Thursday, 8 January 2026

उत्तर प्रदेश ...तो टल सकता है यूपी में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव बाधा बन सकता है यह कारण, पंचायतीराज मंत्री का दावा


 उत्तर प्रदेश ...तो टल सकता है यूपी में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव



बाधा बन सकता है यह कारण, पंचायतीराज मंत्री का दावा


लखनऊ, उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव समय पर होंगे या टलेंगे, इसे लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। इसकी मुख्य वजह अब तक राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन न होना है। आयोग के अभाव में पंचायतों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षण की प्रक्रिया तय नहीं हो पा रही है। पंचायतीराज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने एक बार फिर दावा किया है कि प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव अपने निर्धारित समय अप्रैल-मई में ही कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पंचायतीराज विभाग की ओर से छह सदस्यीय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है, हालांकि अभी तक इस पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।


 जनगणना 2011 के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अनुसूचित जाति की आबादी 20.6982 प्रतिशत और अनुसूचित जनजाति की आबादी 0.5677 प्रतिशत है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में इन वर्गों के लिए इसी अनुपात में सीटें आरक्षित की जाएंगी। वहीं ओबीसी वर्ग का प्रतिशत जनगणना में शामिल नहीं था। रैपिड सर्वे 2015 के अनुसार प्रदेश की ग्रामीण आबादी में ओबीसी की हिस्सेदारी 53.33 प्रतिशत बताई गई थी, जिसके आधार पर वर्ष 2021 के पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण तय किया गया था। नियमों के अनुसार किसी भी ब्लॉक में ओबीसी की जनसंख्या 27 प्रतिशत से अधिक होने पर भी ग्राम प्रधान के पद 27 प्रतिशत से ज्यादा आरक्षित नहीं किए जा सकते। यदि किसी क्षेत्र में यह प्रतिशत 27 से कम है, तो उसी अनुपात में आरक्षण लागू होगा।


 प्रदेश स्तर पर त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण अनिवार्य है। नगर निकाय चुनावों के दौरान ओबीसी आबादी के आंकड़ों को लेकर हुए विवाद के बाद सरकार ने नगर निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन कर रिपोर्ट तैयार करवाई थी। पंचायत चुनाव में भी इसी तरह की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसके तहत राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग विभिन्न जिलों में जाकर ओबीसी आबादी का सर्वे करेगा और रिपोर्ट सौंपेगा, जिसके बाद ही आरक्षण की प्रक्रिया शुरू होगी। पंचायतीराज मंत्री ने कहा कि आयोग गठन में हो रही देरी को लेकर वे शीघ्र ही मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे। उनका दावा है कि आयोग के गठन के दो माह के भीतर रिपोर्ट सौंप दी जाएगी, जिससे चुनावी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकेगा।

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