Sunday, 31 May 2026

लखनऊ राजीव कृष्ण बने उत्तर प्रदेश के पूर्णकालिक डीजीपी 4 साल बाद प्रदेश को मिला स्थायी पुलिस प्रमुख, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दी मंजूरी 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी राजीव कृष्ण संभालेंगे प्रदेश पुलिस की कमान

लखनऊ राजीव कृष्ण बने उत्तर प्रदेश के पूर्णकालिक डीजीपी



4 साल बाद प्रदेश को मिला स्थायी पुलिस प्रमुख, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दी मंजूरी


1991 बैच के आईपीएस अधिकारी राजीव कृष्ण संभालेंगे प्रदेश पुलिस की कमान



लखनऊ, उत्तर प्रदेश को करीब चार वर्षों के लंबे इंतजार के बाद अपना पूर्णकालिक पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मिल गया है। वर्तमान कार्यवाहक डीजीपी राजीव कृष्ण को प्रदेश का स्थायी पुलिस महानिदेशक नियुक्त किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंजूरी के बाद इस संबंध में शासन ने आदेश जारी कर दिया है। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा 26 मई को हुई बैठक के बाद प्रदेश सरकार को भेजे गए पैनल में 1990 बैच की आईपीएस अधिकारी रेणुका मिश्रा तथा 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी पीयूष आनंद और राजीव कृष्ण के नाम शामिल थे। इनमें राजीव कृष्ण का नाम सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा था। शासन स्तर पर विचार-विमर्श के बाद मुख्यमंत्री ने उनके नाम पर अंतिम मुहर लगा दी।


 राजीव कृष्ण एक जून 2025 से कार्यवाहक डीजीपी के रूप में कार्यभार संभाल रहे थे। 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी राजीव कृष्ण पुलिस महकमे में अपने लंबे प्रशासनिक और मैदानी अनुभव के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिलों और जोनों में जिम्मेदारियां निभाई हैं तथा पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। 


सुप्रीम कोर्ट के निदेर्शों और यूपीएससी की व्यवस्था के अनुसार स्थायी डीजीपी का कार्यकाल न्यूनतम दो वर्ष का होता है। ऐसे में राजीव कृष्ण वर्ष 2028 तक इस पद पर बने रह सकते हैं। वर्ष 2022 में तत्कालीन डीजीपी मुकुल गोयल को हटाए जाने के बाद से प्रदेश में स्थायी डीजीपी की नियुक्ति का इंतजार किया जा रहा था। अपने तीन दशक से अधिक लंबे पुलिस सेवा काल में राजीव कृष्ण ने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। कार्यवाहक डीजीपी बनने से पहले वे डीजी इंटेलिजेंस और पुलिस भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष जैसे अहम पदों की जिम्मेदारी एक साथ संभाल रहे थे। उनकी पहचान एक कर्मठ, अनुभवी और प्रभावी अधिकारी के रूप में रही है। राजीव कृष्ण लखनऊ, मथुरा, इटावा, आगरा और नोएडा समेत कई जिलों में पुलिस कप्तान रह चुके हैं। इटावा में तैनाती के दौरान उन्होंने दस्यु गिरोहों के खिलाफ प्रभावी अभियान चलाया था। इसके अलावा वे लखनऊ जोन के एडीजी तथा केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में आईजी आॅपरेशन के पद पर भी सेवाएं दे चुके हैं। शासन और पुलिस महकमे में उनकी गिनती भरोसेमंद एवं अनुभवी अधिकारियों में की जाती है।

 

आजमगढ़ जीयनपुर फर्जी जमानत गिरोह का सक्रिय सदस्य मैकू यादव गिरफ्तार, कूटरचित दस्तावेजों से कराता था अभियुक्तों की जमानत हत्या, लूट, डकैती समेत गंभीर मामलों के आरोपियों को दिलाता था राहत, आरोपी पर दर्ज हैं 25 मुकदमे


 आजमगढ़ जीयनपुर फर्जी जमानत गिरोह का सक्रिय सदस्य मैकू यादव गिरफ्तार, कूटरचित दस्तावेजों से कराता था अभियुक्तों की जमानत



हत्या, लूट, डकैती समेत गंभीर मामलों के आरोपियों को दिलाता था राहत, आरोपी पर दर्ज हैं 25 मुकदमे


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में फर्जी जमानत प्रकरण में वांछित चल रहे एक शातिर अभियुक्त को जीयनपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी कूटरचित अभिलेखों के माध्यम से गंभीर अपराधों में बंद अभियुक्तों की जमानत कराने वाले संगठित गिरोह का सक्रिय सदस्य है। मामले में 30 मई 2026 को कचहरी चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक चन्द्र प्रकाश कश्यप ने थाना कोतवाली नगर में तहरीर देकर बताया था कि कुछ तथाकथित वकील एवं जमानतदार आर्थिक लाभ के लिए हत्या, डकैती, लूट, चोरी, गैंगस्टर एक्ट तथा अवैध शस्त्र अधिनियम जैसे गंभीर मामलों में न्यायिक अभिरक्षा में निरुद्ध अभियुक्तों की फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमानत करा रहे हैं। जांच में यह भी सामने आया कि एक ही जमानतदार द्वारा समान दस्तावेजों का प्रयोग कर कई अभियुक्तों की जमानत कराई गई, जिससे एक संगठित गिरोह के सक्रिय होने की पुष्टि हुई। तहरीर के आधार पर थाना कोतवाली नगर में मुकदमा संख्या 267/2026 के तहत विभिन्न धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया।


 वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) एवं क्षेत्राधिकारी सगड़ी के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए वांछित अभियुक्त रामचन्द्र यादव उर्फ मैकू यादव उर्फ सत्यम यादव निवासी भरौली थाना जीयनपुर को गोरखपुर जिला कारागार के समीप से गिरफ्तार कर लिया। 


पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त का लंबा आपराधिक इतिहास है। उसके विरुद्ध आजमगढ़, मऊ, जौनपुर और वाराणसी सहित विभिन्न जनपदों में चोरी, लूट, डकैती, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट, शस्त्र अधिनियम और धोखाधड़ी से संबंधित कुल 25 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपी के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा रही है तथा फर्जी जमानत गिरोह में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि न्यायिक प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न करने और अपराधियों को अनुचित लाभ पहुंचाने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

प्रयागराज महिला दरोगा का आरोप, ससुर ने किया मेरा रेप थाने में 2 घंटे तक चला धरना-प्रदर्शन, केस दर्ज, विभागीय जांच भी शुरू


 प्रयागराज महिला दरोगा का आरोप, ससुर ने किया मेरा रेप



थाने में 2 घंटे तक चला धरना-प्रदर्शन, केस दर्ज, विभागीय जांच भी शुरू


उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में तैनात एक महिला दरोगा ने अपने रिटायर्ड दरोगा ससुर पर दुष्कर्म और प्रॉपर्टी डीलर पति पर फायरिंग का गंभीर आरोप लगाते हुए पारा थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। महिला ने अन्य ससुरालीजनों पर भी उत्पीड़न और प्रताड़ना का आरोप लगाया है। मामले में कार्रवाई न होने से नाराज महिला दरोगा ने किसान यूनियन के नेताओं और परिजनों के साथ थाने में करीब दो घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया।


 पीड़िता के अनुसार उसने करीब एक वर्ष पूर्व प्रेम विवाह किया था। शादी के कुछ समय बाद उसका चयन पुलिस विभाग में दरोगा पद पर हो गया। महिला का आरोप है कि विवाह के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग जातिसूचक टिप्पणियां करते हुए उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करते रहे। पति से शिकायत करने के बावजूद उसे कोई सहयोग नहीं मिला। महिला का आरोप है कि नौकरी करने को लेकर भी उसे अपमानित किया जाता था। इसी दौरान उसके रिटायर्ड दरोगा ससुर ने उसके साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसे चूहे मारने की दवा खिलाकर जान से मारने की कोशिश की गई और कमरे में बंद कर दिया गया। किसी तरह उसने अपने पिता को सूचना दी, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। पीड़िता का यह भी आरोप है कि जब उसके पिता शिकायत लेकर ससुराल पहुंचे तो पति और ससुर ने उन पर हमला कर असलहा तानकर भगा दिया। महिला का कहना है कि चार दिन पहले भी पुलिस से शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। गुरुवार को महिला दरोगा अपने परिजनों और किसान यूनियन कार्यकर्ताओं के साथ पारा थाने पहुंची और धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह बेसुध हो गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पारा थाना प्रभारी सुरेश सिंह ने बताया कि मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा है और दोनों पक्षों की तहरीर पर केस दर्ज कर जांच की जा रही है। वहीं, थाने में प्रदर्शन करने के मामले में महिला दरोगा के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी गई है। प्रयागराज पुलिस के अधिकारी पूरे प्रकरण की जांच कर रहे हैं।

Saturday, 30 May 2026

आजमगढ़ 1.24 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में आरोपी को 7 वर्ष की सजा, 91 लाख रुपये का जुर्माना 16 वर्ष पुराने मामले में कोर्ट का फैसला, आपरेशन कन्विक्शन के तहत प्रभावी पैरवी से मिली दोषसिद्धि


 आजमगढ़ 1.24 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में आरोपी को 7 वर्ष की सजा, 91 लाख रुपये का जुर्माना


16 वर्ष पुराने मामले में कोर्ट का फैसला, आपरेशन कन्विक्शन के तहत प्रभावी पैरवी से मिली दोषसिद्धि



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद पुलिस द्वारा चलाए जा रहे "आपरेशन कन्विक्शन" अभियान के तहत गुणवत्तापूर्ण विवेचना, मॉनिटरिंग सेल की सतत निगरानी तथा अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप धोखाधड़ी के एक चर्चित मामले में न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सात वर्ष के कारावास और 91 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। मामला थाना फूलपुर क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार 7 दिसंबर 2010 को वादी इमरान अहमद पुत्र इस्तयाक अहमद निवासी टेहुआ, थाना फूलपुर ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि गम्भीरवन निवासी सुबाष चौबे पुत्र रामनयन चौबे ने छल-कपट, कूटरचना और धोखाधड़ी के माध्यम से उनसे 1 करोड़ 24 लाख रुपये प्राप्त कर लिए, जिससे उन्हें भारी आर्थिक क्षति हुई। तहरीर के आधार पर थाना फूलपुर में आरोपी के विरुद्ध मुकदमा संख्या 1255/2010 धारा 419, 420, 467, 468, 471, 504 एवं 506 भारतीय दंड संहिता के तहत दर्ज किया गया। 


विवेचना के दौरान पुलिस ने साक्ष्य संकलित कर आरोपी के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल आठ गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया गया। प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाया। शनिवार को कोर्ट नम्बर 11 जनपद आजमगढ़ ने मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी सुबाष चौबे को सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा तथा 91 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। न्यायालय के इस निर्णय को आॅपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत पुलिस और अभियोजन की संयुक्त कार्रवाई की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जनपद में गंभीर अपराधों से जुड़े मामलों में त्वरित एवं प्रभावी पैरवी कर दोषियों को सजा दिलाने की कार्रवाई लगातार जारी है, जिससे अपराधियों में कानून का भय और आमजन में न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास मजबूत हो सके।

आजमगढ़ 3 ग्राम प्रधान नहीं बन सके प्रशासक 3 सदस्यीय समितियां बनने के बाद भी नहीं शुरू हुआ खातों का संचालन


 आजमगढ़ 3 ग्राम प्रधान नहीं बन सके प्रशासक


3 सदस्यीय समितियां बनने के बाद भी नहीं शुरू हुआ खातों का संचालन


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले की तीन ग्राम पंचायतों में वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज होने के कारण संबंधित ग्राम प्रधान प्रशासक का कार्यभार नहीं संभाल सके हैं। इससे गांवों में विकास कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है और कई महत्वपूर्ण योजनाएं पिछले कई महीनों से ठप पड़ी हैं। 


जानकारी के अनुसार रानी की सराय विकास खंड के मैनपारपुर, मिर्जापुर ब्लॉक के दमदियावन तथा सठियांव ब्लॉक के सोनपार ग्राम पंचायतों में प्राप्त शिकायतों के आधार पर जांच कराई गई थी। जांच के बाद संबंधित ग्राम प्रधानों से स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन किसी भी प्रधान ने निर्धारित समय में जवाब प्रस्तुत नहीं किया। इसके बाद विभाग की ओर से नोटिस जारी कर चेतावनी दी गई। बावजूद इसके कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर अंतिम चेतावनी जारी की गई, लेकिन तब भी प्रधानों ने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद जिलाधिकारी के अनुमोदन पर विभाग ने शिकायतों को सही मानते हुए तीनों ग्राम प्रधानों के वित्तीय अधिकार तत्काल प्रभाव से सीज कर दिए। गांवों में विकास कार्यों को जारी रखने के उद्देश्य से तीन सदस्यीय समितियों का गठन किया गया था। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि समिति गठन के बाद विकास योजनाएं दोबारा गति पकड़ेंगी, लेकिन अब तक पंचायत खातों का संचालन शुरू नहीं हो सका है। इसके चलते सड़क, नाली, इंटरलॉकिंग समेत अन्य विकास कार्य प्रभावित हैं। साथ ही ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ भी समय पर नहीं मिल पा रहा है। उधर, 26 मई 2026 को ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद पंचायत चुनाव न होने की स्थिति में शासन ने सभी ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने की अनुमति प्रदान की थी। इस संबंध में जिलाधिकारी कार्यालय से आवश्यक आदेश भी जारी किए गए, लेकिन जिन ग्राम प्रधानों के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार पहले से सीज हैं, वे प्रशासक का दायित्व नहीं संभाल सके। परिणामस्वरूप संबंधित ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की रफ्तार पूरी तरह प्रभावित हो गई है।

आजमगढ़ महाराजगंज, पत्नी के हत्यारे को नसीब नहीं हुआ अपनों का कंधा शादी के 6 महीने बाद ही पत्नी की हत्या कर घर में दफना दिया था शव 3 साल से जूझ रहा था गंभीर बीमारी से, पुलिसकर्मियों ने कराया अंतिम संस्कार


 आजमगढ़ महाराजगंज, पत्नी के हत्यारे को नसीब नहीं हुआ अपनों का कंधा


शादी के 6 महीने बाद ही पत्नी की हत्या कर घर में दफना दिया था शव

3 साल से जूझ रहा था गंभीर बीमारी से, पुलिसकर्मियों ने कराया अंतिम संस्कार


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के महाराजगंज थाना क्षेत्र से एक मामला सामने आया है, जहां पत्नी की हत्या के मुकदमे में जेल में बंद एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिवार में कोई सदस्य मौजूद न होने पर पुलिस कर्मियों ने मानवता का परिचय देते हुए स्वयं उसका अंतिम संस्कार कराया। 


जानकारी के अनुसार महाराजगंज थाना क्षेत्र निवासी सूरज गौड़ (25) पुत्र गुलाब गौड़ की वर्ष 2023 में अनीता से शादी हुई थी। शादी के करीब छह माह बाद अनीता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। आरोप था कि उसकी हत्या कर शव को घर के कमरे में गड्ढा खोदकर दफना दिया गया था। मामले में मृतका के पिता की तहरीर पर सूरज गौड़ तथा उसके परिजनों के खिलाफ दहेज हत्या और उत्पीड़न समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने सूरज और उसके पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। यह मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। 


बताया जा रहा है कि सूरज गौड़ पिछले लगभग तीन वर्षों से गंभीर टीबी (क्षय रोग) से पीड़ित था। बीमारी के चलते उसके फेफड़े बुरी तरह संक्रमित हो चुके थे। पहले उसका इलाज जेल अस्पताल में कराया गया, बाद में हालत बिगड़ने पर उसे वाराणसी में भी उपचार के लिए भेजा गया। पिछले करीब चार माह से वह ऑक्सीजन सपोर्ट पर था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। सूरज की मां का पहले ही निधन हो चुका था, जबकि उसके पिता अभी भी जेल में बंद हैं। परिवार में कोई भाई-बहन भी नहीं है। ऐसे में अंतिम संस्कार के लिए कोई परिजन आगे नहीं आया। परिजनों के अभाव में पुलिस कर्मियों ने स्वयं अंतिम संस्कार की व्यवस्था कर युवक का दाह संस्कार कराया। पुलिस के इस मानवीय कदम की क्षेत्र में चर्चा हो रही है।

Thursday, 28 May 2026

आजमगढ़ सिधारी, कितने रुपए में हुआ था मासूम का सौदा ? बच्चा बदले जाने की खबरों के बीच चर्चा में आया रेनबो हॉस्पिटल आधी रात को वापस मिला दंपति को अपना बच्चा


 आजमगढ़ सिधारी, कितने रुपए में हुआ था मासूम का सौदा ?



बच्चा बदले जाने की खबरों के बीच चर्चा में आया रेनबो हॉस्पिटल


आधी रात को वापस मिला दंपति को अपना बच्चा



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में नवजात को बदले जाने को लेकर उठे विवाद ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी है। रेनबो हॉस्पिटल में भर्ती बच्चे के परिजनों ने आरोप लगाया कि उनका बेटा बदलकर बच्ची दे दी गई। मामले ने तूल तब पकड़ा जब अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू हो गया और “मासूम के सौदे” की चर्चाएं होने लगीं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने हस्तक्षेप कर जांच शुरू की, जिसके बाद दंपति को उनका नवजात बच्चा वापस मिला। फिलहाल पूरे घटनाक्रम को लेकर अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बता दें कि सिधारी थाना क्षेत्र में स्थित रेनबो हॉस्पिटल में नवजात को बदले जाने के बाद जमकर हंगामा किया गया। शहर कोतवाली के आसिफगंज निवासी कमलेश वर्मा के अनुसार उनकी ससुराल बलिया जिले में है, 12 मई को बलिया जिले के महिला अस्पताल में उनकी पत्नी ने बच्चे को जन्म दिया था। नवजात की हालत बिगड़ने लगी, जिसके चलते 12 मई की शाम नवजात को आज़मगढ़ के रेनबो हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। नवजात को अस्पताल के एनआईसीयू वार्ड में उपचार के लिए रखा गया था। परिजनों का आरोप है कि 27 मई दिन बुधवार को जब बच्चे को एनआईसीसीयू वार्ड से बाहर निकाला गया और उसकी मां को दिखाया गया, तब उन्हें पता चला कि बच्चा की जगह बच्ची है। इसके बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया, परिजन पैसों के लेनदेन के बाद बच्चों की अदला-बदली का आरोप लगाते हुए हंगामे पर उतर आए। इस दौरान अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई। 


बताया जा रहा है कि इसके बाद रेनबो अस्पताल के मैनेजर शशि पांडेय तथा बच्चे के पिता कमलेश वर्मा सहित तीन लोग बुधवार की रात को ही कंचनपुर, रासेपुर बोंगरिया गांव जाकर बच्चे को वापस लाये। इस बावत आजमगढ़ पुलिस द्वारा स्पष्टीकरण भी दिया गया कि दोनों बच्चों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया, अब स्थिति सामान्य है। अब इसके बाद शुरू हुआ जो किसी बड़े शर्मनाक घटनाक्रम से कम नहीं है। जिस पिता द्वारा अपने बच्चे को बदले जाने को बात कही जा रही थी, अब उसके द्वारा दुबारा बयान दिया गया कि अस्पताल में ऐसी कोई घटना उसके साथ नहीं हुई। वहीं आजमगढ़ पुलिस द्वारा इस मामले में साफ शब्दों में बताया गया है कि दोनों परिजनों को उनके बच्चे सौंप दिए गए हैं। वहीं इस मामले में एक धड़ा खुलकर अस्पताल प्रशासन के समर्थन में आ गया और इतनी बड़ी घटना को अफवाह करार दे दिया। अगर घटना अफवाह है तो हंगामा हुआ क्यों ? अब सही कौन है, गुम हुए बच्चे के पिता का पहला बयान जिसमें बच्चे को बदले जाने की बात कही गई है, या फिर बच्चा मिलने के बाद दूसरे दिन दिया गया बयान कि बच्चा नहीं खोया था, या फिर आज़मगढ़ पुलिस द्वारा दिया गया स्पष्टीकरण कि दोनों परिजनों को उनके बच्चे सौंप दिए गए हैं, या फिर वह एकतरफा बात करने वाला वह धड़ा जिसने पूरे घटनाक्रम को ही अफवाह करार दे दिया, यह एक बड़ा रहस्य है। (आपको बता दें कि इस घटनाक्रम में एक बड़ा सच एक दिन बाद कल की खबर में दिये जाने का प्रयास किया जाएगा, जो इस घटना के हर रहस्य से पर्दा हटा देगा)।

आजमगढ़ अतरौलिया कंटीले तार में घुसी बाइक, युवक की मौत तेरहवीं कार्यक्रम से लौट रहे थे तीनों युवक, 2 अन्य घायल


 आजमगढ़ अतरौलिया कंटीले तार में घुसी बाइक, युवक की मौत


तेरहवीं कार्यक्रम से लौट रहे थे तीनों युवक, 2 अन्य घायल



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के अतरौलिया थाना क्षेत्र के सुक्खीपुर अंडरपास के पास बुधवार देर रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार एक युवक की मौत हो गई, जबकि दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। 


प्राप्त जानकारी के अनुसार गौरीबड़ा थाना कटका जनपद अंबेडकर नगर निवासी राहुल गौड़ (32) पुत्र रामनयन गौड़, दिनेश (38) पुत्र मक्खन तथा हरिओम (32) पुत्र रामजीत बुधवार रात लगभग 9:30 बजे अपने रिश्तेदार के यहां मड़ौही गांव में आयोजित तेरहवीं कार्यक्रम में शामिल होकर बाइक से वापस घर लौट रहे थे। मृतक के परिजन संदेश गौड़ ने बताया कि जैसे ही उनकी बाइक अतरौलिया क्षेत्र के सुक्खीपुर अंडरपास के पास पहुंची, अचानक अनियंत्रित होकर सर्विस रोड के किनारे लगे कंटीले तार में जा घुसी। हादसे में बाइक पर सवार तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। पीछे से दूसरी बाइक पर आ रहे परिजनों ने तत्काल सभी घायलों को अतरौलिया स्थित सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान राहुल गौड़ की मौत हो गई। वहीं घायल दिनेश का इलाज सौ शैय्या अस्पताल में चल रहा है, जबकि हरिओम का उपचार अतरौलिया के एक निजी अस्पताल में कराया जा रहा है।


 बताया गया कि राहुल गौड़ की शादी चार वर्ष पूर्व कुसुम के साथ हुई थी। वह दिहाड़ी मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। राहुल अपने पीछे पत्नी कुसुम, दो वर्षीय पुत्री रक्षा और छह माह के पुत्र कार्तिक को छोड़ गया है। घटना की सूचना मिलते ही मृतक की मां विन्दु और पत्नी कुसुम का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। थानाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ दुबे ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है तथा मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।

Wednesday, 27 May 2026

आजमगढ़ लालगंज सुमन हॉस्पिटल एंड चाइल्ड केयर सेंटर सील प्रसूता की मृत्यु मामले का सीएमओ ने लिया संज्ञान, जांच के दिये निर्देश


 आजमगढ़ लालगंज सुमन हॉस्पिटल एंड चाइल्ड केयर सेंटर सील


प्रसूता की मृत्यु मामले का सीएमओ ने लिया संज्ञान, जांच के दिये निर्देश



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के लालगंज क्षेत्र स्थित सुमन हॉस्पिटल एंड चाइल्ड केयर सेंटर में प्रसूता की मृत्यु से संबंधित समाचार एवं प्राप्त शिकायतों का मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा ने गंभीर संज्ञान लिया और प्रकरण में तत्काल कार्रवाई करते हुए डिप्टी सीएमओ एवं नोडल निजी चिकित्सा प्रतिष्ठान डॉ. आलेन्द्र कुमार को मौके पर जांच हेतु निर्देशित किया। डॉ. आलेन्द कुमार द्वारा आज जब अस्पताल का औचक निरीक्षण किया गया तो जांच के दौरान अस्पताल संचालक एवं स्टाफ मौके पर उपस्थित मिले। निरीक्षण में यह तथ्य प्रकाश में आया कि उपचार के दौरान एक प्रसूता की मृत्यु हो गई थी तथा नवजात शिशु को गंभीर स्थिति में अन्य चिकित्सालय के लिए रेफर किया गया था । मामले को लेकर परिजनों एवं ग्रामीणों द्वारा अस्पताल परिसर में विरोध एवं हंगामा भी किया गया था। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में फायर सेफ्टी व्यवस्था, बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन, आवश्यक पंजीकरण अभिलेख, प्रशिक्षित स्टाफ एवं मानक अनुरूप चिकित्सीय उपकरणों की गंभीर कमी पाई गई। कई आवश्यक अभिलेख मौके पर उपलब्ध नहीं कराए गए। अस्पताल निर्धारित मानकों एवं शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुरूप संचालित नहीं पाया गया। डिप्टी सीएमओ डॉ. आलेन्द कुमार ने बताया कि मरीजों की सुरक्षा से जुड़े मानकों की अनदेखी अत्यंत गंभीर विषय है। प्रथम दृष्टया अस्पताल संचालन में लापरवाही एवं अनियमितताएं पाए जाने पर नियमानुसार अस्पताल को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है तथा संबंधित प्रकरण में आवश्यक विधिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। 


मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा ने कार्यालय से जारी विज्ञप्ति में कहा कि जनपद में बिना मानक एवं नियमों के संचालित किसी भी निजी चिकित्सालय, अवैध अस्पताल अथवा झोलाछाप गतिविधियों के विरुद्ध स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है। मरीजों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही संबंधित थाना देवगांव को भी प्रकरण में आवश्यक कार्रवाई हेतु पत्र प्रेषित कर दिया गया है।

आजमगढ़ गम्भीरपुर 50 हजार का इनामी गैंगस्टर गिरफ्तार एसटीएफ और गम्भीरपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, हाईवे से दबोचा गया


 आजमगढ़ गम्भीरपुर 50 हजार का इनामी गैंगस्टर गिरफ्तार



एसटीएफ और गम्भीरपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, हाईवे से दबोचा गया



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में चोरी और नकबजनी की घटनाओं को अंजाम देने वाले गिरोह के सक्रिय सदस्य एवं गैंगस्टर एक्ट में वांछित ₹50 हजार के इनामी अभियुक्त को गम्भीरपुर पुलिस और एसटीएफ प्रयागराज की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर लिया। 


आरोपी को बुधवार तड़के करीब 1:05 बजे बिन्द्रा बाजार स्थित आजमगढ़-वाराणसी नेशनल हाईवे से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान अब्दुल वाहिद पुत्र शेर अली निवासी मुस्लिम पट्टी थाना निजामाबाद जनपद आजमगढ़ के रूप में हुई है। वह लंबे समय से फरार चल रहा था, जिसके विरुद्ध पुलिस उपमहानिरीक्षक आजमगढ़ परिक्षेत्र द्वारा ₹50 हजार का इनाम घोषित किया गया था।


 पुलिस के अनुसार अभियुक्त एक संगठित चोर गिरोह का सदस्य है, जो आर्थिक लाभ के उद्देश्य से चोरी और नकबजनी की घटनाओं को अंजाम देता था। गिरोह के खिलाफ थाना निजामाबाद में उ0प्र0 गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। बताया गया कि 20/21 अगस्त 2024 की रात थाना निजामाबाद क्षेत्र के सोढरी गांव में घर का ताला तोड़कर सोने-चांदी के आभूषण और ₹50 हजार नगद चोरी कर लिये गये थे। इसके अलावा फरिहा क्षेत्र में घर में घुसकर आभूषण और नगदी चोरी तथा प्राथमिक विद्यालय प्यारेपुर से गैस चूल्हा व सिलेंडर चोरी की घटनाओं में भी गिरोह का नाम सामने आया था। इससे पहले 18 दिसंबर 2024 को पुलिस ने गिरोह के दो अन्य सदस्यों रईस उर्फ लम्बू और अब्दुल वाहिद को गिरफ्तार कर चोरी का माल बरामद किया था। हालांकि अब्दुल वाहिद बाद में फरार हो गया था और तभी से उसकी तलाश की जा रही थी। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से एक रेडमी मल्टीमीडिया मोबाइल फोन और ₹310 नगद बरामद किया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

आजमगढ़ पवई, 50 हजार का इनामी गैंगस्टर चढ़ा एसटीएफ के हत्थे गोकशी और गैंगस्टर एक्ट के कई मामलों में वांछित था मो. लड्डन उर्फ सकलैन


 आजमगढ़ पवई, 50 हजार का इनामी गैंगस्टर चढ़ा एसटीएफ के हत्थे


गोकशी और गैंगस्टर एक्ट के कई मामलों में वांछित था मो. लड्डन उर्फ सकलैन



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में गैंगस्टर एक्ट में वांछित चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी अभियुक्त को एसटीएफ वाराणसी ने गिरफ्तार कर लिया। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी मो. लड्डन उर्फ सकलैन को जौनपुर जनपद के शाहगंज रेलवे स्टेशन के पास से दबोचा गया। गिरफ्तारी इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मुखबिर की सूचना के आधार पर की गई। आरोपी के कब्जे से मोबाइल कीपैड और 420 रुपये नगद बरामद हुए हैं।


 पुलिस के अनुसार 29 मार्च 2026 को थाना पवई में प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार सिंह द्वारा गोकशी की घटनाओं में संलिप्त अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मामले में मो. लड्डन उर्फ सकलैन पुत्र मो. मुनाऊ उर्फ सोहराब निवासी अंबारी नई बस्ती थाना फूलपुर तथा आमिर पुत्र इस्तियाक निवासी कसाई टोला थाना सरायमीर को आरोपी बनाया गया था। जिला मजिस्ट्रेट से गैंगचार्ट अनुमोदित होने के बाद दोनों के खिलाफ उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 1986 के तहत कार्रवाई की गई थी। मामले में वांछित चल रहे मो. लड्डन उर्फ सकलैन पर पुलिस उपमहानिरीक्षक, आजमगढ़ परिक्षेत्र द्वारा 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। इसके बाद से एसटीएफ और स्थानीय पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। 


मंगलवार को एसटीएफ वाराणसी की टीम को सूचना मिली कि आरोपी शाहगंज क्षेत्र में आने वाला है। इसके बाद एसटीएफ टीम ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मुखबिर की मदद से शाहगंज रेलवे स्टेशन के पास घेराबंदी कर समय करीब 1:15 बजे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्त की उम्र करीब 45 वर्ष बताई गई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम, आर्म्स एक्ट, हत्या के प्रयास और गैंगस्टर एक्ट समेत कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। वर्ष 2023 से लेकर 2026 तक थाना पवई और फूलपुर में उसके खिलाफ कई आपराधिक मामले पंजीकृत हुए हैं। इस कार्रवाई में एसटीएफ वाराणसी के उपनिरीक्षक अंगद सिंह यादव, उपनिरीक्षक विनय कुमार मौर्या, मुख्य आरक्षी रविशंकर यादव, रविशंकर सिंह तथा कमांडो धीरेन्द्र चौबे शामिल रहे। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय भेज दिया गया है।

Tuesday, 26 May 2026

आजमगढ़ बिलरियागंज 2 अंतरराज्यीय गांजा तस्कर गिरफ्तार, 26.9 किलो गांजा और ऑटो बरामद छत्तीसगढ़ से लाकर बिक्री की थी तैयारी, कीमत करीब छ: लाख


 आजमगढ़ बिलरियागंज 2 अंतरराज्यीय गांजा तस्कर गिरफ्तार, 26.9 किलो गांजा और ऑटो बरामद



छत्तीसगढ़ से लाकर बिक्री की थी तैयारी, कीमत करीब छ: लाख


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के बिलरियागंज थाना पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अंतरराज्यीय गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 26 किलो 900 ग्राम नाजायज गांजा तथा तस्करी में प्रयुक्त एक ऑटो बरामद किया है। बरामद गांजे की कीमत करीब छह लाख रुपये आंकी गई है। 


पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में अपराध एवं मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा था। इसी क्रम में 25 मई 2026 को थानाध्यक्ष बिलरियागंज अमित कुमार मिश्र अपनी टीम के साथ क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। तभी मुखबिर से सूचना मिली कि दो व्यक्ति ऑटो से गांजा लेकर गुलवा गौरी नहर मार्ग की ओर जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने छिछोरी नहर ट्यूबेल के पास घेराबंदी कर दी। कुछ देर बाद संदिग्ध ऑटो दिखाई दिया। पुलिस द्वारा रोकने का प्रयास करने पर चालक वाहन मोड़कर भागने लगा, लेकिन पुलिस टीम ने पीछा कर वाहन को पकड़ लिया।


 पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान अमरजीत पाण्डेय निवासी गोपालगंज, बिहार तथा हरेन्द्र कुशवाहा निवासी कुशीनगर के रूप में बताई। क्षेत्राधिकारी सगड़ी की मौजूदगी में तलाशी लेने पर अमरजीत पाण्डेय के पास से 16 किलो 515 ग्राम तथा हरेन्द्र कुशवाहा के पास से 10 किलो 385 ग्राम गांजा बरामद हुआ। कुल बरामद गांजा 26 किलो 900 ग्राम पाया गया। पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त ऑटो संख्या BR28L1774 को भी कब्जे में ले लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे गांजा छत्तीसगढ़ से लेकर बिक्री के लिए जा रहे थे। इस मामले में बिलरियागंज थाना पर संबंधित धारा के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तारी और बरामदगी की वीडियोग्राफी भी कराई गई है।

Monday, 25 May 2026

आजमगढ़ जमीन विवाद में युवक की हत्या मामले में तीन दोषियों को उम्रकैद एंटी करप्शन कोर्ट ने सुनाई सजा, प्रत्येक पर 38 हजार रुपये का अर्थदंड


 आजमगढ़ जमीन विवाद में युवक की हत्या मामले में तीन दोषियों को उम्रकैद



एंटी करप्शन कोर्ट ने सुनाई सजा, प्रत्येक पर 38 हजार रुपये का अर्थदंड



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में हत्या के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने तीन आरोपियों को आजीवन कारावास तथा प्रत्येक को 38-38 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश एंटी करप्शन कोर्ट नंबर-1 अजय कुमार शाही ने सोमवार को सुनाया।


 अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी मोहम्मद जीशान निवासी कुकड़ीपुर थाना पवई की गांव के याहिया से पुरानी जमीनी रंजिश चल रही थी। इसी विवाद को लेकर 11 जून 2020 की शाम करीब छह बजे आरोपी याहिया, मोहम्मद पुत्र सुकुरुल्लाह और मोहम्मद होजैफा ने वादी के भाई कासिम अहमद तथा चाचा अनीस और लतीफ पर चापड़, लाठी-डंडा और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल कासिम अहमद की अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच पूरी कर तीनों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अभय दत्त गोंड और हरेंद्र सिंह ने अदालत में कुल आठ गवाह प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और प्रत्येक पर 38 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।

उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 6 माह बढ़ा पंचायत चुनाव विधानसभा चुनाव के बाद होने के संकेत 26 मई को समाप्त हो रहा था ग्राम पंचायतों का कार्यकाल


 उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 6 माह बढ़ा


पंचायत चुनाव विधानसभा चुनाव के बाद होने के संकेत


26 मई को समाप्त हो रहा था ग्राम पंचायतों का कार्यकाल


लखनऊ, उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव समय पर नहीं होने के चलते प्रदेश सरकार ने सभी ग्राम प्रधानों का कार्यकाल छह महीने के लिए बढ़ा दिया है। पंचायती राज विभाग ने सोमवार देर शाम इस संबंध में आदेश जारी कर दिया। प्रदेश की 57 हजार 694 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो रहा था। सरकार के इस फैसले के बाद वर्तमान ग्राम प्रधान चुनाव होने तक अपने पद पर बने रहेंगे। ग्राम प्रधान संगठनों ने भी मांग की थी कि नए चुनाव होने तक मौजूदा प्रधानों को ही प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी दी जाए। 


बताया जा रहा है कि यह पहला अवसर होगा जब प्रदेश में प्रशासनिक समिति बनाए जाने की व्यवस्था लागू होगी। सूत्रों के अनुसार, अब पंचायत चुनाव अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के बाद कराए जाने की संभावना है। प्रदेश में जनवरी-फरवरी 2027 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं, जिसके चलते पंचायत चुनाव की प्रक्रिया फिलहाल टलती नजर आ रही है। इधर, पंचायत चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण तय करने के लिए प्रदेश सरकार ने राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन भी कर दिया है।


 पंचायतीराज विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति राम औतार सिंह को आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है। आयोग में सेवानिवृत्त अपर जिला न्यायाधीश बृजेश कुमार, संतोष कुमार विश्वकर्मा, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया और एसपी सिंह को सदस्य नियुक्त किया गया है। अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति पदभार ग्रहण करने की तिथि से छह माह के लिए की गई है। यह आयोग पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण से जुड़े आंकड़ों का परीक्षण कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने 18 मई 2026 को आयोग गठन की अधिसूचना जारी की थी। आयोग के गठन के साथ ही पंचायत चुनाव में आरक्षण तय करने की प्रक्रिया तेज हो गई है।

जौनपुर दूल्हा हत्याकांड का मुख्य आरोपी रवि यादव पुलिस मुठभेड़ में मारा गया एक लाख का था इनाम, मुठभेड़ में लाइन बाजार थाना प्रभारी घायल


 जौनपुर दूल्हा हत्याकांड का मुख्य आरोपी रवि यादव पुलिस मुठभेड़ में मारा गया 


एक लाख का था इनाम, मुठभेड़ में लाइन बाजार थाना प्रभारी घायल



उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के चर्चित दूल्हा हत्याकांड में फरार चल रहा मुख्य आरोपी रवि यादव सोमवार देर रात पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। रवि यादव पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। मुठभेड़ के दौरान लाइन बाजार थाना प्रभारी केके सिंह के हाथ में गोली लग गई, जबकि दो अन्य पुलिसकर्मी बुलेटप्रूफ जैकेट की वजह से बाल-बाल बच गए। 


पुलिस के अनुसार खेतासराय थाना क्षेत्र के रानीमऊ मोड़ के पास पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम को रवि यादव के मौजूद होने की सूचना मिली थी। इसके बाद इलाके की घेराबंदी की गई। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में रवि यादव गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।


 मुठभेड़ में लाइन बाजार थाना प्रभारी केके सिंह के बाएं हाथ में गोली लगी। वहीं खेतासराय थाना प्रभारी श्रीप्रकाश शुक्ला और एसओजी टीम के सदस्य प्रवीण यादव की बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली लगी, जिससे उनकी जान बच गई। गौरतलब है कि 1 मई 2026 को 25 वर्षीय आजाद बिंद की उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जब वह बारात लेकर शादी के लिए जा रहा था। इस सनसनीखेज घटना के बाद पुलिस ने सात लोगों को नामजद आरोपी बनाया था। इनमें प्रदीप बिंद, रवि यादव और भोले राजभर पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। घटना के बाद से पुलिस और एसटीएफ की कई टीमें लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थीं। दिल्ली, वाराणसी, प्रयागराज, सुल्तानपुर समेत नेपाल तक छापेमारी की जा रही थी। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों प्रदीप बिंद और भोले राजभर की गिरफ्तारी के लिए अभियान लगातार जारी है।


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आजमगढ़ हाय रे रूपाली! न तो जमीन मिली न ही पैसा अवैध प्लाटिंग के जाल में फंस रही जनता, टूट रहे घर बनाने के सपने रूपाली डेवलपर काली चौरा पर पहुंचे सैकड़ो पीड़ित, थमा दिया तथाकथित इकरारनामा


 आजमगढ़ हाय रे रूपाली! न तो जमीन मिली न ही पैसा


अवैध प्लाटिंग के जाल में फंस रही जनता, टूट रहे घर बनाने के सपने


रूपाली डेवलपर काली चौरा पर पहुंचे सैकड़ो पीड़ित, थमा दिया तथाकथित इकरारनामा


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में शहर और आसपास के क्षेत्रों में अवैध प्लाटिंग का कारोबार तेजी से फैलता जा रहा है। कृषि योग्य और विवादित जमीनों को नियमों के विपरीत आवासीय प्लाट बताकर बेचने का खेल धड़ल्ले से चल रहा है। इस अवैध कारोबार में आम लोगों की गाढ़ी कमाई फंस रही है और वर्षों बाद भी उन्हें न तो जमीन पर कब्जा मिल पा रहा है और न ही कोई ठोस समाधान। सबसे गंभीर बात यह है कि ऐसे मामलों में न प्रशासन की सख्ती दिखाई देती है और न ही शासन का प्रभावी हस्तक्षेप। रविवार को शहर के रैदोपुर काली चौरा क्षेत्र में उस समय लोगों की भीड़ जुट गई जब रूपाली डेवलपर नाम से कारोबार करने वाली फर्म के कार्यालय के सामने बड़ी संख्या में प्लाट खरीदार पहुंच गए। सूत्रों के अनुसार नरौली के दक्षिण स्थित रामपुर राजस्व गांव में वर्षों पहले रूपाली डेवलपर द्वारा बड़े पैमाने पर प्लाटिंग कर जमीनें बेची गई थीं, लेकिन आज तक कई खरीदारों को जमीन पर कब्जा नहीं मिल सका। 


बताया जा रहा है कि मामले को शांत कराने के लिए रूपाली डेवलपर से जुड़े रत्नाकर गुप्ता पुत्र पीपी गुप्ता निवासी कुर्मी टोला, आजमगढ़ द्वारा करीब 30 से 35 लोगों को 20 रुपये के स्टांप पर इकरारनामा बनाकर चेक सौंपे गए। इकरारनामे में उल्लेख किया गया है कि यदि 1 सितंबर 2026 तक खरीदारों को जमीन पर कब्जा मिल जाता है तो संबंधित चेक वापस कर दिया जाएगा। हालांकि इसमें यह स्पष्ट नहीं किया गया कि यदि तय समय तक कब्जा नहीं मिला तो खरीदार उस चेक का क्या करेंगे और उन्हें क्या राहत मिलेगी। यही नहीं, इकरारनामे की भाषा और प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि जमीन पहले से विवादित थी तो उसकी प्लाटिंग और बिक्री कैसे की गई। आखिर बिना स्पष्ट स्वामित्व और विवाद निपटारे के आम लोगों को प्लाट बेचने की अनुमति किस आधार पर दी गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शहर में कई जगह कृषि भूमि, बाढ़ क्षेत्र और विवादित जमीनों को आवासीय प्लाट बताकर बेचा जा रहा है। न तो मानकों का पालन किया जा रहा है और न ही बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था। ऐसे में लोग अपनी जीवनभर की कमाई लगाकर भी असुरक्षित और विवादित जमीनों के मालिक बन रहे हैं। इस पूरे मामले पर रूपाली डेवलपर से जुड़े रत्नाकर गुप्ता ने कहा कि वर्षों पहले प्लाटिंग कर जमीनें बेची गई थीं, लेकिन कुछ हिस्सेदारों द्वारा विवाद खड़ा कर दिए जाने के कारण कब्जा नहीं मिल पाया। मामला न्यायालय में विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि ग्राहकों के भरोसे के लिए ही इकरारनामा और चेक दिए गए हैं। साथ ही उन्होंने दावा किया कि उनकी फर्म कानपुर में पंजीकृत है और पूरे उत्तर प्रदेश में कारोबार के लिए मान्य है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि अवैध प्लाटिंग और विवादित जमीनों के इस कारोबार पर आखिर प्रशासन कब कार्रवाई करेगा और क्या वर्षों से परेशान खरीदारों को कभी वास्तविक राहत मिल पाएगी।

Saturday, 23 May 2026

आजमगढ़ सिधारी जिला आबकारी कार्यालय की ₹7.60 लाख प्रतिभूति राशि हड़पने वाला अभियुक्त गिरफ्तार एफडी की छायाप्रति और बैंक कर्मियों से मिलीभगत कर खाते में ट्रांसफर कराई गई थी रकम

आजमगढ़ सिधारी जिला आबकारी कार्यालय की ₹7.60 लाख प्रतिभूति राशि हड़पने वाला अभियुक्त गिरफ्तार



एफडी की छायाप्रति और बैंक कर्मियों से मिलीभगत कर खाते में ट्रांसफर कराई गई थी रकम


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के थाना सिधारी पुलिस ने जिला आबकारी कार्यालय में जमा ₹7.60 लाख की प्रतिभूति राशि हड़पने के मामले में वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार अभियुक्त ने सावधि जमा रसीदों की छायाप्रति और बैंक कर्मियों से मिलीभगत कर धनराशि अपने खाते में ट्रांसफर कराई थी। आरोपी को भदुली अंडरपास के पास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक प्रभारी आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-1 सदर आजमगढ़ प्रभु नारायण सिंह की तहरीर पर थाना सिधारी में मुकदमा दर्ज किया गया था। 


आरोप था कि राजेन्द्र सिंह और उसके पुत्र संजीत सिंह निवासी ग्राम नेवादा थाना कप्तानगंज ने जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय में प्रतिभूति के रूप में जमा एफडी की धनराशि कपटपूर्ण तरीके से अपने खाते में ट्रांसफर करा ली। इस मामले में थाना सिधारी पर मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। शुक्रवार को उपनिरीक्षक मृत्युंजय सिंह पुलिस टीम के साथ क्षेत्र भ्रमण पर थे, तभी मुखबिर से सूचना मिली कि वांछित अभियुक्त भदुली अंडरपास के पास मौजूद है। सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने अभियुक्त संजीत सिंह (40) को गिरफ्तार कर लिया।


 पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि उसके पिता राजेन्द्र सिंह के नाम से देशी शराब की दुकान का लाइसेंस था, जो फरवरी 2026 में निरस्त हो गया था। इसके बाद उसने अपने पिता के साथ यूनियन बैंक शाखा कटघर पहुंचकर एफडी की दूसरी प्रति के आधार पर ₹7.60 लाख की धनराशि अपने खाते में ट्रांसफर करा ली। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक मृत्युंजय सिंह, हेड कांस्टेबल अनिल कुमार राय एवं कांस्टेबल रणवीर यादव शामिल रहे।


https://www.news9up.com/2026/05/760000.html

 

आजमगढ़ अहरौला संदिग्ध हालात में विवाहिता की हुई मौत पति पर शराब के नशे में मारपीट और प्रताड़ना का आरोप, पुलिस व फोरेंसिक टीम जांच में जुटी


 आजमगढ़ अहरौला संदिग्ध हालात में विवाहिता की हुई मौत



पति पर शराब के नशे में मारपीट और प्रताड़ना का आरोप, पुलिस व फोरेंसिक टीम जांच में जुटी



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के फूलपुर तहसील क्षेत्र अंतर्गत अहरौला थाना के निजामपुर गांव में बीती रात एक 35 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार महिला ने घर में रखा कीटनाशक पदार्थ सेवन कर लिया था। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि मायके पक्ष ने पति पर शराब के नशे में मारपीट और मानसिक प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।


 जानकारी के अनुसार पवई थाना क्षेत्र के अंडिका गांव निवासी विद्यार्थी की शादी कई वर्ष पूर्व निजामपुर गांव निवासी धर्मेंद्र के साथ हुई थी। बताया जा रहा है कि शुक्रवार की शाम किसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि धर्मेंद्र शराब के नशे में घर पहुंचा और पत्नी के साथ मारपीट की। विवाद के बाद विवाहिता मानसिक रूप से आहत हो गई और उसने घर में रखा कीटनाशक पदार्थ खा लिया। कीटनाशक सेवन के कुछ देर बाद महिला की हालत अचानक बिगड़ने लगी। परिजन आनन-फानन में उसे इलाज के लिए एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।


 विवाहिता की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। घटना के बाद गांव में भी शोक और तनाव का माहौल बना हुआ है। मृतका अपने पीछे दो पुत्रियां और एक पुत्र छोड़ गई है। मां की असमय मौत के बाद बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार परिवार में अक्सर विवाद की स्थिति बनी रहती थी, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। घटना की सूचना मिलते ही अहरौला पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस के साथ फोरेंसिक टीम और श्वान दल ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने मौके से कुछ संदिग्ध सामग्री भी कब्जे में ली है, जिसकी जांच कराई जा रही है। इस संबंध में शनिवार दोपहर करीब एक बजे अहरौला थानाध्यक्ष मंतोष सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला कीटनाशक सेवन से मौत का प्रतीत हो रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट होंगे और उसी आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

आजमगढ़ सरायमीर हिस्ट्रीशीटर एहसान खान गिरफ्तार सोशल मीडिया पर असलहों का वीडियो वायरल करने का आरोप हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और एससी/एसटी एक्ट समेत 25 मुकदमे हैं दर्ज


 आजमगढ़ सरायमीर हिस्ट्रीशीटर एहसान खान गिरफ्तार


सोशल मीडिया पर असलहों का वीडियो वायरल करने का आरोप


हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और एससी/एसटी एक्ट समेत 25 मुकदमे हैं दर्ज


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में सरायमीर थाना पुलिस ने सोशल मीडिया पर अवैध असलहों के साथ वीडियो वायरल कर दहशत फैलाने वाले एक हिस्ट्रीशीटर अपराधी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर एक अवैध तमंचा .315 बोर, एक जिंदा कारतूस .315 बोर तथा एक जिंदा कारतूस .303 बोर बरामद किया है। आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और एससी/एसटी एक्ट समेत 25 मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।

 पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रभारी निरीक्षक सरायमीर भुवनेश कुमार चौबे अपनी टीम के साथ क्षेत्र में भ्रमणशील थे। इसी दौरान सूचना मिली कि थाना सरायमीर का हिस्ट्रीशीटर एहसान खान निवासी छित्तेपुर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह अपने पास तीन अवैध असलहे होने की बात कह रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद इलाके में भय और दहशत का माहौल बन गया था। 

सूचना यह भी मिली कि आरोपी जौनपुर जनपद के सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के बड़ौर गांव में मौजूद है और किसी वारदात को अंजाम दे सकता है। पुलिस टीम ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी ने बताया कि उसने एक अवैध तमंचा और कारतूस ग्राम छित्तेपुर स्थित सलीम की बाग में बंद पड़े ट्यूबेल में छिपा रखे हैं। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर मौके से तमंचा और कारतूस बरामद कर लिया। बरामद हथियारों के संबंध में कोई वैध दस्तावेज न दिखा पाने पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय भेज दिया।

आजमगढ़ कप्तानगंज पुलिस मुठभेड़ में गोकशी गिरोह का हिस्ट्रीशीटर बदमाश गोली लगने से घायल, गिरफ्तार 12 मई की गोकशी घटना में था वांछित, पुलिस पर फायरिंग के बाद जवाबी कार्रवाई में दबोचा गया, एक साथी फरार


 आजमगढ़ कप्तानगंज पुलिस मुठभेड़ में गोकशी गिरोह का हिस्ट्रीशीटर बदमाश गोली लगने से घायल, गिरफ्तार


12 मई की गोकशी घटना में था वांछित, पुलिस पर फायरिंग के बाद जवाबी कार्रवाई में दबोचा गया, एक साथी फरार



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के कप्तानगंज थाना क्षेत्र में शुक्रवार तड़के पुलिस और गोकशी में संलिप्त बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में एक शातिर गोतस्कर घायल हो गया, जबकि उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। घायल बदमाश के कब्जे से पुलिस ने एक अवैध तमंचा, दो खोखा कारतूस तथा एक मोटरसाइकिल बरामद की है। गिरफ्तार अभियुक्त गोवध, चोरी और गैंगस्टर एक्ट समेत कई गंभीर मामलों में वांछित और हिस्ट्रीशीटर बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण एवं क्षेत्राधिकारी बूढ़नपुर के पर्यवेक्षण में थाना कप्तानगंज पुलिस बीती रात क्षेत्र में अपराध नियंत्रण, वाहन चेकिंग और गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि 12 मई 2026 को ग्राम कुशमहरा स्थित सीएचसी छितुवा के पीछे प्रतिबंधित पशु के अवशेष मिलने की घटना में शामिल दो बदमाश बाइक से धरौली मोड़ कूड़ाघर की तरफ आ रहे हैं और पुनः किसी गोकशी की घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं। 


सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष कप्तानगंज के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी की। पुलिस को देखकर बदमाशों ने खुद को घिरता देख पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस द्वारा आत्मसमर्पण की चेतावनी देने के बावजूद बदमाश फायरिंग करते रहे। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक बदमाश के दाहिने पैर में गोली लग गई। घायल होने के बाद पुलिस ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया, जबकि उसका साथी फरार हो गया। गिरफ्तार घायल अभियुक्त की पहचान आरिफ उर्फ फुसी पुत्र यूनुस निवासी सारैन थाना अहरौला, जनपद आजमगढ़ के रूप में हुई है। वहीं फरार बदमाश की पहचान आजाद पुत्र फिरोज निवासी मेहियापार थाना अहरौला के रूप में की गई है। घायल आरिफ को उपचार के लिए सदर अस्पताल भेजा गया है।


 पुलिस पूछताछ में आरिफ ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर प्रतिबंधित पशुओं को पकड़कर सुनसान स्थानों पर ले जाते थे और वहां उनका वध कर मांस की बिक्री करते थे। घटना के बाद पशुओं के अवशेष नदी, नालों या खेतों में फेंक देते थे अथवा जमीन में गाड़ देते थे ताकि पुलिस को भनक न लग सके। पुलिस से बचने के लिए गिरोह लगातार अपने ठिकाने बदलता रहता था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरिफ उर्फ फुसी पर गोवध निवारण अधिनियम, चोरी, गैंगस्टर एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। थाना कप्तानगंज में उसके खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम के तहत पहले से मुकदमा दर्ज था। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ पुलिस पर फायरिंग और आर्म्स एक्ट की धाराओं में नया मुकदमा भी दर्ज किया है। घटनास्थल पर फील्ड यूनिट टीम ने पहुंचकर निरीक्षण किया और साक्ष्य संकलन की कार्रवाई की। पुलिस फरार अभियुक्त की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

Friday, 22 May 2026

आजमगढ़ रानी की सराय नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जीवाड़ा, 3 आरोपी गिरफ्तार फर्जी दस्तावेज तैयार कर युवाओं से ठगी करने वाले गिरोह पर पुलिस की कार्रवाई


 आजमगढ़ रानी की सराय नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जीवाड़ा, 3 आरोपी गिरफ्तार



फर्जी दस्तावेज तैयार कर युवाओं से ठगी करने वाले गिरोह पर पुलिस की कार्रवाई


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के थाना रानी की सराय पुलिस ने नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर ठगी करने वाले तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर दिलौरी खेल मैदान के पास से आरोपियों को दबोचते हुए उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। 


पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ के निर्देश पर अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत क्षेत्राधिकारी नगर के नेतृत्व एवं थानाध्यक्ष रानी की सराय के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई। मामले में 20 मई 2026 को थाना रानी की सराय में प्राप्त तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप था कि अभियुक्त नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों से ठगी कर रहे थे। इस संबंध में मु0अ0सं0 123/2026 संबंधित धारा में विद्यासागर, राहुल कुमार, वीरेन्द्र यादव, राकेश यादव, प्रदीप यादव एवं मुन्ना शर्मा के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया। गुरुवार को व0उ0नि0 सुशील कुमार अपनी टीम के साथ क्षेत्र में चेकिंग कर रहे थे, तभी मुखबिर से सूचना मिली कि मामले से जुड़े राहुल कुमार, राकेश यादव और प्रदीप यादव दिलौरी खेल मैदान के पास मौजूद हैं। 


सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर तीनों आरोपियों को सुबह करीब 10:10 बजे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान राहुल कुमार निवासी कोईलारी खुर्द थाना रानी की सराय, राकेश यादव निवासी अमौड़ा मुहिउद्दीनपुर थाना गंभीरपुर तथा प्रदीप यादव निवासी कोईलारी खुर्द थाना रानी की सराय के रूप में हुई है। पूछताछ में तीनों ने अपना जुर्म स्वीकार किया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों को न्यायालय भेजा जा रहा है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पूर्व में भी विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तारी करने वाली टीम में व0उ0नि0 सुशील कुमार, हे0का0 धनंजय राय एवं हे0का0 दिनेश यादव शामिल रहे।

आजमगढ़ निजामाबाद तेज रफ्तार पिकअप की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत फरिहा-निजामाबाद मार्ग पर हुआ हादसा, चालक वाहन छोड़कर फरार; पुलिस ने पिकअप कब्जे में लिया


 आजमगढ़ निजामाबाद तेज रफ्तार पिकअप की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत



फरिहा-निजामाबाद मार्ग पर हुआ हादसा, चालक वाहन छोड़कर फरार; पुलिस ने पिकअप कब्जे में लिया



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के निजामाबाद थाना क्षेत्र के फरिहा-निजामाबाद मार्ग पर शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे तेज रफ्तार पिकअप वाहन की टक्कर से मोटरसाइकिल सवार युवक की मौत हो गई। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल व्याप्त हो गया।


 जानकारी के अनुसार, गंभीरपुर थाना क्षेत्र निवासी बंकेश मिश्र पुत्र सुरेश मिश्र अपनी मोटरसाइकिल से फरिहा चौक से निजामाबाद की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान फरिहा-निजामाबाद रोड पर तेज गति से आ रही एक पिकअप गाड़ी ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बंकेश मिश्र गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। घटना की सूचना मिलते ही फरिहा चौकी प्रभारी चित्रांशु मिश्र अपने हमराहियों के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायल युवक को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।


 बताया जा रहा है कि मृतक बंकेश मिश्र, गंभीरपुर क्षेत्र के पत्रकार अशोक मिश्र के चचेरे भाई थे। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंच गए। वहीं पुलिस ने दुर्घटना में शामिल पिकअप वाहन को कब्जे में लेकर फरिहा चौकी पर खड़ा करा दिया है। हादसे के बाद चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि फरिहा-निजामाबाद मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से ऐसे वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

आजमगढ़ सिधारी देशी शराब दुकान की प्रतिभूति राशि हड़पने का आरोप, पिता-पुत्र पर मुकदमा दर्ज 760000 रुपये एफडीआर तुड़वाकर खाते में ट्रांसफर कराने का आरोप, आबकारी विभाग की तहरीर पर कार्रवाई


 आजमगढ़ सिधारी देशी शराब दुकान की प्रतिभूति राशि हड़पने का आरोप, पिता-पुत्र पर मुकदमा दर्ज


760000 रुपये एफडीआर तुड़वाकर खाते में ट्रांसफर कराने का आरोप, आबकारी विभाग की तहरीर पर कार्रवाई


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में देशी शराब की दुकान संचालन के लिए जमा की गई प्रतिभूति राशि में कथित गड़बड़ी और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने के आरोप में सिधारी थाने में पिता-पुत्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामला देशी शराब दुकान “गुलामी का पुरा” से जुड़ा है, जिसका वर्ष 2025-26 के लिए ई-टेंडर के माध्यम से आवंटन राजेन्द्र सिंह पुत्र बाबूराम निवासी नेवादा थाना कप्तानगंज को हुआ था। आबकारी विभाग के अनुसार दुकान संचालन के लिए अनुज्ञापी राजेन्द्र सिंह ने कुल 21,10,500 रुपये की प्रतिभूति धनराशि विभिन्न एफडीआर के माध्यम से यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में जमा कराई थी।


 आरोप है कि फरवरी 2026 में निर्धारित कोटे (एमजीक्यू) से कम मात्रा में शराब उठान करने के कारण उन पर प्रतिफल शुल्क और अतिरिक्त प्रतिफल शुल्क की देनदारी बनी, लेकिन उन्होंने समय पर न तो स्पष्टीकरण दिया और न ही राजस्व जमा किया। इसके बाद कलेक्टर एवं लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा 31 मार्च 2026 को उनका लाइसेंस निरस्त कर दिया गया। नियमों के तहत लाइसेंस निरस्त होने पर जमा प्रतिभूति राशि सरकार के पक्ष में जब्त होनी थी। इसी क्रम में जिला आबकारी अधिकारी ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया शाखा कटघर को एफडीआर जब्ती के लिए पत्र भेजा। बैंक की ओर से 16 मई 2026 को दिए गए जवाब में खुलासा हुआ कि कुल प्रतिभूति राशि में शामिल दो एफडीआर, जिनकी कुल रकम 7,60,000 रुपये थी, पहले ही 10 फरवरी 2026 को बंद कराकर राजेन्द्र सिंह और उनके पुत्र संजीत सिंह के संयुक्त खाते में ट्रांसफर कर दी गई थी। बैंक ने संजीत सिंह का आवेदन पत्र भी आबकारी विभाग को उपलब्ध कराया, जिसमें एफडीआर तोड़कर खाते में धनराशि भेजने का अनुरोध किया गया था।


 आबकारी विभाग ने आरोप लगाया है कि राजस्व देनदारियों और लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई से बचने के उद्देश्य से पिता-पुत्र ने मिलीभगत कर प्रतिभूति राशि का दुरुपयोग किया और सरकारी धन सुरक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया। विभाग का कहना है कि यह कृत्य छल, कपट और बेईमानी की श्रेणी में आता है। प्रभारी आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-1 सदर प्रभु नारायण सिंह की तहरीर पर सिधारी थाने में राजेन्द्र सिंह और संजीत सिंह के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर पुलिस जांच शुरू कर दी गई है।


https://www.news9up.com/2026/05/760.html

Thursday, 21 May 2026

आजमगढ़ जीयनपुर/निजामाबाद पुलिस की गैंगस्टर एक्ट में बड़ी कार्रवाई, 07 शातिर अभियुक्त गिरफ्तार संगठित चोरी गिरोहों पर शिकंजा, 39 मुकदमों में वांछित अभियुक्त भेजे गए जेल

आजमगढ़ जीयनपुर/निजामाबाद पुलिस की गैंगस्टर एक्ट में बड़ी कार्रवाई, 07 शातिर अभियुक्त गिरफ्तार




संगठित चोरी गिरोहों पर शिकंजा, 39 मुकदमों में वांछित अभियुक्त भेजे गए जेल


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत आजमगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में थाना जीयनपुर और थाना निजामाबाद पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट में वांछित कुल सात शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। गिरफ्तार अभियुक्त लंबे समय से चोरी, जेवर चोरी और संगठित आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त थे तथा इनके खिलाफ विभिन्न थानों में कुल 39 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार थाना जीयनपुर पुलिस ने जेवर चोरी एवं संगठित अपराध से जुड़े गिरोह के तीन सदस्यों जयभीम, राजन कुमार और सुरेन्द्र कुमार को गिरफ्तार किया। 


थाना निजामाबाद पुलिस ने जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले गिरोह के चार अभियुक्तों रोहित चौहान, राहुल चौहान, अभिषेक चौहान और संदीप कुमार को गिरफ्तार किया। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक गिरफ्तार अभियुक्तों पर चोरी, जेवर चोरी, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम तथा बीएनएस एवं भादवि की विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। अभियुक्त रोहित चौहान पर सर्वाधिक 15 मुकदमे दर्ज हैं, जबकि राहुल चौहान और अभिषेक चौहान पर पांच-पांच, संदीप कुमार पर छह, सुरेन्द्र कुमार पर चार तथा जयभीम और राजन कुमार पर तीन-तीन मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों गिरोहों के खिलाफ जिलाधिकारी की ओर से गैंगचार्ट अनुमोदित किए जाने के बाद संबंधित थानों में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज किए गए थे। इसके बाद पुलिस टीमों ने कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों को नियमानुसार न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।


 इस कार्रवाई में थाना जीयनपुर पुलिस टीम से वरिष्ठ उपनिरीक्षक परमात्मा मिश्रा, कांस्टेबल अक्षय प्रसाद, अवधेश कुशवाहा और प्रदुम्न यादव शामिल रहे। वहीं थाना निजामाबाद पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार सिंह, उपनिरीक्षक राजनरायण पाण्डेय, कांस्टेबल दीपक कुमार पासवान, मुकेश विश्वकर्मा, महिला कांस्टेबल सुमन सिंह, आरक्षी कुलदीप सिंह तथा महिला आरक्षी मेनका जायसवाल शामिल रहीं। आजमगढ़ पुलिस ने कहा कि जनपद में अपराध और अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा तथा संगठित अपराध में शामिल तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

आजमगढ़ मुबारकपुर प्रॉपर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या, साथी घायल बाइक सवार बदमाशों ने कार को ओवरटेक कर घटना को दिया अंजाम घायल पूर्व में लड़ चुका है जिला पंचायत सदस्य का चुनाव


 आजमगढ़ मुबारकपुर प्रॉपर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या, साथी घायल


बाइक सवार बदमाशों ने कार को ओवरटेक कर घटना को दिया अंजाम


घायल पूर्व में लड़ चुका है जिला पंचायत सदस्य का चुनाव



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के थाना मुबारकपुर क्षेत्र के ग्राम रानीपुर में बुधवार देर रात चार पहिया वाहन सवार दो व्यक्तियों पर अज्ञात हमलावरों द्वारा ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी गई। घटना में दोनों व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से एक की उपचार के दौरान मौत हो गई, जबकि दूसरे घायल का इलाज जारी है। 


जानकारी के अनुसार सुशील कुमार उम्र 24 वर्ष पुत्र संतराज राम निवासी कोढ़वा थाना जहानागंज बुधवार की रात करीब 12:00 बजे अपने मित्र उमाशंकर उर्फ पिंटू यादव निवासी रानीपुर थाना मुबारकपुर के साथ कार में बैठकर रानीपुर गांव में एक भंडारे में शामिल होने जा रहा था, इस दौरान मोटरसाइकिल से आए बदमाशों ने कार पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। जिससे सुशील कुमार और उमाशंकर गोली लगने से घायल हो गए। इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने सुशील कुमार को मृत घोषित कर दिया। वहीं घायल उमाशंकर का इलाज चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने अस्पताल पहुंचकर घायल दूसरे व्यक्ति से घटना के संबंध में पूछताछ की।


 एसएसपी ने बताया कि मामले के शीघ्र खुलासे के लिए पुलिस की कई टीमें गठित कर दी गई हैं। पुलिस द्वारा घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र कर गहन जांच की जा रही है तथा वैधानिक कार्रवाई जारी है। मौके पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भारी पुलिस बल भी तैनात रहा। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मृतक सुशील कुमार प्रॉपर्टी डीलर का काम करता था, अपने पुराने साथियों को छोड़कर वह अन्य लोगो के साथ काम करना शुरू कर दिया था, जिसके चलते इस घटना को अंजाम देने की बात सामने आ रही है। घायल उमाशंकर उर्फ पिंटू यादव पूर्व में जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ चुका है। हालांकि पुलिस ने अभी इस मामले में कोई अधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

Wednesday, 20 May 2026

आजमगढ़ गंभीरपुर भाभी के सामने दरोगा ने देवर को चप्पल से पीटा, वीडियो वायरल पुलिस महकमे में मचा हड़कंप, एएसपी सिटी ने दिए जांच के निर्देश


 आजमगढ़ गंभीरपुर भाभी के सामने दरोगा ने देवर को चप्पल से पीटा, वीडियो वायरल



पुलिस महकमे में मचा हड़कंप, एएसपी सिटी ने दिए जांच के निर्देश



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक दरोगा एक युवक को चप्पल से पीटते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। वायरल वीडियो गंभीरपुर थाना क्षेत्र की गोसाई की बाजार पुलिस चौकी का बताया जा रहा है। मामले को लेकर तरह-तरह की चचार्एं शुरू हो गई हैं और लोग पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक गंभीरपुर थाना क्षेत्र के सिरवा गांव निवासी एक महिला ने अपने देवर के खिलाफ गोसाई की बाजार पुलिस चौकी पर शिकायत दर्ज कराई थी। 


महिला द्वारा दी गई तहरीर के बाद चौकी प्रभारी रहे चंद्र प्रकाश कश्यप ने दोनों पक्षों को पूछताछ और समझौते के लिए चौकी पर बुलाया था। बताया जा रहा है कि पूछताछ के दौरान किसी बात को लेकर चौकी प्रभारी का गुस्सा भड़क गया और उन्होंने महिला के देवर को चप्पल से मारना शुरू कर दिया। इसी दौरान वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद मामला चर्चा का विषय बन गया। वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि दरोगा युवक को चप्पल से मारते नजर आ रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों की ओर से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी लोग इस घटना को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। मामले की जानकारी होने पर पुलिस अधिकारियों ने भी इसे गंभीरता से लिया है। 


एसपी सिटी मधुबन कुमार सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जो गंभीरपुर थाना क्षेत्र की गोसाई की बाजार चौकी का बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वीडियो को संज्ञान में लेकर मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस विभाग पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है। वहीं वीडियो वायरल होने के बाद क्षेत्र में यह घटना चर्चा का केंद्र बनी हुई है।

Tuesday, 19 May 2026

आजमगढ़ गंभीरपुर युवक को पीट-पीटकर उतारा मौत के घाट 2 पक्षों में कहासुनी के बाद हुई घटना, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप


 आजमगढ़ गंभीरपुर युवक को पीट-पीटकर उतारा मौत के घाट



2 पक्षों में कहासुनी के बाद हुई घटना, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के गंभीरपुर थाना क्षेत्र के बिंद्रा बाजार में मामूली कहासुनी ने उस समय हिंसक रूप ले लिया, जब दो परिवारों के बीच हुआ विवाद मारपीट तक पहुंच गया। घटना में सूरज हलवाई नामक व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने दूसरे पक्ष पर पीट-पीटकर हत्या करने का आरोप लगाया है। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जानकारी के अनुसार, सूरज हलवाई का दूसरे पक्ष के लोगों से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। देखते ही देखते कहासुनी बढ़ गई और मामला मारपीट में बदल गया। आरोप है कि दूसरे पक्ष के लोगों ने सूरज हलवाई की बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई।


घटना की सूचना मिलते ही गंभीरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। क्षेत्र में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। वहीं सूचना पर अपर पुलिस अधीक्षक नगर मधुबन कुमार सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Monday, 18 May 2026

आजमगढ़ कोतवाली चाकू से जानलेवा हमला करने वाला अभियुक्त गिरफ्तार कोतवाली पुलिस की त्वरित कार्रवाई, वारदात में प्रयुक्त चाकू बरामद


 आजमगढ़ कोतवाली चाकू से जानलेवा हमला करने वाला अभियुक्त गिरफ्तार


कोतवाली पुलिस की त्वरित कार्रवाई, वारदात में प्रयुक्त चाकू बरामद

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में कोतवाली थाना क्षेत्र में युवक पर चाकू से जानलेवा हमला करने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने अभियुक्त की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर लिया है। गिरफ्तार अभियुक्त को न्यायालय भेज दिया गया है।

 जानकारी के अनुसार उकरौड़ा निवासी नागेन्द्र यादव ने कोतवाली थाने में तहरीर देकर बताया कि उनके बड़े भाई रविन्द्र यादव 17 मई 2026 को बंशी बाजार सामान लेने गए थे। इसी दौरान गांव के ही संदीप उर्फ बउवा यादव ने शराब के नशे में गाली-गलौज करते हुए उन पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में रविन्द्र यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें पहले जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर रेफर कर दिया गया। तहरीर के आधार पर कोतवाली थाना में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। विवेचना के दौरान सोमवार को उपनिरीक्षक मिथिलेश कुमार प्रजापति व पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर अभियुक्त संदीप यादव उर्फ बउआ निवासी तलिया उकरौड़ा को देशी शराब ठेके के पास से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में अभियुक्त ने घटना को स्वीकार किया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर लिया। पुलिस के अनुसार अभियुक्त के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।

आजमगढ़ ई-रिक्शा से कार्यालय पहुंचे डीएम रविन्द्र कुमार प्रधानमंत्री के आह्वान के समर्थन में उठाया कदम, सरकारी नियमों के तहत हायर किया गया ई-रिक्शा


 आजमगढ़ ई-रिक्शा से कार्यालय पहुंचे डीएम रविन्द्र कुमार


प्रधानमंत्री के आह्वान के समर्थन में उठाया कदम, सरकारी नियमों के तहत हायर किया गया ई-रिक्शा



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री के आह्वान के समर्थन में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने सोमवार से ई-रिक्शा से कार्यालय जाना शुरू कर दिया है। 


जानकारी के अनुसार जिलाधिकारी ने 18 मई 2026 से नियमित रूप से ई-रिक्शा का उपयोग कर कार्यालय आने-जाने की पहल की है। प्रशासन की ओर से बताया गया कि ई-रिक्शा को शासन के वित्तीय नियमों का अनुपालन करते हुए विधिवत हायर किया गया है। जिलाधिकारी की इस पहल को पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और आमजन में वैकल्पिक एवं स्वच्छ परिवहन के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच भी इस पहल की चर्चा रही।

Sunday, 17 May 2026

आजमगढ़ बरदह किसानों के उर्वरक धनराशि गबन मामले में वांछित समिति प्रभारी गिरफ्तार ₹3.46 लाख की सरकारी राशि हड़पने का आरोप, पहले भी दर्ज हैं कई मुकदमे


 आजमगढ़ बरदह किसानों के उर्वरक धनराशि गबन मामले में वांछित समिति प्रभारी गिरफ्तार



₹3.46 लाख की सरकारी राशि हड़पने का आरोप, पहले भी दर्ज हैं कई मुकदमे


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के बरदह थाना क्षेत्र में किसानों के लिए आवंटित शासकीय उर्वरक धनराशि के गबन के मामले में पुलिस ने वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर क्षेत्रीय किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए दी गई सरकारी सहायता राशि में से लाखों रुपये हड़पने का आरोप है। पुलिस ने अभियुक्त को बेला खास मोड़ से गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।


 पुलिस के अनुसार, सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता) द्वारा 29 दिसंबर 2025 को थाना बरदह में लिखित तहरीर दी गई थी। तहरीर में आरोप लगाया गया कि बी-पैक्स बौआपार समिति के प्रभारी खरपत्तू चौहान ने किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराने हेतु आवंटित ₹5 लाख की शासकीय सहायता राशि में से उर्वरक बिक्री के ₹3,46,009 समिति में जमा नहीं किए और सरकारी धन का गबन कर लिया। मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना बरदह में मु0अ0सं0 411/2025 धारा 316(5) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।


 विवेचना के दौरान आरोपी की तलाश की जा रही थी। इसी क्रम में जनपद में अपराध एवं भ्रष्टाचार नियंत्रण अभियान के तहत शनिवार 17 मई 2026 को उपनिरीक्षक राजेन्द्र प्रसाद पटेल अपनी पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान पुलिस ने वांछित अभियुक्त खरपत्तू चौहान पुत्र मुनेश्वर चौहान निवासी उत्तरगावा थाना गंभीरपुर जनपद आजमगढ़ को बेला खास मोड़ से सुबह करीब 5:50 बजे गिरफ्तार कर लिया।


 पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ पहले से भी कई मामले दर्ज हैं। उसके विरुद्ध वर्ष 2020 में थाना बरदह में धारा 409 भादवि के तहत आपराधिक विश्वासघात का मुकदमा दर्ज हो चुका है। इसके अलावा विद्युत अधिनियम के तहत भी मामला पंजीकृत है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक राजेन्द्र प्रसाद पटेल, हेड कांस्टेबल पवन यादव तथा कांस्टेबल विनोद यादव शामिल रहे।

आजमगढ़ फूलपुर अवैध खनन का खेल तेज जेसीबी से हो रही मिट्टी की खुदाई, नदी किनारों से बलुई मिट्टी निकालकर भट्ठों तक पहुंचाने का आरोप


 आजमगढ़ फूलपुर अवैध खनन का खेल तेज


जेसीबी से हो रही मिट्टी की खुदाई, नदी किनारों से बलुई मिट्टी निकालकर भट्ठों तक पहुंचाने का आरोप



उत्तर प्रदेश आजमगढ़ फूलपुर, स्थानीय तहसील क्षेत्र में कथित रूप से खनन विभाग की मिलीभगत से अवैध खनन का कारोबार तेजी से फैलता जा रहा है। गांव-गांव जेसीबी मशीनों से मिट्टी की खुदाई कर डंपरों के माध्यम से उसकी बिक्री किए जाने का आरोप है, जबकि तहसील प्रशासन पर मूकदर्शक बने रहने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि ईंट उद्योग में प्रयोग होने वाली पीली बलुई मिट्टी नदी किनारों से बड़े पैमाने पर ट्रैक्टर-ट्राली और डंपरों के जरिए निकालकर ईंट भट्ठों तक पहुंचाई जा रही है। खनन माफियाओं की सक्रियता इस कदर बढ़ गई है कि भट्ठों के नाम पर खनन की अनुमति लेकर मिट्टी को 2500 से 3500 रुपये तक में बेचा जा रहा है। तहसील क्षेत्र के भेड़िया, पल्थी, खानजहांपुर, पलिया, कटार, चकिया, हरैया, शतुवहिया, लोनियाडीह, सरैया, पाकड़पुर, बरामदपुर, नाहरपुर, शमसाबाद, महुवारा, अंजान, बूढ़ापुर, बदल और भड़रिया समेत कई गांवों व सीमावर्ती इलाकों में नदी-नालों के किनारे अवैध खुदाई का कार्य धड़ल्ले से जारी होने की बात कही जा रही है। इससे सरकार को प्रतिदिन लाखों रुपये के राजस्व नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।


 सूत्रों के अनुसार, शिकायत मिलने पर राजस्व विभाग की टीम कार्रवाई करती है, लेकिन कथित रूप से राजनीतिक संरक्षण और उच्चाधिकारियों के दबाव के चलते कई मामलों में कार्रवाई प्रभावित हो जाती है। खनन माफियाओं के बीच प्रतिस्पर्धा इतनी बढ़ गई है कि वे एक-दूसरे की गतिविधियों की सूचना भी अधिकारियों को लगातार दे रहे हैं। 


हालांकि, वर्तमान में तैनात उपजिलाधिकारी द्वारा अवैध खनन के खिलाफ की जा रही कार्रवाई से खनन कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति बताई जा रही है। इस संबंध में उपजिलाधिकारी फूलपुर ने कहा कि बिना अनुमति खनन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस उद्देश्य के लिए खनन की अनुमति दी गई है, उसी कार्य में उसका उपयोग होना चाहिए। अन्यत्र मिट्टी गिराते या परिवहन करते पाए जाने पर संबंधित धाराओं में वाहन सीज किए जाएंगे।

आजमगढ़ जीयनपुर, तहसील कर्मचारी, सफाई कर्मचारी सहित 3 गिरफ्तार बीएलओ, सुपरवाइजर व अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर से मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने का आरोप डीपीआरओ ने सफाई कर्मचारी को किया निलम्बित, ग्राम प्रधान समेत अन्य आरोपी फरार


 आजमगढ़ जीयनपुर, तहसील कर्मचारी, सफाई कर्मचारी सहित 3 गिरफ्तार


बीएलओ, सुपरवाइजर व अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर से मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने का आरोप


डीपीआरओ ने सफाई कर्मचारी को किया निलम्बित, ग्राम प्रधान समेत अन्य आरोपी फरार



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में पंचायत चुनाव की मतदाता सूची में फर्जीवाड़ा कर निर्वाचन प्रक्रिया को प्रभावित करने के मामले में जीयनपुर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया। मामले में बीएलओ, सुपरवाइजर तथा अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर कर मतदाता सूची में अवैध रूप से नाम जोड़ने और हटाने का खुलासा हुआ है। जीयनपुर पुलिस ने इस प्रकरण में पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 220/2026 अंतर्गत धारा 3(5),319(2),318(4),338,336(3),340(2),316(5), दर्ज किया है, जिसमें ग्राम प्रधान समेत अन्य आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार तहसील सगड़ी में तैनात राजस्व निरीक्षक ने 16 मई 2026 को थाना जीयनपुर में लिखित तहरीर देकर बताया कि त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन से संबंधित पाण्डुलिपियों की जांच के दौरान विकास खंड अजमतगढ़ से जमा अभिलेखों में फर्जी हस्ताक्षरयुक्त पाण्डुलिपि पाई गई। जांच में सामने आया कि कुछ लोगों ने मिलीभगत कर बीएलओ, सुपरवाइजर और अधिकारियों के हस्ताक्षर फर्जी तरीके से बनाकर मतदाता सूची में नाम परिवर्धन और विलोपन किया। इससे निर्वाचन प्रक्रिया प्रभावित होने के साथ ही शासकीय कार्य में भी क्षति पहुंची। तहरीर के आधार पर थाना जीयनपुर में मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक दलप्रताप सिंह द्वारा की जा रही है। 


जीयनपुर पुलिस ने शनिवार को मामले से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में अक्षय कुमार, संतोष कुमार भाष्कर तथा नदीम अहमद शामिल हैं। पुलिस ने इन्हें बागखालिस नहर पुलिया के पास से सुबह करीब 10:05 बजे गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी अक्षय कुमार तहसील कर्मचारी है, जबकि संतोष कुमार भाष्कर सफाई कर्मचारी है। संतोष भाष्कर को इसी मामले में 16 मई को डीपीआरओ द्वारा निलंबित भी किया जा चुका है।


 पुलिस ने बताया कि इस मामले में संतोष भाष्कर, ग्राम प्रधान मो. अजीम, प्रधान सहयोगी नदीम, झीनक तथा अक्षय कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। ग्राम प्रधान समेत अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक दलप्रताप सिंह, कांस्टेबल बुटाई शाह, कांस्टेबल सत्यम सिंह, रिक्रूट कांस्टेबल कर्णजीत विश्वकर्मा तथा महिला रिक्रूट कांस्टेबल संजना राय शामिल रहीं। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।

Saturday, 16 May 2026

आजमगढ़ दीदारगंज बीए छात्रा व युवा पत्रकार की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत 3 भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर थी मृतका, गांव में शोक


 आजमगढ़ दीदारगंज बीए छात्रा व युवा पत्रकार की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत


3 भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर थी मृतका, गांव में शोक



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के दीदारगंज थाना क्षेत्र के रम्मोपुर  गांव में शुक्रवार रात 20 वर्षीय युवती ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। युवती पढ़ाई के साथ-साथ पत्रकारिता के क्षेत्र में भी सक्रिय थी। पोस्टमार्टम के बाद शनिवार को परिवार ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।


 जानकारी के अनुसार रमौपुर गांव निवासी साक्षी कन्नौजिया पुत्री सुरेश कन्नौजिया बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। वह 14 मई 2026 को परीक्षा देकर घर लौटी थी। परिजनों के मुताबिक साक्षी तीन भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर थी। बड़ी बहन स्वेता और छोटे भाई अजीत का रो-रोकर बुरा हाल है। मां सुमित्रा देवी सहित पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है।


 परिजनों ने बताया कि साक्षी  को पेट दर्द की शिकायत थी, जिसके बाद उसे दवा दिलाई गई थी। रात में वह अपने कमरे में सोने चली गई। शनिवार सुबह काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुलने पर परिजनों को चिंता हुई। काफी आवाज देने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर खिड़की तोड़कर अंदर से बंद दरवाजा खोला गया। कमरे के अंदर साक्षी का शव दुपट्टे के फंदे से लटका मिला। साक्षी की बड़ी बहन स्वेता ने बताया कि वह पढ़ाई के साथ मीडिया में भी काम करती थी और सामान्य रूप से व्यवहार कर रही थी। घटना से पूरा परिवार स्तब्ध है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी दीदारगंज जयप्रकाश ने बताया कि आत्महत्या के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है। पोस्टमार्टम कराया गया है और मामले की जांच की जा रही है।

आजमगढ़ बरदह दूसरे की जमीन पर पास हुआ 2 लाख का लोन यूपी ग्रामीण बैंक बरदह शाखा पर फजीवार्ड़े का आरोप, पीड़ित ने बैंक प्रबंधन को दिया शिकायती पत्र


 आजमगढ़ बरदह दूसरे की जमीन पर पास हुआ 2 लाख का लोन



यूपी ग्रामीण बैंक बरदह शाखा पर फजीवार्ड़े का आरोप, पीड़ित ने बैंक प्रबंधन को दिया शिकायती पत्र


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के बरदह क्षेत्र स्थित उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक शाखा में कथित फजीवार्ड़े का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक व्यक्ति की जमीन के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर दूसरे व्यक्ति के नाम पर दो लाख रुपये का ऋण स्वीकृत करा लिया गया। मामले की जानकारी होने पर पीड़ित ने बैंक प्रबंधन को प्रार्थना पत्र देकर जांच और कार्रवाई की मांग की है। बरदह थाना क्षेत्र निवासी विवेक तिवारी ने बैंक प्रबंधन को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि उनकी भूमि की नकल का गलत इस्तेमाल कर फर्जी तरीके से दो लाख रुपये का लोन पास कराया गया। उन्होंने बताया कि जब वह अपनी जमीन की नकल निकलवाने गए, तब उन्हें इस गड़बड़ी की जानकारी हुई। जांच में पता चला कि उनकी जमीन के गाटा संख्या पर ऋण दर्ज दिखाया जा रहा है। 


पीड़ित का आरोप है कि बरदह गांव निवासी एक व्यक्ति ने उनकी जमीन के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर यह ऋण पास कराया है। उन्होंने मांग की है कि जिस व्यक्ति ने ऋण लिया है, उसी की जमीन पर उसे दर्ज किया जाए और उनकी भूमि से तत्काल हटाया जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो वह कानूनी कार्रवाई करेंगे। विवेक तिवारी ने यह भी आरोप लगाया कि बिना उनकी जानकारी के खाते में दूसरे व्यक्ति का नाम जोड़कर लेन-देन किया गया। उधर, उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक बरदह शाखा के प्रबंधक सुरेंद्र सिंह ने बताया कि शिकायत पत्र प्राप्त हो गया है। उन्होंने कहा कि संबंधित ऋण उनके कार्यकाल में स्वीकृत नहीं हुआ था, बल्कि यह मामला पूर्व शाखा प्रबंधक के समय का है। इसके बावजूद पूरे प्रकरण की जांच कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी।

Wednesday, 13 May 2026

आजमगढ़ जिला समाज कल्याण अधिकारी गिरफ्तार 51 लाख रुपये से अधिक के वेतन घोटाले में भेजे गए जेल शासन की रोक के बावजूद 10 अवैध शिक्षकों को जारी किया गया था वेतन


 आजमगढ़ जिला समाज कल्याण अधिकारी गिरफ्तार


51 लाख रुपये से अधिक के वेतन घोटाले में भेजे गए जेल


शासन की रोक के बावजूद 10 अवैध शिक्षकों को जारी किया गया था वेतन



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में समाज कल्याण विभाग से जुड़े करोड़ों के सरकारी धन के दुरुपयोग के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश चौधरी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उन पर शासन द्वारा वेतन भुगतान पर रोक लगाए जाने के बावजूद 10 शिक्षकों को वेतन जारी करने का आरोप है। यह कार्रवाई नगर कोतवाली में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर की गई।


 बताया जा रहा है कि डीडी समाज कल्याण आर.के. चौरसिया की ओर से जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश चौधरी और पटल सहायक सत्येंद्र बहादुर सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता अरुण कुमार सिंह ने 20 फरवरी को दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया था कि दोनों अधिकारियों ने शासनादेश की अनदेखी करते हुए अवैध रूप से नियुक्त सहायक अध्यापकों को वेतन जारी कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मंडलायुक्त के निर्देश पर जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की थी। समिति में जिला विकास अधिकारी और मुख्य कोषाधिकारी को भी शामिल किया गया। जांच के दौरान संबंधित अधिकारियों, शिकायतकर्ता और अभिलेखों का परीक्षण किया गया। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि कुछ सहायक अध्यापकों की नियुक्तियां अवैध थीं और शासन ने उनके वेतन भुगतान पर रोक लगा दी थी। इसके बावजूद करीब 51.46 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया। जांच में कुल 10 शिक्षकों को अनियमित रूप से वेतन जारी किए जाने की पुष्टि हुई। 


डीएम ने जांच रिपोर्ट शासन को भेजते हुए कार्रवाई की संस्तुति की थी। इसके बाद 8 मई 2026 को नगर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई। बुधवार सुबह पुलिस ने जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश चौधरी को कुंवर सिंह उद्यान के पास से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें रिमांड पर जेल भेज दिया गया। एसपी सिटी मधुबन कुमार सिंह ने बताया कि शासन की रोक के बावजूद 10 अवैध शिक्षकों को वेतन जारी करने के मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी। उसी क्रम में बुधवार को जिला समाज कल्याण अधिकारी को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

Tuesday, 12 May 2026

आजमगढ़ तहबरपुर 25 किलो गांजा के साथ तस्कर को दबोचा आटो में छिपाकर उड़ीसा से गोरखपुर ले जा रहा था गांजा, फुटकर बिक्री की बात कबूली


 आजमगढ़ तहबरपुर 25 किलो गांजा के साथ तस्कर को दबोचा



आटो में छिपाकर उड़ीसा से गोरखपुर ले जा रहा था गांजा, फुटकर बिक्री की बात कबूली



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के थाना तहबरपुर पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 25 किलो 100 ग्राम गांजा के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है।


 पुलिस ने आरोपी को आटो सहित पकड़कर उसके कब्जे से 12 पैकेटों में भरा गांजा बरामद किया। पुलिस के अनुसार, 11 मई 2026 को उपनिरीक्षक लोकेश मणि त्रिपाठी अपनी टीम के साथ किशुनदासपुर अंडरपास के पास बैंक चेकिंग और संदिग्ध व्यक्ति एवं वाहन चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि निजामाबाद की तरफ से आ रहे एक आटो में अवैध सामान हो सकता है। सूचना पर पुलिस टीम ने सरदहां चौहान बस्ती मोड़ के पास घेराबंदी की। पुलिस को देखकर आटो चालक भागने का प्रयास करने लगा, लेकिन टीम ने तत्परता दिखाते हुए उसे पकड़ लिया।


 पूछताछ में उसने अपना नाम धीरज साव पुत्र रामप्रताप साव निवासी शाहपुर थाना बेलघाट जनपद गोरखपुर हाल पता गांधी रोड राउरकेला, उड़ीसा बताया। क्षेत्राधिकारी सगड़ी/बूढ़नपुर अनिल कुमार वर्मा की मौजूदगी में तलाशी लेने पर आटो से 12 पैकेटों में 25 किलो 100 ग्राम गांजा बरामद हुआ। इसके अलावा आरोपी के पास से एक कीपैड मोबाइल फोन और 700 रुपये नकद भी मिले। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह उड़ीसा से गांजा खरीदकर गोरखपुर में फुटकर बिक्री करता था और इसी से परिवार का खर्च चलाता था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना तहबरपुर में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय भेज दिया है।

आजमगढ़ थाना कोतवाली फरार अभियुक्ता के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर उद्घोषणा, घर पर चस्पा किया नोटिस जमीन के नाम पर 33.30 लाख की धोखाधड़ी के मामले में वांछित चल रही अभियुक्ता पर पुलिस ने की कार्रवाई


 आजमगढ़ थाना कोतवाली फरार अभियुक्ता के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर उद्घोषणा, घर पर चस्पा किया नोटिस


जमीन के नाम पर 33.30 लाख की धोखाधड़ी के मामले में वांछित चल रही अभियुक्ता पर पुलिस ने की कार्रवाई



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के थाना कोतवाली पुलिस ने जमीन के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रही अभियुक्ता के खिलाफ न्यायालय के आदेश पर उद्घोषणा की कार्रवाई की है। पुलिस ने अभियुक्ता के घर पर नोटिस चस्पा कर डुगडुगी बजवाते हुए नियमानुसार कार्रवाई पूरी की। 


पुलिस के अनुसार थाना कोतवाली में दर्ज मुकदमा संख्या 92/26 में धारा 319(2), 318(4), 336(3), 338, 340(2), 61(2), 352, 351(3), 111(7) बीएनएस के तहत वांछित अभियुक्ता नीलम पत्नी विनोद कुमार निवासी कोडर अजमतपुर थाना कोतवाली आजमगढ़ की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही थी। इसके बावजूद वह पुलिस की पकड़ से बाहर रही और न्यायालय में आत्मसमर्पण भी नहीं किया। इसी क्रम में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, आजमगढ़ के 11 मई 2026 के आदेश के अनुपालन में उद्घोषणा की कार्रवाई की गई। 


पुलिस टीम ने अभियुक्ता के घर के मुख्य द्वार पर नोटिस चस्पा किया तथा गवाहों की मौजूदगी में डुगडुगी बजवाकर कार्रवाई संपन्न कराई। मामले में आरोप है कि नीलम तथा उसके सहअभियुक्त कृष्णचंद राय व अन्य लोगों ने मिलकर पीड़ित रूद्रांश राय निवासी मधुबन, कंधरापुर को जमीन बेचने के नाम पर फर्जी दस्तावेज दिखाकर 33 लाख 30 हजार रुपये की धोखाधड़ी की थी। इस संबंध में 8 मार्च 2026 को मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस के अनुसार अभियुक्ता के खिलाफ पूर्व में भी थाना सिधारी में धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज है। फरार और आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त अभियुक्तों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।