Friday, 17 April 2026

आजमगढ़ छात्रों से निजी काम करवाना पड़ा महंगा, प्रधानाध्यापक निलंबित वीडियो वायरल होने के बाद कार्रवाई, मिड-डे मील में भी वित्तीय अनियमितता के आरोप, जांच शुरू


 आजमगढ़ छात्रों से निजी काम करवाना पड़ा महंगा, प्रधानाध्यापक निलंबित

वीडियो वायरल होने के बाद कार्रवाई, मिड-डे मील में भी वित्तीय अनियमितता के आरोप, जांच शुरू

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के अजमतगढ़ क्षेत्र स्थित पीएम श्री प्राथमिक विद्यालय (प्रथम) में पढ़ाई के बजाय छात्रों से सफाई और निजी कार्य कराए जाने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव पाठक ने प्रधानाध्यापक अवधेश यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। 


मामला उस समय प्रकाश में आया जब 10 अप्रैल 2026 को एक दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित खबर और वायरल वीडियो के जरिए यह सामने आया कि विद्यालय में छात्र-छात्राओं से नियमित रूप से गैर शैक्षणिक कार्य जैसे सफाई, व्यक्तिगत काम और सामान ढुलवाया जा रहा था। इसके साथ ही विद्यालय में मध्यान्ह भोजन को बाहर चूल्हे पर बनाए जाने को लेकर भी गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत मिली। 


बीएसए कार्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 13 अप्रैल 2026 को प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद यह कार्रवाई की गई। जारी आदेश में कहा गया है कि यह कृत्य बाल अधिकार शिक्षा अधिनियम 2009 के प्रावधानों का उल्लंघन है और शिक्षक पद की गरिमा के विपरीत है। निलंबन अवधि में संबंधित प्रधानाध्यापक को जीवन निर्वाह भत्ता नियमानुसार दिया जाएगा तथा उन्हें खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय अजमतगढ़ से संबद्ध किया गया है। साथ ही, खंड शिक्षा अधिकारी हरैया को मामले की जांच सौंपी गई है और निर्देश दिए गए हैं कि आरोप पत्र तैयार कर विस्तृत जांच आख्या प्रस्तुत की जाए।

आजमगढ़ सरायमीर रिश्वत लेते रंगे हाथ सब इंस्पेक्टर अभिषेक सिंह गिरफ्तार मुकदमे से नाम हटाने के लिए मांगे थे ₹1 लाख, एंटी करप्शन टीम ने 20 हजार लेते पकड़ा


 आजमगढ़ सरायमीर रिश्वत लेते रंगे हाथ सब इंस्पेक्टर अभिषेक सिंह गिरफ्तार



मुकदमे से नाम हटाने के लिए मांगे थे ₹1 लाख, एंटी करप्शन टीम ने 20 हजार लेते पकड़ा


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के सरायमीर थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर अभिषेक सिंह को 17/04/2026 को एंटी करप्शन यूनिट ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई एक पीड़ित की शिकायत के आधार पर की गई, जिसने आरोप लगाया था कि मुकदमे से नाम हटाने के बदले उससे ₹1 लाख की रिश्वत मांगी जा रही थी। 


जानकारी के अनुसार, बिलरियागंज थाना क्षेत्र के गंगापुर निवासी अवनीश राय ने एंटी करप्शन यूनिट को शिकायती पत्र देकर बताया कि सब इंस्पेक्टर लगातार उस पर पैसे देने का दबाव बना रहे थे। परेशान होकर उसने मामले की शिकायत संबंधित विभाग से की। शिकायत की पुष्टि के बाद एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाया और योजना के तहत पीड़ित को केमिकल लगे नोट देकर सब इंस्पेक्टर के पास भेजा गया। जैसे ही अभिषेक सिंह ने ₹20,000 की रिश्वत ली, पहले से मौजूद टीम ने तत्काल उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी सब इंस्पेक्टर को न्यायालय में पेश किया जा रहा है, जहां आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। मामले में एंटी करप्शन यूनिट की कार्रवाई से पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।

Thursday, 16 April 2026

आजमगढ़ पवई चलती बस में लगी भीषण आग चालक की सूझबूझ और तत्परता से टला बड़ा हादसा


 आजमगढ़ पवई चलती बस में लगी भीषण आग


चालक की सूझबूझ और तत्परता से टला बड़ा हादसा


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर बृहस्पतिवार की दोपहर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब जयपुर से पश्चिम बंगाल जा रही एक यात्री बस में अचानक भीषण आग लग गई। यह घटना दोपहर करीब 2:15 बजे माइल स्टोन 188.6 के पास सहेला गांव के निकट हुई। देखते ही देखते बस धू-धू कर जलने लगी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।


 प्रत्यक्षदर्शी ग्रामीण संदीप अग्रहरि और रितेश सिंह के अनुसार, बस जैसे ही सहेला गांव के पास पहुंची, उसमें अचानक धुआं उठने लगा। यात्रियों ने तुरंत इसकी जानकारी चालक को दी। स्थिति को भांपते हुए चालक ने सूझबूझ का परिचय देते हुए बस को सड़क किनारे सुरक्षित स्थान पर रोक दिया और तेजी से सभी यात्रियों को नीचे उतार दिया। यात्रियों के सुरक्षित उतरते ही कुछ ही मिनटों में बस में आग भड़क उठी और पूरी बस उसकी चपेट में आ गई। आग इतनी तेज थी कि बस पूरी तरह जलने लगी। इस दौरान आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। इस घटना के चलते कुछ समय के लिए पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर यातायात प्रभावित रहा, जिसे बाद में पुलिस ने नियंत्रित कर सामान्य कराया। 


थानाध्यक्ष पवई राकेश कुमार सिंह ने बताया कि सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। उन्होंने कहा कि चालक की सूझबूझ और तत्परता के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

आजमगढ़ शहर कोतवाली पुरानी जेल के सामने बंधे पर मिली लावारिश लाश मौके पर फोरेसिंक टीम सहित पुलिस फोर्स पहुंची, शव को लिया कब्जे में


 आजमगढ़ शहर कोतवाली पुरानी जेल के सामने बंधे पर मिली लावारिश लाश



मौके पर फोरेसिंक टीम सहित पुलिस फोर्स पहुंची, शव को लिया कब्जे में



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित पुरानी जेल के सामने बंधे पर आज शाम करीब तीन बजे एक लावारिश लाश मिलने से हड़कंप मच गया।


 सूचना मिलते ही मौके पर शहर कोतवाली, सिविल लाइन पुलिस चौकी, रोडवेज पुलिस चौकी मौके पर पहुंच गयी। मौके पर पहुंची फोरेसिंक टीम ने साक्ष्य संकलन किया। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। शव को देखने से यह प्रतीत हो रहा था मृतक की उम्र 36 वर्ष के करीब है। उसका चेहरा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। खबर  लिखे जाने तक शव की पहचान नहीं हो पाई थी।

बलिया इंस्पेक्टर ने दुष्कर्म पीड़िता से की अश्लील सौदेबाजी चार्जशीट के नाम पर मिलने का दबाव; वायरल ऑडियो की पुष्टि के बाद एसपी ने की सख्त कार्रवाई


 बलिया इंस्पेक्टर ने दुष्कर्म पीड़िता से की अश्लील सौदेबाजी


चार्जशीट के नाम पर मिलने का दबाव; वायरल ऑडियो की पुष्टि के बाद एसपी ने की सख्त कार्रवाई


उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद के उभांव थाना क्षेत्र से पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करने वाला गंभीर मामला सामने आया है। यहां तैनात ‘इंस्पेक्टर क्राइम’ नरेश मलिक पर दुष्कर्म पीड़िता की मजबूरी का फायदा उठाने और अश्लील बातचीत करने का आरोप लगा है। मामला संज्ञान में आते ही पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी इंस्पेक्टर के साथ ही थाना प्रभारी निरीक्षक संजय शुक्ल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। बताया जा रहा है कि रसड़ा कोतवाली क्षेत्र की एक महिला ने उभांव थाने में तैनात एक वन दारोगा के खिलाफ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी दारोगा को जेल भेज दिया था। इसी मुकदमे की विवेचना और चार्जशीट दाखिल करने की प्रक्रिया के दौरान इंस्पेक्टर नरेश मलिक ने पीड़िता से संपर्क बढ़ाया। आरोप है कि इंस्पेक्टर ने फोन पर पीड़िता से अश्लील बातें करनी शुरू कर दीं और चार्जशीट जल्द लगाने के नाम पर मिलने का दबाव बनाया।


 वायरल ऑडियो और पीड़िता की शिकायत के अनुसार, इंस्पेक्टर ने कहा, “मुझसे मिल लो, दो मिनट में चार्जशीट लग जाएगी।” इसे लेकर उसने कथित तौर पर अशोभनीय सौदेबाजी की कोशिश की। पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए बातचीत का ऑडियो रिकॉर्ड कर लिया और उच्चाधिकारियों को भेजकर न्याय की गुहार लगाई। मामला सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक ने पहले एक अप्रैल को इंस्पेक्टर को उभांव थाने से हटाकर साइबर सेल में स्थानांतरित कर दिया था, ताकि वह जांच को प्रभावित न कर सके। पूरे प्रकरण की जांच क्षेत्राधिकारी रसड़ा आलोक गुप्ता को सौंपी गई थी। जांच में वायरल ऑडियो की पुष्टि होने के बाद एसपी ओमवीर सिंह ने इंस्पेक्टर नरेश मलिक और थाना प्रभारी संजय शुक्ल को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। 


एसपी ओमवीर सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और ऑडियो के आधार पर जांच कराई गई, जिसमें इंस्पेक्टर की बातचीत को अशोभनीय और पद की गरिमा के विपरीत पाया गया। प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए दोनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही क्षेत्राधिकारी रसड़ा को निर्देशित किया गया है कि पीड़िता से संपर्क कर पूरे मामले में वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाए।

Wednesday, 15 April 2026

आजमगढ़ रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध मानव तस्करी का खुलासा, 3 युवक हिरासत में, 2 युवतियां सकुशल बरामद पहचान छिपाकर दिल्ली ले जाने की आशंका, पुलिस कर रही गहन जांच


 आजमगढ़ रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध मानव तस्करी का खुलासा, 3 युवक हिरासत में, 2 युवतियां सकुशल बरामद



पहचान छिपाकर दिल्ली ले जाने की आशंका, पुलिस कर रही गहन जांच


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में पुलिस ने धोखाधड़ी और पहचान छिपाकर युवतियों को ले जाने के एक गंभीर मामले का खुलासा किया है। इस प्रकरण में पुलिस ने तीन युवकों को हिरासत में लिया है, जबकि दो युवतियों को सकुशल बरामद कर उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। मंगलवार को कैफियात एक्सप्रेस से दिल्ली जा रहे तीन युवकों और दो युवतियों को आजमगढ़ रेलवे स्टेशन पर रोका गया। बजरंग दल के पदाधिकारियों ने मानव तस्करी की आशंका जताते हुए इसकी सूचना तत्काल जीआरपी और सिधारी थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सभी को हिरासत में लेकर थाने पर पूछताछ की। पूछताछ के बाद दोनों युवतियों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया, जबकि तीनों युवक अभी पुलिस हिरासत में हैं।


 बताया जा रहा है कि युवक और युवतियां अलग-अलग समुदाय से संबंधित हैं। बजरंग दल के जिला सह संयोजक शिवम सिंह ने दावा किया कि उन्हें प्रांत स्तर से सूचना मिली थी कि दो हिंदू युवतियों को कथित रूप से दिल्ली ले जाकर बेचने की साजिश रची जा रही है। इसी आधार पर संगठन के कार्यकर्ता रेलवे स्टेशन पर निगरानी कर रहे थे। वहीं, विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष अमित गुप्ता ने कहा कि पुलिस के सहयोग से की गई कार्रवाई में युवतियों को सुरक्षित बचाया गया है और मामले की जांच जारी है। 


पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ0 अनिल कुमार के अनुसार, सूचना मिली थी कि कुछ युवक अपनी असली पहचान छिपाकर धोखाधड़ी के जरिए युवतियों को कहीं ले जाने की फिराक में हैं। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों युवकों को पकड़ लिया और युवतियों को सुरक्षित बरामद किया। एसपी ने बताया कि युवतियां प्रथम दृष्टया बालिग प्रतीत हो रही हैं, हालांकि उनकी उम्र और पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों का वास्तविक उद्देश्य क्या था और क्या इसके पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय है। यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

मुजफ्फरनगर नशे में धुत दारोगा का हंगामा, महिला से अभद्रता का आरोप; वीडियो वायरल एसएसपी ने तत्काल प्रभाव से किया निलंबित, विभागीय जांच शुरू


 मुजफ्फरनगर नशे में धुत दारोगा का हंगामा, महिला से अभद्रता का आरोप; वीडियो वायरल


एसएसपी ने तत्काल प्रभाव से किया निलंबित, विभागीय जांच शुरू


उत्तर प्रदेश पुलिस एक बार फिर विवादों में है। मुजफ्फरनगर जनपद के खालापार थाना क्षेत्र में तैनात एक उप निरीक्षक का नशे की हालत में हंगामा करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि दारोगा ने शराब के नशे में सार्वजनिक स्थान पर जमकर उत्पात मचाया और एक महिला के साथ अभद्रता भी की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।


 जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के मद्देनजर क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए उप निरीक्षक चौबे सिंह की ड्यूटी लगाई गई थी। लेकिन आरोप है कि वह ड्यूटी पर पहुंचने के बजाय कहीं और जाकर अत्यधिक शराब का सेवन कर बैठे। इसके बाद उन्होंने नशे की हालत में हंगामा शुरू कर दिया, जिससे मौके पर मौजूद लोगों में आक्रोश फैल गया। वीडियो वायरल होने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने मामले का संज्ञान लिया। प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर उप निरीक्षक चौबे सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। एसएसपी ने बताया कि पूरे मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना से आमजन में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं और विभाग की छवि पर भी असर पड़ा है।