Thursday, 26 February 2026

आजमगढ़ डीएवी काशीराम आवास के लोगों का फूटा गुस्सा, बिजली-पानी संकट पर चक्काजाम 3 दिन से अंधेरे में रहे परिवार, भारी बिल † आरोप, शहर कोतवाल की पहल पर खुला जाम


 आजमगढ़ डीएवी काशीराम आवास के लोगों का फूटा गुस्सा, बिजली-पानी संकट पर चक्काजाम



3 दिन से अंधेरे में रहे परिवार, भारी बिल † आरोप, शहर कोतवाल की पहल पर खुला जाम



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के डीएवी काशीराम आवास के निवासी पिछले तीन दिनों से बिजली और पानी संकट से जूझ रहे थे। समस्या से त्रस्त होकर बुधवार दोपहर आवासीय परिसर की महिलाओं और पुरुषों ने पुरानी जेल के पास सड़क पर चक्काजाम कर दिया। अचानक हुए जाम से यातायात प्रभावित हो गया और राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप था कि उन्हें पूर्व में मायावती सरकार के दौरान यह आवास मुफ्त उपलब्ध कराया गया था, लेकिन अब बिजली विभाग की ओर से 8 से 10 लाख रुपये तक के भारी-भरकम बिल दिखाए जा रहे हैं। उनका कहना था कि इतनी बड़ी धनराशि जमा करना गरीब परिवारों के लिए संभव नहीं है, और जब तक बिल जमा नहीं होगा तब तक बिजली बहाल नहीं की जा रही है। बिजली कटने से पानी की आपूर्ति भी बाधित हो गई, जिससे हालात और खराब हो गए। सूचना मिलते ही शहर कोतवाल यादवेन्द्र पाण्डेय मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। काफी देर तक वार्ता चलती रही। पुलिस ने बिजली विभाग के अधिकारियों से फोन पर संपर्क कर वार्ता कराई, जिसके बाद लोगों को आश्वासन दिया गया कि उनकी समस्या पर विचार किया जाएगा। 


कोतवाल यादवेन्द्र पाण्डेय ने बताया कि बिजली विभाग द्वारा कनेक्शन काटे जाने के विरोध में लोग प्रदर्शन कर रहे थे। विभागीय अधिकारियों से वार्ता के बाद लोगों ने शांतिपूर्वक जाम समाप्त कर दिया। करीब घंटों की मशक्कत के बाद यातायात सामान्य हो सका।

आजमगढ़ में यूपी बोर्ड परीक्षा कंट्रोल रूम में लापरवाही, निरीक्षण में कर्मचारी सोते मिले मुख्यालय के कमांड एंड कंट्रोल रूम ने रात 1:43 बजे किया ऑनलाइन निरीक्षण, स्क्रीनशॉट से दर्ज हुई घटना परिषद ने मांगा स्पष्टीकरण, दोषियों पर विभागीय कार्रवाई के निर्देश


 आजमगढ़ में यूपी बोर्ड परीक्षा कंट्रोल रूम में लापरवाही, निरीक्षण में कर्मचारी सोते मिले



मुख्यालय के कमांड एंड कंट्रोल रूम ने रात 1:43 बजे किया ऑनलाइन निरीक्षण, स्क्रीनशॉट से दर्ज हुई घटना


परिषद ने मांगा स्पष्टीकरण, दोषियों पर विभागीय कार्रवाई के निर्देश


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने के लिए बनाए गए जिला स्तरीय कंट्रोल रूम में गंभीर लापरवाही सामने आई है। मुख्यालय स्थित कमांड एंड कंट्रोल रूम द्वारा रात 01:43 बजे किए गए ऑनलाइन निरीक्षण में पीएम श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में स्थापित कंट्रोल रूम के कर्मचारी ड्यूटी के दौरान सोते हुए पाए गए।


 जानकारी के अनुसार जिले में यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए कुल 273 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों की ऑनलाइन निगरानी के उद्देश्य से पीएम श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में 24 घंटे संचालित कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां शिफ्टवार कर्मचारियों की तैनाती की गई है। प्रयागराज स्थित मुख्यालय के कमांड एंड कंट्रोल रूम ने रात्रि निरीक्षण के दौरान कंट्रोल रूम का ऑनलाइन अवलोकन किया। निरीक्षण के समय ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी अपने निर्धारित स्थान पर कार्य करने के बजाय कंट्रोल प्रभारी के सामने लगी मेज पर सोते हुए दिखाई दिए। पूरी घटना को स्क्रीनशॉट के माध्यम से रिकॉर्ड किया गया। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए परिषद ने जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) से स्पष्टीकरण तलब किया है।


 परिषद द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि बोर्ड परीक्षा जैसे संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण कार्य में इस प्रकार की लापरवाही परीक्षा नियमों एवं निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन है। संयुक्त शिक्षा निदेशक नवल किशोर ने कहा कि मुख्यालय के कमांड एंड कंट्रोल रूम द्वारा रात्रि निरीक्षण के दौरान जनपद स्तर के कंट्रोल रूम में कर्मचारियों की लापरवाही संज्ञान में आई है। संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण तलब कर उत्तरदायित्व निर्धारित किया जा रहा है। जांच के उपरांत दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए कंट्रोल रूम प्रभारी को सख्त निर्देश दिए गए हैं।

Wednesday, 25 February 2026

आजमगढ़ रानी की सराय 50 हजार का इनामिया हिस्ट्रीशीटर गोतस्कर पुलिस मुठभेड़ में घायल, गिरफ्तार 2 अंधेरे का फायदा उठाकर फरार, देशी तमंचा, कारतूस और बिना नंबर प्लेट की बाइक बरामद 16 से अधिक मुकदमों का है आपराधिक इतिहास

आजमगढ़ रानी की सराय 50 हजार का इनामिया हिस्ट्रीशीटर गोतस्कर पुलिस मुठभेड़ में घायल, गिरफ्तार



2 अंधेरे का फायदा उठाकर फरार, देशी तमंचा, कारतूस और बिना नंबर प्लेट की बाइक बरामद


16 से अधिक मुकदमों का है आपराधिक इतिहास



उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ जनपद के रानी की सराय थाना क्षेत्र में 50 हजार रुपये का इनामिया हिस्ट्रीशीटर और शातिर गोतस्कर पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर उपचार के लिए सीएचसी भेज दिया, जबकि उसके दो साथी अंधेरे और सरसों की फसल का फायदा उठाकर फरार हो गए।


पुलिस के अनुसार 24 फरवरी 2026 की रात थानाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह व अन्य पुलिसकर्मी ऊंची गोदाम क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि तीन शातिर पशु तस्कर अवैध हथियार के साथ सोनवारा से बड़ैला ताल की ओर जा रहे हैं। सूचना पर पुलिस टीम छैला इनार तिराहे पर पहुंचकर घेराबंदी कर चेकिंग शुरू की। कुछ देर बाद एक मोटर साइकिल पर सवार तीन संदिग्ध व्यक्ति आते दिखाई दिए। पुलिस को देखकर उन्होंने बाइक मोड़कर भागने की कोशिश की, लेकिन असंतुलित होकर गिर पड़े। खुद को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। 


पुलिस के अनुसार पुलिस ने आत्मसमर्पण की चेतावनी देने के बाद आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक बदमाश के दाहिने पैर में गोली लग गई। घायल बदमाश की पहचान नसीम उर्फ लम्बू (40) पुत्र दिलशेर निवासी ग्राम कोटिला थाना रानी की सराय के रूप में हुई। उसे 25 फरवरी तड़के करीब 2:30 बजे हिरासत में लेकर उपचार के लिए सीएचसी रानी की सराय भेजा गया। मौके से पुलिस ने 01 देशी तमंचा .315 बोर, 01 खोखा कारतूस, 01 जिंदा मिस कारतूस, 02 जिंदा कारतूस तथा बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल बरामद की। मोटर साइकिल को एमवी एक्ट के संबंधित धारा के तहत सीज किया गया है। गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर थाना रानी की सराय पुलिस ने मु0अ0सं0 44/2026 धारा 109(1), 351(3) बीएनएस तथा मु0अ0सं0 45/2026 धारा 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। 


पूछताछ में घायल आरोपी ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ आजमगढ़ व आसपास के जिलों में चोरी और पशु तस्करी की कई घटनाओं में शामिल रहा है। घटना के दिन भी वह वारदात की नीयत से क्षेत्र में घूम रहा था। पुलिस के अनुसार फरार अभियुक्तों की पहचान वसीम पुत्र दिलशेर व भुटेली उर्फ करिया पुत्र इल्ताफ निवासी ग्राम कोटिला के रूप में हुई है। उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है। गौरतलब है कि आरोपी नसीम के खिलाफ विभिन्न थानों में हत्या के प्रयास, गोवध अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट समेत 16 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिससे उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि काफी गंभीर बताई जा रही है।

 

Tuesday, 24 February 2026

आजमगढ़ अतरौलिया विवाहिता की संदिग्ध मौत, 9 माह पूर्व हुई थी शादी मायका पक्ष का आरोप—दहेज को लेकर किया जाता था प्रताड़ित, पुलिस ने शव को लिया कब्जे में


 आजमगढ़ अतरौलिया विवाहिता की संदिग्ध मौत, 9 माह पूर्व हुई थी शादी



मायका पक्ष का आरोप—दहेज को लेकर किया जाता था प्रताड़ित, पुलिस ने शव को लिया कब्जे में



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के अतरौलिया थाना क्षेत्र के गजेंधर पट्टी, भेदौरा गांव में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने फॉरेंसिक टीम के साथ मौके की जांच की और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार गजेंधर पट्टी निवासी दिलीप प्रजापति की शादी 10 मई 2025 को अहरौला थाना क्षेत्र के धनेज पट्टी खजुरी गांव निवासी अंजली प्रजापति के साथ हुई थी। विवाह के बाद अंजली अपने पति के साथ ससुराल में रह रही थी। सोमवार रात अचानक तबीयत खराब होने की बात कही गई, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। मृतका की भाभी रंजना प्रजापति ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा दहेज की मांग की जा रही थी। मांग पूरी न होने पर अंजली को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। आरोप यह भी है कि पति के किसी अन्य युवती से संबंध को लेकर भी अंजली को परेशान किया जाता था। 


मायके पक्ष का कहना है कि उन्हें फोन से मौत की सूचना दी गई। जब वे मौके पर पहुंचे तो अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही थी। इस पर उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पति दिलीप, ससुर हरीलाल और सास पर हत्या में संलिप्त होने का आरोप लगाया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और साक्ष्य संकलन के लिए फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। थानाध्यक्ष देवेंद्र नाथ दुबे ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। गांव में घटना को लेकर तरह-तरह की चचार्एं हो रही हैं, जबकि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच में जुटी है।

लखनऊ बेटे ने पिता की गोली मारकर हत्या की, शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में छिपाया नीट की तैयारी को लेकर हुआ विवाद बना वारदात की वजह, आरोपी पुत्र गिरफ्तार 4 दिन तक बहन को कमरे में बंद रखा, आरी से काटकर अंग अलग-अलग जगह फेंके


 लखनऊ बेटे ने पिता की गोली मारकर हत्या की, शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में छिपाया



नीट की तैयारी को लेकर हुआ विवाद बना वारदात की वजह, आरोपी पुत्र गिरफ्तार


4  दिन तक बहन को कमरे में बंद रखा, आरी से काटकर अंग अलग-अलग जगह फेंके



उत्तर प्रदेश, लखनऊ के आशियाना सेक्टर-एल में रहने वाले शराब कारोबारी व पैथोलॉजी संचालक मानवेंद्र सिंह (49) की उनके ही बेटे अक्षत प्रताप सिंह (21) ने गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी ने शव के टुकड़े कर दोनों हाथ और पैर पारा के सदरौना इलाके में फेंक दिए, जबकि सिर सहित धड़ घर के भीतर एक नीले ड्रम में छिपा दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जानकारी देते हुए डीसीपी मध्य विक्रांत वीर ने बताया कि 21 फरवरी 2026 को आशियाना थाने में मानवेंद्र सिंह की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने जांच के दौरान परिवार से पूछताछ की तो शक बेटे अक्षत पर गया। सख्ती से पूछताछ में उसने हत्या की बात कबूल कर ली। 


पुलिस के अनुसार, 20 फरवरी 2026 की सुबह करीब 4:30 बजे पिता-पुत्र के बीच नीट परीक्षा की तैयारी को लेकर विवाद हुआ। मानवेंद्र सिंह बेटे पर परीक्षा की तैयारी का दबाव बना रहे थे। आरोपी के मुताबिक, बहस के दौरान पिता ने उस पर लाइसेंसी राइफल तान दी। राइफल छीनने की कोशिश में गोली चल गई, जिससे मानवेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के समय घर के तीसरे तल पर छोटी बहन कृति अपने कमरे में सो रही थी। गोली की आवाज सुनकर वह कमरे में पहुंची तो पिता का शव पड़ा था। आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी देकर चुप करा दिया और चार दिन तक घर में ही बंद रखे रखा। कृति सदमे में है और कुछ भी बोल पाने की स्थिति में नहीं है। हत्या के बाद अक्षत ने शव को घसीटकर भूतल पर लाया और खाली कमरे में रख दिया। उसने पहले कार से शव को गोमती नदी में फेंकने की योजना बनाई, लेकिन वजन अधिक होने के कारण सफल नहीं हो सका। इसके बाद वह बाजार से आरी खरीदकर लाया और शव के टुकड़े कर दिए। हाथ और पैर पारा क्षेत्र के सदरौना इलाके में फेंक दिए, जबकि धड़ को ठिकाने लगाने के लिए नीला ड्रम खरीदकर उसमें रख दिया। पुलिस ने ड्रम, आरी, कार और अन्य सामान बरामद कर लिए हैं। फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी के दादा सुरेंद्र पाल सिंह, जो सेवानिवृत्त दरोगा हैं और जालौन में रहते हैं, सूचना मिलते ही लखनऊ पहुंच गए। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Monday, 23 February 2026

आजमगढ़ कोतवाली ग्राम प्रधान सहित 3 को पुलिस ने किया गिरफ्तार ब्लड सेंटर में घुसकर चिकित्साधिकारी से अभद्रता व धमकी देने का मामला


 आजमगढ़ कोतवाली ग्राम प्रधान सहित 3 को पुलिस ने किया गिरफ्तार



ब्लड सेंटर में घुसकर चिकित्साधिकारी से अभद्रता व धमकी देने का मामला



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में मण्डलीय जिला चिकित्सालय स्थित ब्लड सेंटर में प्रभारी चिकित्साधिकारी के साथ अभद्र व्यवहार और धमकी देने के मामले में कोतवाली पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराधियों के विरुद्ध अभियान के तहत की गई। पुलिस के अनुसार 21 फरवरी 2026 की सुबह करीब 9 बजे तीन व्यक्ति ब्लड सेंटर में प्रभारी अधिकारी अनिल कुमार मौर्य के कक्ष में घुस गए और उनके साथ विवाद, अभद्रता व धमकी दी। घटना की पुष्टि ब्लड सेंटर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से हुई। प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना कोतवाली में मु0अ0सं0 67/2026 संबंधित धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।


 इसके बाद उपनिरीक्षक अखिलेश नारायण सिंह, हेड कांस्टेबल अजब नारायण सिंह और कांस्टेबल अभय पासवान की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 23 फरवरी 2026 को शाम 3:45 बजे सदर अस्पताल परिसर से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में अंगद यादव, ग्राम प्रधान (34) निवासी पगरा थाना कोतवाली, वीरा यादव (43) निवासी कोढ़वा थाना जहानागंज तथा यशवंत सिंह (50) निवासी उकरौड़ा थाना कोतवाली शामिल हैं। पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। जनपद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने अथवा सरकारी सेवकों से दुर्व्यवहार करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

आजमगढ़ बिलरियागंज धोखे की शिकार नाबालिग ने मौत को लगाया गले पारिवारिक परिस्थितियों के बीच उठाया आत्मघाती कदम, आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार


 आजमगढ़ बिलरियागंज धोखे की शिकार नाबालिग ने मौत को लगाया गले



पारिवारिक परिस्थितियों के बीच उठाया आत्मघाती कदम, आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के बिलरियागंज थाना क्षेत्र में नाबालिग लड़की को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के मामले में पुलिस ने वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, 21 फरवरी 2026 को थाना बिलरियागंज में प्राप्त तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप था कि शाकिब नामक युवक नाबालिग लड़की को अपने साथ भगा ले गया था। बाद में पारिवारिक परिस्थितियों के बीच नाबालिग लड़की ने आत्मघाती कदम उठा लिया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। इस मामले में मु0अ0सं0 42/2026 संबंधित धारा के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया था। 


सोमवार 23 फरवरी 2026 को उपनिरीक्षक रतन सिंह पटेल मय हमराह क्षेत्र में वांछित अभियुक्त की तलाश में चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर खास की सूचना पर श्रीनगर सियरहा अंडरपास के पास से आरोपी शाकिब पुत्र मोहम्मद आसिफ निवासी पाती खुर्द थाना बिलरियागंज, जनपद आजमगढ़ (उम्र करीब 20 वर्ष) को सुबह करीब 09:15 बजे गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उ0नि0 रतन सिंह पटेल, कांस्टेबल अतुल सिंह यादव और कांस्टेबल राकेश वर्मा शामिल रहे। पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।