवाई की। सुबह 11 बजे शुरू हुई कार्रवाई देर शाम तक जारी रही।

दीदारगंज थाना क्षेत्र के चकगंज अलीशाह (सरावां) गांव निवासी उमाकांत यादव पुत्र श्रीपति एक बार सांसद रहे व चार बार विधायक रहे हैं। 



अंबारी में गांधी आश्रम की भूमि पर कब्जा करने के मामले में नैनी जेल में बंद है। पुलिस ने पुराने मामलों को संज्ञान लेकर एक साल पूर्व गैंगेस्टर में कार्रवाई की थी। पूर्व सांसद पर आरोप है कि उनके द्वारा गिरोहबंद एवं आसामाजिक क्रियाकलाप द्वारा यह संपत्ति अर्जित की गई है।



 डीएम के आदेश धारा-14 (1) उत्तर प्रदेश गिरोहबन्द एवं समाज विरोधी क्रिया-कलाप निवारण अधिनियम-1986 में पारित आदेश के क्रम में कार्रवाई हुई।



 जिलाधिकारी आजमगढ़ विशाल भारद्वाज के आदेश के क्रम मे  गुरुवार को तहसीलदार फूलपुर संजय कुमार कुशवाहा, सरायमीर थानाध्यक्ष विवेक कुमार पांडेय के साथ काफी संख्या में पुलिस फोर्स ने यह कार्रवाई की। 



पूर्व सांसद की जप्त की गई प्रापर्टी का तहसलीदार फूलपर को संरक्षक नियुक्त किया गया। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रही।

आजमगढ़ ठेकमा एम0एस0डी0 सीनियर सेकेंडरी स्कूल, भोपालपुर में लगा नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं कोविड टीकाकरण शिविर मेला


 आजमगढ़ ठेकमा एम0एस0डी0 सीनियर सेकेंडरी स्कूल, भोपालपुर में  लगा नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं कोविड टीकाकरण शिविर मेला



आजमगढ़ गम्भीरपुर से राहुल पांडेय की रिपोर्ट।




उत्तर प्रदेश आजमगढ़ ठेकमा विकासखंड अंतर्गत स्थित एम0एस0डी0 सीनियर सेकेंडरी स्कूल, भोपालपुर में  लगा नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं कोविड टीकाकरण शिविर मेला

का सफल आयोजन किया गया।


 जिसमें सभी छात्र छात्राओं,अभिभावकों व अन्य क्षेत्रवासियों के दांत,आंख,नाक,कान, गला,हड्डी व समस्त स्वास्थ्य का परीक्षण किया गया,स्त्री रोग विशेषज्ञ भी उपस्थित थीं। दवाओं व सैनिटरी पैड्स का वितरण भी किया गया।




 शिविर में डॉ0 अर्पित अग्रवाल,डॉ0 चंदन,डॉ0 सुजीत,डॉ0 आर के मिश्रा,डॉ0राजेश,डॉ0 शाहीन अख्तर,डॉ0 सुभाष विश्वकर्मा,डॉ0 प्रतिमा चौहान,डॉ0 सी एस चौहान,डॉ0 विजय बहादुर तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ठेकमा के समस्त स्टाफ चंद्रप्रकाश, सत्यम,राजमणि आदि उपस्थित रहे।



प्रबंधक सत्यवान शुक्ला व प्रधानाचार्य सत्येंद्र मिश्र ने स्वास्थ्य विभाग की टीम व क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त किया।

सोनभद्र निरस्त हुआ पूर्व विधायक रूबी प्रसाद का अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र कमेटी ने दिए कानूनी कार्रवाई के निर्देश, जानें पूरा मामला


 सोनभद्र निरस्त हुआ पूर्व विधायक रूबी प्रसाद का अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र


कमेटी ने दिए कानूनी कार्रवाई के निर्देश, जानें पूरा मामला



लखनऊ सोनभद्र की दुद्धी विधानसभा सीट से वर्ष 2012 में अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र लगाकर चुनाव जीतने वाली रूबी प्रसाद का जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया है।



 अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष रामनरेश पासवान की शिकायत पर समाज कल्याण विभाग की स्क्रूटनी कमेटी ने यह कार्रवाई की है। कमेटी ने संबंधित तहसीलदार, कानूनगो व लेखपाल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कि जाने के आदेश दिए हैं।




अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग के चेयरमैन डा. रामबाबू हरित ने बुधवार की देर रात इसकी तस्दीक की। प्रसाद वर्ष 2007 में जारी अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट दुद्धी से निर्दलीय विधायक चुनी गई थीं। इसके बाद वह समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर सपा में शामिल हो गई थीं। इस वक्त वह भाजपा में हैं। समाज कल्याण विभाग की स्क्रूटनी कमेटी ने उनके इस जाति प्रमाण पत्र को फर्जी करार दिया है।



कमेटी के आदेश में कहा गया है कि रूबी प्रसाद बिहार के समस्तीपुर जिले की मूल निवासी हैं और उनके पिता सुबोध सिंह राजपूत हैं। इस तरह वह सामान्य वर्ग की महिला हैं और अनुसूचित जाति का फर्जी प्रमाण पत्र बनवा कर उसका लाभ ले रही थी। सर्वश्रेष्ठ विधायक तथा मिशेल ओबामा के हाथों वीमन इंपावरमेंट का खिताब हासिल कर चुकी रूबी प्रसाद के जाति प्रमाण पत्र की जांच वर्ष 2012 में रामनरेश पासवान की शिकायत पर शुरू हुई थी।



रामनरेश इस वक्त अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग उ.प्र. के उपाध्यक्ष हैं। पासवान का कहना है कि रूबी प्रसाद फर्जी जाति प्रमाण पत्र लेकर विधायक बनीं। यह मामला हाईकोर्ट तक गया। जांच चल रही थी, इसी बीच प्रमुख सचिव समाज कल्याण हिमांशु कुमार को कमेटी बनाकर जांच करने के आदेश दिये गये थे। इसी कमेटी ने रूबी प्रसाद का जाति प्रमाणपत्र फर्जी पाया, जिसके बाद मामला अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग पहुंचा और उनका अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया।



 आयोग के चेयरमैन डा. रामबाबू हरित ने बताया कि इस मामले में रूबी प्रसाद से  हलफनामा मांगा जा रहा था। मगर उन्होंने देने से इनकार कर दिया।