Friday, 23 January 2026

आजमगढ़ फूलपुर दिनदहाड़े शिक्षक की मोटर साइकिल चोरी, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल वीआरसी जाते समय हुई वारदात, मौके से फरार हुए चोर, पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली

आजमगढ़ फूलपुर दिनदहाड़े शिक्षक की मोटर साइकिल चोरी, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल




वीआरसी जाते समय हुई वारदात, मौके से फरार हुए चोर, पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली 




उत्तर प्रदेश आजमगढ़ जनपद  फूलपुर खंड शिक्षा क्षेत्र अंतर्गत फूलपुर–माहुल मार्ग पर दिनदहाड़े मोटरसाइकिल चोरी की एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। बुधवार 21 तारीख को सुबह लगभग 11:30 बजे ग्राम सहजेरपुर के पास अज्ञात चोरों ने एक अध्यापक की मोटरसाइकिल चोरी कर ली, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। 


प्राप्त जानकारी के अनुसार, कम्पोजिट विद्यालय मख्खापुर में तैनात अध्यापक जितेन्द्र कुमार मिश्र बुधवार को समय से विद्यालय पहुँचे थे। सवा 11 बजे वे अपनी मोटरसाइकिल (संख्या यूपी 45 एएन 1010) से वीआरसी कार्यालय, खंड शिक्षा कार्यालय फूलपुर के लिए निकले। रास्ते में ग्राम सहजेरपुर के पास सड़क किनारे मोटरसाइकिल खड़ी कर वे लघुशंका के लिए रुके। कुछ ही देर बाद लौटने पर देखा तो उनकी मोटरसाइकिल मौके से गायब थी। दिनदहाड़े हुई इस घटना से अध्यापक स्तब्ध रह गए। ग्रामीणों की सूचना पर तत्काल फूलपुर कोतवाली को घटना से अवगत कराया गया। सूचना मिलते ही पुलिस की एक टीम, जिसमें एक उपनिरीक्षक व दो सिपाही शामिल थे, मौके पर पहुँची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। पुलिस पीड़ित अध्यापक को थाने ले गई, जहाँ उन्हें आश्वस्त किया गया कि घबराने की आवश्यकता नहीं है और मोटर साइकिल शीघ्र बरामद कर ली जाएगी। वहीं, पीड़ित जितेन्द्र कुमार मिश्र ने जनसुनवाई पोर्टल पर लिखित शिकायत दर्ज कराई है, हालांकि समाचार लिखे जाने तक मुकदमा पंजीकृत नहीं हो सका था। इस मामले में थाना प्रभारी सच्चिदानंद से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन नेटवर्क समस्या के कारण उनसे बात नहीं हो सकी। दिनदहाड़े हुई इस चोरी की घटना ने क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

आजमगढ़ गंभीरपुर पुलिस बनकर चेकिंग के नाम पर दुकानदार से ₹7 हजार की लूट, इलाके में हड़कंप गंभीरपुर थाना क्षेत्र के बनारस रोड स्थित मोहम्मदपुर गांव की घटना सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस, व्यापारियों में भय और आक्रोश


 आजमगढ़ गंभीरपुर पुलिस बनकर चेकिंग के नाम पर दुकानदार से ₹7 हजार की लूट, इलाके में हड़कंप


गंभीरपुर थाना क्षेत्र के बनारस रोड स्थित मोहम्मदपुर गांव की घटना


सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस, व्यापारियों में भय और आक्रोश




उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के गंभीरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बनारस रोड स्थित मोहम्मदपुर गांव में सैनिक ढाबा के पास एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। यहां खुद को पुलिसकर्मी बताने वाले एक शख्स ने चेकिंग के बहाने एक छोटे दुकानदार से ₹7,000 रुपये लूट लिए और मौके से फरार हो गया। पीड़ित दुकानदार की पहचान इकराम अहमद, निवासी ग्राम सार्सेना खालसा के रूप में हुई है, जो क्षेत्र में छोटी सी दुकान चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। पीड़ित के अनुसार, बीते दिन दोपहर के समय एक अज्ञात व्यक्ति उनकी दुकान पर पहुंचा और स्वयं को पुलिस विभाग का कर्मचारी बताते हुए जांच-पड़ताल शुरू कर दी। आरोपी ने रौब दिखाते हुए नियम-कानून का हवाला दिया और डराकर दुकानदार के पर्स से ₹7,000 रुपये निकाल लिए। अचानक हुई इस घटना से दुकानदार घबरा गया और इसी का फायदा उठाकर आरोपी मौके से फरार हो गया। घटना के बाद जब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ तो उन्होंने साहस दिखाते हुए सीधे गंभीरपुर थाने पहुंचकर लिखित तहरीर दी। 


पीड़ित ने पुलिस को आरोपी की गतिविधियों, बातचीत के अंदाज़ और घटना स्थल से जुड़ी जानकारी विस्तार से दी। मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना पुलिस ने निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ भी की जा रही है। इस घटना के बाद क्षेत्र के छोटे व्यापारियों में डर और आक्रोश का माहौल है। व्यापारियों का कहना है कि यदि कोई भी व्यक्ति पुलिस बनकर खुलेआम लूट कर सकता है, तो आम जनता की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि फर्जी पुलिस बनकर अपराध करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और जल्द ही आरोपी की गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है।

गोरखपुर इस लड़की के सामने DSP-दरोगा हुए भी न्यूड अंशिका ने रंगदारी न मिलने पर मैनेजर के दोस्त को मारी गोली, मामले में 12 पुलिसकर्मी फंसे

गोरखपुर इस लड़की के सामने DSP-दरोगा हुए भी न्यूड



अंशिका ने रंगदारी न मिलने पर मैनेजर के दोस्त को मारी गोली, मामले में 12 पुलिसकर्मी फंसे



उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में जन्मदिन के जश्न के दौरान युवक को गोली मारने वाली युवती का चौंकाने वाला आपराधिक चेहरा सामने आया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी युवती अंशिका एक शातिर ब्लैकमेलर है, जो बीते पांच वर्षों से लोगों को अश्लील वीडियो कॉल के जरिए फंसाकर उनसे पैसे वसूलती थी।


 सूत्रों के मुताबिक, अंशिका के मोबाइल फोन से बड़ी संख्या में अश्लील वीडियो बरामद हुए हैं। पुलिस की सख्त पूछताछ में उसने कबूल किया कि वह पहले लोगों से संपर्क करती थी, फिर न्यूड होकर वीडियो कॉल करती और कॉल को रिकॉर्ड कर लेती थी। इसके बाद वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उनसे मोटी रकम ऐंठती थी। पुलिस का दावा है कि अंशिका ने पिछले पांच साल में करीब 150 लोगों को ब्लैकमेल किया है। इनमें अयोध्या के एक DSP, गीडा थाना प्रभारी सहित 12 से अधिक पुलिसकर्मी भी शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस अब मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल्स और बैंक लेन-देन के जरिए पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है।


 घटना 20 जनवरी की है, जब अंशिका अपने दोस्तों के साथ मॉडल शॉप के पास जन्मदिन मना रही थी। इसी दौरान एक प्राइवेट हॉस्पिटल के मैनेजर से उसका विवाद हो गया। आरोप है कि अंशिका ने मैनेजर पर पिस्टल तान दी। छीना-झपटी के दौरान गोली चल गई, जो मैनेजर के दोस्त के पेट में जा लगी। घायल युवक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने अंशिका और उसके साथियों को पकड़ लिया। पुलिस ने अंशिका को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं उसके साथी बंटी वर्मा समेत पांच आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

 

Thursday, 22 January 2026

मुरादाबाद प्रेम संबंध के चलते युवक-युवती की पीट-पीटकर हत्या शव बोरी में भरकर नदी किनारे दबाए, 3 भाई नामजद, गांव में तनाव, पुलिस-पीएसी तैनात


 मुरादाबाद प्रेम संबंध के चलते युवक-युवती की पीट-पीटकर हत्या


शव बोरी में भरकर नदी किनारे दबाए, 3 भाई नामजद, गांव में तनाव, पुलिस-पीएसी तैनात



उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। पाकबड़ा थाना क्षेत्र के उमरी सब्जीपुर गांव में प्रेम संबंध के चलते युवक और युवती की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। दोनों अलग-अलग समुदाय से थे और बीते दो वर्षों से प्रेम संबंध में थे। घटना के बाद पूरे गांव में तनाव का माहौल है और एहतियातन भारी पुलिस बल व पीएसी तैनात कर दी गई है।


एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह के अनुसार, पाकबड़ा थाना क्षेत्र के उमरी सब्जीपुर निवासी मो. हनीफ का 27 वर्षीय बेटा अरमान गांव के ही गनपत सैनी की 20 वर्षीय बेटी काजल से प्रेम करता था। रविवार रात करीब साढ़े नौ बजे अरमान अपनी प्रेमिका से मिलने उसके घर पहुंचा। इसी दौरान काजल के तीन भाइयों, माता और पिता ने दोनों को पकड़ लिया। आरोप है कि लाठी-डंडों से जमकर पिटाई की गई और सिर पर फावड़ा मारकर दोनों की हत्या कर दी गई। हत्या के बाद आरोपियों ने दोनों शवों को बोरी में बंद किया और करीब दो किलोमीटर दूर बाबा नीम करौली मंदिर के पास गागन नदी किनारे गड्ढा खोदकर दबा दिया। रात करीब 12 बजे दोनों की पिटाई के दौरान चीख-पुकार भी सुनी गई, लेकिन ठंड और गलतफहमी के चलते ग्रामीण बाहर नहीं निकले।


 घटना का खुलासा तब हुआ जब अरमान के पिता मो. हनीफ ने बेटे की गुमशुदगी की सूचना पुलिस को दी और पड़ोसी परिवार पर शक जताया। पुलिस ने जांच शुरू कर युवती के पिता व भाइयों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उन्होंने हत्या की बात कबूल कर ली। पुलिस ने दोनों शव बरामद कर लिए हैं और हत्या में प्रयुक्त फावड़ा भी जब्त किया गया है। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने हत्या के बाद पुलिस को गुमराह करने की भी कोशिश की। पहले युवती की गुमशुदगी दर्ज कराई गई और शक अरमान व उसके परिवार पर डाला गया, ताकि जांच की दिशा भटकाई जा सके। बाद में जब सख्ती से पूछताछ की गई तो पूरा मामला सामने आ गया। मो. हनीफ की तहरीर पर युवती के तीन भाइयों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। एसएसपी सतपाल अंतिल ने बताया कि आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया है और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। गांव की मिश्रित आबादी को देखते हुए पाकबड़ा के साथ-साथ सिविल लाइंस, मझोला और मुंढापांडे थाना क्षेत्र से भी पुलिस बल बुलाया गया है। गांव की गलियों में लगातार गश्त की जा रही है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

आजमगढ़ 2 थाना प्रभारियों का तबादला, एक उपनिरीक्षक लाइन हाजिर


 आजमगढ़ 2 थाना प्रभारियों का तबादला, एक उपनिरीक्षक लाइन हाजिर



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा0 अनिल कुमार ने जनपद पुलिस में तैनात निरीक्षक एवं उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस के स्थानांतरण आदेश जारी किए गए हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किए गए हैं। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे तत्काल नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करें। 


जारी आदेश के अनुसार निरीक्षक जय प्रकाश जो अब तक प्रभारी विशेष चोरी अनावरण टीम के रूप में कार्यरत थे, उन्हें प्रभारी निरीक्षक दीदारगंज के पद पर तैनात किया गया है। वहीं निरीक्षक राकेश कुमार सिंह जो अब तक प्रभारी निरीक्षक दीदारगंज के पद पर कार्यरत थे, उनका स्थानांतरण कर उन्हें प्रभारी निरीक्षक पवई बनाया गया है।


 इसी क्रम में उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार मिश्र, जो थानाध्यक्ष पवई के पद पर तैनात थे, उनका स्थानांतरण कर पुलिस लाइन भेजा गया है। पुलिस प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे आदेश का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करें।



Wednesday, 21 January 2026

आजमगढ़ वीआईपी भ्रमण के चलते जनपद में किया गया रूट डायवर्जन 22 जनवरी को सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक भारी व अन्य वाहनों के बदले जाएंगे मार्ग


 आजमगढ़ वीआईपी भ्रमण के चलते जनपद में किया गया रूट डायवर्जन



22 जनवरी को सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक भारी व अन्य वाहनों के बदले जाएंगे मार्ग



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में 22 जनवरी 2026 को प्रस्तावित वीआईपी भ्रमण कार्यक्रम के दृष्टिगत यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रशासन द्वारा आंशिक रूट डायवर्जन लागू किया गया है। यह डायवर्जन प्रात: 10.00 बजे से 14.00 बजे तक प्रभावी रहेगा। 


जारी यातायात व्यवस्था के अनुसार पंचदेव चौराहा से कोई भी दोपहिया अथवा चारपहिया वाहन पुलिस लाइन गेट की ओर नहीं जाएगा, बल्कि सिविल लाइन होते हुए अग्रसेन चौराहा अथवा बंधे की ओर जाएगा।


 इसी प्रकार अग्रसेन तिराहा से कोई भी वाहन कलेक्ट्रेट एवं ट्रेजरी की ओर नहीं जाएगा, बल्कि दास फर्नीचर तिराहा, कोतवाली या बंधे की ओर मोड़ दिया जाएगा। 


गांधी तिराहा से ट्रेजरी की ओर जाने वाले वाहनों को प्रतिबंधित किया गया है। ये वाहन रैदोपुर अथवा काली चौरा की ओर से होकर जाएंगे। वहीं रैदोपुर तिराहा से नेहरू हॉल की ओर वाहनों का आवागमन बंद रहेगा और वाहनों को गांधी तिराहा अथवा सिधारी पुल की ओर भेजा जाएगा।


 इसी क्रम में छतवारा चौराहा से किसी भी बड़े वाहन को हाइडिल चौराहे की ओर जाने की अनुमति नहीं होगी। ऐसे वाहन बेलइसा चौराहा होते हुए अपने गंतव्य को जाएंगे। बागेश्वर चौराहा से चार पहिया, मालवाहक एवं बड़े वाहनों को बंधा मोड़ तिराहा की ओर जाने से रोका गया है, जिन्हें हरवंशपुर तिराहा के रास्ते भेजा जाएगा। 


नरौली तिराहा से भी चारपहिया, मालवाहक एवं बड़े वाहनों का बंधा मोड़ की ओर जाना प्रतिबंधित रहेगा। ये वाहन पहलवान तिराहा व हरवंशपुर तिराहा होकर जाएंगे। शारदा तिराहा से किसी भी चारपहिया, मालवाहक अथवा बड़े वाहन को गिरिजाघर चौराहे की ओर नहीं जाने दिया जाएगा, बल्कि रैदोपुर तिराहा और काली चौरा के रास्ते गंतव्य की ओर भेजा जाएगा।


 नोट: उपरोक्त रूट डायवर्जन 22 जनवरी 2026 को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक लागू रहेगा। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे असुविधा से बचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करें तथा यातायात पुलिस का सहयोग करें।

आजमगढ़ थाना कोतवाली अमीन की हत्या में आया जिले का चर्चित का नाम ₹70 लाख की वसूली विवाद में हत्या का आरोप


 आजमगढ़ थाना कोतवाली अमीन की हत्या में आया जिले का चर्चित का नाम



₹70 लाख की वसूली विवाद में हत्या का आरोप



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के थाना कोतवाली क्षेत्र में तहसील सदर में तैनात अमीन सुरेश उपाध्याय की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या मामला में मृतक के पुत्र विकास उपाध्याय की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित के अनुसार उनके पिता सुरेश उपाध्याय 17 जनवरी 2026 को अचानक लापता हो गए थे, जिसकी लिखित सूचना उसी दिन थाना कोतवाली में दी गई थी। सुरेश उपाध्याय तहसील सदर में अमीन के पद पर कार्यरत थे और वसूली के सिलसिले में लगभग 70 लाख रुपये की आरसी लेकर रूबी सिंह पुत्री चंद्रशेखर सिंह, निवासी मोहल्ला रैदोपुर, के घर गए थे।


 परिजनों का आरोप है कि रूबी सिंह के घर पर उनके चाचा ने यह कहते हुए धमकी दी कि “गलत जगह हाथ डाले हो, इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।” बाद में यह जानकारी मिली कि रूबी सिंह ने अपना नाम बदलकर आकांक्षा रख लिया है और ओमप्रकाश सिंह निवासी अहिरौला से विवाह कर लिया है। जब अमीन सुरेश उपाध्याय ओमप्रकाश सिंह के पास वसूली के लिए पहुंचे तो वहां से भी उन्हें गंभीर धमकी दी गई। परिजनों के मुताबिक धमकियों के बाद सुरेश उपाध्याय लगातार भयभीत रहते थे और परिजनों से कहते थे कि ओमप्रकाश सिंह, रूबी सिंह उर्फ आकांक्षा और रूबी सिंह के चाचा अपराधी प्रवृत्ति के लोग हैं, जिनसे बच पाना मुश्किल है। विकास उपाध्याय ने आशंका जताई है कि ओमप्रकाश सिंह, भूपेंद्र सिंह उर्फ मुन्ना सिंह (ठेकमा) तथा रूबी सिंह उर्फ आकांक्षा और उनके चाचा ने मिलकर उनके पिता का अपहरण कर हत्या कर दी और शव को सिधारी स्थित बसपा कार्यालय के पीछे फेंक दिया।


 इस संबंध में कोतवाली पुलिस ने ओमप्रकाश सिंह, रुबी सिंह उर्फ आकांक्षा, रुबी सिंह के चाचा नाम अज्ञात सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर लिया है। प्रभारी निरीक्षक के निर्देश पर मामले की विवेचना प्रारंभ कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


https://www.news9up.com/2026/01/17.html