Saturday, 27 June 2026

आजमगढ़ ग्रामीणों के विरोध से फरिहा तिराहे पर दोबारा बैरियर लगाने की कोशिश नाकाम रात में जेसीबी संग पहुंचे ठेकेदार पर अवैध बैरियर लगाने का आरोप, थानाध्यक्ष बोले-मामले की जानकारी नहीं

आजमगढ़ ग्रामीणों के विरोध से फरिहा तिराहे पर दोबारा बैरियर लगाने की कोशिश नाकाम


रात में जेसीबी संग पहुंचे ठेकेदार पर अवैध बैरियर लगाने का आरोप, थानाध्यक्ष बोले-मामले की जानकारी नहीं



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के मोहम्मदपुर फरिहा तिराहे पर अमौड़ा टोल प्लाजा के तत्कालीन ठेकेदार द्वारा कथित रूप से बिना अनुमति दोबारा बैरियर लगाने का प्रयास ग्रामीणों के विरोध के चलते विफल हो गया। आरोप है कि बीती रात करीब दो बजे ठेकेदार जेसीबी मशीन और 25-30 लोगों के साथ मौके पर पहुंचा तथा सड़क के बीच बैरियर लगाने का कार्य शुरू करा दिया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों के सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और बिना प्रशासनिक अनुमति बैरियर लगाए जाने का कड़ा विरोध किया। ग्रामीणों ने कहा कि यदि बैरियर लगाने की अनुमति है तो उसका आदेश सार्वजनिक किया जाए, अन्यथा किसी भी कीमत पर सार्वजनिक मार्ग पर अवैध बैरियर नहीं लगाने दिया जाएगा। विरोध बढ़ने पर बैरियर लगाने का कार्य रोकना पड़ा।


 ग्रामीणों ने बताया कि करीब एक सप्ताह पूर्व कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान के प्रयास से इसी स्थान पर लगाया गया कथित अवैध बैरियर हटाया गया था। इसके बावजूद दोबारा बैरियर लगाने की कोशिश से लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि मोहम्मदपुर फरिहा तिराहा मंत्री के क्षेत्र, एयरपोर्ट मार्ग तथा शाहगंज, अतरौलिया और अंबेडकर नगर को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है। ऐसे में यहां बैरियर लगाने से लोगों को अनावश्यक रूप से दूसरे मार्गों से होकर गुजरना पड़ेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से बिना अनुमति बैरियर लगाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं गंभीरपुर थाना प्रभारी ने इस संबंध में कहा कि उन्हें सड़क के बीच बैरियर लगाए जाने की कोई जानकारी नहीं है।

 

लखनऊ मुठभेड़ में एक लाख का इनामी बदमाश ढेर, बिल्डर हत्याकांड का था मुख्य शूटर कई जिलों में हत्या और रंगदारी के दर्ज हैं गंभीर मुकदमे


 लखनऊ मुठभेड़ में एक लाख का इनामी बदमाश ढेर, बिल्डर हत्याकांड का था मुख्य शूटर


कई जिलों में हत्या और रंगदारी के दर्ज हैं गंभीर मुकदमे


लखनऊ, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शनिवार को पुलिस को बड़ी सफलता मिली। इंदिरा कैनाल रोड पर हुई पुलिस मुठभेड़ में एक लाख रुपये का इनामी और कुख्यात अपराधी संजय उर्फ संजीव पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मारा गया। वह हाल ही में हुए चर्चित बिल्डर संदीप सिंह हत्याकांड का मुख्य शूटर था और लंबे समय से पुलिस को उसकी तलाश थी। 


पुलिस के अनुसार, 27 जून 2026 को अपर पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम अपराधियों की तलाश में चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान इंदिरा कैनाल रोड पर संजय उर्फ संजीव से पुलिस का सामना हो गया। खुद को घिरता देख उसने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल संजय को तत्काल डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।


 मृतक संजय उर्फ संजीव पुत्र हरीराम, जनपद अम्बेडकरनगर के थाना अहिरौली क्षेत्र के ग्राम चक कोदार का निवासी था। वह 27 मई 2026 को पीजीआई थाना क्षेत्र में हुए चर्चित बिल्डर संदीप सिंह हत्याकांड का मुख्य शूटर था। उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस आयुक्त, लखनऊ द्वारा एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस के अनुसार, संजय एक आदतन और जघन्य अपराधी था। उसने अम्बेडकरनगर के कुख्यात अपराधी दिलीप वर्मा तथा खान मुबारक गैंग के सदस्यों के साथ मिलकर हत्या, रंगदारी और अन्य गंभीर अपराधों को अंजाम दिया था। उसके विरुद्ध अम्बेडकरनगर, बस्ती और अयोध्या जनपदों में हत्या समेत कई संगीन मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ के बाद आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है तथा मामले की विस्तृत जांच जारी है।

Friday, 26 June 2026

शामली पुलिस मुठभेड़ में 50 हजार का इनामी बदमाश ढेर, दरोगा भी गोली लगने से हुआ घायल साथी फरार, बिना नंबर की बाइक और 9 एमएम पिस्टल बरामद

शामली पुलिस मुठभेड़ में 50 हजार का इनामी बदमाश ढेर, दरोगा भी गोली लगने से हुआ घायल


साथी फरार, बिना नंबर की बाइक और 9 एमएम पिस्टल बरामद



उत्तर प्रदेश शामली, कांधला क्षेत्र में शुक्रवार सुबह खंद्रावली पुलिस चौकी के पास पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में 50 हजार रुपये का इनामी बदमाश मेहताब मारा गया, जबकि कांधला थाने में तैनात दरोगा दीपचंद गोली लगने से घायल हो गए। घायल दरोगा को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं मेहताब के एक साथी ने मौके से फरार होकर पुलिस को चकमा दे दिया, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार कॉम्बिंग अभियान चला रही हैं। पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शुक्रवार सुबह सूचना मिली थी कि खंद्रावली पुलिस चौकी के पास कुछ बदमाश किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में खड़े हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने बाइक सवार दो संदिग्धों को रुकने का इशारा किया, लेकिन बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में मेहताब गोली लगने से घायल हो गया, जबकि बदमाशों की गोली से दरोगा दीपचंद भी घायल हो गए। दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मेहताब को मृत घोषित कर दिया।


 पुलिस ने घटनास्थल से बिना नंबर की एक बाइक, 9 एमएम पिस्टल और कई कारतूस बरामद किए हैं। एसपी ने बताया कि मेहताब कैराना के मोहल्ला आलकलां का रहने वाला था और उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। उसने एक मार्च को पानीपत में तैनात महिला कांस्टेबल से सोने के कुंडल लूटने की वारदात को अंजाम दिया था। इसके अलावा आदर्श मंडी क्षेत्र में किसानों से लूट की घटना में भी वह शामिल था। पुलिस के अनुसार मेहताब पर हत्या, लूट, डकैती सहित विभिन्न धाराओं में 25 मुकदमे दर्ज थे। वह शामली, बागपत, मेरठ, मुजफ्फरनगर के अलावा हरियाणा, उत्तराखंड और दिल्ली में भी अपने गिरोह के साथ सक्रिय होकर आपराधिक घटनाओं को अंजाम देता था। पुलिस का कहना है कि गिरोह की कमान भी मेहताब के हाथ में थी।

 

आजमगढ़ तहबरपुर पुलिस ने पकड़ा अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह का सदस्य, 50 लाख की चोरी की फॉर्च्यूनर बरामद दिल्ली से चोरी कर मणिपुर ले जाई जा रही थी लग्जरी एसयूवी फर्जी नंबर प्लेट लगाकर करता था सप्लाई; दिल्ली में भी दर्ज हैं चोरी के मुकदमे


 आजमगढ़ तहबरपुर पुलिस ने पकड़ा अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह का सदस्य, 50 लाख की चोरी की फॉर्च्यूनर बरामद



दिल्ली से चोरी कर मणिपुर ले जाई जा रही थी लग्जरी एसयूवी


फर्जी नंबर प्लेट लगाकर करता था सप्लाई; दिल्ली में भी दर्ज हैं चोरी के मुकदमे



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के तहबरपुर थाना पुलिस ने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर चेकिंग के दौरान अंतर्राज्यीय वाहन चोरी गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से लगभग 50 लाख रुपये कीमत की चोरी की फॉर्च्यूनर कार बरामद की है। आरोपी दिल्ली से चोरी कर लग्जरी वाहनों को फर्जी नंबर प्लेट लगाकर मणिपुर पहुंचाने का काम करता था। उसके खिलाफ दिल्ली के विभिन्न थानों में वाहन चोरी के मुकदमे भी दर्ज हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत शुक्रवार तड़के तहबरपुर पुलिस मोहर्रम के मद्देनजर पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सरदहा अंडरपास के पास एक्सप्रेस-वे के किलोमीटर 226.3 पर रेस्ट लेन में एक संदिग्ध फॉर्च्यूनर खड़ी मिली। पुलिस के पहुंचते ही चालक भागने लगा, लेकिन पुलिस टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। 


पूछताछ में आरोपी ने अपनी पहचान तोइजम नटराज सिंह (37) निवासी इम्फाल ईस्ट, मणिपुर के रूप में बताई। जांच में पता चला कि वाहन पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी, जबकि उसका वास्तविक नंबर DL10CA0100 था और वह दिल्ली से चोरी की गई थी। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि दिल्ली निवासी अमित नामक व्यक्ति लग्जरी वाहनों की चोरी कर उसे उपलब्ध कराता था। वह चोरी की गाड़ियों पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर मणिपुर के उखरूल स्थित सिमरे नामक व्यक्ति तक पहुंचाता था, जहां उन्हें आगे बेच दिया जाता था। प्रत्येक वाहन की डिलीवरी के बदले उसे 30 हजार रुपये मिलते थे। उसने स्वीकार किया कि इससे पहले भी वह दो चोरी की गाड़ियां दिल्ली से मणिपुर पहुंचा चुका है। इस बार भी वह 25 जून 2026 को दिल्ली से फॉर्च्यूनर लेकर मणिपुर जा रहा था, लेकिन रास्ते में नींद आने पर एक्सप्रेस-वे पर वाहन खड़ा कर सो गया, जहां पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की फॉर्च्यूनर, वाहन के मूल दस्तावेज, दो मोबाइल फोन और 1200 रुपये नकद बरामद किए हैं। आरोपी के विरुद्ध तहबरपुर थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। इस कार्रवाई में थानाध्यक्ष आदित्य कुमार सिंह के नेतृत्व में उपनिरीक्षक रवीन्द्र प्रताप यादव, उपनिरीक्षक लोकेश मणि त्रिपाठी, कांस्टेबल ताहिर अली, कांस्टेबल सत्यम सिंह तथा रिक्रूट कांस्टेबल आनंद राय की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

Thursday, 25 June 2026

आजमगढ़ निजामाबाद पुलिस टीम पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला पत्नी को दौड़ाकर मारने की सूचना पर गई थी पुलिस चौकी प्रभारी व सिपाही ने भाग कर बचाई अपनी जान

आजमगढ़ निजामाबाद पुलिस टीम पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला


पत्नी को दौड़ाकर मारने की सूचना पर गई थी पुलिस


चौकी प्रभारी व सिपाही ने भाग कर बचाई अपनी जान



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के निजामाबाद थाना क्षेत्र के चकिया हुसैनाबाद गांव में घरेलू विवाद की सूचना पर पहुंची पुलिस टीम पर एक युवक द्वारा बांका से जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार 23 जून 2026 की रात करीब 12:13 बजे डायल-112 के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि चकिया हुसैनाबाद निवासी आयशा पत्नी अबू ओसामा ने शिकायत की है कि उसका पति बांका लेकर उसे जान से मारने के लिए दौड़ा रहा है। 


सूचना मिलने पर चौकी प्रभारी फरिहा उपनिरीक्षक चित्रांशु मिश्रा अपने हमराह कांस्टेबल रवि कुमार मौर्य के साथ मौके पर पहुंचे। मौके पर पहुंचने पर पुलिस ने देखा कि अबू ओसामा पुत्र इदरीश अपनी पत्नी का पीछा कर रहा था। पुलिस द्वारा हस्तक्षेप कर मामला शांत कराने का प्रयास किया गया, लेकिन आरोपी घर के अंदर जाकर दरवाजा बंद कर लिया। काफी समझाने-बुझाने और प्रयास के बाद जब दरवाजा खुलवाया गया तो आरोपी ने पुलिस टीम के साथ गाली-गलौज करते हुए कथित रूप से बांका से चौकी प्रभारी पर हमला कर दिया। पुलिसकर्मियों ने किसी तरह अपना बचाव किया, हालांकि इस दौरान चौकी प्रभारी और उनके हमराह सिपाही जमीन पर गिर गए, जिससे उन्हें चोटें भी आईं। पुलिस के मुताबिक आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। घायल पुलिसकर्मियों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रानी की सराय में चिकित्सीय परीक्षण कराया। इस संबंध में चौकी प्रभारी की तहरीर पर निजामाबाद थाने में आरोपी अबू ओसामा के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, जानलेवा हमला करने और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है।

 

आजमगढ़ फूलपुर पुलिस मुठभेड़ में 25-25 हजार के 2 इनामी लुटेरे घायल दोनों के पैर में लगी गोली, फायरिंग के बाद दबोचे गए अवैध तमंचे, लूट का सामान और केटीएम बाइक बरामद


 आजमगढ़ फूलपुर पुलिस मुठभेड़ में 25-25 हजार के 2 इनामी लुटेरे घायल



दोनों के पैर में लगी गोली, फायरिंग के बाद दबोचे गए

अवैध तमंचे, लूट का सामान और केटीएम बाइक बरामद



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के फूलपुर थाना क्षेत्र में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। महिलाओं से लूट और छिनैती की कई घटनाओं को अंजाम देने वाले 25-25 हजार रुपये के दो इनामी बदमाश पुलिस मुठभेड़ में घायल होने के बाद गिरफ्तार कर लिए गए। दोनों बदमाशों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस की कार्रवाई में उनके पैर में गोली लगी। पुलिस ने उनके कब्जे से लूट का माल, अवैध असलहे, कारतूस तथा वारदात में प्रयुक्त केटीएम मोटरसाइकिल बरामद की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना फूलपुर पुलिस को यह सफलता मिली। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान समीर पुत्र अफसर निवासी सहजेरपुर थाना फूलपुर तथा शिव कुमार राजभर उर्फ लाला पुत्र ललई राजभर निवासी चकबहार थाना फूलपुर के रूप में हुई है। दोनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। 


पुलिस के मुताबिक 17 जून 2026 को फूलपुर थाना क्षेत्र में एक महिला ऑटो रिक्शा से फूलपुर से दुर्वाषा की ओर जा रही थी। रास्ते में सदरपुर बरौली के पास केटीएम बाइक सवार दो बदमाशों ने असलहा दिखाकर महिला का पर्स छीन लिया था। पर्स में मोबाइल फोन, मंगलसूत्र, सोने की झुमकी, चांदी की पायल, नकदी और अन्य जरूरी दस्तावेज रखे हुए थे। इस मामले में थाना फूलपुर पर मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके अलावा 14 जून को सरायमीर थाना क्षेत्र में भी इसी गिरोह ने ऑटो से जा रही एक महिला का पर्स छीन लिया था, जिसमें मोबाइल फोन, नकदी, आधार कार्ड और अन्य सामान रखा हुआ था। दोनों घटनाओं के बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि दोनों वारदातों के पीछे एक ही गिरोह सक्रिय था। 24 और 25 जून 2026 की रात थाना फूलपुर पुलिस क्षेत्र में चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि लूट और छिनैती की घटनाओं में शामिल दो बदमाश बिना नंबर प्लेट की केटीएम मोटरसाइकिल से मुड़ियार ईदगाह के पास मौजूद हैं और किसी नई वारदात की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी की, लेकिन पुलिस को देखते ही दोनों बदमाश बाइक लेकर भागने लगे। पीछा किए जाने पर उन्होंने पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी। बदमाशों की गोली से पुलिस वाहन की हेडलाइट भी क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिस द्वारा कई बार आत्मसमर्पण की चेतावनी देने के बावजूद वे फायरिंग करते रहे। इसके बाद आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों बदमाशों के दाहिने पैर में गोली लगी और वे घायल होकर गिर पड़े। पुलिस ने मौके पर ही दोनों को गिरफ्तार कर लिया और उपचार के लिए सीएचसी फूलपुर भेजा, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। 


गिरफ्तार बदमाशों के कब्जे से पुलिस ने 2 अवैध देशी तमंचे, 2 जिंदा कारतूस, 2 खोखा कारतूस, 4 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, एक जोड़ी चांदी की पायल, 1577 रुपये नकद तथा केटीएम-250 मोटरसाइकिल संख्या UP50DL3584 बरामद की है। पूछताछ के दौरान दोनों अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे केटीएम बाइक की तेज रफ्तार का फायदा उठाकर महिलाओं और राहगीरों को निशाना बनाते थे। सुनसान स्थानों पर वारदात को अंजाम देकर असलहा दिखाकर लोगों को आतंकित करते और तुरंत फरार हो जाते थे। अभियुक्तों ने फूलपुर और सरायमीर क्षेत्र की दोनों लूट की घटनाओं को स्वीकार किया है। इसके अलावा माहुल, पवई और अन्य क्षेत्रों में मोबाइल छिनैती की कई घटनाओं में भी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस को उनके अन्य सहयोगियों और कई पुरानी घटनाओं के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिली है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस फायरिंग और अवैध हथियार रखने के मामले में थाना फूलपुर पर दोनों अभियुक्तों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं तथा आयुध अधिनियम के तहत नया मुकदमा दर्ज किया गया है।

प्रतापगढ़ राजा भैया, उनके पिता और 13 समर्थक किए गए नजरबंद सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रशासन की कार्रवाई, भारी पुलिस बल तैनात


 प्रतापगढ़ राजा भैया, उनके पिता और 13 समर्थक किए गए नजरबंद



सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रशासन की कार्रवाई, भारी पुलिस बल तैनात


उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में मोहर्रम के दौरान जिले में सांप्रदायिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया, उनके पिता राजा उदय प्रताप सिंह तथा 13 समर्थकों को एहतियातन हाउस अरेस्ट (नजरबंद) कर दिया है। इस कार्रवाई के तहत भदरी कोठी के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।


 पुलिस सूत्रों के अनुसार कुंडा क्षेत्र के शेखपुर गांव में वर्ष 2012 में एक बंदर की मौत के बाद ग्रामीणों ने सड़क किनारे हनुमान मंदिर का निर्माण कराया था। राजा उदय प्रताप सिंह द्वारा इसी मंदिर में प्रत्येक वर्ष मोहर्रम के दिन हनुमान पाठ और भंडारे का आयोजन किया जाता है। प्रशासन को आशंका थी कि इस आयोजन और मोहर्रम जुलूस के एक ही समय पर होने से तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। 


बताया जा रहा है कि वर्ष 2013 और 2014 में भी जुलूस और भंडारे के एक साथ आयोजित होने के दौरान क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई थी। इसी को देखते हुए प्रशासन ने इस बार पहले से ही एहतियाती कदम उठाते हुए नजरबंदी की कार्रवाई की है। पुलिस ने राजा भैया के आवास के बाहर हाउस अरेस्ट का नोटिस चस्पा कर दिया है। नजरबंद किए गए समर्थकों में निर्भय सिंह बेंती, जुगनू विश्वकर्मा (हथिगवां), हनुमान पांडेय (कुंडा), जीतेंद्र यादव, आनंद पाल, रमाकांत मिश्रा, भवानी विश्वकर्मा, रवि सिंह, केशरी नंदन पांडेय, जमुना प्रसाद मौर्य, गया प्रसाद प्रजापति तथा मोहन (हथिगवां) शामिल हैं। क्षेत्राधिकारी कुंडा शिव नारायण वैस ने बताया कि सभी संबंधित लोगों के घरों पर नोटिस चस्पा कर दी गई है तथा सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस बल की तैनाती भी की गई है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार रात नौ बजे तक हाउस अरेस्ट की कार्रवाई प्रभावी रहेगी।