Saturday, 31 January 2026

आजमगढ़ जहानागंज सऊदी अरब में दिल का दौरा पड़ने से युवक की मौत रोजगार के लिए विदेश गए प्रवेश विश्वकर्मा की खाना खाते समय हुई आकस्मिक मृत्यु


 आजमगढ़ जहानागंज सऊदी अरब में दिल का दौरा पड़ने से युवक की मौत



रोजगार के लिए विदेश गए प्रवेश विश्वकर्मा की खाना खाते समय हुई आकस्मिक मृत्यु



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में जहानागंज विकासखंड अंतर्गत अमदही गांव निवासी प्रवेश विश्वकर्मा (32 वर्ष) पुत्र पुनवासी विश्वकर्मा की सऊदी अरब में आकस्मिक मौत हो जाने से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। राम प्रवेश रोजगार के सिलसिले में पिछले लगभग पांच माह से सऊदी अरब में रहकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। परिजनों को बीते शनिवार को फोन के माध्यम से सूचना मिली कि खाना खाते समय बातचीत के दौरान अचानक उन्हें दिल का दौरा पड़ा, जिससे मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई। यह खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।


 पुत्र की मौत की सूचना सुनकर पिता पुनवासी विश्वकर्मा गहरे सदमे में चले गए। शुक्रवार की रात सऊदी अरब से मृतक का शव उनके पैतृक गांव अमदही पहुंचा। शव के गांव पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल छा गया। गांव के हर वर्ग के लोग मृतक के घर पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाते रहे और श्रद्धांजलि अर्पित की। शनिवार को राजघाट पर प्रवेश विश्वकर्मा का अंतिम संस्कार पूरे विधि-विधान से किया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और क्षेत्र के गणमान्य लोग शामिल हुए। चिता को मुखाग्नि परिजनों द्वारा दी गई। मृतक अपने पीछे पत्नी, दो पुत्र और एक पुत्री को छोड़ गए हैं। पति की असामयिक मौत से पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठ जाने से पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार राम प्रवेश विश्वकर्मा एक मेहनती और मिलनसार व्यक्ति थे। विदेश में रहकर भी वे अपने परिवार और गांव से जुड़े रहते थे। उनकी अचानक हुई मौत को गांव के लोग अपूरणीय क्षति बता रहे हैं।

आजमगढ़ अहरौला अनियंत्रित कार की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत, परिवार में मचा कोहराम शुक्रवार रात हुआ दर्दनाक हादसा, मृतक संदीप प्रजापति एक पुत्र व एक पुत्री के थे पिता


 आजमगढ़ अहरौला अनियंत्रित कार की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत, परिवार में मचा कोहराम


शुक्रवार रात हुआ दर्दनाक हादसा, मृतक संदीप प्रजापति एक पुत्र व एक पुत्री के थे पिता



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के अहरौला थाना क्षेत्र के मेहदवारा मोड़ के पास शुक्रवार की रात लगभग सात बजे एक दर्दनाक सड़क हादसे में 29 वर्षीय बाइक सवार युवक की मौत हो गई। अहरौला थाना क्षेत्र के मेहदवारा मोड़ के पास एक अनियंत्रित कार ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी, जिससे बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे में घायल युवक की पहचान कप्तानगंज थाना क्षेत्र के भटौली गांव निवासी संदीप प्रजापति (29) पुत्र रामअवध प्रजापति के रूप में हुई है। 


बताया गया कि संदीप बाइक से अपने एक रिश्तेदार के घर जा रहे थे, तभी मेहदवारा मोड़ के पास तेज रफ्तार और अनियंत्रित कार ने उन्हें टक्कर मार दी। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों की सूचना पर 108 एंबुलेंस से संदीप को कोयलसा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। संदीप दो भाइयों में सबसे बड़े थे और अपने पीछे एक पुत्र और एक पुत्री को छोड़ गए हैं। उनकी मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। सूचना मिलने पर अहरौला पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस संबंध में थानाध्यक्ष अहरौला अमित कुमार मिश्रा ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर विधिक कार्रवाई करते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

आजमगढ़ विकास खण्ड पवई, डीएम ने 2 ग्राम प्रधानों के अधिकार किए सीज ग्रामीणों की शिकायत के बाद हुई जांच में प्रधान–सचिव की मिलीभगत उजागर, जांच के आदेश


 आजमगढ़ विकास खण्ड पवई, डीएम ने 2 ग्राम प्रधानों के अधिकार किए सीज



ग्रामीणों की शिकायत के बाद हुई जांच में प्रधान–सचिव की मिलीभगत उजागर, जांच के आदेश



उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ जिले के पवई विकास खण्ड में सामने आई गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने पवई ब्लॉक के मुतकल्लीपुर और मकसुदिया गांव के ग्राम प्रधानों के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए हैं। साथ ही दोनों मामलों में अंतिम जांच के आदेश जारी किए गए हैं, जबकि संबंधित ग्राम सचिवों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जल्द ही निलंबन की कार्रवाई भी हो सकती है। 



पवई विकास खंड के मकसुदिया गांव निवासी राधिका चौहान पत्नी मदन चंद्र, अभिषेक कुमार, तेज बहादुर चौहान, सीताराम सहित अन्य ग्रामीणों की शिकायत पर 25 अगस्त 2025 को जिलाधिकारी ने जिला उद्यान अधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्त किया था। तकनीकी सहयोग के लिए अधिशासी अभियंता जल निगम (ग्रामीण) को नामित किया गया। जांच पूरी होने के बाद 18 नवंबर 2025 को रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी गई। प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर 2 दिसंबर 2025 को ग्राम प्रधान सुदामा देवी एवं ग्राम सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। प्रस्तुत स्पष्टीकरण संतोषजनक न होने पर 19 दिसंबर 2025 को जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए और परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण को अंतिम जांच अधिकारी नियुक्त किया।


 इसी क्रम में पवई विकास खंड के मुतकल्लीपुर गांव में दिलीप कुमार मौर्य एवं महेंद्र प्रताप श्रीवास्तव की शिकायत पर 1 मई 2025 को जिला उद्यान अधिकारी को जांच अधिकारी तथा अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग को तकनीकी अधिकारी नियुक्त किया गया था। 


जांच रिपोर्ट 4 सितंबर 2025 को प्रस्तुत की गई। दोषी पाए जाने पर 15 अक्तूबर 2025 को ग्राम प्रधान कमला प्रसाद मौर्य को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, लेकिन स्पष्टीकरण न देने पर जिलाधिकारी ने उनके भी वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए। साथ ही परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण को अंतिम जांच अधिकारी नामित किया गया। जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) पवन कुमार ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत पर गठित जांच समिति द्वारा मकसुदिया और मुतकल्लीपुर गांवों में कराई गई जांच में शिकायतें सही पाई गईं। जांच में ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव की मिलीभगत सामने आई है। वित्तीय अनियमितता के मामलों में दोनों ग्राम प्रधानों के अधिकार सीज कर दिए गए हैं तथा संबंधित सचिवों के विरुद्ध नोटिस जारी कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

Friday, 30 January 2026

आजमगढ़ अवैध अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 2 सेंटर सीज औचक छापेमारी में बिना पंजीकरण संचालित पाए गए अल्ट्रासाउंड केंद्र


 आजमगढ़ अवैध अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 2 सेंटर सीज



औचक छापेमारी में बिना पंजीकरण संचालित पाए गए अल्ट्रासाउंड केंद्र



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में जिलाधिकारी के आदेश एवं मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा के निर्देश पर जनपद में अवैध रूप से संचालित अल्ट्रासाउंड/सोनोग्राफी केंद्रों के खिलाफ निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में एडिशनल सीएमओ एवं नोडल अधिकारी पीसीपीएनडीटी के नेतृत्व में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने हरैया क्षेत्र में औचक निरीक्षण एवं छापेमारी की। छापेमारी के दौरान नियमों के उल्लंघन एवं बिना वैध पंजीकरण के संचालित पाए जाने पर दो अल्ट्रासाउंड केंद्रों को तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया गया। जांच में जनता अल्ट्रासाउंड सेंटर अपंजीकृत पाया गया, जहां अल्ट्रासाउंड मशीन तो मौजूद थी लेकिन संचालन संदिग्ध मिला। निरीक्षण के समय न तो कोई मरीज मौजूद था और न ही कोई अधिकृत चिकित्सक। 


वहीं शिवम सोनोग्राफी सेंटर भी बिना वैध पंजीकरण के संचालित पाया गया। केंद्र के अंदर एक छोटी अल्ट्रासाउंड मशीन मिली, लेकिन छापेमारी के समय वहां भी कोई मरीज अथवा पंजीकृत चिकित्सक उपस्थित नहीं था। अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए दोनों केंद्रों को सीज कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार हरैया, हरैया स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी, सहायक धीरेंद्र शुक्ला, फार्मासिस्ट सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। टीम द्वारा मौके पर उपलब्ध उपकरणों की इन्वेंटरी तैयार की गई तथा फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी के माध्यम से पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न कराया गया। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा ने स्पष्ट किया कि बिना वैध पंजीकरण, आवश्यक अनुमति एवं पंजीकृत चिकित्सक के किसी भी अल्ट्रासाउंड/सोनोग्राफी केंद्र का संचालन पूर्णतः प्रतिबंधित है। ऐसे अवैध केंद्रों के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी तथा सीज किए गए केंद्रों के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।

आजमगढ़ में इस दिन आयेंगे सीएम योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्री भी रहेंगे साथ 21 किलोमीटर लंबे मार्ग का शिलान्यास के साथ रैली को करेंगे संबोधित


 आजमगढ़ में इस दिन आयेंगे सीएम योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्री भी रहेंगे साथ



21 किलोमीटर लंबे मार्ग का शिलान्यास के साथ रैली को करेंगे संबोधित



उत्तर प्रदेश, आजमगढ़ जनता इंटर कॉलेज परिसर में 22 फरवरी 2026 को प्रस्तावित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा दोनों उपमुख्यमंत्रियों के कार्यक्रम को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। कार्यक्रम स्थल पर गुरुवार से व्यापक सफाई अभियान की शुरुआत कर दी गई है। 


बताया जा रहा है कि इसी कार्यक्रम के दौरान अहरौला–कप्तानगंज 21 किलोमीटर लंबे मार्ग का शिलान्यास भी किया जाएगा। यह मार्ग पिछले करीब 15 वर्षों से बदहाल स्थिति में है और जगह-जगह बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुका है। सड़क निर्माण के लिए सरकार द्वारा 58 करोड़ रुपये का बजट जारी किया जा चुका है।गौरतलब है कि 23 जनवरी 2026 को महाराजा सुहेलदेव की जयंती के अवसर पर कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने 22 फरवरी 2026 को अहरौला में समरसता रैली आयोजित किए जाने की घोषणा की थी। यह रैली जनता इंटर कॉलेज परिसर स्थित बाग में प्रस्तावित है। इस रैली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक एवं केशव प्रसाद मौर्य के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। 


पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर एवं सुभासपा के मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता अरुण राजभर ने 27 जनवरी 2026 को जनता इंटर कॉलेज परिसर का निरीक्षण भी किया था। सुभासपा के मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता अरुण राजभर ने बताया कि 22 फरवरी 2026 को प्रस्तावित समरसता रैली में मुख्यमंत्री सहित दोनों उपमुख्यमंत्री शामिल हो सकते हैं। कार्यक्रम में करीब दो लाख लोगों के पहुंचने की संभावना है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा शीघ्र कर दी जाएगी।

Thursday, 29 January 2026

आजमगढ़ बिलरियागंज अवैध सोनोग्राफी सेंटर सीज, स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई बिना पंजीकरण और लाइसेंस के चल रहा था सेंटर, शिकायत पर हुई जांच गलत रिपोर्टों से जनस्वास्थ्य को खतरा, पीसीपीएनडीटी नियमों का उल्लंघन पाया गया


 आजमगढ़ बिलरियागंज अवैध सोनोग्राफी सेंटर सीज, स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई



बिना पंजीकरण और लाइसेंस के चल रहा था सेंटर, शिकायत पर हुई जांच


गलत रिपोर्टों से जनस्वास्थ्य को खतरा, पीसीपीएनडीटी नियमों का उल्लंघन पाया गया


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के बिलरियागंज क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित एक सोनोग्राफी सेंटर के विरुद्ध स्वास्थ्य विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए उसे तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया। यह कार्रवाई प्राप्त शिकायत के आधार पर की गई है। 


प्राप्त जानकारी के अनुसार बिलरियागंज क्षेत्र में स्टेट बैंक के बगल पूर्व पटरी पर स्थित सोनोग्राफी सेंटर बिना किसी वैध पंजीकरण, लाइसेंस और अधिकृत चिकित्सक के संचालित किया जा रहा था। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया था कि उक्त सेंटर द्वारा गलत एवं भ्रामक सोनोग्राफी रिपोर्टें जारी की जा रही हैं, जिससे आम जनता के जीवन और स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता था। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी के आदेश तथा मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा के निर्देश पर डिप्टी मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आलेन्द कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर निरीक्षण किया। 


निरीक्षण के दौरान पाया गया कि सेंटर के पास न तो पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत आवश्यक अभिलेख थे और न ही कोई वैध लाइसेंस अथवा पंजीकृत चिकित्सक से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध थे। टीम के पहुंचने पर सेंटर संचालक भी मौके से अनुपस्थित मिला। इन तथ्यों के आधार पर जनहित को ध्यान में रखते हुए संबंधित सोनोग्राफी सेंटर को तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया गया। मामले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनपद में अवैध, अपंजीकृत और गैर-मानक स्वास्थ्य संस्थानों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

आजमगढ़ कप्तानगंज पुलिस मुठभेड़ में अंतर्जनपदीय जहरखुरानी-नकबजनी गिरोह का बदमाश घायल, 2 गिरफ्तार जहरखुरानी, झपट्टामारी व नकबजनी की कई वारदातों का खुलासा, अवैध तमंचा व चोरी का सामान बरामद


 आजमगढ़ कप्तानगंज पुलिस मुठभेड़ में अंतर्जनपदीय जहरखुरानी-नकबजनी गिरोह का बदमाश घायल, 2 गिरफ्तार




जहरखुरानी, झपट्टामारी व नकबजनी की कई वारदातों का खुलासा, अवैध तमंचा व चोरी का सामान बरामद



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के थाना कप्तानगंज पुलिस ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए जहरखुरानी, झपट्टामारी और नकबजनी की घटनाओं में शामिल एक अंतर्जनपदीय गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस मुठभेड़ के दौरान एक अभियुक्त के दाहिने पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया, जबकि उसके दो अन्य साथियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। दो अभियुक्त अंधेरे का लाभ उठाकर फरार हो गए, जिनकी तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं। 


प्राप्त जानकारी के अनुसार, 28 जनवरी 2026 को थाना कप्तानगंज पुलिस क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने, वांछित अभियुक्तों की तलाश और संदिग्ध व्यक्ति/वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि जहरखुरानी व नकबजनी की घटनाओं में संलिप्त अभियुक्त गौरा पुलिया के पास किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में मौजूद हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने घेराबंदी की, तभी बदमाशों ने पुलिस पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षार्थ नियंत्रित जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक अभियुक्त अमन निषाद (21) के पैर में गोली लग गई। पुलिस ने घायल अमन निषाद पुत्र हनुमान निषाद निवासी डाही शम्भूपुर थाना अहरौला सहित उसके दो साथियों—आनन्द उर्फ बाबी और अमन निषाद पुत्र दशमी निषाद—को गिरफ्तार कर लिया। घायल अभियुक्त को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। मौके पर फील्ड यूनिट द्वारा साक्ष्य संकलन की कार्रवाई की गई। पूछताछ में अभियुक्तों ने थाना कप्तानगंज और थाना अहरौला क्षेत्र में हुई कई आपराधिक घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।


 अभियुक्तों ने बताया कि 24 जनवरी 2026 को ग्राम भवानीपट्टी में एक महिला को नशीला पदार्थ खिलाकर उसके नाक की सोने की कील झपट ली गई थी। इसके अलावा 25/26 जनवरी 2026 और 27 जनवरी 2026 की रात में दुकानों में सेंध लगाकर नकदी और सामान चोरी किया गया था। मुठभेड़ के दौरान अभियुक्तों के कब्जे से एक देशी तमंचा, कारतूस, नकबजनी के औजार, सोने की नाक की कील, किराना सामान, लगभग 10 किलो अरहर की दाल, तेल तथा ₹5300 नगद बरामद किए गए हैं। पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध बीएनएस की सुसंगत धाराओं एवं आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और गिरोह के अन्य आपराधिक कनेक्शनों की भी जांच की जा रही है।

Wednesday, 28 January 2026

आजमगढ़ एक ही परिवार के 5 लोगों को आजीवन कारावास की सजा घर में घुसकर एक परिवार पर किया था जानलेवा हमला, एक की गई थी जान


 आजमगढ़ एक ही परिवार के 5 लोगों को आजीवन कारावास की सजा



घर में घुसकर एक परिवार पर किया था जानलेवा हमला, एक की गई थी जान


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में हत्या के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने एक ही परिवार के पांच लोगों को आजीवन कारावास तथा प्रत्येक को 61500 रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। जबकि पर्याप्त सबूत के अभाव में एक आरोपी को दोष मुक्त कर दिया। यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायाधीश जय प्रकाश पांडेय ने बुधवार को सुनाया। 


अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी मुकदमा राजेश कुमार निवासी बड़ौदा खुर्द थाना जहानगंज की गांव के ही राजकुमार से जमीनी विवाद की रंजिश चल रही थी। इसी विवाद को लेकर 3 जनवरी 2023 की सुबह दस बजे राजकुमार उनके तीनों लड़के दीपक उर्फ अमित, मनीष उर्फ, डंपी सतीश उर्फ पंपी, राजकुमार की पत्नी आशा तथा एक रिश्तेदार अलका लाठी डंडा, कुल्हाड़ी आदि से लैस होकर राजेश के घर में घुस गए। सभी हमलावरों ने राजेश तथा राजेश की पत्नी कौशल्या, राकेश तथा राकेश की पत्नी बबीता को बुरी तरह से मारा पीटा। इस हमले में कौशल्या की मौके पर ही मृत्यु हो गई। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद सभी आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित कर दिया।


 अभियोजन पक्ष की तरफ से जिला शासकीय अधिवक्ता प्रियदर्शी पियूष त्रिपाठी तथा सहायक शासकीय अधिवक्ता दीपक मिश्रा ने कुल आठ गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी राजकुमार, दीपक उर्फ अमित, मनीष उर्फ डंपी, सतीश उर्फ पम्पी तथा आशा को आजीवन कारावास और प्रत्येक पर 61500 रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं पर्याप्त सबूत के अभाव में अलका को दोष मुक्त कर दिया।

आजमगढ़ देवगांव ग्राम प्रधान द्वारा लाइसेंसी बंदूक से हवाई फायर, पुलिस ने हथियार किया जब्त पुलिस सतर्क मित्र पर शिकायत के बाद जांच में सामने आया मामला आर्म्स एक्ट के तहत ग्राम प्रधान व उनके पिता पर दर्ज हुआ मुकदमा


 आजमगढ़ देवगांव ग्राम प्रधान द्वारा लाइसेंसी बंदूक से हवाई फायर, पुलिस ने हथियार किया जब्त



पुलिस सतर्क मित्र पर शिकायत के बाद जांच में सामने आया मामला


आर्म्स एक्ट के तहत ग्राम प्रधान व उनके पिता पर दर्ज हुआ मुकदमा


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के थाना देवगांव क्षेत्र में पुलिस सतर्क मित्र पर प्राप्त शिकायत की जांच के दौरान ग्राम प्रधान द्वारा हवाई फायर किए जाने का मामला सामने आया है। प्रभारी निरीक्षक विमल प्रकाश राय 26 जनवरी 2026 को हमराहियों के साथ शिकायत की जांच में क्षेत्र में भ्रमण कर रहे थे। इसी दौरान निहोरगंज में उपनिरीक्षक सुरेश सिंह भी साथ जुड़े। जांच में यह तथ्य सामने आया कि ग्राम रामपुर कठरवा निवासी शमशेर यादव पुत्र हरिहर यादव, जो वर्तमान में ग्राम प्रधान है, ने अपने पिता की लाइसेंसी दो नाली बंदूक से हवाई फायर किया। 


शमशेर यादव आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति बताया गया है, जिसके विरुद्ध थाना देवगांव में पूर्व से कई मुकदमे दर्ज हैं। बताया गया कि जिस बंदूक से फायर किया गया, वह उनके पिता हरिहर यादव के नाम लाइसेंसी है। पिता वृद्ध होने के कारण बंदूक का उपयोग स्वयं नहीं करते हैं। शमशेर यादव द्वारा बंदूक का प्रयोग कर हवाई फायर किए जाने से ग्रामवासियों एवं आम जनमानस में भय व आतंक का माहौल उत्पन्न हो गया। पुलिस ने जांच के दौरान उक्त लाइसेंसी बंदूक को कब्जे में लेकर आवश्यक फर्द तैयार की। मामले में देवगांव पुलिस ने शमशेर यादव एवं उनके पिता हरिहर यादव के विरुद्ध मुकदमा अपराध संख्या 43/2026 अंतर्गत धारा 9/25 आर्म्स एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत किया है। पुलिस का कहना है कि प्रकरण में विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

आजमगढ़ महिला अस्पताल से गर्भवती महिला रहस्यमय ढंग से लापता पति ने जताई अनहोनी की आशंका, परिवार में मचा हड़कंप


 आजमगढ़ महिला अस्पताल से गर्भवती महिला रहस्यमय ढंग से लापता


पति ने जताई अनहोनी की आशंका, परिवार में मचा हड़कंप



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में महिला सदर अस्पताल से एक गर्भवती महिला के रहस्यमय ढंग से लापता होने का मामला सामने आया है। इस घटना से पूरे परिवार में हड़कंप मच गया है। पीड़ित पति की तहरीर पर कोतवाली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


 प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना मेहनगर क्षेत्र के निवासी युवक अपनी 21 वर्षीय गर्भवती पत्नी को दिखाने के लिए मंगलवार को सुबह करीब 11:15 बजे महिला सदर अस्पताल आया था। इसी दौरान वह शौचालय जाने के लिए कुछ समय के लिए बाहर गया। जब वह वापस लौटा तो उसकी पत्नी मौके पर मौजूद नहीं थी। पति द्वारा अस्पताल परिसर और आसपास काफी खोजबीन की गई, लेकिन पत्नी का कोई सुराग नहीं मिल सका। बताया गया कि पत्नी का मोबाइल फोन भी उसी के पास था, जिससे संपर्क नहीं हो सका। इस घटना के बाद से पति बेहद परेशान है और उसे पत्नी के साथ किसी अप्रिय घटना की आशंका सता रही है। पीड़ित ने पुलिस को सूचना देते हुए आशंका जताई है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसकी पत्नी को बहला-फुसलाकर भगा लिया है। कोतवाली पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। 


पुलिस का कहना है कि अस्पताल परिसर के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और महिला की तलाश के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है। इस बावत महिला अस्पताल के सीएमएस डॉक्टर विनय कुमार सिंह ने बताया कि परिजनों की शिकायत पर सीसीटीवी कैमरे में देखा गया, उक्त महिला अस्पताल में आई है और कुछ देर बाद टहलते हुए बाहर निकल गई।

वाराणसी/आजमगढ़ कफ सिरप तस्करी के सरगना का करीबी विकास सिंह गिरफ्तार 3 महीने से था भूमिगत, STF कर रही थी तलाश

वाराणसी/आजमगढ़ कफ सिरप तस्करी के सरगना का करीबी विकास सिंह गिरफ्तार



3 महीने से था भूमिगत, STF कर रही थी तलाश


उत्तर प्रदेश, वाराणसी/आजमगढ़, कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत वाराणसी पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। कफ सिरप तस्करी के सरगना शुभम जायसवाल के करीबी और बड़े राजदार विकास सिंह नरवे को पुलिस ने नेपाल बॉर्डर के पास सिद्धार्थनगर से गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि आरोपी नेपाल भागने की फिराक में था। उसकी गिरफ्तारी से तस्करी नेटवर्क में हड़कंप मच गया है। पुलिस विकास सिंह को लेकर वाराणसी रवाना हो गई है, जहां उससे गहन पूछताछ की जाएगी।


 गिरफ्तार आरोपी विकास सिंह आजमगढ़ जनपद के बरदह थाना क्षेत्र अंतर्गत नरवे गांव का निवासी है। उसकी तलाश में एसटीएफ की टीम लंबे समय से लगी हुई थी। कई बार उसके घर पर दबिश दी गई, लेकिन वह हर बार चकमा देकर फरार हो जाता था। आरोपी पिछले करीब तीन महीने से भूमिगत था और नवंबर माह में अपनी दादी की तेरहवीं में भी शामिल नहीं हुआ था। पुलिस के अनुसार विकास सिंह का जौनपुर जनपद में भी एक मकान है, जहां कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध कारोबारियों के संपर्क में आने के बाद उसने इस धंधे में कदम रखा। बताया जा रहा है कि वह मार्टीनगंज ब्लॉक में प्रमुख पद के लिए भी तैयारी कर रहा था, जिसके चलते क्षेत्र में उसके चुनावी पोस्टर तक लगे हुए थे।

 

Tuesday, 27 January 2026

आजमगढ़ मुबारकपुर 30 लाख रुपये की ठगी करने वाला वांछित अभियुक्त गिरफ्तार जमीन और प्लॉटिंग में निवेश का झांसा देकर हड़पे थे 30 लाख रुपये नोटिस फाड़ने पर पुलिस ने लिया हिरासत में, हिस्ट्रीशीटर है अभियुक्त

आजमगढ़ मुबारकपुर 30 लाख रुपये की ठगी करने वाला वांछित अभियुक्त गिरफ्तार



जमीन और प्लॉटिंग में निवेश का झांसा देकर हड़पे थे 30 लाख रुपये


नोटिस फाड़ने पर पुलिस ने लिया हिरासत में, हिस्ट्रीशीटर है अभियुक्त



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के थाना मुबारकपुर पुलिस ने 30 लाख रुपये की ठगी के मामले में वांछित अभियुक्त अमित यादव को गिरफ्तार किया है। मामले में वादिनी श्रीमती रुकमीना सरोज पत्नी रामबिलास सरोज, निवासी ग्राम गंजोर थाना मेहनगर द्वारा 26 जनवरी 2026 को तहरीर दी गई थी। तहरीर में बताया गया कि अभियुक्तों ने गांव में भूमि दिलाने और लखनऊ स्थित प्लॉटिंग में निवेश कराने का झांसा देकर दिनांक 21 सितंबर 2024 को आरटीजीएस के माध्यम से 10 लाख रुपये तथा 30 सितंबर 2024 को 20 लाख रुपये नकद प्राप्त किए थे। एक वर्ष बाद 45 लाख रुपये लौटाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन समय पूरा होने पर पैसा मांगने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई। उक्त मामले में थाना मेहनगर पर मु0अ0सं0 35/26 धारा 316(2), 352, 351(3) बीएनएस के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया।


 विवेचना के दौरान 27 जनवरी 2026 को थाना मुबारकपुर पुलिस द्वारा ग्राम मोहब्बतपुर स्थित शिव मंदिर के पास वांछित अभियुक्त अमित यादव को नोटिस तामील कराने का प्रयास किया गया, जिसे उसने लेने से इंकार करते हुए फाड़ दिया। अभियुक्त विवेचना में सहयोग नहीं कर रहा था तथा वादिनी को लगातार जान से मारने की धमकी दे रहा था। परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस ने उसे दोपहर करीब 12:30 बजे हिरासत में ले लिया। अभियुक्त अमित यादव थाना मुबारकपुर का हिस्ट्रीशीटर है और उसके विरुद्ध हत्या के प्रयास व गैंगेस्टर एक्ट समेत कई गंभीर मामले दर्ज हैं। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक सतीश कुमार, हेड कांस्टेबल रतनलाल और कांस्टेबल दुर्गेश गोड़ शामिल रहे।

 

बरेली, सरकार ने सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को किया निलंबित इस्तीफे और बयानों से प्रशासनिक हलकों में मचा भूचाल यूजीसी और माघ मेले की घटना के विरोध में दिया था इस्तीफा, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप


 बरेली, सरकार ने सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को किया निलंबित



इस्तीफे और बयानों से प्रशासनिक हलकों में मचा भूचाल


यूजीसी और माघ मेले की घटना के विरोध में दिया था इस्तीफा, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप



उत्तर प्रदेश, बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को प्रदेश सरकार ने निलंबित कर दिया है। उन्हें शामली स्थित कलेक्टर कार्यालय से अटैच किया गया है। पूरे प्रकरण की जांच मंडलायुक्त, बरेली को सौंपी गई है। इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। इससे पहले सोमवार को, गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व के दिन, सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अपने पद से इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया था। उनका यह इस्तीफा प्रयागराज के माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद एवं उनके शिष्यों के साथ हुई कथित मारपीट की घटना के विरोध में बताया गया। अलंकार अग्निहोत्री ने राज्यपाल और निर्वाचन आयोग को भेजे गए सात पृष्ठों के इस्तीफे में तीखी टिप्पणी करते हुए लिखा कि अब केंद्र और राज्य में न जनतंत्र बचा है और न ही गणतंत्र, बल्कि “भ्रमतंत्र” रह गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि देश में अब देशी नहीं, बल्कि “विदेशी जनता पार्टी” की सरकार चल रही है। इसके साथ ही उन्होंने यूजीसी के नए कानून का भी खुलकर विरोध किया। अपने पत्र में उन्होंने स्वयं को उत्तर प्रदेश सिविल सेवा, वर्ष 2019 बैच का राजपत्रित अधिकारी बताते हुए बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त करने का उल्लेख किया है। उन्होंने प्रयागराज माघ मेले की घटना का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि मौनी अमावस्या स्नान के दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद, बटुकों और ब्राह्मणों के साथ स्थानीय प्रशासन ने मारपीट की। 


आरोप है कि एक बटुक ब्राह्मण को जमीन पर गिराकर उसकी शिखा पकड़कर घसीटा गया, जिससे उसकी धार्मिक और सांस्कृतिक मर्यादा का हनन हुआ। अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि वह स्वयं ब्राह्मण वर्ग से हैं और इस घटना ने उन्हें भीतर तक आहत किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना ब्राह्मण विरोधी मानसिकता को दर्शाती है और साधु-संतों की अस्मिता के साथ खिलवाड़ है। 


इसी बीच सोमवार को उनकी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई, जिसमें वह पोस्टर लेकर खड़े दिखाई दे रहे हैं। पोस्टर पर लिखा था— “#UGC Rollback, काला कानून वापस लो। शंकराचार्य और संतों का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान।” सोमवार शाम को अलंकार अग्निहोत्री डीएम आवास पहुंचे, जहां वह करीब एक घंटे तक रहे। बाहर निकलने के बाद उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें डीएम आवास पर लगभग 45 मिनट तक बंधक बनाकर रखा गया। उन्होंने दावा किया कि इस दौरान उन्होंने सचिव दीपक पांडेय को फोन कर अपनी स्थिति से अवगत कराया। उनका कहना है कि कॉल किए जाने के बाद ही उन्हें छोड़ा गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि डीएम अविनाश सिंह एक लखनऊ स्थित अधिकारी से स्पीकर पर बात कर रहे थे, तभी उस अधिकारी ने उनके लिए अपशब्दों का प्रयोग किया। अलंकार अग्निहोत्री ने इसे एक सोची-समझी साजिश बताया और कहा कि उन्हें रातभर आवास में रोकने की योजना थी।इस्तीफे के बाद अलंकार अग्निहोत्री ने सरकारी आवास खाली करने के लिए अपने समर्थकों को बुलाया है। उनके समर्थक वहां पहुंचने लगे हैं, जिससे स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।

Monday, 26 January 2026

आजमगढ़ कप्तानगंज किराना दुकान से नकदी समेत लाखों का सामान पार पीछे की दीवार काटकर चोरों ने दिया वारदात को अंजाम, व्यापारी दहशत में


 आजमगढ़ कप्तानगंज किराना दुकान से नकदी समेत लाखों का सामान पार



पीछे की दीवार काटकर चोरों ने दिया वारदात को अंजाम, व्यापारी दहशत में



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के कप्तानगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत हेतुगंज बाजार में बीती रात चोरों ने एक किराना दुकान को निशाना बनाते हुए बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोर दुकान की पिछली दीवार काटकर भीतर घुसे और नकदी समेत हजारों रुपये का सामान लेकर फरार हो गए। घटना के बाद से क्षेत्र के व्यापारियों में दहशत और आक्रोश का माहौल व्याप्त है। 


प्राप्त जानकारी के अनुसार, हेतुगंज बाजार निवासी किराना दुकानदार उमेश निषाद ने बताया कि वह रोज की तरह सुबह दुकान खोलने पहुंचे तो देखा कि दुकान की पिछली दीवार कटी हुई थी। अंदर जांच करने पर गल्ले में रखे करीब 71 हजार रुपये नकद गायब मिले। इसके अलावा सिगरेट, साबुन सहित अन्य रोजमर्रा के जरूरी सामान भी चोरी हो चुके थे। चोरी गए सामान की कुल कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही कप्तानगंज पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू की। 


इस संबंध में थानाध्यक्ष कप्तानगंज जय प्रकाश ने बताया कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। साथ ही मोबाइल फोरेंसिक टीम की मदद से भी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। उन्होंने जल्द ही घटना के खुलासे का भरोसा दिलाया है। वहीं स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि हेतुगंज बाजार में इससे पहले भी चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन रात्रि गश्त में लापरवाही के चलते चोरों के हौसले बुलंद हैं। व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन से रात्री गश्त बढ़ाने और बाजार क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है।

मऊ पुलिस मुठभेड़ में 50-50 हजार के 2 इनामी को लगी गोली स्वर्ण व्यवसायी लूटकांड के आरोपी, लूटे गए जेवर, तमंचा और वारदात में प्रयुक्त बाइक बरामद


 मऊ पुलिस मुठभेड़ में 50-50 हजार के 2 इनामी को लगी गोली



स्वर्ण व्यवसायी लूटकांड के आरोपी, लूटे गए जेवर, तमंचा और वारदात में प्रयुक्त बाइक बरामद



उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के कोपागंज थाना क्षेत्र के टड़ियाव के पास स्वर्ण व्यवसायी से हुई लूट की घटना में वांछित चल रहे दो इनामी बदमाशों को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। रविवार रात करीब 11 बजे एसओजी और कोपागंज पुलिस की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर देईथान के पास कार्रवाई करते हुए दोनों अभियुक्तों को दबोचा। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान 50-50 हजार रुपये के इनामी रविकांत उर्फ रवि चौहान (21) निवासी कोइरियापार और राहुल यादव (25) निवासी नगरीपार, थाना मुहम्मदाबाद गोहना के रूप में हुई है। 


मुठभेड़ के दौरान रविकांत के बाएं पैर और राहुल के दाहिने पैर में गोली लगी, जिसके बाद दोनों को कोपागंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने बताया कि अभियुक्तों के पास से लूटे गए स्वर्ण आभूषण, दो तमंचे 315 बोर, जिंदा व खोखा कारतूस तथा लूट की घटना में प्रयुक्त बाइक यूपी 50 सीसी 0139 (स्प्लेंडर) बरामद की गई है। घोसी क्षेत्राधिकारी जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि दोनों अभियुक्तों के खिलाफ कोपागंज थाने में दो-दो मुकदमे दर्ज हैं और लूट की घटना के बाद से पुलिस को उनकी सरगर्मी से तलाश थी।

आप सभी देश वासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं


 


Sunday, 25 January 2026

आजमगढ़ मुबारकपुर तेज रफ्तार टैंकर की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के टोल प्लाजा पर हुआ दर्दनाक हादसा, लखनऊ से घर लौटते समय टूटा परिवार का सहारा


 आजमगढ़ मुबारकपुर तेज रफ्तार टैंकर की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत



पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के टोल प्लाजा पर हुआ दर्दनाक हादसा, लखनऊ से घर लौटते समय टूटा परिवार का सहारा



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के मुबारकपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बिजरवां स्थित पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के टोल नंबर 246 पर रविवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौत हो गई। तेज रफ्तार टैंकर की टक्कर से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 


सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। मृतक की पहचान बिहार के बक्सर जनपद अंतर्गत ब्रह्मपुर (नैनीजोर) थाना क्षेत्र के महुआर गांव निवासी 32 वर्षीय बैजनाथ पांडेय के रूप में हुई है। वह बीते कई वर्षों से लखनऊ में पीजीआई के पास मकान बनवाकर रहते थे और इलेक्ट्रीशियन का कार्य कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। बताया गया कि बैजनाथ पांडेय शनिवार देर रात लखनऊ से बाइक द्वारा अपने घर लौट रहे थे। उनके साथ सहकर्मी अवनीश, निवासी सेलहरापट्टी गांव थाना अतरौलिया, भी बाइक पर सवार थे। दोनों साथ काम करते थे और अक्सर एक-दूसरे के साथ आते-जाते थे। रविवार सुबह टोल नंबर 202 फुलवरियां के पास अवनीश अतरौलिया जाने के लिए उतर गए, इसके बाद बैजनाथ अकेले बाइक से आगे बढ़े। जैसे ही वह मुबारकपुर के बिजरवां स्थित टोल नंबर 246 पर पहुंचे, पीछे से आ रहे तेज रफ्तार टैंकर ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गया। हादसे की जानकारी मिलते ही यूपीडा सहायता कर्मियों ने घायल को जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। 


मौत की खबर मिलते ही पत्नी प्रियंका सहित परिजनों में कोहराम मच गया। बताया गया कि लखनऊ से निकलने से पहले बैजनाथ ने पत्नी को फोन कर घर आने की सूचना दी थी, लेकिन किसी को अंदेशा नहीं था कि यह उनकी आखिरी बातचीत होगी।

Saturday, 24 January 2026

आजमगढ़ बूढ़नपुर महिला लेखपाल को रात में दी अश्लील गालियां घर पहुंचकर दरवाजा पीटने और काटकर फेंक देने की धमकी से महिला कर्मचारी दहशत में

आजमगढ़ बूढ़नपुर महिला लेखपाल को रात में दी अश्लील गालियां



घर पहुंचकर दरवाजा पीटने और काटकर फेंक देने की धमकी से महिला कर्मचारी दहशत में



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में तैनात एक महिला लेखपाल के साथ रात्रि के समय अश्लील गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी और सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराए जाने की मांग की है। पीड़िता श्वेता तिवारी पत्नी रामसूरत वर्तमान में तहसील बूढ़नपुर के गोपालीपट्टी हल्के में लेखपाल पद पर कार्यरत हैं। उनके अनुसार 22 जनवरी 2026 की रात करीब 8:47 बजे ग्राम गोपालीपट्टी निवासी जैनेन्द्र सिंह ने मोबाइल फोन पर बार-बार कॉल किया। कॉल उठाने पर आरोपी ने अपनी पुत्री के EWS प्रमाणपत्र बनवाने की बात कही। इस पर लेखपाल ने शासकीय नियमों के अनुसार आवश्यक अभिलेख पूरे न होने की जानकारी देते हुए अगले कार्यदिवस में तहसील आने को कहा और रात्रि समय में कॉल न करने का अनुरोध किया। इतनी बात पर आरोपी उग्र हो गया और कथित रूप से अत्यंत अश्लील, आपत्तिजनक गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी।


 पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने दबंगई दिखाते हुए गांव के अन्य लोगों को भी फोन कर उनके विरुद्ध अपमानजनक बातें कहीं, जिसकी ऑडियो रिकॉर्डिंग सुरक्षित है। मामला यहीं नहीं रुका। आरोप है कि 23 जनवरी 2026 की सुबह करीब 10:30 बजे आरोपी लेखपाल के आवास पर पहुंचा और दरवाजा जोर-जोर से पीटते हुए धमकी दी। शोर सुनकर लोगों के एकत्र होने पर आरोपी मौके से फरार हो गया। पीड़िता ने इसे एक महिला शासकीय कर्मचारी का घोर अपमान बताते हुए कहा कि आरोपी की हरकतें आपराधिक भयादोहन, जान से मारने की धमकी और सरकारी कार्य में बाधा की श्रेणी में आती हैं। उन्होंने पुलिस से तत्काल FIR दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई करने तथा स्वयं और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। महिला लेखपाल की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

 

आजमगढ़ लालगंज शुद्ध पानी के नाम पर लापरवाही, 2 वाटर यूनिटों के लाइसेंस निलंबित एफडीए की सघन जांच में गंभीर अनियमितताएं उजागर, जनस्वास्थ्य पर खतरा

आजमगढ़ लालगंज शुद्ध पानी के नाम पर लापरवाही, 2 वाटर यूनिटों के लाइसेंस निलंबित



एफडीए की सघन जांच में गंभीर अनियमितताएं उजागर, जनस्वास्थ्य पर खतरा



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में शुद्ध और सुरक्षित पानी उपलब्ध कराने के दावे के साथ बाजार में बोतलबंद पानी की आपूर्ति कर रही दो वाटर यूनिटों पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने कड़ी कार्रवाई की है। सघन जांच अभियान के दौरान गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर अद्विक इंटरप्राइजेज लालगंज और रजवाड़ा इंटरप्राइजेज लालगंज के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए। इन दोनों यूनिटों से प्रतिदिन 500 से अधिक बोतलें जिले की विभिन्न दुकानों और प्रतिष्ठानों पर सप्लाई की जा रही थीं।


 विभागीय आंकड़ों के अनुसार जनपद में कुल सात वाटर सप्लाई यूनिट पंजीकृत हैं, जिनमें से दो पहले से बंद हैं। एफडीए की टीम ने शेष पांच यूनिटों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान उत्पादन प्रक्रिया, प्लांट की स्वच्छता, मशीनों की साफ-सफाई, कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाणपत्र और पानी की गुणवत्ता से संबंधित अभिलेखों की गहन पड़ताल की गई। निरीक्षण में सामने आया कि वर्ष 2025 में लाइसेंस प्राप्त इन दोनों यूनिटों के संचालक कर्मचारियों की अनिवार्य मेडिकल रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं कर सके। साथ ही पानी की गुणवत्ता जांच से संबंधित आवश्यक वाटर एनालिसिस रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं थी। इसके अलावा यूनिट परिसरों में साफ-सफाई की स्थिति भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। एफडीए टीम ने इसे जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा मानते हुए दोनों यूनिटों के लाइसेंस निलंबित कर दिए। वहीं अन्य तीन वाटर यूनिटों की स्थिति जांच में सामान्य पाई गई।

आजमगढ़ जनता और पुलिस के बीच मजबूत होगा विश्वास, अपराध नियंत्रण में आएगी तेजी : पीयूष मोर्डिया, एडीजी जोन आजमगढ़ में शुरू हुई ‘पुलिस सतर्क मित्र’ WhatsApp बोट सेवा, अब मोबाइल से दें अपराध की सूचना वाराणसी रेंज के बाद आजमगढ़ में विस्तार, 23 जनवरी से 24×7 रहेगी सक्रिय


 आजमगढ़ जनता और पुलिस के बीच मजबूत होगा विश्वास, अपराध नियंत्रण में आएगी तेजी : पीयूष मोर्डिया, एडीजी जोन


आजमगढ़ में शुरू हुई ‘पुलिस सतर्क मित्र’ WhatsApp बोट सेवा, अब मोबाइल से दें अपराध की सूचना


वाराणसी रेंज के बाद आजमगढ़ में विस्तार, 23 जनवरी से 24×7 रहेगी सक्रिय



आजमगढ़, उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा नागरिकों की सहभागिता बढ़ाने और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से शुरू की गई ‘पुलिस सतर्क मित्र’ WhatsApp बोट सेवा अब और जिलों में विस्तार पा रही है। वाराणसी रेंज के जौनपुर, गाजीपुर और चंदौली जनपदों में सफल संचालन के बाद यह सेवा 23 जनवरी से जनपद आजमगढ़ में भी शुरू कर दी गई है। ‘पुलिस सतर्क मित्र’ एक WhatsApp-आधारित ऑटोमेटेड चैटबोट है, जिसके माध्यम से आम नागरिक गोपनीय और सुरक्षित तरीके से अपराधों और अवैध गतिविधियों की सूचना पुलिस को दे सकते हैं। इसके लिए किसी अलग ऐप की आवश्यकता नहीं है, केवल WhatsApp के जरिए 7839860411 नंबर पर संदेश भेजना होता है। सेवा का उपयोग बेहद सरल है। नागरिक WhatsApp पर “Hi” भेजकर बातचीत शुरू कर सकते हैं, इसके बाद बोट भाषा चयन कराता है और क्रमशः घटना का प्रकार, स्थान, समय जैसी जानकारियाँ पूछता है। जरूरत पड़ने पर फोटो, वीडियो, ऑडियो या सीसीटीवी फुटेज भी साझा की जा सकती है। प्राप्त सूचनाओं की जांच पुलिस अधिकारी करते हैं और आवश्यक कार्रवाई की जाती है, जिसकी स्वचालित फीडबैक सूचना देने वाले को भी मिलती है। इस बोट के जरिए गौ-तस्करी, मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध हथियार, जुआ-सट्टा, महिला व बाल अपराध, मानव तस्करी, पुलिस भ्रष्टाचार, अवैध खनन सहित कई गंभीर मामलों की सूचना दी जा सकती है। सबसे खास बात यह है कि सूचना देने वाले की पहचान और मोबाइल नंबर पुलिस को दिखाई नहीं देते, जिससे लोग बिना किसी डर के अपने आसपास की अवैध गतिविधियों की जानकारी साझा कर सकते हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ‘पुलिस सतर्क मित्र’ का उद्देश्य जनता और पुलिस के बीच सुरक्षित संवाद स्थापित करना और तकनीक के माध्यम से अपराध पर तेज़ और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।


 एडीजी जोन वाराणसी पीयूष मोर्डिया ने ऑनलाइन प्रेस वार्ता में कहा, “‘पुलिस सतर्क मित्र’ WhatsApp बोट उत्तर प्रदेश पुलिस की एक तकनीक-आधारित और जनहितकारी पहल है। इसका उद्देश्य आम नागरिकों को बिना भय और बिना पहचान उजागर किए अपराध व अवैध गतिविधियों की सूचना देने का सुरक्षित मंच उपलब्ध कराना है। वाराणसी रेंज में इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं, जिसके बाद इसे आजमगढ़ जनपद में भी लागू किया गया है। हमें विश्वास है कि इस माध्यम से जनता और पुलिस के बीच विश्वास मजबूत होगा और अपराध नियंत्रण में तेजी आएगी।” उन्होंने आगे कहा कि “सूचना देने वाले की गोपनीयता पूरी तरह सुरक्षित रखी जाएगी और प्रत्येक प्राप्त सूचना पर गंभीरता से जांच कर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यह व्यवस्था अपराधियों के लिए चेतावनी और आम नागरिकों के लिए सुरक्षा कवच साबित होगी।

आजमगढ़ सरायमीर वाहन चेकिंग के बीच सवालों के घेरे में खाकी, बिना डिजिटल नंबर प्लेट और बीमा के दौड़ती दिखी दरोगा की बुलेट आम जनता पर सख्ती, लेकिन नियम तोड़ने पर पुलिसकर्मी पर कार्रवाई क्यों नहीं? सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो-तस्वीरों के बाद उठी निष्पक्ष जांच की मांग

आजमगढ़ सरायमीर वाहन चेकिंग के बीच सवालों के घेरे में खाकी, बिना डिजिटल नंबर प्लेट और बीमा के दौड़ती दिखी दरोगा की बुलेट



आम जनता पर सख्ती, लेकिन नियम तोड़ने पर पुलिसकर्मी पर कार्रवाई क्यों नहीं?


सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो-तस्वीरों के बाद उठी निष्पक्ष जांच की मांग



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार के निर्देश पर जनपद में चल रहे सघन वाहन चेकिंग अभियान के बीच एक मामला सामने आया है, जिसने विभागीय अनुशासन और निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आजमगढ़-लखनऊ मार्ग पर सरायमीर थाना क्षेत्र में एक दरोगा की बुलेट मोटरसाइकिल बिना डिजिटल नंबर प्लेट और वैध बीमा के दौड़ती नजर आई, जिसका वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। जानकारी के अनुसार, संबंधित दरोगा सरायमीर कस्बे में नियमित रूप से वाहन चेकिंग अभियान में सक्रिय रहते हैं और नियमों के उल्लंघन पर आम नागरिकों के चालान काटते देखे जाते हैं। वहीं उनकी स्वयं की बाइक पर न तो डिजिटल नंबर प्लेट लगी थी और न ही वैध बीमा पाया गया। ऑनलाइन जांच में बाइक का बीमा भी अमान्य बताया गया।


 स्थानीय लोगों का कहना है कि वाहन चेकिंग के दौरान आम नागरिकों से डिजिटल नंबर प्लेट न होने पर 5 से 10 हजार रुपये तक का जुर्माना, बीमा न होने पर 2 से 4 हजार रुपये तक का फाइन और कई मामलों में वाहन सीज तक किए जा रहे हैं। ऐसे में जब खुद कानून के रखवाले नियमों का पालन नहीं करते दिखें, तो जनता में असंतोष और अविश्वास स्वाभाविक है। इस प्रकरण ने न सिर्फ पुलिस प्रशासन की सख्ती पर सवाल उठाए हैं, बल्कि यह भी चर्चा का विषय बन गया है कि क्या कानून सबके लिए समान है। लोगों का कहना है कि यदि आम जनता से नियमों का पालन सख्ती से कराया जा रहा है, तो वही मानक पुलिसकर्मियों पर भी समान रूप से लागू होने चाहिए। जनता अब पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की अपेक्षा कर रही है, ताकि कानून का तराजू सभी के लिए बराबर रहे, चाहे वह आम नागरिक हो या वर्दीधारी हो या कोई भी अधिकारी हो।

 

Friday, 23 January 2026

आजमगढ़ फूलपुर दिनदहाड़े शिक्षक की मोटर साइकिल चोरी, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल वीआरसी जाते समय हुई वारदात, मौके से फरार हुए चोर, पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली

आजमगढ़ फूलपुर दिनदहाड़े शिक्षक की मोटर साइकिल चोरी, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल




वीआरसी जाते समय हुई वारदात, मौके से फरार हुए चोर, पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली 




उत्तर प्रदेश आजमगढ़ जनपद  फूलपुर खंड शिक्षा क्षेत्र अंतर्गत फूलपुर–माहुल मार्ग पर दिनदहाड़े मोटरसाइकिल चोरी की एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। बुधवार 21 तारीख को सुबह लगभग 11:30 बजे ग्राम सहजेरपुर के पास अज्ञात चोरों ने एक अध्यापक की मोटरसाइकिल चोरी कर ली, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। 


प्राप्त जानकारी के अनुसार, कम्पोजिट विद्यालय मख्खापुर में तैनात अध्यापक जितेन्द्र कुमार मिश्र बुधवार को समय से विद्यालय पहुँचे थे। सवा 11 बजे वे अपनी मोटरसाइकिल (संख्या यूपी 45 एएन 1010) से वीआरसी कार्यालय, खंड शिक्षा कार्यालय फूलपुर के लिए निकले। रास्ते में ग्राम सहजेरपुर के पास सड़क किनारे मोटरसाइकिल खड़ी कर वे लघुशंका के लिए रुके। कुछ ही देर बाद लौटने पर देखा तो उनकी मोटरसाइकिल मौके से गायब थी। दिनदहाड़े हुई इस घटना से अध्यापक स्तब्ध रह गए। ग्रामीणों की सूचना पर तत्काल फूलपुर कोतवाली को घटना से अवगत कराया गया। सूचना मिलते ही पुलिस की एक टीम, जिसमें एक उपनिरीक्षक व दो सिपाही शामिल थे, मौके पर पहुँची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। पुलिस पीड़ित अध्यापक को थाने ले गई, जहाँ उन्हें आश्वस्त किया गया कि घबराने की आवश्यकता नहीं है और मोटर साइकिल शीघ्र बरामद कर ली जाएगी। वहीं, पीड़ित जितेन्द्र कुमार मिश्र ने जनसुनवाई पोर्टल पर लिखित शिकायत दर्ज कराई है, हालांकि समाचार लिखे जाने तक मुकदमा पंजीकृत नहीं हो सका था। इस मामले में थाना प्रभारी सच्चिदानंद से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन नेटवर्क समस्या के कारण उनसे बात नहीं हो सकी। दिनदहाड़े हुई इस चोरी की घटना ने क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

आजमगढ़ गंभीरपुर पुलिस बनकर चेकिंग के नाम पर दुकानदार से ₹7 हजार की लूट, इलाके में हड़कंप गंभीरपुर थाना क्षेत्र के बनारस रोड स्थित मोहम्मदपुर गांव की घटना सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस, व्यापारियों में भय और आक्रोश


 आजमगढ़ गंभीरपुर पुलिस बनकर चेकिंग के नाम पर दुकानदार से ₹7 हजार की लूट, इलाके में हड़कंप


गंभीरपुर थाना क्षेत्र के बनारस रोड स्थित मोहम्मदपुर गांव की घटना


सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस, व्यापारियों में भय और आक्रोश




उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के गंभीरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बनारस रोड स्थित मोहम्मदपुर गांव में सैनिक ढाबा के पास एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। यहां खुद को पुलिसकर्मी बताने वाले एक शख्स ने चेकिंग के बहाने एक छोटे दुकानदार से ₹7,000 रुपये लूट लिए और मौके से फरार हो गया। पीड़ित दुकानदार की पहचान इकराम अहमद, निवासी ग्राम सार्सेना खालसा के रूप में हुई है, जो क्षेत्र में छोटी सी दुकान चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। पीड़ित के अनुसार, बीते दिन दोपहर के समय एक अज्ञात व्यक्ति उनकी दुकान पर पहुंचा और स्वयं को पुलिस विभाग का कर्मचारी बताते हुए जांच-पड़ताल शुरू कर दी। आरोपी ने रौब दिखाते हुए नियम-कानून का हवाला दिया और डराकर दुकानदार के पर्स से ₹7,000 रुपये निकाल लिए। अचानक हुई इस घटना से दुकानदार घबरा गया और इसी का फायदा उठाकर आरोपी मौके से फरार हो गया। घटना के बाद जब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ तो उन्होंने साहस दिखाते हुए सीधे गंभीरपुर थाने पहुंचकर लिखित तहरीर दी। 


पीड़ित ने पुलिस को आरोपी की गतिविधियों, बातचीत के अंदाज़ और घटना स्थल से जुड़ी जानकारी विस्तार से दी। मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना पुलिस ने निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ भी की जा रही है। इस घटना के बाद क्षेत्र के छोटे व्यापारियों में डर और आक्रोश का माहौल है। व्यापारियों का कहना है कि यदि कोई भी व्यक्ति पुलिस बनकर खुलेआम लूट कर सकता है, तो आम जनता की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि फर्जी पुलिस बनकर अपराध करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और जल्द ही आरोपी की गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है।

गोरखपुर इस लड़की के सामने DSP-दरोगा हुए भी न्यूड अंशिका ने रंगदारी न मिलने पर मैनेजर के दोस्त को मारी गोली, मामले में 12 पुलिसकर्मी फंसे

गोरखपुर इस लड़की के सामने DSP-दरोगा हुए भी न्यूड



अंशिका ने रंगदारी न मिलने पर मैनेजर के दोस्त को मारी गोली, मामले में 12 पुलिसकर्मी फंसे



उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में जन्मदिन के जश्न के दौरान युवक को गोली मारने वाली युवती का चौंकाने वाला आपराधिक चेहरा सामने आया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी युवती अंशिका एक शातिर ब्लैकमेलर है, जो बीते पांच वर्षों से लोगों को अश्लील वीडियो कॉल के जरिए फंसाकर उनसे पैसे वसूलती थी।


 सूत्रों के मुताबिक, अंशिका के मोबाइल फोन से बड़ी संख्या में अश्लील वीडियो बरामद हुए हैं। पुलिस की सख्त पूछताछ में उसने कबूल किया कि वह पहले लोगों से संपर्क करती थी, फिर न्यूड होकर वीडियो कॉल करती और कॉल को रिकॉर्ड कर लेती थी। इसके बाद वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उनसे मोटी रकम ऐंठती थी। पुलिस का दावा है कि अंशिका ने पिछले पांच साल में करीब 150 लोगों को ब्लैकमेल किया है। इनमें अयोध्या के एक DSP, गीडा थाना प्रभारी सहित 12 से अधिक पुलिसकर्मी भी शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस अब मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल्स और बैंक लेन-देन के जरिए पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है।


 घटना 20 जनवरी की है, जब अंशिका अपने दोस्तों के साथ मॉडल शॉप के पास जन्मदिन मना रही थी। इसी दौरान एक प्राइवेट हॉस्पिटल के मैनेजर से उसका विवाद हो गया। आरोप है कि अंशिका ने मैनेजर पर पिस्टल तान दी। छीना-झपटी के दौरान गोली चल गई, जो मैनेजर के दोस्त के पेट में जा लगी। घायल युवक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने अंशिका और उसके साथियों को पकड़ लिया। पुलिस ने अंशिका को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं उसके साथी बंटी वर्मा समेत पांच आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

 

Thursday, 22 January 2026

मुरादाबाद प्रेम संबंध के चलते युवक-युवती की पीट-पीटकर हत्या शव बोरी में भरकर नदी किनारे दबाए, 3 भाई नामजद, गांव में तनाव, पुलिस-पीएसी तैनात


 मुरादाबाद प्रेम संबंध के चलते युवक-युवती की पीट-पीटकर हत्या


शव बोरी में भरकर नदी किनारे दबाए, 3 भाई नामजद, गांव में तनाव, पुलिस-पीएसी तैनात



उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। पाकबड़ा थाना क्षेत्र के उमरी सब्जीपुर गांव में प्रेम संबंध के चलते युवक और युवती की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। दोनों अलग-अलग समुदाय से थे और बीते दो वर्षों से प्रेम संबंध में थे। घटना के बाद पूरे गांव में तनाव का माहौल है और एहतियातन भारी पुलिस बल व पीएसी तैनात कर दी गई है।


एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह के अनुसार, पाकबड़ा थाना क्षेत्र के उमरी सब्जीपुर निवासी मो. हनीफ का 27 वर्षीय बेटा अरमान गांव के ही गनपत सैनी की 20 वर्षीय बेटी काजल से प्रेम करता था। रविवार रात करीब साढ़े नौ बजे अरमान अपनी प्रेमिका से मिलने उसके घर पहुंचा। इसी दौरान काजल के तीन भाइयों, माता और पिता ने दोनों को पकड़ लिया। आरोप है कि लाठी-डंडों से जमकर पिटाई की गई और सिर पर फावड़ा मारकर दोनों की हत्या कर दी गई। हत्या के बाद आरोपियों ने दोनों शवों को बोरी में बंद किया और करीब दो किलोमीटर दूर बाबा नीम करौली मंदिर के पास गागन नदी किनारे गड्ढा खोदकर दबा दिया। रात करीब 12 बजे दोनों की पिटाई के दौरान चीख-पुकार भी सुनी गई, लेकिन ठंड और गलतफहमी के चलते ग्रामीण बाहर नहीं निकले।


 घटना का खुलासा तब हुआ जब अरमान के पिता मो. हनीफ ने बेटे की गुमशुदगी की सूचना पुलिस को दी और पड़ोसी परिवार पर शक जताया। पुलिस ने जांच शुरू कर युवती के पिता व भाइयों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उन्होंने हत्या की बात कबूल कर ली। पुलिस ने दोनों शव बरामद कर लिए हैं और हत्या में प्रयुक्त फावड़ा भी जब्त किया गया है। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने हत्या के बाद पुलिस को गुमराह करने की भी कोशिश की। पहले युवती की गुमशुदगी दर्ज कराई गई और शक अरमान व उसके परिवार पर डाला गया, ताकि जांच की दिशा भटकाई जा सके। बाद में जब सख्ती से पूछताछ की गई तो पूरा मामला सामने आ गया। मो. हनीफ की तहरीर पर युवती के तीन भाइयों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। एसएसपी सतपाल अंतिल ने बताया कि आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया है और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। गांव की मिश्रित आबादी को देखते हुए पाकबड़ा के साथ-साथ सिविल लाइंस, मझोला और मुंढापांडे थाना क्षेत्र से भी पुलिस बल बुलाया गया है। गांव की गलियों में लगातार गश्त की जा रही है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

आजमगढ़ 2 थाना प्रभारियों का तबादला, एक उपनिरीक्षक लाइन हाजिर


 आजमगढ़ 2 थाना प्रभारियों का तबादला, एक उपनिरीक्षक लाइन हाजिर



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा0 अनिल कुमार ने जनपद पुलिस में तैनात निरीक्षक एवं उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस के स्थानांतरण आदेश जारी किए गए हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किए गए हैं। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे तत्काल नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करें। 


जारी आदेश के अनुसार निरीक्षक जय प्रकाश जो अब तक प्रभारी विशेष चोरी अनावरण टीम के रूप में कार्यरत थे, उन्हें प्रभारी निरीक्षक दीदारगंज के पद पर तैनात किया गया है। वहीं निरीक्षक राकेश कुमार सिंह जो अब तक प्रभारी निरीक्षक दीदारगंज के पद पर कार्यरत थे, उनका स्थानांतरण कर उन्हें प्रभारी निरीक्षक पवई बनाया गया है।


 इसी क्रम में उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार मिश्र, जो थानाध्यक्ष पवई के पद पर तैनात थे, उनका स्थानांतरण कर पुलिस लाइन भेजा गया है। पुलिस प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे आदेश का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करें।



Wednesday, 21 January 2026

आजमगढ़ वीआईपी भ्रमण के चलते जनपद में किया गया रूट डायवर्जन 22 जनवरी को सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक भारी व अन्य वाहनों के बदले जाएंगे मार्ग


 आजमगढ़ वीआईपी भ्रमण के चलते जनपद में किया गया रूट डायवर्जन



22 जनवरी को सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक भारी व अन्य वाहनों के बदले जाएंगे मार्ग



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में 22 जनवरी 2026 को प्रस्तावित वीआईपी भ्रमण कार्यक्रम के दृष्टिगत यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रशासन द्वारा आंशिक रूट डायवर्जन लागू किया गया है। यह डायवर्जन प्रात: 10.00 बजे से 14.00 बजे तक प्रभावी रहेगा। 


जारी यातायात व्यवस्था के अनुसार पंचदेव चौराहा से कोई भी दोपहिया अथवा चारपहिया वाहन पुलिस लाइन गेट की ओर नहीं जाएगा, बल्कि सिविल लाइन होते हुए अग्रसेन चौराहा अथवा बंधे की ओर जाएगा।


 इसी प्रकार अग्रसेन तिराहा से कोई भी वाहन कलेक्ट्रेट एवं ट्रेजरी की ओर नहीं जाएगा, बल्कि दास फर्नीचर तिराहा, कोतवाली या बंधे की ओर मोड़ दिया जाएगा। 


गांधी तिराहा से ट्रेजरी की ओर जाने वाले वाहनों को प्रतिबंधित किया गया है। ये वाहन रैदोपुर अथवा काली चौरा की ओर से होकर जाएंगे। वहीं रैदोपुर तिराहा से नेहरू हॉल की ओर वाहनों का आवागमन बंद रहेगा और वाहनों को गांधी तिराहा अथवा सिधारी पुल की ओर भेजा जाएगा।


 इसी क्रम में छतवारा चौराहा से किसी भी बड़े वाहन को हाइडिल चौराहे की ओर जाने की अनुमति नहीं होगी। ऐसे वाहन बेलइसा चौराहा होते हुए अपने गंतव्य को जाएंगे। बागेश्वर चौराहा से चार पहिया, मालवाहक एवं बड़े वाहनों को बंधा मोड़ तिराहा की ओर जाने से रोका गया है, जिन्हें हरवंशपुर तिराहा के रास्ते भेजा जाएगा। 


नरौली तिराहा से भी चारपहिया, मालवाहक एवं बड़े वाहनों का बंधा मोड़ की ओर जाना प्रतिबंधित रहेगा। ये वाहन पहलवान तिराहा व हरवंशपुर तिराहा होकर जाएंगे। शारदा तिराहा से किसी भी चारपहिया, मालवाहक अथवा बड़े वाहन को गिरिजाघर चौराहे की ओर नहीं जाने दिया जाएगा, बल्कि रैदोपुर तिराहा और काली चौरा के रास्ते गंतव्य की ओर भेजा जाएगा।


 नोट: उपरोक्त रूट डायवर्जन 22 जनवरी 2026 को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक लागू रहेगा। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे असुविधा से बचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करें तथा यातायात पुलिस का सहयोग करें।

आजमगढ़ थाना कोतवाली अमीन की हत्या में आया जिले का चर्चित का नाम ₹70 लाख की वसूली विवाद में हत्या का आरोप


 आजमगढ़ थाना कोतवाली अमीन की हत्या में आया जिले का चर्चित का नाम



₹70 लाख की वसूली विवाद में हत्या का आरोप



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के थाना कोतवाली क्षेत्र में तहसील सदर में तैनात अमीन सुरेश उपाध्याय की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या मामला में मृतक के पुत्र विकास उपाध्याय की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित के अनुसार उनके पिता सुरेश उपाध्याय 17 जनवरी 2026 को अचानक लापता हो गए थे, जिसकी लिखित सूचना उसी दिन थाना कोतवाली में दी गई थी। सुरेश उपाध्याय तहसील सदर में अमीन के पद पर कार्यरत थे और वसूली के सिलसिले में लगभग 70 लाख रुपये की आरसी लेकर रूबी सिंह पुत्री चंद्रशेखर सिंह, निवासी मोहल्ला रैदोपुर, के घर गए थे।


 परिजनों का आरोप है कि रूबी सिंह के घर पर उनके चाचा ने यह कहते हुए धमकी दी कि “गलत जगह हाथ डाले हो, इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।” बाद में यह जानकारी मिली कि रूबी सिंह ने अपना नाम बदलकर आकांक्षा रख लिया है और ओमप्रकाश सिंह निवासी अहिरौला से विवाह कर लिया है। जब अमीन सुरेश उपाध्याय ओमप्रकाश सिंह के पास वसूली के लिए पहुंचे तो वहां से भी उन्हें गंभीर धमकी दी गई। परिजनों के मुताबिक धमकियों के बाद सुरेश उपाध्याय लगातार भयभीत रहते थे और परिजनों से कहते थे कि ओमप्रकाश सिंह, रूबी सिंह उर्फ आकांक्षा और रूबी सिंह के चाचा अपराधी प्रवृत्ति के लोग हैं, जिनसे बच पाना मुश्किल है। विकास उपाध्याय ने आशंका जताई है कि ओमप्रकाश सिंह, भूपेंद्र सिंह उर्फ मुन्ना सिंह (ठेकमा) तथा रूबी सिंह उर्फ आकांक्षा और उनके चाचा ने मिलकर उनके पिता का अपहरण कर हत्या कर दी और शव को सिधारी स्थित बसपा कार्यालय के पीछे फेंक दिया।


 इस संबंध में कोतवाली पुलिस ने ओमप्रकाश सिंह, रुबी सिंह उर्फ आकांक्षा, रुबी सिंह के चाचा नाम अज्ञात सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर लिया है। प्रभारी निरीक्षक के निर्देश पर मामले की विवेचना प्रारंभ कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


https://www.news9up.com/2026/01/17.html

Tuesday, 20 January 2026

आजमगढ़ सिधारी लापता अमीन का मिला शव 17 जनवरी को वसूली कार्य के लिए निकले थे, पहुंची पुलिस


 आजमगढ़ सिधारी लापता अमीन का मिला शव



17 जनवरी को वसूली कार्य के लिए निकले थे, पहुंची पुलिस



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के सिधारी थाना क्षेत्र स्थित बसपा कार्यालय से कुछ दूर पर लापता अमीन सुरेश उपाध्याय का शव मिलने के बाद सनसनी मच गयी। सूचना पर पहुंची पुलिस कानूनी कार्यवाही में जुट गयी। बता दें कि तहसील सदर आजमगढ़ में अमीन के पद पर कार्यरत सुरेश उपाध्याय (58 वर्ष) बीते शुक्रवार 17 जनवरी 2026 को प्रात: लगभग 10:22 बजे तहसील सदर में उपस्थित थे और इसके बाद वसूली कार्य के लिए चौक एवं सिधारी क्षेत्र की ओर निकले थे, लेकिन देर शाम तक वे अपने घर वापस नहीं पहुंचे।


 जिनकी तलाश की जा रही थी। मंगलवार को सिधारी थाना क्षेत्र स्थित बसपा कार्यालय से कुछ दूरी पर उनका शव मिलने से सनसनी मच गयी। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस कानूनी कार्यवाही में जुट गयी।


https://www.news9up.com/2026/01/70.html

सहारनपुर संग्रह अमीन सहित पूरे परिवार को गोली मार कर उतारा मौत के घाट किराए के मकान में हुई दिल दहला देने वाली घटना मृतकों में संग्रह अमीन, पत्नी, मां और 2 नाबालिग बेटे शामिल


 सहारनपुर संग्रह अमीन सहित पूरे परिवार को गोली मार कर उतारा मौत के घाट


किराए के मकान में हुई दिल दहला देने वाली घटना


मृतकों में संग्रह अमीन, पत्नी, मां और 2 नाबालिग बेटे शामिल



उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जनपद के सरसावा कस्बे में सोमवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब एक किराए के मकान में संग्रह अमीन और उनके परिवार के पांच सदस्यों के गोली लगे शव बरामद किए गए। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। मृतकों की पहचान संग्रह अमीन अशोक (40), उनकी मां विद्यावती (70), पत्नी अंजिता (35) और दो बेटे कार्तिक (16) व देव (13) के रूप में हुई है। 


प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अशोक को कनपटी पर गोली लगी थी, जबकि उनकी मां, पत्नी और दोनों बेटों को माथे पर गोली मारी गई है।सूचना मिलने पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य संकलन शुरू किया। पुलिस के अनुसार अशोक नकुड़ तहसील में संग्रह अमीन के पद पर तैनात थे और परिवार के साथ सरसावा कस्बे में किराए के मकान में रह रहे थे। घटनास्थल से एक तमंचा भी बरामद किया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच आत्महत्या की आशंका के आधार पर कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही घटना के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। इस हृदयविदारक घटना के बाद क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल बना हुआ है।

Monday, 19 January 2026

आजमगढ़ नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आरोपी को 7 साल की सश्रम कैद बहला-फुसलाकर किशोरी को भगाने और दुष्कर्म का मामला 5 गवाहों की गवाही के आधार पर सुनाया गया फैसला


 आजमगढ़ नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आरोपी को 7 साल की सश्रम कैद



बहला-फुसलाकर किशोरी को भगाने और दुष्कर्म का मामला


5 गवाहों की गवाही के आधार पर सुनाया गया फैसला



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में नाबालिग किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए कड़ी सजा सुनाई है। पाक्सो कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए सात वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा का आदेश दिया है। पाक्सो कोर्ट के न्यायाधीश संतोष कुमार यादव ने सोमवार को यह फैसला सुनाया। 


अभियोजन के अनुसार, जहानागंज थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली नाबालिग किशोरी, जो अपने ननिहाल में रह रही थी, को 27 मई 2015 को आरोपी सुरजीत राम बहला-फुसलाकर भगा ले गया। इसके बाद आरोपी ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। पुलिस द्वारा जांच पूरी कर आरोपी के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की गई थी। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक अवधेश मिश्रा, एडीजीसी दौलत यादव एवं वंश गोपाल सिंह उर्फ पप्पू सिंह एडवोकेट ने कुल पांच गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी सुरजीत राम को सात वर्ष के सश्रम कारावास और सात हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

आजमगढ़ चर्चित माफिया को सजा दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले 3 पुलिसकर्मी किये गये सम्मानित आपरेशन कन्विक्शन के तहत एसएसपी ने किया सम्मान, अन्य पुलिसकर्मियों को दी प्रेरणा


 आजमगढ़ चर्चित माफिया को सजा दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले 3 पुलिसकर्मी किये गये सम्मानित


आपरेशन कन्विक्शन के तहत एसएसपी ने किया सम्मान, अन्य पुलिसकर्मियों को दी प्रेरणा



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में आपरेशन कन्विक्शन के तहत एक महत्वपूर्ण मामले में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ द्वारा सम्मानित किया गया। प्रदेश स्तर पर चिन्हित माफिया अभियुक्त को सजा दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले तीन पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार ने सोमवार को पुलिस कार्यालय आजमगढ़ में थाना तरवाँ से जुड़े एक महत्वपूर्ण अभियोग में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। यह सम्मान आपरेशन कन्विक्शन के अंतर्गत प्रदेश स्तर पर चिन्हित माफिया अभियुक्त अखण्ड प्रताप सिंह को सजा दिलाने में प्रभावी भूमिका निभाने पर दिया गया।


 एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने सम्मानित पुलिसकर्मियों के कार्यों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और जनपद के अन्य पुलिसकर्मियों से भी उनसे प्रेरणा लेने का आह्वान किया। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक नगर मधुबन कुमार सिंह एवं क्षेत्राधिकारी सदर आस्था जायसवाल भी मौजूद रहीं। प्रशस्ति पत्र पाने वाले पुलिसकर्मी—मुख्य आरक्षी गजानन सरोज (मॉनिटरिंग सेल), मुख्य आरक्षी अजय कुमार सिंह (कोर्ट पैरोकार), आरक्षी अरविंद कुमार कुशवाहा (कोर्ट मोहर्रिर)।

आगरा पुरानी इंस्टाग्राम रील बनीं मुसीबत, इंस्पेक्टर शैली राणा 15 दिन की छुट्टी पर मारपीट कांड में चार्जशीट में देरी, साजिश रचने के आरोप में पुलिसकर्मी भी घेरे में


 आगरा पुरानी इंस्टाग्राम रील बनीं मुसीबत, इंस्पेक्टर शैली राणा 15 दिन की छुट्टी पर



मारपीट कांड में चार्जशीट में देरी, साजिश रचने के आरोप में पुलिसकर्मी भी घेरे में



उत्तर प्रदेश आगरा, इंस्पेक्टर शैली राणा एक बार फिर विवादों में घिर गई हैं। 16 महीने पुराने मारपीट के मामले के बाद संवेदनशील मंटोला थाने की जिम्मेदारी मिलने के ठीक अगले दिन उनकी पुरानी इंस्टाग्राम रील्स साजिश के तहत वायरल कर दी गईं। विवाद बढ़ते ही इंस्पेक्टर शैली राणा अवसाद में चली गईं और उन्होंने 15 दिन की छुट्टी ले ली है। उनके अवकाश पर जाने के बाद पुलिस आयुक्त ने इंस्पेक्टर सुरेश चंद को प्रभारी निरीक्षक मंटोला नियुक्त किया है।


 दरअसल, 3 अगस्त 2024 को तत्कालीन इंस्पेक्टर रकाबगंज शैली राणा के सरकारी आवास के बाहर उनके साथ मारपीट की गई थी। इस घटना में मेरठ निवासी गीता नागर, उनकी भाभी सोनिका, भाई ज्वाला सिंह, भतीजे दिग्विजय सिंह, अधिराज सहित अन्य लोग शामिल थे। हमलावर अपने साथ मीडिया कर्मियों को भी लेकर आए थे और मारपीट का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया था। उस समय शैली राणा ने जानलेवा हमला, बलवा, गाली-गलौज और मारपीट जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था।


 शुरुआती जांच में दो मुख्य आरक्षियों को निलंबित और दो दारोगा समेत छह पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया था। शैली राणा का आरोप है कि इस पूरे प्रकरण में वह पीड़िता हैं, लेकिन उन्हें ही आरोपित बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने अपने बयान में दारोगा सुनील लांबा और आरक्षी विशाल यादव पर साजिश रचने, हमलावरों को सूचना देने और वीडियो वायरल कराने का आरोप लगाया था। 


पुलिस जांच में भी दोनों के खिलाफ साक्ष्य मिलने की बात सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, मामले में विभागीय जांच एडीसीपी पूनम सिरोही द्वारा की जा रही है और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है। इधर, अगस्त 2024 के मुकदमे में अब तक चार्जशीट दाखिल न होने का मामला पुलिस आयुक्त के संज्ञान में आया है। इसके बाद जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें संबंधित पुलिसकर्मियों के नाम भी शामिल किए जाने की तैयारी है। शैली राणा का कहना है कि उनकी इंस्टाग्राम रील्स छह साल पुरानी थीं और अकाउंट प्राइवेट था, जिसे बार-बार साजिश के तहत वायरल कर उनके चरित्र को बदनाम किया गया।

Sunday, 18 January 2026

आजमगढ़ मुबारकपुर पुलिस–बदमाश मुठभेड़, हत्या के मामले में वांछित अभियुक्त गोली लगने से घायल, गिरफ्तार घरेलू विवाद में हत्या के मामले में था नामजद, पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे, तमंचा व कारतूस बरामद


 आजमगढ़ मुबारकपुर पुलिस–बदमाश मुठभेड़, हत्या के मामले में वांछित अभियुक्त गोली लगने से घायल, गिरफ्तार


घरेलू विवाद में हत्या के मामले में था नामजद, पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे, तमंचा व कारतूस बरामद


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में अपराध नियंत्रण एवं वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना मुबारकपुर पुलिस और एक वांछित अभियुक्त के बीच मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ के दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अभियुक्त गोली लगने से घायल हो गया, जिसे मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार 17 जनवरी 2026 की रात प्रभारी निरीक्षक मुबारकपुर के नेतृत्व में पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि एक वांछित अभियुक्त अमिलो क्षेत्र में मौजूद है।


 सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर संदिग्ध को रोकने का प्रयास किया। खुद को घिरता देख अभियुक्त ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षार्थ नियंत्रित जवाबी कार्रवाई की, जिसमें अभियुक्त के दाहिने पैर में गोली लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा।घायल अभियुक्त की पहचान सालिम पुत्र हफीजुर्रहमान, निवासी अमिलो, थाना मुबारकपुर, उम्र लगभग 24 वर्ष के रूप में हुई है। उसे तत्काल काबू में लेकर प्राथमिक उपचार के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुबारकपुर भेजा गया। मौके से एक देशी तमंचा .315 बोर, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस तथा एक मिस जिंदा कारतूस बरामद किया गया। घटना के संबंध में थाना मुबारकपुर पर संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। घटनास्थल पर फील्ड यूनिट द्वारा वैज्ञानिक साक्ष्य भी संकलित किए गए। पुलिस ने बताया कि अभियुक्त सालिम घरेलू विवाद को लेकर हुई एक गंभीर घटना में वांछित था।


 13 जनवरी 2026 की रात घरेलू विवाद और संपत्ति में हिस्सेदारी को लेकर लाठी-डंडों व लोहे की रॉड से मारपीट की गई थी, जिसमें एक व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो गई थी, जबकि महिला गंभीर रूप से घायल है। इस मामले में अभियुक्त सहित आठ लोगों के खिलाफ पहले ही मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। पुलिस के अनुसार अभियुक्त का आपराधिक इतिहास भी रहा है और उसके खिलाफ पूर्व में कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

आजमगढ़ मुबारकपुर ट्रक–ट्रेलर–कार की भिड़ंत में 2 की मौत बिहार से बरेली जा रहा था परिवार, घने कोहरे के कारण हुई घटना


 आजमगढ़ मुबारकपुर ट्रक–ट्रेलर–कार की भिड़ंत में 2 की मौत


बिहार से बरेली जा रहा था परिवार, घने कोहरे के कारण हुई घटना



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में रविवार की सुबह करीब साढ़े सात बजे मुबारकपुर थाना क्षेत्र के सठियांव के पास पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के 254 किलोमीटर पॉइंट पर यह दर्दनाक हादसा हुआ। घने कोहरे के कारण दृश्यता कम थी। पहले से खड़े एक ट्रक में पीछे से तेज रफ्तार ट्रेलर जा टकराया, वहीं ट्रेलर के पीछे चल रही कार भी उससे भिड़ गई।हादसे में ट्रेलर चालक और कार चालक की मौके पर ही मौत हो गई। ट्रेलर चालक की पहचान समाचार लिखे जाने तक नहीं हो सकी थी।


 कार चालक की पहचान बिहार के लखीसराय निवासी 39 वर्षीय पवन कुमार मेहता के रूप में हुई है। कार में सवार अन्य पांच लोग—37 वर्षीय प्रभात कुमार मेहता, 65 वर्षीय विमला, 45 वर्षीय रमन, 55 वर्षीय बबिता और 49 वर्षीय रूपा मेहता—गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को पुलिस ने तत्काल एंबुलेंस की मदद से मंडलीय अस्पताल पहुंचाया। पुलिस के अनुसार कार सवार सभी लोग बिहार से बरेली जा रहे थे। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर यातायात सुचारू कराया और आगे की कार्रवाई में जुट गई है।

Saturday, 17 January 2026

आजमगढ़ में भ्रष्टाचार पर SSP की बड़ी कार्रवाई, 16 थानों के 34 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर लगातार शिकायतों और जांच में कदाचार उजागर, पासपोर्ट सेल से जुड़े कर्मी भी चपेट में 19 थानों से 94 पुलिसकर्मियों का तबादला, लंबे समय से जमे कर्मियों पर गिरी गाज


 आजमगढ़ में भ्रष्टाचार पर SSP की बड़ी कार्रवाई, 16 थानों के 34 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर



लगातार शिकायतों और जांच में कदाचार उजागर, पासपोर्ट सेल से जुड़े कर्मी भी चपेट में


19 थानों से 94 पुलिसकर्मियों का तबादला, लंबे समय से जमे कर्मियों पर गिरी गाज



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में भ्रष्टाचार और कदाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। जिले के 16 थानों में तैनात 34 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है। इन पुलिसकर्मियों के विरुद्ध लंबे समय से लगातार शिकायतें मिल रही थीं। जांच में कई पुलिसकर्मी आर्थिक अनियमितताओं और कदाचार में संलिप्त पाए गए, जिसके बाद यह सख्त कदम उठाया गया।लाइन हाजिर किए गए पुलिसकर्मियों में कुछ ऐसे भी शामिल हैं, जो वर्षों से थानों और पुलिस चौकियों पर जमे हुए थे और उन पर अवैध वसूली व आर्थिक लाभ लेने के गंभीर आरोप थे। एसएसपी ने साफ संदेश दिया है कि जिले में भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इससे पहले भी भ्रष्टाचार के मामलों में सब-इंस्पेक्टर को जेल भेजा जा चुका है और कई पुलिसकर्मी निलंबित हो चुके हैं। 


कार्रवाई के तहत गंभीरपुर थाने के चार पुलिसकर्मियों—योगेंद्र मौर्य (पासपोर्ट सेल), आनंद पांडेय, रत्नेश और सुरेश—को लाइन हाजिर किया गया है। गंभीरपुर थाना क्षेत्र में पासपोर्ट के नाम पर आर्थिक अपराध के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। इसके अलावा देवगांव कोतवाली, मुबारकपुर, पवई, दीदारगंज, मेंहनगर, बिलरियागंज, महाराजगंज, अतरौलिया, अहिरौला, तहबरपुर, निजामाबाद, जहानागंज, कप्तानगंज, सरायमीर और रानी की सराय थानों से जुड़े कुल 34 पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन भेजा गया है। इसके साथ ही जिले की कानून व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से 19 थानों से 94 पुलिसकर्मियों का स्थानांतरण भी किया गया है। इनमें सिधारी, रानी की सराय, कंधरापुर, मुबारकपुर, कोतवाली, रौनापार, अतरौलिया सहित अन्य थाने शामिल हैं। लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात पुलिसकर्मियों को दूसरे थानों में भेजा गया है। वहीं बरदह थाने पर पासपोर्ट कार्य देख रहे अजीत कुशवाहा के खिलाफ भी पासपोर्ट के नाम पर आर्थिक अपराध की लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। एसएसपी डॉ. अनिल कुमार की इस कार्रवाई को जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति के रूप में देखा जा रहा है, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

आजमगढ़ फूलपुर तालाब से ईंट-भट्ठा मजदूर का शव बरामद, मचा हड़कंप 3 दिन से लापता था मजदूर, अधिक शराब सेवन से हादसे की आशंका

आजमगढ़ फूलपुर तालाब से ईंट-भट्ठा मजदूर का शव बरामद, मचा हड़कंप



3 दिन से लापता था मजदूर, अधिक शराब सेवन से हादसे की आशंका



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के फूलपुर थाना क्षेत्र के लोनियाडीह गांव में एमडीके ईंट उद्योग के बगल मत्स्य पालन के लिए बने तालाब में एक शव उतराता देख ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया। मृतक की पहचान ईंट-भट्ठे पर काम करने वाले मजदूर के भाई डब्लू ने अपने सगे भाई बबलू (35) पुत्र मिलटू निवासी बाकलकोल थाना अहिरौला के रूप में की। शव की शिनाख्त होने के बाद पुलिस ने पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर शव को चिकित्सीय परीक्षण (पोस्टमार्टम) के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। 


परिजनों के अनुसार बबलू अपने भाई डब्लू के साथ लोनियाडीह गांव स्थित एमडीके ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करता था। करीब एक माह पूर्व बबलू की पत्नी निशा उसे छोड़कर चली गई थी, जिसके बाद से वह अत्यधिक शराब का सेवन करने लगा था। बताया गया कि तीन दिन पहले बबलू अचानक भट्ठे से गायब हो गया था। उसकी काफी तलाश की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। 


अंतत: शुक्रवार को उसका शव तालाब में मिला। मृतक के भाई डब्लू का कहना है कि संभवत: अत्यधिक शराब के सेवन के कारण बबलू तालाब के गड्ढे में गिर गया और डूबने से उसकी मौत हो गई। मृतक के परिवार में एक पुत्र और दो पुत्रियां हैं। इस संबंध में थाना प्रभारी फूलपुर सच्चिदानन्द ने बताया कि तालाब से शव बरामद हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

 

आजमगढ़ देवगांव 3 वर्षीय बालक की संदिग्ध मौत मामले में युवती गिरफ्तार शव को कब्र से निकालकर हुए पोस्टमार्टम के बाद हत्या की पुष्टि, दर्ज हुआ मुकदमा मृतक की मां की शिकायत पर हुई कार्रवाई, आरोपी को घर के सामने से दबोचा


 आजमगढ़ देवगांव 3 वर्षीय बालक की संदिग्ध मौत मामले में युवती गिरफ्तार



शव को कब्र से निकालकर हुए पोस्टमार्टम के बाद हत्या की पुष्टि, दर्ज हुआ मुकदमा


मृतक की मां की शिकायत पर हुई कार्रवाई, आरोपी को घर के सामने से दबोचा



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के देवगांव थाना क्षेत्र के ग्राम चेवारपुर पूरब (मुसऊपुर) में 3 वर्षीय बालक की संदिग्ध मृत्यु के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अभियुक्ता को गिरफ्तार किया है। यह घटना 13 दिसंबर 2025 की है, जब बालक का शव उस स्थान पर मिला था, जहां भैंसें बांधी जाती हैं। उस समय परिजनों ने भैंस के खुर लगने से मौत की आशंका जताई थी और बिना पुलिस को सूचना दिए शव को दफना दिया गया था। कुछ दिनों बाद मृतक की मां रिबिका पत्नी गुलाबचन्द्र ने अपने बेटे की हत्या की आशंका जताते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ को प्रार्थना पत्र दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए देवगांव पुलिस ने जिलाधिकारी से शव उत्खनन की अनुमति मांगी। आदेश मिलने के बाद 14 जनवरी 2026 को मजिस्ट्रेट व क्षेत्राधिकारी की मौजूदगी में वीडियोग्राफी कर शव को बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। 


डॉक्टरों के पैनल द्वारा किए गए पोस्टमार्टम में हत्या की पुष्टि होने के बाद थाना देवगांव में मु0अ0सं0 33/2026 धारा 103(1) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। जांच के आधार पर पुलिस ने अभियुक्ता प्रिया पुत्री राजेश निवासी ग्राम चेवार पूरब (मुसऊपुर) को 16 जनवरी 2026 को सुबह करीब 11.30 बजे उसके घर के सामने से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार अन्य आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक विमल प्रकाश राय, हेड कांस्टेबल ओमप्रकाश सिंह, कांस्टेबल शैलेन्द्र कुमार तथा महिला आरक्षी सोनम यादव शामिल रहीं।

Friday, 16 January 2026

आजमगढ़ तहबरपुर विकास के नाम पर प्रधान पर लाखों रुपये गबन करने का आरोप जिलाधिकारी आजमगढ़ ने ग्रामीणों की शिकायत पर जांच के दिये आदेश पर गठित टीम नहीं पहुंची गांव...


 आजमगढ़ तहबरपुर विकास के नाम पर प्रधान पर लाखों रुपये गबन करने का आरोप 



जिलाधिकारी आजमगढ़ ने ग्रामीणों की शिकायत पर जांच के दिये आदेश पर गठित टीम  नहीं पहुंची गांव...



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के विकास खण्ड तहबरपुर क्षेत्र के ग्राम जमालपुर काजी के ग्राम प्रधान पर ग्राम विकास के नाम पर इंडिया मार्का हैण्ड पम्प की रिबोर,पोल लाइट,नाली निर्माण,सहित अनेकों मद में बिना कार्य कराए फर्जी बाउचर लगाकर धन निकालने का आरोप लगा है।


ग्रामीणों ने बताया की जब इस घपले की जानकारी हुई और जांच पड़ताल किया गया तो 21लाख 11 हजार 728  रूपये का मामला प्रकाश में आया है।जिसको ग्रामीणों ने अपनी बयान हल्फी में भी दिया। और दिनाँक 11/9/2025 को लिखित शिकायत जिलाधिकारी आजमगढ़ से की गयी जिस पर कार्यवाही व जांच कराने के लिए डीपीआरओ आजमगढ़ को निर्देशित किया गया इसी संदर्भ में कमेटी गठित कर भ्रष्टाचार की जांच का आदेश दिया गया। परन्तु जांच कमेटी गांव में न जाकर शिक़ायत करने वालों को जिले पर बुलाकर मामला रफा दफा का दबाव बना रही है।जिसको लेकर शिकायत कर्ताओं में काफी आक्रोश है। प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन जहां भ्रष्टाचार करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही करने की बात करती है। वहीं भ्रष्टाचार उजागर होने पर कार्यवाही करने के बजाय शिकायत करने वालों को पड़ताड़ित व धमकी दी जा रही है।



आजमगढ़ से अबुल बशर आज़मी की रिपोर्ट।

हरदोई जीजा-साली ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, रेलवे ट्रैक पर क्षत-विक्षत मिले शव प्रेम प्रसंग में आत्महत्या की आशंका, सोशल मीडिया से हुई पहचान


 हरदोई जीजा-साली ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, रेलवे ट्रैक पर क्षत-विक्षत मिले शव


प्रेम प्रसंग में आत्महत्या की आशंका, सोशल मीडिया से हुई पहचान


उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के देहात कोतवाली क्षेत्र में लखनऊ–दिल्ली रेलवे ट्रैक पर बुधवार देर रात एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां जीजा-साली ने ट्रेन के आगे खड़े होकर आत्महत्या कर ली। हादसा खदरा रेलवे क्रॉसिंग के पास रात करीब सवा दो बजे हुआ। ट्रेन से कटने के कारण दोनों के शव क्षत-विक्षत हो गए थे। सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल होने के बाद परिजन मोर्चरी पहुंचे, जहां तिल और कपड़ों के आधार पर शवों की पहचान की गई। मृतकों की पहचान बघौली थाना क्षेत्र के गड़ेउरा निवासी रितेश कुमार सिंह (28) और मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के सुमेरपुर निवासी मुस्कान (23) के रूप में हुई। दोनों आपस में जीजा-साली थे। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला प्रेम प्रसंग का प्रतीत हो रहा है। अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी एमपी सिंह ने सीओ और कोतवाल के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया।

 परिजनों के मुताबिक रितेश हरियाणा के बहादुरगढ़ में एक फैक्ट्री में काम करता था। उसकी शादी जुलाई 2024 में शिवी सिंह से हुई थी, लेकिन बीते कई महीनों से वह घर नहीं आया था। 13 जनवरी 2026 को मुस्कान दवा लेने की बात कहकर घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों को संदेह था कि रितेश उसे अपने साथ ले गया है। बुधवार रात रितेश शहर के सुभाषनगर स्थित अपनी बुआ के घर पहुंचा, जहां बैग और मोबाइल छोड़कर जरूरी काम से बाहर जाने की बात कहकर निकल गया। बाद में सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर मुस्कान को भी उसी इलाके में देखा गया, जिससे दोनों के साथ निकलने की पुष्टि हुई है। लखनऊ–दिल्ली रेल मार्ग पर खंभा नंबर 1173 के पास दोनों ने ट्रेन के आगे खड़े होकर जान दी। इस दौरान हावड़ा से काठगोदाम जा रही बाघ एक्सप्रेस के लोको पायलट ने शव देखकर ट्रेन रोक दी, जिससे करीब 45 मिनट तक ट्रेन खड़ी रही। घने कोहरे के कारण शव हटाने में भी समय लगा। सीओ सिटी अंकित मिश्रा ने बताया कि अब तक की जांच में प्रेम प्रसंग के चलते आत्महत्या का मामला सामने आया है। अन्य पहलुओं पर भी जांच जारी है।