आजमगढ़ 1.24 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में आरोपी को 7 वर्ष की सजा, 91 लाख रुपये का जुर्माना
16 वर्ष पुराने मामले में कोर्ट का फैसला, आपरेशन कन्विक्शन के तहत प्रभावी पैरवी से मिली दोषसिद्धि
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद पुलिस द्वारा चलाए जा रहे "आपरेशन कन्विक्शन" अभियान के तहत गुणवत्तापूर्ण विवेचना, मॉनिटरिंग सेल की सतत निगरानी तथा अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप धोखाधड़ी के एक चर्चित मामले में न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सात वर्ष के कारावास और 91 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। मामला थाना फूलपुर क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार 7 दिसंबर 2010 को वादी इमरान अहमद पुत्र इस्तयाक अहमद निवासी टेहुआ, थाना फूलपुर ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि गम्भीरवन निवासी सुबाष चौबे पुत्र रामनयन चौबे ने छल-कपट, कूटरचना और धोखाधड़ी के माध्यम से उनसे 1 करोड़ 24 लाख रुपये प्राप्त कर लिए, जिससे उन्हें भारी आर्थिक क्षति हुई। तहरीर के आधार पर थाना फूलपुर में आरोपी के विरुद्ध मुकदमा संख्या 1255/2010 धारा 419, 420, 467, 468, 471, 504 एवं 506 भारतीय दंड संहिता के तहत दर्ज किया गया।
विवेचना के दौरान पुलिस ने साक्ष्य संकलित कर आरोपी के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल आठ गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया गया। प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाया। शनिवार को कोर्ट नम्बर 11 जनपद आजमगढ़ ने मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी सुबाष चौबे को सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा तथा 91 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। न्यायालय के इस निर्णय को आॅपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत पुलिस और अभियोजन की संयुक्त कार्रवाई की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जनपद में गंभीर अपराधों से जुड़े मामलों में त्वरित एवं प्रभावी पैरवी कर दोषियों को सजा दिलाने की कार्रवाई लगातार जारी है, जिससे अपराधियों में कानून का भय और आमजन में न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास मजबूत हो सके।

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