Wednesday, 18 December 2024

जौनपुर SP ने लिया एक्शन, 11 पुलिसकर्मी निलंबित प्रपत्र रजिस्टर खोलते ही उड़े होश; लगा डाली क्लास, जांच भी बैठा दी


 जौनपुर SP ने लिया एक्शन, 11 पुलिसकर्मी निलंबित


प्रपत्र रजिस्टर खोलते ही उड़े होश; लगा डाली क्लास, जांच भी बैठा दी



उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के पुलिस अधीक्षक डाॅ0 अजय पाल शर्मा ने बीती रात विभिन्न थानों के 11 पुलिसकर्मियों को निलंबित करते हुए जांच बैठा दी है। जिले के विभिन्न थानों का प्रपत्र रजिस्टर मंगवाया, जिससे आवेदकों से मोबाइल से फीडबैक लिया जा सके। इसमें आवेदकों का मोबाइल नंबर अंकित नहीं था। इससे स्पष्ट है कि जान-बूझकर आवेदकों का नंबर अंकित नहीं किया गया। इस संबंध में कई बार निर्देश दिए गए हैं, जो लापरवाही और उदासीनता का परिचायक है। 


इनमें जफराबाद थाने के मुख्य आरक्षी अजय तिवारी, लाइन बाजार थाना के मुख्य आरक्षी दिलीप कुमार, कोतवाली के मुख्य आरक्षी मिथिलेश कुमार सिंह, मीरगंज थाने के मुख्य आरक्षी रमेश सिंह, चंदवक के आरक्षी पवन साहनी, सिकरारा थाने के आरक्षी अभय यादव, तेजीबाजार आरक्षी सत्यम सिंह, बक्शा के कनिष्ठ आरक्षी विकास गुप्ता, केराकत के आरक्षी अजीत कुमार, गौरा बादशाहपुर के आरक्षी रोहन कुमार, पंवारा के आरक्षी संदीप कुमार पर कार्रवाई की गई। पुलिस अधीक्षक डॉ.अजयपाल शर्मा ने बताया कि यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। पुलिस की स्वच्छ और प्रभावी छवि बनाना इसका मुख्य उद्देश्य है।

आजमगढ़ निजामाबाद गांव में निर्माण कार्य रोके जाने के विरोध में महिलाओं ने किया प्रदर्शन नारेबाजी करते हुए उपजिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन


 आजमगढ़ निजामाबाद गांव में निर्माण कार्य रोके जाने के विरोध में महिलाओं ने किया प्रदर्शन



नारेबाजी करते हुए उपजिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन




उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के निजामाबाद तहसील मुख्यालय पर बुधवार को दोपहर एक बजे मोइयां मकदूमपुर गांव में निर्माण कार्य रोके जाने के विरोध में महिलाओं ने धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद नारेबाजी करते हुए महिलाओं ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा। गुंजा सोनकर ने बताया कि मोइयां मकदूमपुर गांव 19 बिस्वा हमारी बैनामा शुदा जमीन है। जिसपर तहसील प्रशासन द्वारा मापी कर पत्थर स्थाई कर दिया गया। जिसके बाद आठ फुट ऊंची बाउंड्री वाल भी बन गई। लेकिन अब प्रशासन द्वारा हमे मानसिक रूप से हैरान परेशान करने की नीयत से निर्माण कार्य रुकवा दिया गया है। 


जबकि पैमाइस द्वारा बैनामा शुदा जमीन में से मुझे लगभग 14 बिस्वा कम जमीन दी गई है। इसके बादजूद भी भूमाफिया द्वारा प्रशासन की मिली भगत से निर्माण कार्य मे अवरोध उतपन्न किया जा रहा है। महिलाओं ने कहा कि कई बार शिकायत की। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस अवसर पर गुंजा सोनकर, प्रेमा, सारदा, संगीता, मनीषा, सीमा, प्रभावती देवी, राधिका, गुलाबी आदि उपस्थित रही।

आजमगढ़ जहानागंज नहर के किनारे अवशेष मिलने से मचा हड़कंप व्यक्ति के शव का अवशेष होने की आशंका, जांच में जुटी पुलिस


 आजमगढ़ जहानागंज नहर के किनारे अवशेष मिलने से मचा हड़कंप


व्यक्ति के शव का अवशेष होने की आशंका, जांच में जुटी पुलिस




उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के जहानागंज थाना क्षेत्र के गोडसर गांव में नहर के किनारे एक अवशेष मिला। अवशेष मिलने की सूचना पर मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने अवशेष को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है। मंगलवार की देर रात जहानागंज थाना क्षेत्र के श्री राम राष्ट्रीय इंटर कॉलेज के समीप नहर के किनारे अवशेष देखा गया। जिसे देखने से किसी व्यक्ति का अवशेष प्रतीत हो रहा है। ऐसा लग रहा है कि यह किसी के कमर के ऊपर के हिस्से का भाग है। जिसे जानवरों द्वारा नोचा गया है। 


अवशेष मिलने की जानकारी जैसे ही लोगों को हुई मौके पर काफी संख्या में लोग पहुंच गए। इसी बीच किसी ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव के अवशेष को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थानाध्यक्ष जहानागंज केके गुप्ता ने बताया कि अवशेष को देखने से ऐसा लग रहा है कि कोई जानवर इसको नोंच कर खा लिया है। फिलहाल शव के अवशेष को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ बता सकते हैं।

बरेली प्रेम विवाह के बाद घर लौटे दंपती तो तड़तड़ाईं गोलियां युवती पक्ष ने इसे अपनी बेइज्जती मानते हुए घटना को दिया अंजाम, 12 घायल


 बरेली प्रेम विवाह के बाद घर लौटे दंपती तो तड़तड़ाईं गोलियां



युवती पक्ष ने इसे अपनी बेइज्जती मानते हुए घटना को दिया अंजाम, 12 घायल




उत्तर प्रदेश के बरेली स्थित इज्जतनगर थाना क्षेत्र के पीर बहोड़ा में मंगलवार सुबह एक ही समुदाय के दो गुटों में भिड़ंत हो गई। दरअसल, प्रेम विवाह कर डेढ़ महीने बाद जब प्रेमी युगल घर लौटा तो युवती पक्ष ने इसे अपनी बेइज्जती मानते हुए दूसरे पक्ष पर जानलेवा हमला कर दिया। बचाव में दूसरे पक्ष के लोग भी भिड़ गए। लाठी-डंडे, ईंट-पत्थर चले और फायरिंग की गई। दोनों पक्षों के कुल 12 लोग घायल हुए हैं। इतने ही लोगों पर रिपोर्ट कराई गई है। पीर बहोड़ा निवासी असलम मंसूरी ने मंगलवार शाम दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया कि मोहल्ले की निशा से उनका प्रेम प्रसंग था। अक्तूबर की शुरुआत में दोनों घर से चले गए और कोर्ट मैरिज कर ली। निशा के पिता रियासत नवी ने उनके खिलाफ बेटी को फुसलाकर ले जाने की रिपोर्ट लिखवा दी। उन्होंने बालिग होने और नियमानुसार विवाह करने का साक्ष्य इज्जतनगर पुलिस के सामने पेश किया। तब पुलिस ने निशा के बयान लेकर मुकदमा खत्म कर दिया। असलम ने बताया कि दोनों अभी तक किराये पर रह रहे थे। सोमवार शाम वह निशा को लेकर अपने घर लौटे थे।


असलम के मुताबिक मंगलवार सुबह लगभग सवा आठ बजे उनका भाई तस्लीम अपनी दुकान पर जा रहा था। ईदगाह चौराहे पर निशा के परिजन उसे घेरकर पीटने लगे। सूचना पर वह लोग भी ईदगाह चौराहे पर पहुंच गए। वहां आरोपियों ने ईंट-पत्थर, डंडों और सरिया से उन लोगों पर जानलेवा हमला कर दिया। फायरिंग भी की। इससे उनके भाई इरफान उर्फ राजा के पैर में गोली लग गई। इसके बाद आरोपी धमकी देते हुए फरार हो गए।


पुलिस के मुताबिक असलम मंसूरी पक्ष के आरिफ, तस्लीम, इरफान, नन्हे, पप्पू, छोटे, असलम, राजा और बाबू घायल हुए हैं, जबकि निशा पक्ष के इस्लाम नवी, इस्लाम राजा, मोहम्मद नबी घायल हुए हैं। जिला अस्पताल में सभी का इलाज चल रहा है। सभी की हालत खतरे से बाहर है। असलम की ओर से रियासत नवी, रब्बान, अर्सलान, जिलानी, उवैस, अनस, अमरुद्दीन, आदिल, अस्लाम रजा, इस्लाम नवी, रिहान व मोहम्मद नवी के खिलाफ जानलेवा हमला, बलवा आदि धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। युवती पक्ष के आरोपी घर बंद करके फरार हो गए हैं। उनकी ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है।


पुलिस के मुताबिक दोनों पक्ष एक ही समुदाय के हैं पर जातियां अलग हैं। असलम मंसूरी बिरादरी का है तो निशा शेख बिरादरी से है। निशा के परिजनों की नाराजगी इस बात पर ही थी कि उसने उनसे अपेक्षाकृत छोटी बिरादरी में शादी क्यों कर ली? इसलिए पहले उन्होंने रिपोर्ट लिखवाकर कार्रवाई की अपेक्षा की, पर पुलिस ने निशा के बालिग होने की वजह से असलम पर कार्रवाई नहीं की तो वह उससे बदला चुकाने की बात मन में रखकर बैठ गए। हो सकता है कि ज्यादा समय बीतता तो उनका गुस्सा शांत हो जाता पर डेढ़ महीने बाद ही निशा के पति संग घर आ जाने से वे भड़क गए और हमला कर दिया।


पीर बहोड़ा में मंगलवार को बड़े बवाल की तैयारी थी। दरअसल, शाम के वक्त जैसे ही निशा और असलम अपने घर पहुंचे तो निशा के घरवालों ने उन्हें सबक सिखाने का मन बना लिया। रात में ही घर में डंडे व ईंट-पत्थर जुटा लिए गए। तमंचा व कारतूस की भी व्यवस्था की गई। ये लोग फायरिंग कर बड़ी घटना कर सकते थे, लेकिन उनको मौका नहीं मिला। इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय ने बताया कि कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया गया है। एसपी सिटी मानुष पारीक, एसएसपी अनुराग आर्य ने भी मौका मुआयना कर गांव में शांति व्यवस्था कायम रखने का निर्देश दिया।

Tuesday, 17 December 2024

बलिया गबन के आरोपी अधिकारी को किया गया बर्खास्त मुख्य विकास अधिकारी द्वारा की गई कार्रवाई से मचा हड़कंप 2 फर्मो को किया गया ब्लैक लिस्टेड


 बलिया गबन के आरोपी अधिकारी को किया गया बर्खास्त



मुख्य विकास अधिकारी द्वारा की गई कार्रवाई से मचा हड़कंप


2 फर्मो को किया गया ब्लैक लिस्टेड


उत्तर प्रदेश के बलिया मे फर्जी मस्टररोल भरकर सरकारी धन के गबन में दोषी पाए गए मनरेगा के अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी(एपीओ) संजय कृष्ण भास्कर की सेवाएं समाप्त कर दी गई है।


 विकासखंड मुरली छपरा के सुकरौली गांव में मनरेगा योजना अंतर्गत 2.90 लाख का गबन मिलने के बाद सीडीओ ओजस्वी राज ने यह कार्रवाई की है। इसके अलावा सीडीओ ने दो फर्मों को ब्लैक लिस्टेड भी किया है। जिले में मनरेगा एपीओ की सेवा समाप्ति की यह पहली कार्रवाई है। सुकरौली निवासी कृष्ण यादव पुत्र सुरेंद्र यादव ने मनरेगा योजना अंतर्गत फर्जी भुगतान की शिकायत की, जिसकी जांच के लिए सीडीओ की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया।


 सीडीओ ओजस्वी राज ने प्रकरण की स्वयं जांच की, जिसमें 2.90 लाख का गबन पाया। मामले में दोषी पाए गए एपीओ संजय कृष्ण भास्कर की सेवा समाप्त कर दी गई है। दो फर्म हुई ब्लैकलिस्टेड-सीडीओ ओजस्वी राज ने दलकी नम्बर-1 में दो कार्यों, इब्राहिमाबाद उपरवार में दो कार्यों और सुकरौली गांव में चार कार्यों का स्थलीय सत्यापन किया। इसमें इब्राहिमाबाद उपरवार में तो कार्य संतोष जनक पाया गया, लेकिन शेष दोनों गांवों में कुल छह कार्यों की सामग्रियों की गुणवत्ता तकनीकी समिति (पीडब्ल्यूडी और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग) के मानक अनुसार संतोषजनक नहीं मिली। इस पर सामग्रियों की आपूर्ति करने वाली फर्म मेसर्स अनन्या इंटरप्राइजेज सुकरौली तथा मेसर्स कार्तिक इंटरप्राइजेज सुकरौली को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति के निर्देश पर मनरेगा वेबसाइट पर ब्लैकलिस्टेड कर दिया गया है।


 सीडीओ ओजस्वी राज की माने तो ग्रामीणों द्वारा मनरेगा कार्यों में अनियमितता की शिकायत हुई थी। मामले की जांच के दौरान मनरेगा के एपीओ गबन के दोषी पाए गए। साथ दो फर्मों द्वारा सामग्री की आपूर्ति मानक के विपरीत करने की बात सामने आईं। इस संबंध में एपीओ की सेवा समाप्ति के साथ ही दोनों फर्मों को काली सूची में डाल दिया गया है। मनरेगा में धांधली करने को किसी कीमत में बक्शा नहीं जाएगा।

आजमगढ़ अहरौला अन्तत: गैंगरेप पीड़िता ने तोड़ा दम 5 माह पूर्व दरिन्दों का शिकार हुई थी मंदबुद्धि विधवा महिला पुलिस की पकड़ से दूर गैंगरेप के 5 नामजद आरोपी


 आजमगढ़ अहरौला अन्तत: गैंगरेप पीड़िता ने तोड़ा दम



5 माह पूर्व दरिन्दों का शिकार हुई थी मंदबुद्धि विधवा महिला


पुलिस की पकड़ से दूर गैंगरेप के 5 नामजद आरोपी



उत्तर प्रदेश, आजमगढ़ वैसे तो पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगता रहता है पर अहरौला पुलिस की तारीफ हो रही है। अहरौला पुलिस ने एक सामूहिक दुष्कर्म की शिकार गर्भवती विधवा महिला की स्थिति गंभीर होने पर खून कमी होने पर तीन यूनिट खून दिया था स्थित गंभीर होने पर डाक्टरों ने हायर सेंटर रेफर कर दिया परिजनों की आर्थिक स्थिति ठीक न होने पर पुलिस के सहयोग से आजमगढ़ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस सूत्रों की माने तो वहां का बिल भी अहरौला पुलिस के द्वारा वहन किया गया है जहां पीड़िता की सोमवार रात इलाज के दौरान मौत हो गई। पीड़िता के पास एक बीस साल का पुत्र है। दस साल पहले मृतका के पति की मौत हो गई थी। वही परिवार के करीबीयों का कहना है कि पुलिस ने मुकदमा लिखने मे भी देरी की। पीड़िता की हालत गंभीर होने पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। 


अहरौला थाना क्षेत्र की एक मंदबुद्धि विधवा दलित महिला के साथ पांच माह पूर्व चार से छ: लोगों द्वारा गैंग बनाकर सामूहिक दुष्कर्म किया गया था और वह गर्भवती हो गई थी। जब उक्त महिला की हालत खराब होने लगी तो स्वजनों को इसकी जानकारी हुई, उसके बाद स्वजनों ने थाने पर पहुंच कर पुलिस को घटना के बावत शिकायती पत्र दिया। पुलिस ने गैंगरेप का केस दर्ज कर लिया। जब युवती चिकित्सकीय परीक्षण के लिए जिला अस्पताल में गई तो उसकी हालत बिगड़ने लगी और जांच में यह पता चला कि वह पांच माह से गर्भवती है और उसके शरीर में नाम मात्र का खून बचा है। 


उसके बाद चिकित्सकों ने उसके स्वजनों से खून की व्यवस्था करने को कहा। जब खून उपलब्ध नहीं हो सका तो स्वजनों ने इसकी जानकारी थानाध्यक्ष अहरौला मनीष पाल को दिया। थानाध्यक्ष ने तत्परता दिखाते हुए थाने पर तैनात हेड कांस्टेबल आशुतोष त्रिपाठी और पुलिस लाइन में तैनात कांस्टेबल नीरज गौड़ के साथ अस्पताल पहुंच कर तीन यूनिट रक्त दान भी किया था। मामले में पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ 13 दिसंबर 2024 को मुकदमा पंजीकृत किया था जिसमें सन्नी, अनूप, रामभुवन, राम अशीष, उर्मिला शामिल हैं। सोमवार की भोर में ही मायके वाले पीड़िता का शव कप्तानगंज थाने में स्थित मायके लेकर चलें आये। सूचना पर मंगलवार को सीओ बूढ़नपुर किरण पाल सिंह व अहरौला थाने के उपनिरीक्षक श्यामप्रीत दूबे, विश्राम गुप्ता, विजय कुमार आदि ने पहुंच कर लिखा पढ़ीं कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम में भेज दिया।

आजमगढ़ माफिया कुंटू सिंह संग अधिवक्ता कनेक्शन! सड़क पर उतरा विरोधी हुजूम पुलिस और प्रशासन के खिलाफ जमकर हुई नारेबाजी माफिया संग नाम जोड़कर गैंगस्टर लगाए जाने का आरोप


 आजमगढ़ माफिया कुंटू सिंह संग अधिवक्ता कनेक्शन! सड़क पर उतरा विरोधी हुजूम


पुलिस और प्रशासन के खिलाफ जमकर हुई नारेबाजी


माफिया संग नाम जोड़कर गैंगस्टर लगाए जाने का आरोप



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले मे प्रदेश स्तर पर चिन्हित माफिया कुंटू सिंह गिरोह के साथ अधिवक्ता का नाम जोड़ने पर मंगलवार को दीवानी बार एसोसिएशन के अधिवक्ता सड़क पर उतर आए। पुलिस और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अधिवक्ताओं ने साथी अधिवक्ता का नाम कुंटू गिरोह के साथ जोड़कर गैंगस्टर लगाए जाने का आरोप लगाया।


जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के बरडीहा गांव निवासी सरफराज अहमद दीवानी के अधिवक्ता हैं, पुलिस द्वारा सरफराज अहमद को कुंटू गिरोह के साथ जोड़कर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की गई है। पुलिस की इस कार्यशैली से नाराज दीवानी बार एसोसिएशन के अधिवक्ता सड़क पर उतर आए और चक्का जाम कर दिया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। करीब आधे घंटे सड़क जाम के बाद अधिवक्ताओं ने पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया। 


अधिवक्ताओं ने कहा कि गांव की राजनीति में उनके साथी अधिवक्ता सरफराज अहमद को फंसाया जा रहा है। प्रधान द्वारा उनके खिलाफ प्रार्थना पत्र दिया जाता है। जिसे लेकर पुलिस द्वारा उनके ऊपर एफआईआर दर्ज की गई और उनका नाम कुंटू सिंह गिरोह के साथ जोड़कर गैंगस्टर लगाया जा रहा है। अगर पुलिस और प्रशासन इसे वापस नहीं लेता है तो हम हड़ताल करेंगे। चक्काजाम की सूचना मिलते ही सीओ सिटी गौरव शर्मा सहित पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। सीओ सिटी ने अधिवक्ताओं से इस संबंध में बात की।