Thursday, 11 September 2025

आजमगढ़ पुलिस बनी मुख दर्शक पीड़ित पहुंचा मीडिया दरबार


 आजमगढ़ पुलिस बनी मुख दर्शक पीड़ित पहुंचा मीडिया दरबार 


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के सरायमीर थाना क्षेत्र के सुरही बुजुर्ग गांव निवासी बलवंत चौहान पुत्र तिलकधारी चौहान ने मीडिया कार्यालय पर पहुंच कर आरोप लगाया की उनके भाई जसवंत चौहान व उनके छोटे भाई की पत्नी सुसिता चौहान उर्फ नीलम चौहान ने जमीनी विवाद को लेकर आय दिन मार पीट करते रहते है।


ताजा वाक्या दिनांक 11/09/2025 को समय लगभग रात 08 बजे की है जिसमें उक्त लोग तिलकधारी चौहान के पुत्र बलवंत चौहान को आय दिन फंसाने की नीयत से फर्जी तरीके से मनगढ़ंत कहानी रच कर पीड़ित व पीड़ित के परिवार को फंसाने की साजिश करते रहते है। एवं आज उक्त लोग पीड़ित व पीड़ित के परिवार के साथ मार पीट किये है। उक्त घटना की सूचना मीडिया कार्यालय द्वारा उच्च अधिकारियों को दिया गया लेकिन उक्त लोग घटना की सूचना के बावजूद किसी अपिर्य घटना के एन्तेजार में पड़े रहे थे। जिससे समाज में उक्त लोगो के प्रति चर्चा का विषय बना हुआ है। खबर लिखे जाने तक पुलिस सेवा मौके पर नहीं पहुंची थी।

अलीगढ़ मंदिर में युवतियों के अश्लील डांस, खूब लुटाए रुपए, महिलाएं शर्मसार सांस्कृतिक कार्यक्रम के नाम पर अश्लील डांस की प्रस्तुति, वीडियो वायरल

अलीगढ़ मंदिर में युवतियों के अश्लील डांस, खूब लुटाए रुपए, महिलाएं शर्मसार



सांस्कृतिक कार्यक्रम के नाम पर अश्लील डांस की प्रस्तुति, वीडियो वायरल


 उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ स्थित प्राचीन खेरेश्वर धाम में 10 दिवसीय देवछठ मेले का समापन सांस्कृतिक कार्यक्रम के नाम पर अश्लील डांस के साथ विवादों में घिर गया। 29 अगस्त 2025 से शुरू हुआ यह मेला 7 सितंबर 2025 को कंस पुतला दहन के साथ संपन्न हुआ, लेकिन समापन के सांस्कृतिक कार्यक्रम में रागिनी की जगह डांसरों ने फिल्मी और हरियाणवी गीतों पर अश्लील नृत्य प्रस्तुत किया। इस दौरान मंच पर बार बालाओं की तर्ज पर नोट लुटाए गए, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं और लोग इसकी कड़ी निंदा कर रहे हैं।


कार्यक्रम की शुरुआत सादगी से हुई, लेकिन जल्द ही चार डांसरों ने "छत पर सोया था बहनोई" और "इक परदेशी मेरा दिल ले गया" जैसे गीतों पर नृत्य शुरू कर दिया। डांस में अश्लीलता की सारी हदें पार हो गईं, जिसे देखकर मौजूद महिलाएं और युवतियां शर्मिंदगी के चलते वहां से चली गईं। इसके बावजूद, कुछ युवा और बुजुर्ग दर्शक डांस की तारीफ करते हुए मोबाइल से वीडियो बनाते रहे। वायरल वीडियो में एक शख्स डांसर के साथ मंच पर नाचता दिखा, जबकि कुछ लोगों ने डांसरों के होठों पर नोट लगाए और पैसे लुटाए।


मंदिर कमेटी के कोषाध्यक्ष देवेंद्र सिंह चौहान ने सफाई देते हुए कहा कि कार्यक्रम में रागिनी प्रस्तुति की योजना थी, लेकिन दर्शकों के हंगामे के बाद डांसरों ने अश्लील डांस किया। कमेटी ने तत्काल कार्यक्रम बंद कराया और एसपी सिटी से मिलकर भविष्य में ऐसे आयोजनों से बचने का वादा किया। सूचना मिलने पर पुलिस ने देर रात कार्यक्रम रुकवाया, लेकिन तब तक अश्लील डांस के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके थे।


एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक ने मंदिर कमेटी को तलब कर आयोजकों से पूछताछ की। कमेटी ने कार्यक्रम से पल्ला झाड़ते हुए अनभिज्ञता जताई। इस घटना ने खेरेश्वर धाम जैसे पवित्र स्थल पर अश्लीलता को लेकर लोगों में नाराजगी पैदा कर दी है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद इसकी आलोचना तेज हो गई है।

 

आजमगढ़ सिधारी सब इंस्पेक्टर ने पूनम पाण्डेय के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा फर्जी फोटो के जरिए शिकायत में धोखाधड़ी का आरोप, पुलिस ने शुरू की जांच


 आजमगढ़ सिधारी सब इंस्पेक्टर ने पूनम पाण्डेय के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा




फर्जी फोटो के जरिए शिकायत में धोखाधड़ी का आरोप, पुलिस ने शुरू की जांच




उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के जनशिकायत प्रकोष्ठ में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें आवेदिका पूनम पाण्डेय पर फर्जी फोटो के जरिए अनुचित लाभ लेने के लिए शिकायत दर्ज करने का आरोप लगा है। 


जनशिकायत प्रकोष्ठ के प्रभारी आदित्य सिंह, सब-इंस्पेक्टर, ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि पूनम पाण्डेय, पत्नी राम जी पाण्डेय, निवासी ग्राम भागमलपुर, पोस्ट शाहगढ़, ने 27 अगस्त 2025 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की जनसुनवाई में एक प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। इस प्रार्थना पत्र में पूनम ने अपने ही गांव के कैलाश प्रजापति, धर्मेंद्र, और सुधीर पाण्डेय पर घर में जबरदस्ती घुसकर छेड़खानी और अन्य गंभीर आरोप लगाए थे। शिकायत के साथ उन्होंने अपने शरीर पर चोट के निशान दिखाने वाली एक फोटोग्राफ भी संलग्न की थी।



हालांकि, जांच के दौरान जनशिकायत प्रकोष्ठ ने पाया कि पूनम द्वारा संलग्न फोटो, रानी देवी (पत्नी उपेंद्रनाथ चौहान) द्वारा 11 अगस्त 2025 को दाखिल एक अन्य प्रार्थना पत्र में दी गई फोटो से मिलती-जुलती है। जिससे प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि पूनम ने किसी अन्य की फोटो को अनुचित तरीके से प्राप्त कर उसमें छेड़छाड़ की और अपने प्रार्थना पत्र में गलत उद्देश्य से उपयोग किया। इस मामले में प्रभारी निरीक्षक ने 10 सितंबर 2025 को अभियोग पंजीकृत करने का आदेश दिया है। पूनम पांडेय के खिलाफ सिधारी थाना पुलिस ने दिनांक 11/09/2025 को मुकदमा अपराध संख्या 426/2025 अंतर्गत धारा 217, 318 (4) BNS के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। और प्रकरण की जांच कर रही है।

आजमगढ़/प्रतापगढ़ समाज कल्याण अधिकारी का फंदे से लटका मिला शव घटना से पूर्व पत्नी से फोन पर हुआ था विवाद


 आजमगढ़/प्रतापगढ़ समाज कल्याण अधिकारी का फंदे से लटका मिला शव




घटना से पूर्व पत्नी से फोन पर हुआ था विवाद



उत्तर प्रदेश, आजमगढ़/प्रतापगढ़ जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र के पूरे केशवराय गांव में आजमगढ़ जिले में तैनात जिला समाज कल्याण अधिकारी आशीष सिंह (40) ने गुरुवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आशीष की पत्नी क्षमता वर्तमान में सुल्तानपुर जिले में अपने मायके में हैं। बताया जा रहा है कि पति-पत्नी के बीच फोन पर किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद आशीष ने यह आत्मघाती कदम उठाया।


जानकारी के मुताबिक, आशीष सिंह पिछले शनिवार को आजमगढ़ से अपने गांव आए थे और गुरुवार को ड्यूटी पर वापस जाने की तैयारी कर रहे थे। ग्राम प्रधान शिवाजीत सिंह ने बताया कि आशीष, गांव के राम बहादुर सिंह के पुत्र थे और आजमगढ़ में जिला समाज कल्याण अधिकारी के पद पर कार्यरत थे। उनके तीन वर्षीय एक बेटा भी है। गुरुवार को पत्नी के साथ फोन पर हुए विवाद के बाद आशीष ने घर में जाकर फांसी के फंदे से लटककर अपनी जान दे दी।


पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल सका है और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। इस दुखद घटना से गांव में शोक की लहर है।

आजमगढ़ सरायमीर संदिग्ध परिस्थितियों में शिक्षक की हुई मौत दवा लेकर पहुंची पत्नी तो कमरे में चुनरी के सहारे लटक रहा था शिक्षक का शव


 आजमगढ़ सरायमीर संदिग्ध परिस्थितियों में शिक्षक की हुई मौत



दवा लेकर पहुंची पत्नी तो कमरे में चुनरी के सहारे लटक रहा था शिक्षक का शव



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के सरायमीर थाना क्षेत्र के फरहामऊ रंगडीह गांव में बुधवार सुबह 37 वर्षीय शिक्षक अमित कुमार ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। अमित मूल रूप से दीदारगंज थाना क्षेत्र के नगर पंचायत मार्टीनगंज स्थित अटल नगर के निवासी थे और वर्तमान में जौनपुर जिले के खेतासराय थाना क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय भदैनी में शिक्षक के पद पर कार्यरत थे।



पुलिस सूत्रों के अनुसार, अमित पिछले कुछ दिनों से अपने ससुराल फरहामऊ रंगडीह गांव में रह रहे थे। घटना वाले दिन सुबह टहलने के बाद वह अपने कमरे में गए। उनकी पत्नी पूनम जब दवा लेकर कमरे में पहुंची तो देखा कि अमित रोशनदान से चुनरी के सहारे लटक रहे हैं। यह देखकर परिवार में कोहराम मच गया।


घटना की सूचना मिलते ही सरायमीर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अमित के ससुर त्रिभुवन ने बताया कि वह 8 सितंबर 2025 को ही ससुराल आए थे। इस अचानक हुई घटना से परिवार सदमे में है और गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।

Wednesday, 10 September 2025

आजमगढ़ लालगंज विदेश में हैं जमीन का मालिक, बैनामा करने पहुंच गये जालसाल सब-रजिस्ट्रार के सवालों पर हकीकत आई सामने, मौके से भागे आरोपी


 आजमगढ़ लालगंज विदेश में हैं जमीन का मालिक, बैनामा करने पहुंच गये जालसाल




सब-रजिस्ट्रार के सवालों पर हकीकत आई सामने, मौके से भागे आरोपी




उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के लालगंज तहसील परिसर में मंगलवार की शाम एक फर्जी बैनामा होने से सब-रजिस्ट्रार सुनील कुमार की सजगता के कारण बच गया। घटना की चर्चा बुधवार को तहसील परिसर में जोरों पर रही। 


जानकारी के अनुसार, तहसील क्षेत्र के सरावां गांव निवासी शिवकुमार, पुत्र रामनरायन, जो रोजी-रोटी के सिलसिले में विदेश में रहते हैं, की जमीन (आराजी नंबर 183, रकबा 1.0820 हेक्टेयर) के उनके आधे हिस्से को 12 लाख रुपये में बेचने का फर्जी दस्तावेज तैयार किया गया था। दस्तावेज में क्रेता के रूप में सुभाषा देवी, पत्नी ओमप्रकाश (भोजूबीर, वाराणसी) और रामबाबू पटेल, पुत्र मनोज (बनपुरवा, वाराणसी) का नाम था, जबकि गवाहों में छविनाथ, पुत्र मोनू और आकाश यादव, पुत्र राजन (कसड़ा, पतेरवा, राजातालाब, वाराणसी) शामिल थे। लेन-देन 12 लाख रुपये बैंक के माध्यम से दशार्या गया था। मंगलवार शाम को दस्तावेज पंजीकरण के लिए पेश किया गया, लेकिन सब-रजिस्ट्रार सुनील कुमार ने दस्तावेजों की बारीकी से जांच शुरू की। उन्होंने बिक्रेता से आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक पासबुक मांगी। जांच के दौरान पैन कार्ड पुराना निकला और उसमें मौजूद फोटो में बिक्रेता द्वारा पहनी गई शर्ट वही थी, जो कथित बिक्रेता ने उस समय पहन रखी थी। इस पर सब-रजिस्ट्रार ने शर्ट के बारे में सवाल किए, जिससे जालसाजों को शक हुआ और वे धीरे-धीरे बहाना बनाकर मौके से फरार हो गए। क्रेता के मौजूद न होने और समय की कमी के कारण बैनामा पंजीकृत नहीं हो सका।


 अधिवक्ता ने अगले दिन दस्तावेज पेश करने की बात कहकर दस्तावेज ले लिया। बाद में पता चला कि शिवकुमार विदेश में हैं और बैनामा पूरी तरह फर्जी था। इस घटना में शामिल सभी लोग और अधिवक्ता वाराणसी से आए थे।

आजमगढ़ सठियांव लाखों के गबन के आरोप में बीएमएम की सेवा समाप्त महिलाओं की शिकायत के बाद जांच में संदीप गुप्ता पाए गए दोषी


 आजमगढ़ सठियांव लाखों के गबन के आरोप में बीएमएम की सेवा समाप्त



महिलाओं की शिकायत के बाद जांच में संदीप गुप्ता पाए गए दोषी



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत सठियांव ब्लॉक में लाखों रुपये के गबन के मामले में ब्लॉक मिशन मैनेजर (बीएमएम) संदीप गुप्ता की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है। ग्राम पंचायत अवांव, केरमा और लोहरा की महिलाओं की शिकायत के बाद जांच में संदीप गुप्ता प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए।



राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, ग्राम्य विकास उप्र. के संयुक्त मिशन निदेशक जनमेजय शुक्ला ने आयुक्त आजमगढ़ मंडल के निर्देश पर गठित जांच समिति के निष्कर्षों के आधार पर यह कार्रवाई की। खंड विकास अधिकारी सठियांव और अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में हुई जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।


जांच में पाया गया कि बीएमएम संदीप गुप्ता ने महिला स्वयं सहायता समूहों से अवैध वसूली की, मानदेय वितरण में गड़बड़ी की और अभद्र व्यवहार किया। शिकायतकर्ता मोनू सिंह से बीमा के नाम पर 8,000 रुपये लिए गए, जिसका बीएमएम कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। प्रीति तिवारी ने पदाधिकारियों के मनमाने बदलाव और बैंक सखी सुगंता देवी को अनुचित लाभ पहुंचाने की शिकायत की, जो सही पाई गई।


प्रमिला देवी ने आरोप लगाया कि उनके समूह से 50,000 रुपये निकाले गए, जिसमें से 45,000 रुपये बीएमएम ने अपने पास रख लिए। प्रियंका कुमारी ने वीडियो साक्ष्य प्रस्तुत किया, जिसमें मानदेय से 9,000 रुपये बीएमएम को देने की पुष्टि हुई। सहायक विकास अधिकारी ने भी स्वीकार किया कि समूह की महिलाएं लगातार संदीप गुप्ता के खिलाफ शिकायत करती रही हैं।

जांच में यह भी सामने आया कि सुगंता देवी को बार-बार मानदेय दिलाया गया, जबकि अन्य बैंक सखियों का भुगतान रोका गया। जांच समिति ने बीएमएम द्वारा प्रस्तुत आख्या को मनगढ़ंत और तथ्यहीन करार दिया। इसके आधार पर संदीप गुप्ता को दोषी ठहराया गया और प्रकरण को आगे की कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है।