Tuesday, 9 June 2026

आजमगढ़ रौनापार थानाध्यक्ष पर जमीन कब्जा कराने व रिश्वत मांगने का आरोप थाना प्रभारी, कांस्टेबल व विपक्षियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग दीवानी में वाद लंबित होने के बावजूद कब्जा कराने का आरोप, एसएसपी से कार्रवाई की गुहार

आजमगढ़ रौनापार थानाध्यक्ष पर जमीन कब्जा कराने व रिश्वत मांगने का आरोप


थाना प्रभारी, कांस्टेबल व विपक्षियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग


दीवानी में वाद लंबित होने के बावजूद कब्जा कराने का आरोप, एसएसपी से कार्रवाई की गुहार



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में रौनापार थाना क्षेत्र के खोजौली गांव की निवासी राधिका सिंह ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर थाना रौनापार के थानाध्यक्ष, एक कांस्टेबल तथा विपक्षी पक्ष के लोगों पर उनकी पैतृक भूमि पर अवैध कब्जा कराने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने मामले में एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।


 प्रार्थना पत्र के अनुसार, विवादित भूमि को लेकर सिविल न्यायालय में वाद विचाराधीन है और निषेधाज्ञा प्रार्थना पत्र पर सुनवाई की तिथि निर्धारित है। आरोप है कि इसके बावजूद विपक्षी देवानंद और दिवाकर ने पुलिस की मौजूदगी में विवादित भूमि पर मिट्टी डलवाकर कब्जा करने का प्रयास किया। शिकायतकर्ता का कहना है कि थानाध्यक्ष रौनापार सुनील कुमार दूबे स्वयं मौके पर मौजूद रहे और भूमि की स्थिति बदलवाने में सहयोग किया।


 राधिका सिंह ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर उन्हें और उनके परिवार को गालियां दी गईं तथा उनके पुत्र के साथ मारपीट की गई। साथ ही झूठे मुकदमे में फंसाने और एनकाउंटर कराने जैसी धमकियां भी दी गईं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि मौके पर कोई राजस्व टीम मौजूद नहीं थी, फिर भी पुलिस की मौजूदगी में भूमि पर तीन ट्राली मिट्टी डलवाई गई। प्रार्थना पत्र में कांस्टेबल अवधेश यादव पर भी विपक्षी पक्ष से मिलीभगत और पैसे की मांग करने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि पुलिस की मौजूदगी में कब्जा कराने का वीडियो उनके पास उपलब्ध है। पीड़िता ने एसएसपी से मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए थानाध्यक्ष, संबंधित कांस्टेबल तथा विपक्षी पक्ष के लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर आवश्यक विधिक कार्रवाई किए जाने की मांग की है। वहीं, पुलिस का पक्ष समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सका था।

 

आजमगढ़ कप्तानगंज 20.65 लाख रुपये की जमीन डील में धोखाधड़ी बैनामा के दौरान रजिस्ट्री कार्यालय से फरार हुए आरोपी, चेक देकर भी भुगतान रोका; पुलिस ने दर्ज किया केस


 आजमगढ़ कप्तानगंज 20.65 लाख रुपये की जमीन डील में धोखाधड़ी


बैनामा के दौरान रजिस्ट्री कार्यालय से फरार हुए आरोपी, चेक देकर भी भुगतान रोका; पुलिस ने दर्ज किया केस


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के कप्तानगंज थाना क्षेत्र में जमीन की खरीद-फरोख्त के नाम पर 20.65 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने दो नामजद आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। निजामाबाद तहसील क्षेत्र के ओरा गांव निवासी अजीम अहमद ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि उसने ओरा गांव निवासी सत्यवान राय और विनोद राय से आराजी संख्या 803 की भूमि का एक हिस्सा खरीदने के लिए सौदा तय किया था। आरोप है कि जमीन के बदले कुल 20 लाख 65 हजार रुपये का भुगतान आरटीजीएस एवं अन्य माध्यमों से किया गया। 


शिकायत के अनुसार 12 दिसंबर 2025 को निबंधन कार्यालय निजामाबाद में बैनामे की तैयारी पूरी हो गई थी, लेकिन रजिस्ट्री के दौरान सत्यवान राय, विनोद राय और साहिल राय कथित रूप से बहाना बनाकर कार्यालय से फरार हो गए। इसके बाद पीड़ित द्वारा कई बार संपर्क करने पर आरोपियों ने पहले पैसा लौटाने का आश्वासन दिया और चेक भी दिए, लेकिन भुगतान तिथि से पहले ही चेकों को बंद करा दिया गया। पीड़ित का आरोप है कि रुपये वापस मांगने पर आरोपियों ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। मामले की शिकायत कई बार थाना कप्तानगंज में किए जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर पीड़ित ने एसएसपी कार्यालय का दरवाजा खटखटाया। एसएसपी कार्यालय से प्राप्त निर्देश के बाद कप्तानगंज पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Monday, 8 June 2026

आजमगढ़ बरदह 3 लाख की लूट का पुलिस ने किया खुलासा, अंतरजनपदीय शातिर गिरफ्तार फेस रिकग्निशन, सीसीटीवी विश्लेषण और तकनीकी जांच से पुलिस ने बरामद किए ₹2.56 लाख, तमंचा व घटना में प्रयुक्त बाइक


 आजमगढ़ बरदह 3 लाख की लूट का पुलिस ने किया खुलासा, अंतरजनपदीय शातिर गिरफ्तार



फेस रिकग्निशन, सीसीटीवी विश्लेषण और तकनीकी जांच से पुलिस ने बरामद किए ₹2.56 लाख, तमंचा व घटना में प्रयुक्त बाइक


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में उत्तर प्रदेश पुलिस की आधुनिक तकनीक आधारित पुलिसिंग का एक और सफल उदाहरण सामने आया है। थाना बरदह पुलिस ने यक्ष (YAKSH) ऐप, फेस रिकग्निशन तकनीक, सीसीटीवी फुटेज विश्लेषण और मानवीय सूचना के समन्वित उपयोग से 3.22 लाख रुपये की झपटमारी की घटना का सफल अनावरण करते हुए एक अंतरजनपदीय शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से झपटी गई धनराशि में से 2.56 लाख रुपये नगद, एक अवैध तमंचा, कारतूस तथा घटना में प्रयुक्त बिना नंबर की मोटरसाइकिल बरामद की है। 


पुलिस के अनुसार, 2 जून 2026 को राजपति यादव निवासी खैरपुर जगजीवन, थाना रानी की सराय ने थाना बरदह में शिकायत दर्ज कराई थी कि वह जौनपुर स्थित देशी शराब की दुकान पर सेल्समैन के रूप में कार्य करता है। 1 जून को शराब बिक्री की 3,22,060 रुपये की धनराशि लेकर आजमगढ़ जा रहा था। इसी दौरान एक अज्ञात युवक ने स्वयं को आजमगढ़ जाने वाला बताकर उसे अपनी मोटरसाइकिल पर बैठा लिया। ठेकमा बाजार से आगे भगवानपुर नहर पुलिया के पास आरोपी ने बहाने से रुपयों से भरा बैग अपने कब्जे में लिया और मौका पाकर फरार हो गया। 


घटना के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में पुलिस टीम ने तकनीकी जांच शुरू की। यक्ष ऐप के माध्यम से सीसीटीवी फुटेज, संदिग्ध के फोटो, फेस रिकग्निशन और अन्य तकनीकी इनपुट का विश्लेषण किया गया। जांच के दौरान संदिग्ध की पहचान जौनपुर जनपद के चंदवक थाना क्षेत्र निवासी राजेश चौहान के रूप में हुई। सोमवार को मुखबिर की सूचना और तकनीकी इनपुट के आधार पर पुलिस ने शंकरपुर -हरिश्चंद्रपुर पुलिया क्षेत्र में घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने झपटमारी की घटना को स्वीकार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से 2.56 लाख रुपये नगद, एक देशी तमंचा .315 बोर, एक जिंदा कारतूस तथा घटना में प्रयुक्त होंडा यूनिकॉर्न मोटरसाइकिल बरामद हुई है। आरोपी के खिलाफ बरदह थाने में झपटमारी और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यक्ष ऐप ने आरोपी की पहचान स्थापित करने और जांच को सही दिशा देने में अहम भूमिका निभाई। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश पुलिस की तकनीक-सक्षम और परिणामोन्मुख पुलिसिंग का उत्कृष्ट उदाहरण है।

उत्तर प्रदेश के 33 पीसीएस अधिकारियों को मिलेगा आईएएस प्रमोशन 2010 और 2011 बैच के अधिकारियों का रास्ता साफ, रिक्त पदों के चलते 2012 बैच के अफसरों को भी मिल सकता है मौका


 उत्तर प्रदेश के 33 पीसीएस अधिकारियों को मिलेगा आईएएस प्रमोशन


2010 और 2011 बैच के अधिकारियों का रास्ता साफ, रिक्त पदों के चलते 2012 बैच के अफसरों को भी मिल सकता है मौका



लखनऊ, उत्तर प्रदेश के 33 पीसीएस अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में पदोन्नति मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। चयन वर्ष 2025 के लिए केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश को आईएएस पदोन्नति कोटे के 33 पद आवंटित किए हैं। इन पदों पर पदोन्नति के लिए 10 जून को नई दिल्ली में विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक आयोजित होगी। डीपीसी में वर्ष 2010, 2011 और 2012 बैच के पीसीएस अधिकारियों के नामों पर विचार किया जाएगा। नियुक्ति विभाग ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं तथा संभावित अधिकारियों की वार्षिक गोपनीय प्रविष्टियां (एसीआर) और सेवा अभिलेख जुटाने की प्रक्रिया तेज कर दी है।


 पदोन्नति के लिए आवंटित 33 पदों के कारण वर्ष 2010 और 2011 बैच के अधिकारियों के आईएएस बनने की संभावना लगभग तय मानी जा रही है। वर्ष 2010 बैच में आठ तथा वर्ष 2011 बैच में 21 अधिकारी हैं। दोनों बैचों के अधिकारियों की कुल संख्या 29 होने के कारण चार पद रिक्त बचते हैं। ऐसी स्थिति में वर्ष 2012 बैच के कुछ पीसीएस अधिकारियों को भी आईएएस पदोन्नति का अवसर मिलने की संभावना बढ़ गई है। अब सभी की निगाहें 10 जून को होने वाली डीपीसी बैठक पर टिकी हैं, जिसके बाद पदोन्नति की अंतिम सूची जारी की जाएगी।

Sunday, 7 June 2026

आजमगढ़ महाराजगंज मिट्टी लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आकर 12 वर्षीय बालक की मौत घर के सामने साइकिल चला रहा था मृतक , परिजनों ने चालक व अवैध खनन कारोबारियों पर कार्रवाई की मांग की


 आजमगढ़ महाराजगंज मिट्टी लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आकर 12 वर्षीय बालक की मौत


घर के सामने साइकिल चला रहा था मृतक , परिजनों ने चालक व अवैध खनन कारोबारियों पर कार्रवाई की मांग की



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के महाराजगंज कोतवाली क्षेत्र के यूसुफपुर (रूपयनपुर) गांव में रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में 12 वर्षीय बालक की मौत हो गई। मिट्टी लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से बालक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया, जबकि ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। जानकारी के अनुसार आदित्य निषाद (12) अपने घर के सामने सड़क किनारे साइकिल चला रहा था। इसी दौरान मिट्टी लादकर जा रही तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उसे कुचल दिया। हादसा इतना भीषण था कि बालक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। मृतक की मां अपने बेटे का शव देखकर बेसुध हो गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से मिट्टी खनन और ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का संचालन धड़ल्ले से किया जा रहा है, लेकिन प्रशासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। उनका कहना है कि यदि समय रहते ऐसे वाहनों पर अंकुश लगाया गया होता तो यह हादसा टाला जा सकता था। परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार गांव से गुजरने वाले मार्ग से प्रतिदिन मिट्टी का खनन कर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से परिवहन किया जाता है। आरोप है कि चालक तेज रफ्तार में वाहन चलाते हैं, कई बार मोबाइल या हेडफोन का इस्तेमाल भी करते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार इस संबंध में वाहन चालकों और मालिकों को चेतावनी दी गई, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ।


 ग्रामीणों का आरोप है कि दुर्घटना में शामिल ट्रैक्टर-ट्रॉली रूपयनपुर निवासी योगेंद्र यादव पुत्र कल्पू यादव की है, जिसे उनका पुत्र सत्यम यादव चला रहा था। बताया गया कि वाहन पर पंजीकरण संख्या भी अंकित नहीं थी। ग्रामीणों ने बताया कि आदित्य दो भाइयों में बड़ा था। उसके पिता का तीन वर्ष पूर्व निधन हो चुका है। परिवार का भरण-पोषण उसकी मां ही करती है। बेटे की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मृतक की मां की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं परिजनों ने दोषी चालक, वाहन मालिक तथा अवैध खनन से जुड़े लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और आर्थिक सहायता की मांग की है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

Saturday, 6 June 2026

आजमगढ़ लेखपाल को 6 वर्ष के कठोर कारावास की सजा भूमि प्रमाणपत्र के लिए रिश्वत लेने के मुकदमे में कोर्ट का फैसला

आजमगढ़ लेखपाल को 6 वर्ष के कठोर कारावास की सजा



भूमि प्रमाणपत्र के लिए रिश्वत लेने के मुकदमे में कोर्ट का फैसला


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में भूमि प्रमाणपत्र के लिए रिश्वत लेने के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने एक आरोपी को छह वर्ष के कठोर कारावास व तीस हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश एंटी करप्शन कोर्ट नंबर एक अजय कुमार शाही ने शनिवार को सुनाया।


 अभियोजन पक्ष के अनुसार भ्रष्टाचार निवारण यूनिट गोरखपुर यूनिट को सूचना मिली कि लालगंज तहसील के लेखपाल भूमि प्रमाणपत्र बनवाने के लिए रिश्वत की मांग कर रहे हैं। इस सूचना पर इंस्पेक्टर एन पी गौड़ ने 12 दिसंबर 2013 को राजस्व लेखपाल मनपूजन चौहान निवासी बड़ागाव बहादुरपुर थाना देवगाव को पांच सौ रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह मुकदमा बरदह थाने में दर्ज किया गया। जांच पूरी करने के बाद एंटी करप्शन टीम ने आरोपी लेखपाल के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष की तरफ से कुल पांच गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया गया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी मनपूजन चौहान (राजस्व लेखपाल) को छह वर्ष के कठोर कारावास व तीस हजार रुपए अर्थदण्ड की सजा सुनाई।

 

आजमगढ़ गम्भीरपुर 2 सगी नाबालिग बहनों से दुष्कर्म का आरोपी पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार, पैर में लगी गोली 24 घंटे के भीतर की कार्रवाई, आरोपी के पास से तमंचा, कारतूस और मोटरसाइकिल बरामद


 आजमगढ़ गम्भीरपुर 2 सगी नाबालिग बहनों से दुष्कर्म का आरोपी पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार, पैर में लगी गोली



24 घंटे के भीतर की कार्रवाई, आरोपी के पास से तमंचा, कारतूस और मोटरसाइकिल बरामद


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के थाना गम्भीरपुर क्षेत्र में दो सगी नाबालिग बहनों के साथ दुष्कर्म के आरोप में वांछित अभियुक्त को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। पुलिस के अनुसार, 5 जून 2026 को पीड़िताओं की मां ने थाना गम्भीरपुर में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि गांव निवासी मोहम्मद जाहिद उर्फ रुस्तम ने उनकी दो नाबालिग बेटियों को बहला-फुसलाकर तथा डराकर अपने बाग में बने ट्यूबवेल कक्ष में ले जाकर दुष्कर्म किया। साथ ही घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध बीएनएस की संबंधित धाराओ के तहत मुकदमा दर्ज किया।


 मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार ने आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया। पुलिस टीम को सूचना मिली कि आरोपी मोटरसाइकिल से अपने घर की ओर जा रहा है। सूचना के आधार पर जहांनिया मोड़ के पास घेराबंदी की गई। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पुलिस को देखकर भागने का प्रयास किया और फिसलकर गिरने के बाद अवैध तमंचे से पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। आत्मसमर्पण की चेतावनी के बावजूद फायरिंग जारी रखने पर पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान मोहम्मद जाहिद उर्फ रुस्तम (45 वर्ष) निवासी बैराडीह उर्फ गम्भीरपुर, थाना गम्भीरपुर, जनपद आजमगढ़ के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक अवैध देशी तमंचा .315 बोर, दो खोखा कारतूस, एक जिंदा कारतूस तथा एक मोटरसाइकिल बरामद की है। बरामदगी के आधार पर आरोपी के विरुद्ध आर्म्स एक्ट और बीएनएस की अन्य धाराओं में एक और मुकदमा दर्ज किया गया है।