आजमगढ़ विश्वविद्यालय का लिपिक 50 हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथ धराया
सतर्कता टीम का जाल सफल, आलमारी से मिले 1.87 लाख रुपये; 3 लाख की मांग का आरोप
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार कार्यालय में कार्यरत संविदाकर्मी लिपिक को सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान संजय पुत्र रामवृक्ष के रूप में हुई है, जिसे 28 अप्रैल 2026 को 50 हजार रुपये लेते समय पकड़ा गया।
मामला उस समय सामने आया जब रौनापार क्षेत्र के निवासी सुरेंद्र सिंह ने शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप था कि उनके कॉलेज की स्थायी संबद्धता की अवधि एक वर्ष बढ़ाने के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर तीन लाख रुपये की मांग की गई थी। यह रकम लिपिक संजय के माध्यम से देने के लिए कहा गया था। शिकायत की पुष्टि के बाद सतर्कता अधिष्ठान, गोरखपुर की टीम ने योजना बनाकर कार्रवाई की। प्रशासनिक भवन स्थित रजिस्ट्रार कार्यालय के स्टाफ रूम में जाल बिछाया गया, जहां संजय को नकद 50 हजार रुपये लेते हुए मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद की गई तलाशी में आरोपी की आलमारी से 1,87,500 रुपये अतिरिक्त नकदी भी बरामद हुई, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। सतर्कता टीम ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि यदि किसी सरकारी कार्य के बदले रिश्वत मांगी जाए तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 9454401866 और 9454401870 पर शिकायत दर्ज कराएं।

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