Monday, 20 July 2026

आजमगढ़ अहरौला प्रसूता मौत मामले में डॉक्टर दंपती की तलाश तेज, पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी आरोपित डॉक्टर अकबर खान और डॉ0 निकहत खान नहीं मिले, पुलिस ने कई ठिकानों पर की तलाश


 आजमगढ़ अहरौला प्रसूता मौत मामले में डॉक्टर दंपती की तलाश तेज, पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी


आरोपित डॉक्टर अकबर खान और डॉ0 निकहत खान नहीं मिले, पुलिस ने कई ठिकानों पर की तलाश



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के फूलपुर तहसील क्षेत्र के रसूलपुर अहमद अली (माहुल) में प्रसूता की मौत के मामले में नामजद आरोपित शहनाज मेमोरियल चिकित्सालय के संचालक डॉ0 अकबर खान और उनकी पत्नी डॉ0 निकहत खान की तलाश में अहरौला पुलिस ने रविवार शाम व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। हालांकि पुलिस को दोनों आरोपित नहीं मिले, लेकिन करीब एक घंटे तक चली कार्रवाई से पूरे मोहल्ले में हड़कंप मचा रहा।


 थानाध्यक्ष अहरौला मंतोष सिंह के नेतृत्व में चौकी प्रभारी माहुल यश सिंह पटेल, उपनिरीक्षक नीतेश चौबे तथा करीब 50 पुलिसकर्मियों की टीम शाम करीब आठ बजे माहुल के पठान मोहल्ला स्थित डॉ. अकबर खान के आवास पर पहुंची। पुलिस ने उनके घर की गहन तलाशी लेने के साथ ही उनके भाइयों के आवास सहित अन्य संभावित ठिकानों पर भी तलाश की। छापेमारी के दौरान आरोपित डॉक्टर दंपती का कोई सुराग नहीं मिला। हालांकि अचानक बड़ी संख्या में पुलिस बल के पहुंचने से क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्थानीय लोग अपने-अपने घरों में चले गए।


 थानाध्यक्ष मंतोष सिंह ने बताया कि प्रसूता की मौत के मामले में नामजद आरोपित डॉ0 अकबर खान और डॉ0 निकहत खान की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस विभिन्न संभावित स्थानों पर छापेमारी कर रही है और दोनों आरोपितों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

आजमगढ़ रौनापार प्रेम विवाह के 6 महीने बाद विवाहिता की संदिग्ध मौत मायके पक्ष ने लगाए गंभीर आरोप, पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा


 आजमगढ़ रौनापार प्रेम विवाह के 6 महीने बाद विवाहिता की संदिग्ध मौत



मायके पक्ष ने लगाए गंभीर आरोप, पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के रौनापार थाना क्षेत्र के बेलकुंडा रसूलपुर गांव में रविवार देर शाम एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। 


जानकारी के अनुसार, सीबू पत्नी लकी की रविवार रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना की खबर मिलते ही मृतका के मायके पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। बताया जा रहा है कि मृतका करीब छह माह पहले अपने घर से लकी के साथ चली गई थी। इसके बाद दोनों ने प्रेम विवाह कर साथ रहना शुरू कर दिया था।


 घटना की सूचना पर रौनापार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि विवाहिता की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

चंदौली गेस्ट हाउस में प्रेमिका संग मिला पति पत्नी ने रंगे हाथ पकड़कर की जमकर पिटाई, वीडियो वायरल

चंदौली गेस्ट हाउस में प्रेमिका संग मिला पति


पत्नी ने रंगे हाथ पकड़कर की जमकर पिटाई, वीडियो वायरल 



उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में एक गेस्ट हाउस में पति के अपनी कथित प्रेमिका के साथ मिलने पर जमकर हंगामा हो गया। पति को रंगे हाथ पकड़ने पहुंची पत्नी ने दोनों की पिटाई कर दी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। 


जानकारी के अनुसार, मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के धर्मशाला खोवा मंडी गली स्थित एक गेस्ट हाउस में एक युवक अपनी कथित प्रेमिका के साथ ठहरा हुआ था। इसकी जानकारी मिलने पर रविवार शाम करीब चार बजे उसकी पत्नी मौके पर पहुंच गई। गेस्ट हाउस में पति को प्रेमिका के साथ देखकर पत्नी का गुस्सा फूट पड़ा और उसने दोनों की जमकर पिटाई कर दी। घटना के दौरान गेस्ट हाउस में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पति-पत्नी के बीच काफी देर तक कहासुनी भी होती रही। मौके पर मौजूद लोगों ने हस्तक्षेप कर किसी तरह मामला शांत कराया। इस दौरान मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। 


खबर लिखे जाने तक मुगलसराय कोतवाली प्रभारी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि मामले में अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। यदि शिकायत मिलती है तो जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

 

Sunday, 19 July 2026

आजमगढ़ लापरवाही पर प्रभारी निरीक्षक मेहनगर निलंबित पॉक्सो, हत्या और गैंगस्टर मामलों में कार्रवाई में शिथिलता पर गिरी गाज उपनिरीक्षक अभिराज को मिली मेहनगर के नए थानाध्यक्ष की जिम्मेदारी


 आजमगढ़ लापरवाही पर प्रभारी निरीक्षक मेहनगर निलंबित


पॉक्सो, हत्या और गैंगस्टर मामलों में कार्रवाई में शिथिलता पर गिरी गाज


उपनिरीक्षक अभिराज को मिली मेहनगर के नए थानाध्यक्ष की जिम्मेदारी


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने पदीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही, उदासीनता, अनुशासनहीनता तथा उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना के आरोप में जनपद के मेहनगर थानाध्यक्ष निहार नंदन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश जारी किए गए हैं। उनकी जगह उपनिरीक्षक अभिराज मेहनगर के नए थानाध्यक्ष बनाए गए हैं। 


पुलिस विभाग के अनुसार संबंधित प्रभारी निरीक्षक पर पॉक्सो, हत्या और गैंगस्टर अधिनियम से जुड़े मामलों में वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी में शिथिलता बरतने, जनसुनवाई एवं जनशिकायतों के समयबद्ध निस्तारण में लापरवाही करने के आरोप पाए गए। इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए एसएसपी ने कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की। एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने जनपद के सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी दी है कि वे अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करें। भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनुशासनहीनता या उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना पाए जाने पर नियमानुसार सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

Saturday, 18 July 2026

आजमगढ़ कोतवाली 3.14 करोड़ की निवेश ठगी का खुलासा, फर्जी कस्टम अधिकारी सहित 2 गिरफ्तार 50 से 90 प्रतिशत मुनाफे का लालच देकर 2.63 करोड़ रुपये हड़पे, रुपये मांगने पर दी जान से मारने की धमकी


 आजमगढ़ कोतवाली 3.14 करोड़ की निवेश ठगी का खुलासा, फर्जी कस्टम अधिकारी सहित 2 गिरफ्तार



50 से 90 प्रतिशत मुनाफे का लालच देकर 2.63 करोड़ रुपये हड़पे, रुपये मांगने पर दी जान से मारने की धमकी



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद की कोतवाली पुलिस ने करोड़ों रुपये की निवेश ठगी के चर्चित मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों पर खुद को कस्टम विभाग का अधिकारी बताकर लोगों का विश्वास जीतने, भारी मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये का निवेश कराने और बाद में रकम हड़पने का आरोप है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को शनिवार को कंधरापुर बाजार से गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। 


पुलिस के अनुसार, कोतवाली क्षेत्र के अनंतपुरा कटरा निवासी शेखर श्रीवास्तव ने मुकदमा दर्ज कराया था कि मातवरगंज स्थित नगर पालिका मार्केट के एक फ्लैट में रहने वाले विकास राय शर्मा, विशाल राय, अनिल कुमार शर्मा, अद्भुत राय शर्मा, अंशु सिंह और ममता शर्मा संगठित रूप से निवेश के नाम पर लोगों से ठगी करते हैं। शिकायत के मुताबिक विकास राय शर्मा स्वयं को कस्टम विभाग का कर्मचारी बताता था और फर्जी कस्टम आईडी तथा कूटरचित दस्तावेज दिखाकर लोगों का विश्वास हासिल करता था। उसने अपने एक रिश्तेदार को दिल्ली में कस्टम कमिश्नर बताते हुए तांबा, कपड़ा, सोना और मोबाइल के कारोबार में निवेश कराने पर 50 से 90 प्रतिशत तक लाभ दिलाने का दावा किया।


 शिकायतकर्ता के अनुसार शुरुआत में भरोसा कायम करने के लिए आरोपियों ने कुछ लाभांश वापस भी किया, जिससे विश्वास और बढ़ गया। इसके बाद शेखर श्रीवास्तव, उनके भाई जयंत श्रीवास्तव और पिता अरुण कुमार श्रीवास्तव ने अलग-अलग तिथियों में आरोपियों के बैंक खातों में कुल 3 करोड़ 14 लाख रुपये निवेश कर दिए। आरोप है कि आरोपियों ने केवल 51 लाख रुपये वापस किए, जबकि शेष 2 करोड़ 63 लाख रुपये हड़प लिए। जब पीड़ितों ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। इस मामले में थाना कोतवाली पर मुकदमा अपराध संख्या 377/2026 धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3), 352, 351(3) एवं 3(5) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। 


वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत शनिवार को महिला उपनिरीक्षक शशि सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कंधरापुर बाजार से दो वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विकास राय (30) और विशाल राय (34) निवासी ग्राम जोल्हापुर, थाना कंधरापुर, जनपद आजमगढ़ के रूप में हुई। दोनों वर्तमान में गौतमबुद्ध नगर के एक फ्लैट में रह रहे थे। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा रही है, जबकि मामले में नामजद अन्य आरोपियों की तलाश भी जारी है। पुलिस का कहना है कि निवेश के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले ऐसे गिरोहों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

आजमगढ़ हत्या के मुकदमे में क्लीनचिट पाए 2 आरोपी तलब, विवेचक पर कार्रवाई के निर्देश अदालत ने डीजीपी व एसएसपी से मांगी रिपोर्ट, विवेचना में पक्षपात और लापरवाही पर जताई नाराजगी

आजमगढ़ हत्या के मुकदमे में क्लीनचिट पाए 2 आरोपी तलब, विवेचक पर कार्रवाई के निर्देश



अदालत ने डीजीपी व एसएसपी से मांगी रिपोर्ट, विवेचना में पक्षपात और लापरवाही पर जताई नाराजगी



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले मे हत्या के एक मुकदमे में नामजद दो आरोपियों को चार्जशीट से बाहर कर क्लीनचिट देने के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश जय प्रकाश पांडेय की अदालत ने सुनवाई पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को बतौर अभियुक्त न्यायालय में तलब किया है। साथ ही विवेचना में घोर लापरवाही, पक्षपातपूर्ण रवैये, उदासीनता और दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई का प्रथमदृष्टया संकेत मिलने पर अदालत ने प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तथा आजमगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को विवेचक के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई कर उसकी रिपोर्ट न्यायालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। मामला मुबारकपुर थाना क्षेत्र का है।


 अभियोजन के अनुसार, अतरडीहा निवासी योगेंद्र सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया था कि उनके बड़े भाई तेजवीर सिंह ने इब्राहिमपुर निवासी रामाश्रय चौरसिया को गाय खरीदने के लिए अग्रिम धनराशि दी थी। 16 सितंबर 2024 को जब तेजवीर सिंह अपने भाई के साथ रामाश्रय के घर पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि गाय देवकली तारन निवासी रमेश दुबे को बेच दी गई है। इसके बाद तेजवीर सिंह जब रमेश दुबे से बातचीत करने गए तो रास्ते में पठान बस्ती के पास विवाद हो गया।


 आरोप है कि इसी विवाद के दौरान तेजवीर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना में योगेंद्र सिंह ने पांच लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने विवेचना पूरी कर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की, लेकिन नामजद आरोपी रमेश दुबे और अमित दुबे का नाम आरोपियों की सूची से हटा दिया। मुकदमे के विचारण के दौरान वादी योगेंद्र सिंह ने अपने अधिवक्ता विंध्यवासिनी प्रसाद सिंह तथा जिला शासकीय अधिवक्ता प्रियदर्शी पियूष त्रिपाठी के माध्यम से प्रार्थना पत्र देकर कहा कि पर्याप्त साक्ष्य होने के बावजूद विवेचक ने जानबूझकर दुर्भावनावश दोनों आरोपियों को क्लीनचिट दे दी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने वादी का प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए रमेश दुबे और अमित दुबे को बतौर अभियुक्त 22 जुलाई 2026 को न्यायालय में तलब करने का आदेश दिया। साथ ही विवेचक की भूमिका की जांच कर उसके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश डीजीपी और एसएसपी को दिए हैं।

 

आजमगढ़ पवई महिला पर जानलेवा हमला करने वाला आरोपी पुलिस मुठभेड़ में घायल, गिरफ्तार पैर में लगी गोली, तमंचा, कारतूस और नकदी बरामद


 आजमगढ़ पवई महिला पर जानलेवा हमला करने वाला आरोपी पुलिस मुठभेड़ में घायल, गिरफ्तार



पैर में लगी गोली, तमंचा, कारतूस और नकदी बरामद


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के पवई कस्बे में एक महिला पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला करने के मामले में फरार चल रहे आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षार्थ की कार्रवाई की कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लगी। उसके कब्जे से एक अवैध .315 बोर का तमंचा, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस तथा 220 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। 


पुलिस के अनुसार, 16 जुलाई 2026 को पवई कस्बे में एक महिला पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला किया गया था। जांच में सामने आया कि आरोपी सुजीत मौर्य महिला को एकतरफा पसंद करता था और लंबे समय से उसका पीछा कर रहा था। घटना की रात महिला के घर में चोरी-छिपे घुसने के बाद उसने महिला की गर्दन पर लगातार दो वार और हाथ पर एक वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। इस मामले में थाना पवई में मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही थी।


 वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में गठित पुलिस टीम शुक्रवार-शनिवार की रात क्षेत्र में गश्त और आरोपी की तलाश कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी खंडोरा अंडरपास के पास छिपा हुआ है। पुलिस ने घेराबंदी की तो आरोपी ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मसमर्पण की चेतावनी दी, लेकिन आरोपी दोबारा तमंचा लोड करने लगा। इसके बाद पुलिस की जवाबी फायरिंग में उसके पैर में गोली लग गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने महिला पर हमला करने की बात स्वीकार की। पुलिस ने घायल आरोपी को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पवई भेज दिया। घटनास्थल से वैज्ञानिक एवं भौतिक साक्ष्य भी संकलित किए गए हैं। आरोपी के खिलाफ पहले से दर्ज मुकदमे के अलावा पुलिस टीम पर फायरिंग और अवैध शस्त्र रखने के आरोप में एक अन्य मुकदमा भी दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।