Saturday, 5 September 2026

आजमगढ़, पुलिस लाइन में गूंजा ‘जय कन्हैया लाल की’ जयघोष, धूमधाम से मनाया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव डीएम रविन्द्र कुमार और एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने की पूजा-अर्चना व आरती, बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन


 आजमगढ़, पुलिस लाइन में गूंजा ‘जय कन्हैया लाल की’ जयघोष, धूमधाम से मनाया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव



डीएम रविन्द्र कुमार और एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने की पूजा-अर्चना व आरती, बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर शुक्रवार को रिजर्व पुलिस लाइन आजमगढ़ भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में सराबोर नजर आई। मंदिर परिसर में श्रद्धा और हर्षोल्लास के बीच श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। पुलिस लाइन परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। शाम होते ही भक्ति और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से पूरा माहौल कृष्णमय हो गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने विधि-विधान से भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की और आरती उतारी। दोनों अधिकारियों ने जनपदवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के दौरान पुलिस परिवार के बच्चों और अन्य प्रतिभागियों ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, बाल लीलाओं और उनके विभिन्न प्रसंगों पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। मनमोहक प्रस्तुतियों ने वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिवारजनों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के दौरान पूरा परिसर भक्ति और उत्साह से भर गया।


 रात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का इंतजार श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ किया। मध्यरात्रि में जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ, मंदिर परिसर ‘जय श्रीकृष्ण’ और ‘जय कन्हैया लाल की’ के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना और आरती कर भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया। जन्मोत्सव के बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया। पुलिस परिवार के सदस्यों ने एक-दूसरे के साथ पर्व की खुशियां साझा कीं। इस आयोजन ने पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों को धार्मिक एवं सांस्कृतिक माहौल में एक साथ पर्व मनाने का अवसर दिया।


 श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर जनपद के विभिन्न थाना परिसरों में भी धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। पुलिसकर्मियों ने मंदिरों में पूजा-अर्चना और आरती की। कई स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन हुआ। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक नगर मधुवन कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन, क्षेत्राधिकारी सदर आस्था जायसवाल सहित अन्य पुलिस अधिकारी, कर्मचारीगण और उनके परिवारजन उपस्थित रहे।

आजमगढ़, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज आजमगढ़ आएंगे, प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां पूरी जानिए कब उतरेगा मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर, किस कार्यक्रम में होंगे शामिल


 आजमगढ़, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज आजमगढ़ आएंगे, प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां पूरी


जानिए कब उतरेगा मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर, किस कार्यक्रम में होंगे शामिल



आजमगढ़, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार, 5 सितंबर 2026 को आजमगढ़ के संक्षिप्त दौरे पर आएंगे। प्राप्त प्रोटोकॉल के अनुसार मुख्यमंत्री गोरखपुर से प्रस्थान कर अपराह्न करीब 3:40 बजे आजमगढ़ के बरदह थाना क्षेत्र स्थित ग्राम जिबली में बनाए गए हेलीपैड पर पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां की गई हैं।


 निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार हेलीपैड पर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीधे भारतीय जनता पार्टी के क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय के आवास पर जाएंगे। प्रोटोकॉल के मुताबिक, मुख्यमंत्री अपराह्न 3:45 बजे से 4 बजे तक विनोद राय की माता जी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इस दौरान वह शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदना व्यक्त करेंगे। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वापस जिबली स्थित हेलीपैड के लिए रवाना होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वह शाम 4:10 बजे हेलीकॉप्टर से वाराणसी के लिए प्रस्थान करेंगे। मुख्यमंत्री का आजमगढ़ दौरा बेहद संक्षिप्त रहेगा। कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन और पुलिस स्तर पर आवश्यक सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

Friday, 4 September 2026

आजमगढ़ महराजगंज ससुराल में विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत शरीर पर चोट के निशान मिलने का दावा, फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य


 आजमगढ़ महराजगंज ससुराल में विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत



शरीर पर चोट के निशान मिलने का दावा, फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के महराजगंज थाना क्षेत्र के महावी खास गांव में शुक्रवार सुबह 27 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से हड़कंप मच गया। मृतका की पहचान शिवांगी सिंह पत्नी राहुल सिंह के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। वहीं, मृतका के पिता ने ससुराल पक्ष पर बेटी की हत्या किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। मृतका के पिता विनोद कुमार सिंह के मुताबिक, शुक्रवार सुबह करीब 6:18 बजे उनके समधी वीरेंद्र सिंह ने फोन कर शिवांगी की मौत की जानकारी दी। सूचना मिलते ही वह परिवार के अन्य सदस्यों के साथ महावी खास गांव पहुंचे। पिता का आरोप है कि शिवांगी के शरीर पर चोट के निशान दिखाई दे रहे थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मायके पक्ष और पुलिस को सूचना देने से पहले शव को पंखे से नीचे उतारकर बरामदे में रख दिया गया था। जिस कमरे में घटना हुई, वहां भी सामान को व्यवस्थित किए जाने का आरोप लगाया गया है। इन परिस्थितियों के चलते विवाहिता की मौत को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। 


परिजनों के अनुसार, शिवांगी की शादी करीब दो वर्ष पहले राहुल सिंह से हुई थी। रक्षाबंधन के अवसर पर वह मायके से विदा होकर ससुराल आई थी। शुक्रवार सुबह उसकी मौत की खबर मिलते ही मायके में मातम पसर गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। सीओ सगड़ी देशराज सिंह ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर जानकारी ली और परिजनों से पूछताछ की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर विधिक कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सीओ सगड़ी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस विवाहिता की मौत के कारणों और पिता द्वारा लगाए गए हत्या के आरोपों की जांच कर रही है।

आजमगढ़ पवई, नाली के विवाद में युवक की गला दबाकर हत्या एक दिन पहले पत्नी ने दिया था बेटे को जन्म, अगले ही दिन परिवार में छाया मातम


 आजमगढ़ पवई, नाली के विवाद में युवक की गला दबाकर हत्या


एक दिन पहले पत्नी ने दिया था बेटे को जन्म, अगले ही दिन परिवार में छाया मातम



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के पवई थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत चकिया बखरिया में शुक्रवार सुबह नाली के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हुई मारपीट में 30 वर्षीय युवक की गला दबाकर हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद गांव में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।


 जानकारी के अनुसार, चकिया बखरिया गांव निवासी हरिओम पांडेय (30) पुत्र वीरेंद्र पांडेय का पड़ोसी रामलाल शर्मा से नाली को लेकर विवाद चल रहा था। शुक्रवार सुबह इसी विवाद को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। कहासुनी के बाद विवाद बढ़ गया और मारपीट शुरू हो गई। आरोप है कि इसी दौरान हरिओम पांडेय का गला दबा दिया गया, जिससे उनकी हालत गंभीर हो गई। परिजन आनन-फानन में हरिओम को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों तथा आसपास के लोगों से पूछताछ करते हुए मामले की छानबीन शुरू कर दी।


 बताया जा रहा है कि हरिओम की पत्नी रंजना के पहले से दो पुत्र हैं। घटना से ठीक एक दिन पहले वाराणसी के एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन के जरिए रंजना ने एक और पुत्र को जन्म दिया था। घर में नवजात के आने की खुशी का माहौल था, लेकिन अगले ही दिन हरिओम की मौत से खुशियां मातम में बदल गईं। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस मामले में आरोपों की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

Thursday, 3 September 2026

बलिया 3 दिन में उजड़ गया परिवार, बेटी की शादी की तैयारियां मातम में बदलीं एक ही परिवार में 3 मौतों से मचा कोहराम


 बलिया 3 दिन में उजड़ गया परिवार, बेटी की शादी की तैयारियां मातम में बदलीं


एक ही परिवार में 3 मौतों से मचा कोहराम


उत्तर प्रदेश के बलिया जिले उभांव थाना क्षेत्र के पशुहारी गांव में बेटी की शादी की तैयारियों में जुटे एक परिवार की खुशियां महज तीन दिन में मातम में बदल गईं। शनिवार को पत्नी आशा देवी (46) की मौत के बाद मंगलवार को बुजुर्ग मां जोनिहा (76) ने भी दम तोड़ दिया। परिवार के लोग मां का अंतिम संस्कार कर घर लौटे ही थे कि वाराणसी के ट्रामा सेंटर से बेटी प्रीति (23) की मौत की खबर आ गई। एक के बाद एक तीन मौतों से शिवचंद राजभर का परिवार पूरी तरह टूट गया। घटना के बाद गांव में शोक की लहर है। पशुहारी गांव निवासी शिवचंद राजभर अपनी पत्नी आशा देवी, मां जोनिहा, बेटे मनन और बेटी प्रीति के साथ रहते थे। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण शिवचंद कई वर्षों से कर्नाटक में रहकर वेल्डिंग का काम करते थे। करीब एक माह पहले वह अपने बेटे मनन के साथ गांव लौटे थे। घर आने के बाद उन्होंने बेटी प्रीति की शादी तय की थी। इसके बाद परिवार में शादी की तैयारियां शुरू हो गई थीं और खरीदारी भी चल रही थी। 


परिजनों के मुताबिक आशा देवी काफी समय से बीमार थीं। उन्हें दिमागी बीमारी और पाइल्स की शिकायत थी। पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई थी और उन्हें सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण स्थानीय स्तर पर ही उनका इलाज कराया जा रहा था। शनिवार को उनकी मौत हो गई। पत्नी की मौत के बाद परिवार में मातम छा गया। परिवार अभी आशा देवी की मौत के सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि मंगलवार को शिवचंद की बुजुर्ग मां जोनिहा की तबीयत अचानक बिगड़ गई। सांस लेने में परेशानी के बाद कुछ ही देर में उनकी भी मौत हो गई। एक ही परिवार में लगातार दूसरी मौत से घर में कोहराम मच गया। इधर, शिवचंद की बेटी प्रीति की तबीयत भी लगातार खराब चल रही थी। परिजनों के अनुसार उसे सर्दी-जुकाम, बुखार, कमर दर्द और खून की कमी की शिकायत थी। उसकी प्लेटलेट्स भी काफी कम हो गई थीं। हालत गंभीर होने पर परिजन उसे वाराणसी स्थित ट्रामा सेंटर ले गए, जहां उसका इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान परिवार ने कई यूनिट रक्त की व्यवस्था भी की, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। मंगलवार को परिवार के लोग जोनिहा का अंतिम संस्कार करने के बाद घर लौटे ही थे कि वाराणसी से प्रीति की मौत की खबर आ गई। कुछ घंटे पहले जिस घर में बुजुर्ग मां की अंतिम विदाई का गम था, उसी घर में बेटी की मौत की खबर ने परिवार को पूरी तरह झकझोर दिया। प्रीति की मौत की सूचना गांव में पहुंचते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण शिवचंद के घर पहुंचने लगे। शिवचंद कई वर्षों से कर्नाटक में वेल्डिंग का काम कर परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। बेटे मनन की पढ़ाई में रुचि कम होने पर करीब एक वर्ष पहले वह उसे भी अपने साथ कर्नाटक ले गए थे, जहां मनन दोपहिया वाहनों की मरम्मत का काम सीख रहा था। करीब एक माह पहले दोनों गांव लौटे थे। गांव लौटने के बाद प्रीति की शादी तय हुई तो परिवार में खुशियां लौट आई थीं। शादी के लिए खरीदारी शुरू हो गई थी। शिवचंद भी परिवार के साथ रहकर बेटी की शादी की जिम्मेदारी पूरी करना चाहते थे। लेकिन तीन दिन के भीतर पत्नी, मां और बेटी की मौत ने उनकी पूरी दुनिया उजाड़ दी।


 परिजनों के अनुसार प्रीति को बुखार के साथ सांस संबंधी परेशानी थी। उसकी दादी जोनिहा को भी सांस लेने में दिक्कत थी। वहीं प्रीति का भाई मनन भी सर्दी, खांसी और बुखार से पीड़ित है। हालत खराब होने के कारण वह अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हो सका। एक ही परिवार में तीन दिनों के भीतर तीन मौतों की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ। एसडीएम के निर्देश पर चिकित्सकों की टीम शिवचंद के घर पहुंची और परिवार के सदस्यों की स्वास्थ्य स्थिति के साथ ही तीनों मौतों से जुड़े कारणों की जानकारी ली। अधीक्षक डॉ. राकेश कुमार सिंह के अनुसार प्राथमिक जांच में पत्नी आशा देवी और बेटी प्रीति की मौत खून की कमी के चलते होने की बात सामने आई है, जबकि बुजुर्ग जोनिहा की मौत सांस लेने में तकलीफ के कारण हुई। उन्होंने बताया कि चिकित्सकों की टीम यह भी जांच कर रही है कि परिवार में डेंगू या किसी अन्य बीमारी का संक्रमण तो नहीं था। एक ही परिवार में तीन दिन के भीतर तीन मौतों की घटना से पशुहारी गांव में हर कोई स्तब्ध है। जिस घर में जल्द ही शादी के गीत गूंजने वाले थे, वहां अब मातम और सन्नाटा पसरा है। ग्रामीण पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर उन्हें ढांढस बंधा रहे हैं। घटना ने पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया है।

Wednesday, 2 September 2026

आजमगढ़ गंभीरपुर नहर में पैर फिसलने से गहरे पानी में डूबा युवक पानी का बहाव तेज होने से रातभर नहीं मिल सका शव, सुबह पानी कम होने पर हुआ बरामद


 आजमगढ़ गंभीरपुर नहर में पैर फिसलने से गहरे पानी में डूबा युवक


पानी का बहाव तेज होने से रातभर नहीं मिल सका शव, सुबह पानी कम होने पर हुआ बरामद



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के गंभीरपुर थाना क्षेत्र के रसूलपुर बाज बहादुर गांव निवासी 30 वर्षीय सूरज राम पुत्र राजाराम मंगलवार शाम शारदा सहायक खंड-23 नहर में डूब गया। बुधवार सुबह नहर का पानी कम होने के बाद पुलिस ने घटनास्थल के पास से उसका शव बरामद किया। शव घर पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। 


जानकारी के अनुसार, सूरज राम मंगलवार शाम करीब सात बजे शौच के लिए गांव के उत्तरी छोर पर स्थित शारदा सहायक खंड-23 नहर के किनारे गया था। इसी दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में जा गिरा। कुछ दूरी पर मौजूद लोगों ने शोर मचाया और उसे बचाने के लिए नहर में कूदे, लेकिन नहर की गहराई और तेज बहाव के कारण उसे बचाया नहीं जा सका। 


घटना की सूचना स्थानीय पुलिस चौकी गोसाई की बाजार को दी गई। सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी आशीष तिवारी और वीरेंद्र कुमार यादव हमराहियों के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से पूरी रात नहर में युवक की तलाश की, लेकिन अधिक पानी और तेज बहाव के चलते सफलता नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को सूचना देकर नहर का पानी बंद कराया। बुधवार सुबह पानी का स्तर कम होने पर पुलिस और ग्रामीणों ने दोबारा तलाश शुरू की। करीब नौ बजे घटनास्थल के पास ही सूरज का शव बरामद हो गया। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सूरज तीन भाइयों और दो बहनों में सबसे बड़ा था। वह पेंटिंग का काम करके परिवार का भरण-पोषण करता था। करीब दो वर्ष पूर्व उसकी शादी हुई थी और उसकी एक वर्ष की बेटी भी है। सूरज की मौत से पत्नी और मां का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट भी खड़ा हो गया है।

आजमगढ़ फूलपुर बारिश से सरकारी भवनों के आसपास जलभराव, बढ़ी लोगों की मुश्किलें तहसील के ग्रामीण न्यायालय के सामने जमा पानी, वादकारियों और अधिवक्ताओं को परेशानी ऊदपुर विद्युत उपकेंद्र परिसर में भी भरा पानी, ग्रामीण इलाकों में कीचड़ और गंदगी से बढ़ी दिक्कत


 आजमगढ़ फूलपुर बारिश से सरकारी भवनों के आसपास जलभराव, बढ़ी लोगों की मुश्किलें


तहसील के ग्रामीण न्यायालय के सामने जमा पानी, वादकारियों और अधिवक्ताओं को परेशानी


ऊदपुर विद्युत उपकेंद्र परिसर में भी भरा पानी, ग्रामीण इलाकों में कीचड़ और गंदगी से बढ़ी दिक्कत


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में कई दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण फूलपुर तहसील मुख्यालय से लेकर विद्युत उपकेंद्र और ग्रामीण क्षेत्रों तक जलभराव की समस्या गंभीर हो गई है। सरकारी भवनों के आसपास पानी जमा होने से कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ ही विभिन्न कार्यों से कार्यालय पहुंचने वाले लोगों को भी आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फूलपुर तहसील मुख्यालय स्थित ग्रामीण न्यायालय के सामने बारिश का पानी कई दिनों से जमा है। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण पानी के साथ गंदगी भी फैलने लगी है। जलभराव के बीच ग्रामीण न्यायालय आने-जाने वाले वादकारियों, अधिवक्ताओं और अन्य लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।


 स्थानीय लोगों का कहना है कि न्यायालय के सामने जलनिकासी की व्यवस्था ठीक नहीं होने के कारण बारिश के दिनों में हर वर्ष ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है। ऊदपुर स्थित विद्युत उपकेंद्र परिसर में भी बारिश का पानी जमा होने से कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। परिसर में जलभराव के कारण विभागीय कर्मचारियों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। विभिन्न कार्यों से उपकेंद्र पहुंचने वाले उपभोक्ताओं को भी पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। जलभराव के कारण विद्युत उपकरणों और कार्यालय परिसर की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है।


 बारिश का असर ग्रामीण क्षेत्रों में भी देखने को मिल रहा है। कई गांवों की सड़क और गलियों में पानी बह रहा है, जबकि निचले इलाकों में जलभराव के कारण ग्रामीणों को घरों से निकलने में परेशानी हो रही है। जगह-जगह पानी जमा होने से कीचड़ और गंदगी की समस्या भी बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभागों से सरकारी भवनों के आसपास और ग्रामीण क्षेत्रों में जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि समय रहते जलभराव की समस्या का समाधान किया जाए, ताकि बारिश के दौरान आवागमन में होने वाली परेशानी से राहत मिल सके।