Thursday, 24 March 2022

मेरठ इस्तीफे का ऐलान करने वाला दरोगा सस्पेंड।


 मेरठ इस्तीफे का ऐलान करने वाला दरोगा सस्पेंड।



मेरठ बुलंदशहर यूपी विधानसभा चुनावों में सपा-रालोद गठबंधन प्रत्याशी की सभा में व्हाट्सएप पर इस्तीफा देकर अफसरों व नेताओं पर उत्पीड़न का आरोप लगाने वाले वन दरोगा को सस्पेंड कर दिया गया है। 




मेरठ से वन विभाग के उच्चाधिकारियों ने उनपर यह कार्यवाही की है। अफसरों ने दरोगा के इस्तीफे को भी निरस्त कर दिया है। वायरल वीडियो के आधार पर डीएफओ ने जांच रिपोर्ट मेरठ भेजी थी। इस प्रकरण की वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थी।




बुलंदशहर सदर वन रेंज में तैनात वन दरोगा अजित भड़ाना ने विधानसभा चुनावों के दौरान मेरठ विधानसभा में एक सपा प्रत्याशी की जनसभा में नौकरी से इस्तीफा देने की घोषणा की थी। कई भाजपा विधायकों के नाम लेकर उन्होंने सीधा आरोप लगाया कि वह उन्हें नौकरी नहीं करने दे रहे हैं। उसी दौरान किसी ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था। इसके बाद विभाग में हड़कंप मच गया और डीएफओ विनीता सिंह ने इसकी जांच रिपोर्ट तैयार कर मेरठ वन विभाग के उच्चाधिकारियों को भेज दी थी।




30 जनवरी को इस्तीफा अफसरों को भेज दिया था। उसके बाद विभाग ने नोटिस जारी किया था, जिसका जवाब दे दिया गया। विभाग अब तैनाती वाले कार्यालयों से अनापत्ति प्रमाणपत्र मांग रहा है। कब निलंबित किया, इसकी जानकारी नहीं है।

Wednesday, 23 March 2022

आजमगढ़ चार पुलिस इंस्पेक्टरों समेत 9 के कार्यक्षेत्र बदले


 आजमगढ़ चार पुलिस इंस्पेक्टरों समेत 9 के कार्यक्षेत्र बदले



कार्य में शिथिलता पर दो थाना प्रभारी पद से हटाए गए।





उत्तर प्रदेश आजमगढ़ विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद जनपद की कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने की कवायद में जुटे पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने बुधवार को जहां दो थाना प्रभारियों को कार्य में शिथिलता बरतने पर उनके पद से हटा दिया। वहीं कुल 9 निरीक्षकों व उप निरीक्षकों के कार्यक्षेत्र में फेरबदल कर दिया।




बुधवार की शाम पुलिस मीडिया सेल से प्राप्त जानकारी के अनुसार मेंहनगर क्षेत्र में होली पर्व के दौरान हुई मारपीट में एक व्यक्ति की मौत हो जाने के संबंध में निरोधात्मक कार्यवाही न करने तथा आरोपियों की समय से गिरफ्तारी न करने को लापरवाही मानते हुए थाना प्रभारी विमल प्रकाश राय को पद से हटाकर उन्हें क्राइम ब्रांच से संबद्ध कर दिया गया। 



इसी तरह बाइक लूट की घटना में अनावरण का प्रयास न करने तथा विधानसभा निर्वाचन के दौरान निरोधात्मक कार्यवाही में उदासीनता बरतने पर कप्तानगंज थाना प्रभारी बिंदु कुमार को भी उनके पद से हटाकर उन्हें भी क्राइम ब्रांच में भेज दिया गया।




 इसी क्रम में स्थानांतरण की सामान्य प्रक्रिया के तहत जीयनपुर कोतवाल दिनेश कुमार को थाना निजामाबाद एवं निजामाबाद थाना प्रभारी यादवेंद्र पांडेय को जीयनपुर कोतवाली का प्रभार सौंपा गया है। 




चुनाव सेल के प्रभारी रहे इस्पेक्टर प्रमेंद्र कुमार सिंह को सिधारी थाने पर निरीक्षक अपराध, तरवां थाने में तैनात उपनिरीक्षक संजय कुमार को कप्तानगंज थाने का प्रभारी बनाया गया है। पुलिस अधीक्षक के जनसंपर्क अधिकारी रहे उपनिरीक्षक बसंत लाल को मेंहनगर थाना प्रभारी बनाया गया है। 



उपनिरीक्षक ज्ञानचंद्र शुक्ला को तहबरपुर थाने का वरिष्ठ उपनिरीक्षक जबकि कप्तानगंज थाने पर तैनात इंस्पेक्टर क्राइम दिनेश कुमार सिंह को क्राइम ब्रांच में स्थानांतरित किया गया है।

आजमगढ़ जहानागंज पूर्व मंत्री यशवंत सिंह का हुआ जोड़ दार स्वागत।


 आजमगढ़ जहानागंज पूर्व मंत्री यशवंत सिंह का हुआ जोड़ दार स्वागत।



आजमगढ़ से संजय चौहान की रिपोर्ट।


आजमगढ़ जहानागंज ब्लॉक के  ग्राम सभा परसुपुर के गांव अमठा गोपालपुर के प्रधान गुड्डू उर्फ राकेश यादव व खोदासपुर के प्रधान कैलाश यादव व जलालपुर के प्रधान मुन्ना यादव व भारी संख्या मे बीडीसी ओ के साथ पूर्व मंत्री यशवंत सिंह का गुड्डू यादव के घर स्वागत किया गया 


इस अवसर पर आनन्द मिश्रा परसुपुर भी साथ में मौजूद रहे।

वाराणसी गोली लगने से घायल दरोगा की हुई मौत


 वाराणसी गोली लगने से घायल दरोगा की हुई मौत


सरकारी पिस्टल साफ करने के दौरान चली थी गोली।




उत्तर प्रदेश वाराणसी के चितईपुर थाने पर तैनात दरोगा मनीष सिंह (38) ने बुधवार सुबह उपचार के दौरान ट्रामा सेंटर में दम तोड़ दिया। बीते सोमवार को खुद की सरकारी पिस्टल से गोली चलने से वो घायल हो गए थे। पुलिस के अनुसार पिस्टल साफ करने के दौरान हादसा हुआ था। दरोगा मनीष सिंह की मौत की खबर के बाद पुलिस महकमे में शोक की लहर है। कई वरिष्ठ अधिकारी बीएचयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। मनीष सिंह की पत्नी एवं बच्चों समेत अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।




 बिहार के रोहतास जिले के परसिया गांव निवासी मनीष सिंह वर्ष 2012 में मृतक आश्रित कोटे से पुलिस विभाग में दरोगा के पद पर भर्ती हुए थे। मनीष सिंह सारनाथ क्षेत्र की शक्तिपीठ कॉलोनी में पत्नी सोनी सिंह और बेटे आयांश के साथ रहते थे। बीते सोमवार (14 मार्च 2022) दोपहर में पति-पत्नी होली की खरीदारी करने के लिए घर से बाजार जाने वाले थे। इसी बीच अचानक मनीष की सरकारी पिस्टल से फायरिंग हुई और गोली उनके जबड़े को छेदते हुए निकली थी।




पत्नी सोनी सिंह की सूचना पर पहुंचे इंस्पेक्टर सारनाथ अर्जुन सिंह ने एंबुलेंस से मनीष को मलदहिया स्थित एक निजी अस्पताल भिजवाया था। हालत गंभीर होने पर उन्हें बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया था। आठ दिन अस्पताल में जिंदगी से जंग लड़ते हुए मंगलवार सुबह सब इंस्पेक्टर मनीष सिंह की मौत हो गई। सूचना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया।




 मनीष की सरकारी पिस्टल को कब्जे में लेकर सारनाथ थाने की पुलिस घटना की जांच कर रही है। मनीष चितईपुर थाने में सितंबर में तैनात हुए थे। इसके पहले वह कपसेठी और सिगरा में तैनात थे। मनीष ने 2012 में नौकरी ज्वाइन की थी। मनीष के बड़े भाई राजेंद्र सुल्तानपुर में सिपाही है और छोटा भाई मोनू आशापुर में रहकर प्राइवेट नौकरी करता है। मनीष का तीन साल का बेटा अयांश है।

Tuesday, 22 March 2022

आज़मगढ़ तरवां लेखपाल दंपती हत्याकांड में शामिल थी बहू विवेचना के बाद पुलिस ने किया गिरफ्तार।


 आज़मगढ़ तरवां लेखपाल दंपती हत्याकांड में शामिल थी बहू



विवेचना के बाद पुलिस ने किया गिरफ्तार।




उत्तर प्रदेश आजमगढ़ तरवां थाना पुलिस ने मंगलवार को क्षेत्र के खरिहानी दुर्गा मंदिर के पास से लेखपाल दंपती हत्याकांड की आरोपित बहू को गिरफ्तार किया है। वह हत्या की साजिश में न्यायालय से जमानत पर थी।




 पुलिस की विवेचना में हत्या में भी इसका नाम प्रकाश में आया।

28 नवंबर 2021 की रात को लेखपाल रामनगीना राम व मंशा देवी की धारदार हथियार से वार कर हत्या कर दी गई थी। उनके बेटे उदय प्रताप उर्फ प्रधान ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। उस समय पुलिस ने मृतक दंपती की बहू को साजिशकर्ता में गिरफ्तार कर  न्यायालय भेजा था। 




उसके बाद वह जमानत पर रिहा हो गई थी। पुलिस विवेचना में 10 दिसंबर 2021 को आरोपित पंकज यादव निवासी कोठिया थाना रानी की सराय तथा ज्योति पत्नी कौशल प्रताप निवासी पित्थौरपुर समेत 12 का नाम प्रकाश में आया था। 




थानाध्यक्ष तरवां रत्नेश कुमार दूबे ने आरोपित लेखपाल दंपती की बहू ज्योति को खरिहानी दुर्गा मंदिर के पास से गिरफ्तार कर लिया। घटना के पीछे आरोपित पंकज यादव से प्रेम प्रपंच बताया जा रहा है।

मऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ नोटिस जारी


 मऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ नोटिस जारी



एसीजेएम/ एमपी एम एल कोर्ट के आदेश के विरूद्ध जिला जज की कोर्ट मे निगरानी दाखिल, सुनवाई के लिए 26 अप्रैल की तिथि नियत।




उत्तर प्रदेश मऊ जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामेश्वर ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/ एमपीएमएलए कोर्ट श्वेता चौधरी के आदेश के विरुद्ध दाखिल निगरानी को एडमिट करते हुए विपक्षी संख्या दो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को नोटिस जारी किया। साथ ही मामले मे सुनवाई के लिए 26 अप्रैल की तिथि नियत किया। 




जानकारी के अनुसार मामले के अनुसार दोहरीघाट थाना क्षेत्र के कस्बा दोहरीघाट निवासी नवल किशोर शर्मा पुत्र देवनाथ शर्मा ने एक परिवाद दाखिल किया था। इसमें मुख्यमंत्री अजय सिंह विष्ट उर्फ योगी आदित्यनाथ महंत गोरक्षपीठ को आरोपी बनाते हुए विचारण के लिए तलब करने का अनुरोध किया था। उसका कथन है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्ति एवं देश के गौरव मुख्यमंत्री एवं हिंदुओं के आस्था के केंद्र गोरक्षपीठ के महंत हैं।



 उनका बोलना भाषण देना वक्तव्य देना देश, प्रदेश तथा प्रत्येक धर्म, जाति वर्ग एवं समुदाय में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। साथ ही लोग इस पर आस्था व विश्वास भी रखते है। आरोप है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राजस्थान प्रदेश में विधानसभा चुनाव के दौरान सार्वजनिक सभा में 28 नवंबर 2018 को अलवर जिले के मालाखेड़ा में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि बजरंगबली ऐसे लोक देवता हैं, जो स्वयं बनवासी हैं, गिरवासी हैं, दलित हैं, वंचित हैं। इनके इस भाषण से परिवादी के धार्मिक भावनाओं को ठेस एवं आघात पहुंचा है। साथही इष्ट देव श्री बजरंगबली में श्रद्धा रखने वाले समुदायों की आस्था को उनके द्वारा आहत पहुंचाई गई है।





 सुनवाई के बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/ एमपीएमएलए कोर्ट श्वेता चौधरी ने सुनवाई के बाद 11 मार्च को परिवाद खारिज कर दिया। अपने आदेश में लिखा कि विपक्षी द्वारा राजस्थान राज्य के अलवर जिले के मालाखेड़ा स्थान पर वक्तव्य दिया गया है। घटना का स्थल राजस्थान राज्य में स्थित है। जनपद मऊ में इस न्यायालय को प्रस्तुत परिवाद को सुनने का क्षेत्राधिकार प्राप्त नहीं है। इस आदेश के विरूद्ध नवलकिशोर शर्मा ने मंगलवार को जिला जज की कोर्ट मे निगरानी दाखिल किया।

सपा को बड़ा झटका, दो एमएलसी प्रत्याशियों के नामांकन निरस्त


 सपा को बड़ा झटका, दो एमएलसी प्रत्याशियों के नामांकन निरस्त


 


उत्तर प्रदेश  एटा में एमएलसी चुनाव को लेकर दो दिन से चल रही हंगामेदार स्थिति के बीच मंगलवार दोपहर को जिला प्रशासन ने सपा के दोनों प्रत्याशियों के शपथ पत्रों में कमी बताते हुए नामांकन पत्रों को निरस्त कर दिया है। इनके अलावा सुभाषवादी भारतीय समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी अनुज कुमार के नामांकन पत्र को भी खारिज किया गया है।




 इसके साथ ही भाजपा के प्रत्याशी ओमप्रकाश सिंह और आशीष यादव का निर्विरोध चुना जाना तय हो गया है। दो सदस्य पदों वाली मथुरा-एटा-मैनपुरी स्थानीय प्राधिकरण सीट के लिए सोमवार को अंतिम दिन भाजपा, सपा सहित पांच प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र जमा किए थे। सपा से प्रत्याशी उदयवीर सिंह और राकेश सिंह यादव ने एक-एक सेट में रिटर्निंग अधिकारी डीएम अंकित अग्रवाल को अपने नामांकन पत्र जमा किए। वहीं भाजपा प्रत्याशी ओमप्रकाश सिंह और आशीष यादव ने पर्चा दाखिल किए। मंगलवार को नामांकन पत्रों की जांच हुई। नामांकन पत्रों की जांच के बाद जिला प्रशासन ने सपा के उदयवीर सिंह और राकेश सिंह यादव के शपथ पत्रों में कमी बताते हुए नामांकन पत्रों को निरस्त कर दिया। वहीं सुभासपा प्रत्याशी अनुज कुमार का नामांकन भी खारिज हो गया है।




 ऐसे में अब दो सदस्य पदों वाली मथुरा-एटा-मैनपुरी सीट पर भाजपा प्रत्याशियों का निर्विरोध चुना जाना तय है। वहीं मंगलवार को नामांकन पत्रों की जांच के दौरान बवाल भी हुआ। सपा प्रत्याशियों ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर मारपीट करने का आरोप लगाया।




 आरोप है कि कलक्ट्रेट पहुंचे सपा प्रत्याशी उदयवीर सिंह और राकेश यादव को वहां पहले से मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं ने घेर लिया और उनके साथ मारपीट कर दी। इस दौरान सपा प्रत्याशियों के कपड़े भी फट गए। उनकी गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की गई। घटना से कलक्ट्रेट में अफरातफरी मच गई। इससे पूर्व नामांकन के अंतिम दिन भी सपा और भाजपा के लोग भिड़ गए थे।