Thursday, 30 April 2026

मऊ ट्रेलर ने पुलिस जीप को मारी टक्कर, हेड कांस्टेबल की मौत, 3 गम्भीर रूप से घायल रात्रि गश्त के दौरान हुआ हादसा, अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर लिया जायजा


 मऊ ट्रेलर ने पुलिस जीप को मारी टक्कर, हेड कांस्टेबल की मौत, 3 गम्भीर रूप से घायल



रात्रि गश्त के दौरान हुआ हादसा, अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर लिया जायजा


उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद के थाना घोसी क्षेत्र में गुरुवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह दुर्घटना गोरखपुर-मऊ हाईवे पर बनियापार के पास उस समय हुई जब पुलिस टीम रात्रि गश्त पर थी। 


जानकारी के अनुसार, सेकेंड मोबाइल सरकारी वाहन को पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रेलर ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में वाहन में सवार उपनिरीक्षक विनोद कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल प्रितम कुमार यादव, चालक हेड कांस्टेबल पवन कुमार यादव और पीआरडी जवान ओमप्रकाश गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) घोसी ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल मऊ रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने ईसीजी जांच के बाद चालक हेड कांस्टेबल पवन कुमार यादव को रात करीब 2 बजे मृत घोषित कर दिया।


 घटना की सूचना मिलते ही पुलिस उपमहानिरीक्षक आजमगढ़ परिक्षेत्र सुनील कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक मऊ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और अस्पताल जाकर घायलों का हालचाल जाना। साथ ही चिकित्सकों को बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। पुलिस अधिकारियों ने दिवंगत हेड कांस्टेबल पवन कुमार यादव को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने इस घटना को पुलिस विभाग के लिए अपूरणीय क्षति बताया। फिलहाल अन्य घायल पुलिसकर्मियों का उपचार जिला अस्पताल में जारी है और उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।

आजमगढ़ घूस लेने का आरोपी आउटसोर्सिंग कर्मचारी बर्खास्त हाई पावर कमेटी की आपात बैठक में बड़े फैसले सभी सेवाएं होंगी ऑनलाइन, परिसर में बढ़ाई जाएगी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था


 आजमगढ़ घूस लेने का आरोपी आउटसोर्सिंग कर्मचारी बर्खास्त


हाई पावर कमेटी की आपात बैठक में बड़े फैसले


सभी सेवाएं होंगी ऑनलाइन, परिसर में बढ़ाई जाएगी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय प्रशासन ने सतर्कता विभाग द्वारा पकड़े गए आउटसोर्सिंग कर्मचारी संजय के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए उसे तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है। इस संबंध में कुलपति प्रो. संजीव कुमार की अध्यक्षता में प्रशासनिक भवन स्थित सभागार में हाई पावर कमेटी की आपात बैठक आयोजित की गई, जिसमें कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में कुलपति ने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय की गरिमा से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आरोपी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए संबंधित एजेंसी को भी सूचित कर दिया गया है।


 संकायाध्यक्षों के साथ हुई बैठक में विश्वविद्यालय और संबद्ध महाविद्यालयों के हित में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। इसके तहत सभी सेवाओं को ऑनलाइन करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही मुख्य द्वार पर शिकायत पेटिका, मेटल डिटेक्टर की स्थापना, हेल्पडेस्क शुरू करने और एक सार्वजनिक ईमेल आईडी जारी करने का निर्णय लिया गया है, ताकि छात्र-छात्राओं और कर्मचारियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके। प्रशासन ने शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की उपस्थिति सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक अनिवार्य कर दी है। बिना अनुमति परिसर में प्रवेश पर रोक लगाने का भी फैसला लिया गया है। इसके अलावा प्रशासनिक भवन के विभिन्न तल पर चैनल गेट लगाए जाएंगे और पूरे परिसर की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के जरिए की जाएगी। संकायाध्यक्षों के सुझावों पर अमल करते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही महाविद्यालय स्तर पर ही हेल्पडेस्क व्यवस्था लागू करने पर जोर दिया गया है, ताकि विश्वविद्यालय पर अनावश्यक दबाव कम हो सके। कुलपति ने पठन-पाठन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात दोहराते हुए नई शिक्षा नीति 2020 के तहत आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर बल दिया। उन्होंने पारदर्शी प्रवेश प्रक्रिया और परीक्षा की शुचिता बनाए रखने को सभी की सामूहिक जिम्मेदारी बताया।


https://www.news9up.com/2026/04/50-187-3.html

आजमगढ़ जीयनपुर शादी में कूलर की हवा को लेकर हुए हत्याकांड का आरोपी मुठभेड़ में घायल, गिरफ्तार पुलिस पर फायरिंग के बाद जवाबी कार्रवाई में पैर में लगी गोली, दो साथी फरार


 आजमगढ़ जीयनपुर शादी में कूलर की हवा को लेकर हुए हत्याकांड का आरोपी मुठभेड़ में घायल, गिरफ्तार



पुलिस पर फायरिंग के बाद जवाबी कार्रवाई में पैर में लगी गोली, दो साथी फरार


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के थाना जीयनपुर क्षेत्र में शादी समारोह के दौरान हुए चर्चित हत्याकांड के एक नामजद अभियुक्त को पुलिस ने मुठभेड़ में घायल कर गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके दो साथी मौके से फरार हो गए। 


पुलिस के अनुसार, 30 अप्रैल 2026 की रात मुखबिर की सूचना पर जीयनपुर पुलिस टीम ने बासूपार-घड़सरा मार्ग पर घेराबंदी की। इसी दौरान तीन संदिग्ध युवक आते दिखाई दिए। पुलिस ने जब उन्हें रोकने का प्रयास किया, तो उन्होंने जान से मारने की नीयत से पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक अभियुक्त नीरज निषाद के पैर में गोली लग गई, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा और उसे मौके पर गिरफ्तार कर लिया गया। घायल अभियुक्त को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। गौरतलब है कि 28 अप्रैल 2026 की रात अजमतगढ़ में एक शादी समारोह के दौरान कूलर की हवा की दिशा बदलने को लेकर विवाद हुआ था, जो देखते ही देखते मारपीट और चाकूबाजी में बदल गया। इस घटना में एक युवक की मौत हो गई थी, जबकि कई लोग घायल हुए थे। मामले में 9 नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।


 पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्त ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। उसने बताया कि विवाद के दौरान मारपीट में शामिल था, जिसमें चाकू लगने से एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई। घटना के बाद सभी आरोपी फरार हो गए थे और हथियारों को छिपा दिया था। मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने अभियुक्त के पास से एक अवैध .315 बोर तमंचा, एक जिन्दा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया है। फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है। पुलिस ने इस मामले में संबंधित धाराओं के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।


https://www.news9up.com/2026/04/3_29.html


https://www.news9up.com/2026/05/2.html

Wednesday, 29 April 2026

आजमगढ़ एक थानाध्यक्ष लाइन हाजिर, कई के कार्य क्षेत्र में बदलाव दरवाजे पर लात मारने वाले थानाध्यक्ष हीरेंद्र प्रताप सिंह को मिली मीडिया सेल की जिम्मेदारी

आजमगढ़ एक थानाध्यक्ष लाइन हाजिर, कई के कार्य क्षेत्र में बदलाव


दरवाजे पर लात मारने वाले थानाध्यक्ष हीरेंद्र प्रताप सिंह को मिली मीडिया सेल की जिम्मेदारी



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल करते हुए 15 पुलिसकर्मियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया है। इस दौरान कई थानों के प्रभारी बदले गए हैं और अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। 


निजामाबाद थाने में हाल ही में हुई कार्रवाई के बाद प्रभारी निरीक्षक हीरेंद्र प्रताप सिंह को हटाकर मीडिया सेल का प्रभारी बनाया गया है। उनकी जगह सिधारी थाने में तैनात इंस्पेक्टर राकेश कुमार सिंह को निजामाबाद की कमान सौंपी गई है। बता दे कि कुछ दिन पूर्व दबिश के दौरान दरवाजे पर लात मारने का हीरेंद्र प्रताप सिंह का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा था। वहीं, मीडिया सेल के प्रभारी रहे राजीव कुमार मिश्रा को सिधारी थाने का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है। 


इसके अलावा, विशेष चोरी अनावरण टीम के प्रभारी अमित कुमार त्रिपाठी को गंभीरपुर थाने का प्रभारी बनाया गया है। गंभीरपुर के प्रभारी अखिलेश कुमार सिंह को मेहनाजपुर भेजा गया है, जबकि मेहनाजपुर के प्रभारी मनीष पाल को एसएसपी का पीआरओ नियुक्त किया गया है। पीआरओ रहे विनय कुमार सिंह को जीयनपुर थाने की जिम्मेदारी दी गई है। जीयनपुर के प्रभारी राजकुमार सिंह को साइबर थाने का प्रभारी बनाया गया है। 


कंधरापुर में तैनात अनुराग कुमार को महाराजगंज भेजा गया है, जबकि महाराजगंज के केदारनाथ मौर्य को कंधरापुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी क्रम में बिलरियागंज के प्रभारी सुनील कुमार दुबे को रौनापार थाने का प्रभारी बनाया गया है। रौनापार में तैनात मंतोष सिंह को अहिरौला भेजा गया है, जबकि अहिरौला के प्रभारी अमित कुमार मिश्रा को बिलरियागंज की जिम्मेदारी दी गई है। साइबर थाने के प्रभारी देवेंद्र प्रताप सिंह को फूलपुर थाने का प्रभारी बनाया गया है, जबकि फूलपुर के प्रभारी सच्चिदानंद यादव को पुलिस लाइन भेज दिया गया है।

 


आजमगढ़ तहबरपुर पत्तल लाने के बहाने ले जाकर युवक को ईंट से हमला कर की थी हत्या पुरानी रंजिश में रची साजिश, शव छिपाकर सबूत मिटाने की कोशिश 24 घंटे में हत्या का खुलासा, बाल अपचारी पकड़ा गया


 आजमगढ़ तहबरपुर पत्तल लाने के बहाने ले जाकर युवक को ईंट से हमला कर की थी हत्या



पुरानी रंजिश में रची साजिश, शव छिपाकर सबूत मिटाने की कोशिश


24 घंटे में हत्या का खुलासा, बाल अपचारी पकड़ा गया


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के तहबरपुर थाना क्षेत्र में हुई सनसनीखेज हत्या का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। इस मामले में एक बाल अपचारी को पुलिस ने अभिरक्षा में लिया है। आरोपी ने बारात से बहाने से युवक को ले जाकर उसकी ईंट से हत्या कर दी और शव को छिपा दिया था। 


जानकारी के अनुसार, 28 अप्रैल 2026 को ग्राम नासिरूद्दीनपुर निवासी रामधारी प्रजापति ने सूचना दी कि उनका भतीजा सूरज प्रजापति, जो बारात में गया था, संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया। बाद में उसका शव गांव के कब्रिस्तान में झाड़ियों में मिला। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई, जिसके आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। 29 अप्रैल को मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने नैपुरा अंडरपास के पास घेराबंदी कर एक संदिग्ध बाल अपचारी को मोटरसाइकिल सहित पकड़ लिया। पूछताछ में उसने हत्या की बात कबूल कर ली।


 पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने पुरानी रंजिश के चलते योजनाबद्ध तरीके से वारदात को अंजाम दिया। बारात के दौरान वह मृतक को पत्तल लाने के बहाने सुनसान नहर किनारे ले गया, जहां पहले से पड़ी ईंट से पीछे से वार कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को पहले नहर में छिपाया और फिर कब्रिस्तान की झाड़ियों में घसीटकर छुपा दिया। घटना के बाद आरोपी दोबारा बारात में शामिल हो गया और सबूत मिटाने के लिए खून लगे कपड़े व जूते जलाने जा रहा था, तभी पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से ₹310 नगद, एक एंड्रॉयड मोबाइल, HF Deluxe मोटरसाइकिल, तथा खून लगे कपड़े और जूते बरामद किए हैं। फिलहाल पुलिस आगे की विधिक कार्रवाई में जुटी हुई है।

आजमगढ़ जीयनपुर जयमाल के दौरान खूनी झड़प, एक की मौत कूलर की हवा को लेकर हुआ विवाद, 3 अन्य घायल पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया, आरोपियों की तलाश जारी


 आजमगढ़ जीयनपुर जयमाल के दौरान खूनी झड़प, एक की मौत


कूलर की हवा को लेकर हुआ विवाद, 3 अन्य घायल


पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया, आरोपियों की तलाश जारी



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के थाना जीयनपुर क्षेत्रांतर्गत इंदिरा नगर, अजमतगढ़ में एक विवाह समारोह उस समय मातम में बदल गया, जब जयमाल के दौरान कूलर की हवा को लेकर घराती और बाराती पक्ष के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच मारपीट के साथ चाकूबाजी शुरू हो गई। इस घटना में आमिर चंद्र साहनी पुत्र मिठाईलाल उम्र 26 साल की मौत हो गई, वहीं राजकुमार साहनी पुत्र परशुराम, अभिलाष साहनी पुत्र प्रहलाद, साहिल यादव पुत्र तारकेश्वर निवासी ग्राम बेलसरी(चेनपुर)पोस्ट टाड़ा, जनपद गोरखपुर घायल हो गए। जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। इस घटना के बाद जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और खुशी का माहौल गम में बदल गया। सूचना मिलते ही सीओ सगड़ी और थाना प्रभारी जीयनपुर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।


 अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। परिजनों से तहरीर प्राप्त कर ली गई है और अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों का गठन कर दिया गया है और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।


https://www.news9up.com/2026/04/blog-post_30.html


https://www.news9up.com/2026/05/2.html

मेरठ दारोगा रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार 10 हजार के लालच में नौकरी और शादी दोनों पर लगा ग्रहण कैबिनेट मंत्री के परिवार से तय रिश्ता टूटा, करियर पर भी संकट


 मेरठ दारोगा रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार


10 हजार के लालच में नौकरी और शादी दोनों पर लगा ग्रहण


कैबिनेट मंत्री के परिवार से तय रिश्ता टूटा, करियर पर भी संकट



उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पल्लवपुरम थाने में तैनात 2023 बैच के दारोगा छत्रपाल सिंह को एंटी करप्शन टीम ने 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद न सिर्फ उनकी नौकरी पर संकट मंडरा रहा है, बल्कि एक प्रभावशाली राजनीतिक परिवार में तय उनकी शादी भी टूट गई है। मामले की शुरुआत 17 नवंबर 2025 से हुई, जब पल्लवपुरम पुलिस ने गांजा तस्करी के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। इस मामले की जांच दारोगा छत्रपाल सिंह को सौंपी गई थी। 


आरोप है कि एक आरोपी की पत्नी का नाम केस से हटाने के बदले दारोगा ने पहले एक लाख रुपये लिए, लेकिन राहत नहीं दी। इसके बाद उन्होंने 50 हजार रुपये की और मांग की, जो बाद में 10 हजार रुपये पर तय हुई। पीड़ित ने एंटी करप्शन ब्यूरो से शिकायत की, जिसके बाद 25 अप्रैल 2026 को इंस्पेक्टर दुर्गेश कुमार के नेतृत्व में टीम ने थाने के अंदर ही जाल बिछाया। जैसे ही दारोगा ने रिश्वत की रकम ली, टीम ने उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। इस घटना से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। गिरफ्तारी का असर उनके निजी जीवन पर भी पड़ा। बरेली के मीरगंज निवासी दारोगा का रिश्ता प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और आंवला विधायक धर्मपाल सिंह के परिवार में तय हुआ था। 5 मई को शादी होनी थी, लेकिन रिश्वतखोरी के खुलासे के बाद मंत्री के परिवार ने तुरंत रिश्ता तोड़ दिया। फिलहाल आरोपी दारोगा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि छोटी सी लालच किस तरह किसी का करियर और व्यक्तिगत जीवन दोनों बर्बाद कर सकती है।