आजमगढ़ फर्जी ट्रेडिंग ऐप से ₹1 करोड़ की साइबर ठगी का पर्दाफाश, बैंककर्मी सहित 2 अन्तर्राज्यीय आरोपी गिरफ्तार
बैंक कर्मियों की संलिप्तता उजागर, म्यूल खातों और फर्जी सिम से चल रहा था ठगी का नेटवर्क
देशभर से 12 शिकायतें, पुलिस ने नागरिकों को APK ऐप्स से बचने की दी सलाह
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने NEXT TRADE नामक फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए की जा रही संगठित ऑनलाइन ठगी का बड़ा खुलासा किया है। अब तक की जांच में इस गिरोह द्वारा लगभग ₹01 करोड़ की साइबर ठगी किए जाने का तथ्य सामने आया है। इस मामले में देश के विभिन्न राज्यों से करीब 12 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक यातायात विवेक त्रिपाठी के पर्यवेक्षण एवं क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम श्रीमती आस्था जायसवाल के मार्गदर्शन में साइबर थाना पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस ने उज्जैन और इंदौर (मध्य प्रदेश) से जुड़े दो अन्तर्राज्यीय शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। थाना साइबर क्राइम आजमगढ़ पर पंजीकृत मुकदमा संख्या 29/2025 धारा 318(4), 319(2) BNS एवं 66D आईटी एक्ट के अंतर्गत विवेचना के दौरान यह खुलासा हुआ। पूछताछ और बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 111(1) BNS की भी बढ़ोत्तरी की गई है।
वादी अशोक कुमार अग्रवाल, निवासी बदरका, कोतवाली आजमगढ़ ने शिकायत दर्ज कराई कि उन्होंने फेसबुक पर NEXT TRADE का विज्ञापन देखकर दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया। आरोपियों ने अधिक लाभ का लालच देकर फर्जी ऐप डाउनलोड कराया और निवेश के लिए प्रेरित किया। पीड़ित ने कुल ₹8,99,000 जमा किए। प्रारंभ में ऐप पर मुनाफा दिखाया गया, लेकिन निकासी के प्रयास पर उनकी आईडी ब्लॉक कर दी गई। पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वे एक संगठित गिरोह के रूप में कार्य करते थे। निवेशकों से प्राप्त धनराशि म्यूल बैंक खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी। जांच में कुछ बैंक कर्मियों की संलिप्तता भी सामने आई है, जो पहले से हस्ताक्षरित ब्लैंक चेक उपलब्ध कराते थे। खाते में पैसा आते ही तत्काल चेक के माध्यम से निकासी कर ली जाती थी।
गिरफ्तार अभियुक्तों में इन्द्रजीत डे – निवासी उज्जैन (म.प्र.), अंकेश धाकड़ – (कोटक महिन्द्रा बैंक, इंदौर में कार्यरत है) शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 03 मोबाइल फोन, 03 एटीएम कार्ड, 02 चेक बुक, 01 बैंक आईडी, 01 जियो सिम कार्ड और ₹870 नगद बरामद किए हैं। इस प्रकरण में बैंक कर्मी सहित चार अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। जनहित में पुलिस की सलाह : पुलिस ने आमजन से अपील की है कि केवल आधिकारिक ऐप स्टोर से ही ऐप डाउनलोड करें, अनधिकृत APK फाइलों और सोशल मीडिया लिंक से बचें तथा किसी भी संदिग्ध ऐप की सूचना तुरंत साइबर पुलिस को दें।

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