आजमगढ़ कप्तानगंज पिता को गोली मारने की कहानी का पदार्फाश, बेटा ही निकला साजिशकर्ता
फर्जी फायरिंग कर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास, जलती लकड़ी से जलाया था पिता का पैर
मुख्य आरोपी गिरफ्तार, हिस्ट्रीशीटर सहयोगी फरार, आर्म्स एक्ट समेत कई धाराएं बढ़ीं
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के थाना कप्तानगंज क्षेत्र में पिता को गोली मारने की झूठी घटना का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि इस मामले का वादी ही पूरी साजिश का मास्टरमाइंड निकला। पुलिस के अनुसार, फर्जी फायरिंग कर और अपने पिता के पैर को जलती लकड़ी से जलाकर गोली लगने की कहानी गढ़ी गई, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके। पुलिस के मुताबिक 6 जनवरी 2026 को गुलशन उर्फ फौरेबी पुत्र लालमन कन्नौजिया निवासी ग्राम खालिसपुर ने थाना कप्तानगंज में तहरीर दी थी कि दो अज्ञात बाइक सवारों ने उसके पिता लालमन कन्नौजिया के पैर में गोली मार दी है। इस तहरीर पर थाना कप्तानगंज में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
विवेचना के दौरान तकनीकी और साक्ष्य आधारित जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह घटना पूरी तरह फर्जी थी। जांच में खुलासा हुआ कि गुलशन उर्फ फौरेबी ने अपने सहयोगी विजय सिंह उर्फ लल्लू (थाना अहरौला का हिस्ट्रीशीटर) के साथ मिलकर अपने घर के बाहर फायरिंग की थी। इसके बाद अपने पिता के पैर को जलती लकड़ी से जलाकर गोली लगने की अफवाह फैलाई और डायल 112 पर सूचना देकर झूठा अभियोग पंजीकृत कराया। पुलिस ने वादी द्वारा झूठा मुकदमा दर्ज कर प्रशासन को गुमराह करने के मामले में बीएनएस की कई धाराओं के साथ आर्म्स एक्ट की धाराएं बढ़ा दी हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन एवं क्षेत्राधिकारी बूढ़नपुर के मार्गदर्शन में थाना कप्तानगंज पुलिस ने आरोपी गुलशन उर्फ फौरेबी को 15 जनवरी 2026 को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से 12 बोर का तमंचा और एक कारतूस का खोखा भी बरामद किया गया है। इस प्रकरण में सहयोगी विजय सिंह उर्फ लल्लू फिलहाल फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की विधिक कार्रवाई प्रचलित है।

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