Thursday, 6 August 2026

आजमगढ़ कन्धरापुर 43 लाख की जमीन धोखाधड़ी में वांछित आरोपी गिरफ्तार बैनामा कराने के नाम पर लाखों रुपये लेने का आरोप, विवेचना में बढ़ीं कई गंभीर धाराएं


 आजमगढ़ कन्धरापुर 43 लाख की जमीन धोखाधड़ी में वांछित आरोपी गिरफ्तार


बैनामा कराने के नाम पर लाखों रुपये लेने का आरोप, विवेचना में बढ़ीं कई गंभीर धाराएं



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के थाना कन्धरापुर पुलिस ने 43 लाख रुपये की कथित जमीन धोखाधड़ी के मामले में वांछित एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर भूमि का बैनामा कराने के नाम पर रुपये लेने, बैनामा न करने तथा रकम वापस मांगने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, पीड़ित की तहरीर पर थाना कन्धरापुर में मुकदमा संख्या 84/2026 दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान बैंक खातों और अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों की जांच में कम्हेनपुर निवासी दिवाकर (59) का नाम सामने आया। इसके बाद मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई अन्य गंभीर धाराएं भी बढ़ाई गईं। 


वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में गुरुवार को वरिष्ठ उपनिरीक्षक धर्मेन्द्र कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी को उसके गांव कम्हेनपुर से गिरफ्तार कर लिया। आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक धर्मेन्द्र कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल अजय कुमार त्रिपाठी और कांस्टेबल नितिन कुमार मिश्रा शामिल रहे।

आजमगढ़ सरायमीर दर्दनाक सड़क हादसा, महिला की मौत पति बाल बाल बचा मजलिस से लौटते समय पवई लाडपुर मंदिर के पास हुआ हादसा


 आजमगढ़ सरायमीर दर्दनाक सड़क हादसा, महिला की मौत पति बाल बाल बचा 



मजलिस से लौटते समय पवई लाडपुर मंदिर के पास हुआ हादसा


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले मे सरायमीर थाना क्षेत्र के पवई लाडपुर मंदिर के पास बुधवार शाम हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार महिला की ट्रक की चपेट में आने से मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया तथा मामले की जांच शुरू कर दी है। 


जानकारी के अनुसार, सरायमीर थाना क्षेत्र के पुरन्दरपुर रोजा मोहल्ला निवासी 48 वर्षीय अज्जन हुसैन अपनी 45 वर्षीय पत्नी किशवर बानो के साथ मेहनगर थाना क्षेत्र के शाह देवइत गांव में आयोजित एक मजलिस में शामिल होने गए थे। कार्यक्रम से वापस लौटते समय पवई लाडपुर मंदिर के पास पीछे से आ रहे ट्रक की साइड उनकी बाइक से टकरा गई। टक्कर लगने से किशवर बानो सड़क पर गिर गईं और ट्रक के पहिए के नीचे आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके पति अज्जन हुसैन बाल-बाल बच गए। घटना की सूचना मिलते ही सरायमीर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर थाने भेज दिया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। मृतका अपने पीछे तीन पुत्र और एक पुत्री छोड़ गई हैं। हादसे के बाद परिवार में शोक की लहर है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

बलिया बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का निधन, प्रदेश की राजनीति में शोक की लहर रसड़ा से लगातार तीन बार बने विधायक, जनसेवा और सामूहिक विवाह आयोजनों से बनाई थी अलग पहचान


 बलिया बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का निधन, प्रदेश की राजनीति में शोक की लहर


रसड़ा से लगातार तीन बार बने विधायक, जनसेवा और सामूहिक विवाह आयोजनों से बनाई थी अलग पहचान



उत्तर प्रदेश लखनऊ/बलिया, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के वरिष्ठ नेता एवं बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट से विधायक उमाशंकर सिंह का दिल्ली में उपचार के दौरान निधन हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही उत्तर प्रदेश विधानसभा, बलिया जनपद और राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई। उमाशंकर सिंह वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में बसपा के इकलौते विधायक बनकर विधानसभा पहुंचे थे और बाद में उन्हें बसपा विधायक दल का नेता भी बनाया गया था। 


उमाशंकर सिंह ने पहली बार वर्ष 2012 में सामान्य घोषित हुई रसड़ा विधानसभा सीट से बसपा प्रत्याशी के रूप में शानदार जीत दर्ज की थी। इसके बाद उन्होंने 2017 और 2022 में भी लगातार जीत हासिल कर क्षेत्र में अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ कायम रखी। एक समय दो लाभ के पद के मामले में उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हुई थी, लेकिन बाद में उनकी सदस्यता बहाल हो गई थी। राजनीति के साथ-साथ समाजसेवा के क्षेत्र में भी उमाशंकर सिंह की अलग पहचान थी। उन्होंने पहले 251 और बाद में 351 जरूरतमंद जोड़ों का सामूहिक विवाह कराकर पूरे प्रदेश में चर्चा बटोरी। शिक्षा, सामाजिक सहायता और जनकल्याण के कार्यों के कारण उन्हें क्षेत्र में एक जनप्रिय नेता के रूप में जाना जाता था। उनके निधन पर राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उमाशंकर सिंह का निधन सामाजिक और राजनीतिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को इस दुख को सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि रसड़ा विधायक उमाशंकर सिंह का निधन अत्यंत दुखद है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं प्रकट कीं।


 उमाशंकर सिंह का जन्म 2 जनवरी 1971 को बलिया जिले के रसड़ा क्षेत्र के खनवर गांव में हुआ था। उनके पिता घुराहु सिंह भारतीय सेना से सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी थे। अपने सरल स्वभाव, संगठन के प्रति निष्ठा और जनसेवा के कारण उमाशंकर सिंह ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक अलग पहचान बनाई। उनके निधन से बसपा ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के राजनीतिक और सामाजिक जगत ने एक सक्रिय जननेता को खो दिया।

Wednesday, 5 August 2026

आजमगढ़ शहर कोतवाली, हत्या मामले में एफआईआर दर्ज न होने पर सीजेएम सख्त, शहर कोतवाल से मांगी आख्या कोर्ट के आदेश के 28 दिन बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं, 12 अगस्त तक रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश

आजमगढ़ शहर कोतवाली, हत्या मामले में एफआईआर दर्ज न होने पर सीजेएम सख्त, शहर कोतवाल से मांगी आख्या


कोर्ट के आदेश के 28 दिन बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं, 12 अगस्त तक रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले मे हत्या के एक मामले में न्यायालय के आदेश के बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं किए जाने पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) सत्यवीर सिंह ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने शहर कोतवाल से मामले में आख्या तलब करते हुए 12 अगस्त 2026 तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। मामला 16 अप्रैल 2026 का है। शहर कोतवाली क्षेत्र के गुरुटोला निवासी संजय कुमार पाठक के पुत्र सुधाकर पाठक का शव पुरानी जेल के सामने पावर हाउस के पीछे स्थित बंधे पर संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था।



 परिजनों ने इसे हत्या बताते हुए आरोप लगाया था कि शराब के ठेके के मालिक विनोद राय और उनके सहयोगियों ने घटना को अंजाम दिया है। परिजनों का आरोप है कि हत्या की आशंका जताने के बावजूद शहर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। इसके बाद मृतक के भाई पदमाकर पाठक ने अपने अधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद सिंह के माध्यम से मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। मामले के तथ्यों और परिस्थितियों का अवलोकन करने के बाद सीजेएम ने 7 जुलाई 2026 को शहर कोतवाली पुलिस को एक सप्ताह के भीतर मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था। हालांकि, आदेश पारित होने के 28 दिन से अधिक समय बीत जाने के बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इस पर पीड़ित पक्ष ने दोबारा अदालत का दरवाजा खटखटाया। मामले का संज्ञान लेते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सत्यवीर सिंह ने शहर कोतवाल से 12 अगस्त 2026 तक विस्तृत आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

 

Tuesday, 4 August 2026

मऊ पति की गैर मौजूदगी में महिला के साथ सो रहे प्रेमी की निर्मम हत्या चाकू से किए वार, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच में जुटी पुलिस


 मऊ पति की गैर मौजूदगी में महिला के साथ सो रहे प्रेमी की निर्मम हत्या


चाकू से किए वार, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच में जुटी पुलिस


उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद के सरायलखंसी थाना क्षेत्र स्थित मुंगेश्वर सुल्तानपुर कांशीराम आवास में रविवार देर रात एक 35 वर्षीय व्यक्ति की चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान असगर (35) के रूप में हुई है। प्रारंभिक सूचना में महिला ने पुलिस को मृतक को अपना पति बताते हुए हत्या की जानकारी दी, लेकिन जांच के दौरान सामने आया कि मृतक उसका प्रेमी था। इस खुलासे के बाद पुलिस को महिला की भूमिका संदिग्ध लगी और उसे एक अन्य व्यक्ति के साथ हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। 


जानकारी के अनुसार, गाजीपुर जिले के जंगीपुर थाना क्षेत्र के मछली बाजार निवासी असगर मऊ शहर के मुंशीपुरा मोहल्ले में परिवार के साथ रहकर ई-रिक्शा चलाते थे। उनका कांशीराम आवास में रहने वाली शहजादी से प्रेम प्रसंग था। शहजादी के पति के बाहर रहने के दौरान असगर अक्सर उसके घर रहता था और दोनों पति-पत्नी की तरह साथ रह रहे थे। रविवार रात करीब तीन बजे शहजादी ने पुलिस को फोन कर सूचना दी कि एक अज्ञात व्यक्ति दरवाजा खुलवाकर घर में घुसा और उसके पति पर धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर फरार हो गया। सूचना पर सीओ सिटी नितेश प्रताप सिंह, थाना प्रभारी राकेश कुमार सिंह तथा फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। 


पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि मृतक महिला का पति नहीं बल्कि प्रेमी था। इसके बाद पुलिस को महिला की कहानी संदिग्ध लगी। वहीं, घटना के समय घर में मौजूद बच्चों ने भी पुलिस को कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी। मृतक के भाई अफसर की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना के खुलासे का प्रयास कर रही है। एएसपी मऊ अनूप कुमार ने बताया कि महिला ने प्रेमी को पति बताकर सूचना दी थी, जो संदेह पैदा करता है। महिला सहित दो लोगों से पूछताछ की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की गहन जांच की जा रही है।

Monday, 3 August 2026

आजमगढ़ सिधारी, तमंचे से हर्ष फायरिंग का वीडियो वायरल कानून से खिलवाड़ करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई : सीओ सिटी


 आजमगढ़ सिधारी, तमंचे से हर्ष फायरिंग का वीडियो वायरल



कानून से खिलवाड़ करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई : सीओ सिटी


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में अवैध असलहों की बरामदगी और हर्ष फायरिंग पर रोक लगाने के लिए आजमगढ़ पुलिस लगातार अभियान चला रही है। पुलिस समय-समय पर अवैध हथियारों के साथ आरोपियों की गिरफ्तारी कर रही है और सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई कर रही है। इसके बावजूद जिले में हर्ष फायरिंग और अवैध असलहों के प्रदर्शन से जुड़े वीडियो लगातार सामने आ रहे हैं, जिससे कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ताजा मामला सिधारी थाना क्षेत्र का है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक युवक खुलेआम तमंचे से हर्ष फायरिंग करता दिखाई दे रहा है। वीडियो में युवक बिना किसी भय के लगातार फायरिंग करता नजर आ रहा है। वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में इसकी चर्चा तेज हो गई है और पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। 


बताया जा रहा है कि फायरिंग करने वाले युवक की पहचान सिधारी थाना क्षेत्र के तिवारीपुर निवासी अभिनव के रूप में हुई है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार आरोपी के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। ऐसे में खुलेआम हर्ष फायरिंग का वीडियो सामने आने के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि लगातार पुलिस अभियान के बावजूद अपराधियों में कानून का भय क्यों नहीं दिखाई दे रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। 


सीओ सिटी शुभम तोदी ने बताया कि हर्ष फायरिंग करने वाले युवक की पहचान कर ली गई है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित कर दी गई है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर हर्ष फायरिंग करना कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है। गौरतलब है कि हर्ष फायरिंग के कारण प्रदेश के विभिन्न जिलों में कई बार गंभीर हादसे हो चुके हैं, जिनमें लोगों की जान तक गई है। ऐसे में इस तरह की घटनाएं न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती हैं, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर चिंता का विषय बनी हुई हैं। अब लोगो की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस अपने दावे के अनुरूप आरोपी को कितनी जल्द गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचाती है।

मेरठ, थाने के पीछे चल रही गन फैक्ट्री कांवड़िए के वेश में करता था तस्करी STF ने 21 तमंचों संग अभियुक्त को किया गिरफ्तार


 मेरठ, थाने के पीछे चल रही गन फैक्ट्री 


कांवड़िए के वेश में करता था तस्करी


STF ने 21 तमंचों संग अभियुक्त को किया गिरफ्तार



उत्तर प्रदेश, मेरठ उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने मेरठ में अवैध हथियार तस्करी के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए एक शातिर तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान देहली गेट क्षेत्र के खैरनगर निवासी तजम्मुल के रूप में हुई है। उसके पास से 21 अवैध तमंचे बरामद किए गए हैं, जिन्हें वह मुजफ्फरनगर सप्लाई करने जा रहा था। पुलिस के अनुसार, आरोपी कांवड़ यात्रा के दौरान चेकिंग से बचने के लिए कांवड़िये का वेश धारण कर केसरिया गमछा पहनकर हथियारों की तस्करी कर रहा था। एसटीएफ को हथियार तस्करी की सूचना मिलने पर शनिवार शाम लालकुर्ती स्थित बीएसएनएल कार्यालय के सामने कार्रवाई की गई। तलाशी के दौरान आरोपी के बैग से 21 तमंचे बरामद हुए।


 पूछताछ में उसने बताया कि वह पिछले पांच-छह वर्षों से अवैध हथियार बनाने और बेचने का काम कर रहा है तथा एक 315 बोर का तमंचा करीब 5 हजार रुपये में बेचता था। पूछताछ के आधार पर पुलिस ने लालकुर्ती थाने के पीछे स्थित एक मकान में छापा मारा, जहां अवैध तमंचा फैक्ट्री संचालित हो रही थी। मौके से हथियार बनाने में प्रयुक्त वेल्डिंग मशीन, शिकंजा, वेल्डिंग रॉड और अन्य उपकरण बरामद किए गए। आरोपी ने बताया कि वह मुजफ्फरनगर के जौला क्षेत्र से तमंचों की नाल और अन्य पुर्जे लाकर मेरठ में उन्हें जोड़कर तैयार करता था और फिर विभिन्न जिलों में सप्लाई करता था। 


पुलिस के अनुसार, तजम्मुल वर्ष 2022 में भी मुजफ्फरनगर के चरथावल क्षेत्र से 37 तमंचों के साथ गिरफ्तार हो चुका है। जेल से जमानत पर रिहा होने के बाद उसने फिर से हथियार बनाने का धंधा शुरू कर दिया। एसएसपी मेरठ अविनाश पांडेय ने बताया कि आरोपी के खिलाफ लालकुर्ती थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। साथ ही पुलिस की एक टीम को मुजफ्फरनगर के जौला भेजा गया है, ताकि अवैध हथियारों के पुर्जे उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क का भी पता लगाया जा सके।