Thursday, 9 July 2026

आजमगढ़ दीदारगंज, मंडलायुक्त न्यायालय में अपील को एसडीएम मार्टिनगंज ने दिखाया ठेंगा दिखा पुलिस बल के साथ करवा रहे विवादित जमीन पर निर्माण पीड़ित का आरोप - एसडीएम ने कहा कि कहीं भी चले जाओ नहीं बंद होगा निर्माण

आजमगढ़ दीदारगंज, मंडलायुक्त न्यायालय में अपील को एसडीएम मार्टिनगंज ने दिखाया ठेंगा दिखा पुलिस बल के साथ करवा रहे विवादित जमीन पर निर्माण 


पीड़ित का आरोप - एसडीएम ने कहा कि कहीं भी चले जाओ नहीं बंद होगा निर्माण 



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के दीदारगंज थाना क्षेत्र के लाडपुर साहब अली गांव में मंडलायुक्त न्यायालय में अपील के बावजूद विवादित जमीन पर जबरदस्ती निर्माण चालू है। पीड़ित जगन्नाथ राजभर का आरोप है कि गांव स्थित गाटा संख्या 378 जो पहले मेरे नाम से आबादी दर्ज था, उसकी खतौनी भी पास है बाद में वह जमीन नवीन परती के खाते में दर्ज हुई। जिस पर गांव के कुछ लोगों द्वारा आवासीय पट्टा कराया गया, जिसका अपील वाद मंडलायुक्त न्यायालय आजमगढ़ में विचाराधीन है, जिसकी अगली सुनवाई तिथि 15 जुलाई 2026 को नियत है। उसके बावजूद एसडीएम मार्टिनगंज अविनाश कुमार गौतम मंडलायुक्त न्यायालय के अपील को ठेंगा दिखाते हुए जबरदस्ती पुलिस बल के साथ 40 से 50 मजदूरों से निर्माण करवा रहे हैं, और पुलिस बल 80 वर्षीय पीड़ित बुजुर्ग जगन्नाथ राजभर को पुलिस ले जाकर थाने में बैठा दी, तथा विवादित जमीन पर पुलिस बैठकर निर्माण करवा रही है।


 जब मंडलायुक्त के यहां अपील वाद को यहां निचले स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हो रहा है, तो पीड़ित को कहां न्याय मिलेगा, यह बहुत बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। पीड़ित शमसेर पुत्र जगन्नाथ का आरोप है कि जब मैं प्रार्थना पत्र देने मार्टिनगंज तहसील में गया तो एसडीएम अविनाश कुमार ने कहा कि मैं आपका प्रार्थना पत्र नहीं लूंगा, मुझे मंडलायुक्त के यहां से आदेश आया है, कि विवादित जमीन पर निर्माण करवाइए और पीड़ित ने बताया कि एसडीएम ने कहा कि निर्माण नहीं रुकेगा जब मंडलायुक्त के द्वारा पूछा जाएगा तो हम उसका जवाब दे देंगे। जब एसडीएम ही आयुक्त के आदेश को नहीं मान रहे हैं, तो ऐसे न्यायालय में जाने से पीड़ित का क्या फायदा। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी फूलपुर किरनपाल सिंह से बात करने पर उन्होंने बताया कि हम लोगो को जब तक स्टे आर्डर नहीं दिखाया जाएगा तब तक सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि राजस्व मामले में पुलिस काम को नहीं रुकवा सकती। वहीं थानाध्यक्ष दीदारगंज जयप्रकाश ने बताया कि एसडीएम मार्टिनगंज अविनाश कुमार का आदेश हुआ है, कि निर्माण कार्य कराया जाए उसमें कोई व्यवधान उत्पन्न ना हो सके। 


इस संबंध में उप जिलाधिकारी मार्टिनगंज अविनाश कुमार ने बताया कि आयुक्त महोदय के यहां से आदेश के अनुपालन में पट्टा आवंटित भूमि में निर्माण कार्य हो रहा है। आगे जो आदेश आएगा तो उसका अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।



आजमगढ़ दीदारगंज से प्रवीण यादव की रिपोर्ट

 

आजमगढ़ सरायमीर, एसएसपी ने उपनिरीक्षक और आरक्षी को किया निलंबित हेरोइन तस्करी पर प्रभावी रोकथाम नहीं करने का आरोप, विभागीय जांच के दिए आदेश


 आजमगढ़ सरायमीर, एसएसपी ने उपनिरीक्षक और आरक्षी को किया निलंबित



हेरोइन तस्करी पर प्रभावी रोकथाम नहीं करने का आरोप, विभागीय जांच के दिए आदेश



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में पुलिस विभाग में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरायमीर थाने में तैनात उपनिरीक्षक सच्चिदानन्द यादव और आरक्षी विकास कुमार यादव को निलंबित कर उनके विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों पुलिसकर्मियों पर अपने हल्का एवं बीट क्षेत्र में नियमित भ्रमण, प्रभावी गश्त और निगरानी नहीं करने, मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त पर प्रभावी अंकुश लगाने में विफल रहने तथा संबंधित अभियुक्त के विरुद्ध समय रहते निरोधात्मक कार्रवाई न करने का आरोप है। इसे कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता और स्वेच्छाचारिता मानते हुए कार्रवाई की गई है। 


प्रकरण 3 जुलाई 2026 का है, जब सरायमीर थाना क्षेत्र के बीनापारा पुलिया के पास पूनापोखर निवासी वीरु सोनकर को 50 पुड़िया अवैध हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया गया था। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया, लेकिन जांच में सामने आया कि संबंधित हल्का प्रभारी और बीट आरक्षी ने अपने क्षेत्र में अपेक्षित निगरानी और कार्रवाई नहीं की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ श्रेणी के पुलिस अधिकारियों की दंड एवं अपील नियमावली-1991 के तहत दोनों पुलिसकर्मियों के विरुद्ध विभागीय जांच शुरू कर निलंबन की कार्रवाई की है। एसएसपी ने सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और अनुशासन के साथ करें। कर्तव्य पालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुशासनहीनता पाए जाने पर कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

Wednesday, 8 July 2026

आजमगढ़ जहानागंज डायल-112 के 2 पुलिसकर्मी निलंबित पीआरवी वाहन हादसे की सूचना छिपाना पड़ा महंगा, एसएसपी ने सभी पुलिसकर्मियों को दी चेतावनी


 आजमगढ़ जहानागंज डायल-112 के 2 पुलिसकर्मी निलंबित



पीआरवी वाहन हादसे की सूचना छिपाना पड़ा महंगा, एसएसपी ने सभी पुलिसकर्मियों को दी चेतावनी



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में पदीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में डायल-112 के दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस विभाग की समीक्षा के दौरान सामने आया कि यूपी डायल-112 में तैनात मुख्य आरक्षी बृजलाल पटेल और आरक्षी कमलेश कुमार गौड़, जो वर्तमान में थाना जहानागंज की पीआरवी पर नियुक्त हैं, ने 5 जुलाई 2026 को पीआरवी चालक राधेश्याम द्वारा वाहन को लापरवाही से चलाते हुए दीवार से टकराकर क्षतिग्रस्त कर देने की सूचना न तो कंट्रोल रूम को दी और न ही अपने प्रभारी अधिकारियों को अवगत कराया। 


प्रथम दृष्टया दोनों पुलिसकर्मियों पर अनुशासनहीनता, अकर्मण्यता, लापरवाही और स्वेच्छाचारिता के आरोप पाए गए। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ श्रेणी के पुलिस अधिकारियों की दंड एवं अपील नियमावली-1991 के तहत दोनों के विरुद्ध विभागीय जांच संस्थित करते हुए निलंबन की कार्रवाई की है। साथ ही सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि कर्तव्य पालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा दोषी पाए जाने पर कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

आजमगढ़ मार्टिनगंज आंगनबाड़ी भर्ती में रिश्वत और अनियमितता का आरोप सीडीपीओ पर 2 लाख रुपये मांगने, तहसीलदार पर मिलीभगत से आय प्रमाण-पत्र निरस्त कराने का आरोप


 आजमगढ़ मार्टिनगंज आंगनबाड़ी भर्ती में रिश्वत और अनियमितता का आरोप



सीडीपीओ पर 2 लाख रुपये मांगने, तहसीलदार पर मिलीभगत से आय प्रमाण-पत्र निरस्त कराने का आरोप



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के मार्टिनगंज तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा सतैनी की आंगनबाड़ी कार्यकर्ती भर्ती को लेकर एक अभ्यर्थी ने जिलाधिकारी को प्रार्थना-पत्र देकर भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। अभ्यर्थी ने पूरे प्रकरण की किसी स्वतंत्र एवं निष्पक्ष अधिकारी से जांच कराकर न्याय दिलाने की मांग की है। ग्राम सभा सतैनी निवासी निशा देवी ने जिलाधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र में कहा है कि वह आंगनबाड़ी कार्यकर्ती पद की अभ्यर्थी हैं और अत्यंत गरीब परिवार से संबंध रखती हैं। उनका परिवार दिहाड़ी मजदूरी कर जीवन-यापन करता है तथा उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ भी मिला है।


 शिकायत के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया के दौरान उनके आय प्रमाण-पत्र की तीन बार जांच हुई और हर बार वह सही पाया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी स्तर पर भी अभिलेखों का सत्यापन किया गया, जहां कोई आपत्ति नहीं मिली। इसके बावजूद उनका आरोप है कि चयन से पहले बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ), मार्टिनगंज ने दो लाख रुपये की अवैध धनराशि की मांग की। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्होंने रकम देने से इनकार कर दिया। निशा देवी का आरोप है कि इसके बाद तहसीलदार और सीडीपीओ की मिलीभगत से जांच रिपोर्ट तैयार कराकर उनका आय प्रमाण-पत्र निरस्त करा दिया गया, जिससे उनकी अभ्यर्थिता प्रभावित हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नियमों के अनुरूप पात्र न होने वाले तीसरे क्रम के अभ्यर्थी के चयन के लिए तीन लाख रुपये की लेन-देन की गई। अभ्यर्थी ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की जनपद स्तर अथवा किसी सक्षम उच्चाधिकारी से निष्पक्ष जांच कराने, दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने तथा उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है।

अलीगढ़ पिता की बेइज्जती की बात सुनते ही बेकाबू हुआ दूल्हा तलवार लेकर शादी समारोह में मचाया उत्पात दुल्हन पक्ष के लोग घायल, पुलिस के पहुंचने से पहले फरार हुआ दूल्हा


 अलीगढ़ पिता की बेइज्जती की बात सुनते ही बेकाबू हुआ दूल्हा


तलवार लेकर शादी समारोह में मचाया उत्पात


दुल्हन पक्ष के लोग घायल, पुलिस के पहुंचने से पहले फरार हुआ दूल्हा


उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के छर्रा क्षेत्र में एक शादी समारोह उस समय रणक्षेत्र में बदल गया, जब दूल्हे को किसी ने यह सूचना दी कि उसके पिता के साथ दुल्हन पक्ष के लोगों ने अभद्रता और मारपीट की है। यह सुनते ही दूल्हा गुस्से से बेकाबू हो गया। वह बग्घी से उतरकर हाथ में तलवार लेकर विवाह स्थल में घुस गया और दुल्हन पक्ष के लोगों पर हमला कर दिया। घटना से समारोह में अफरा-तफरी मच गई।


 जानकारी के अनुसार, रायपुर खास (थाना पालीमुकीमपुर) निवासी जयवीर पुत्र मुकुट सिंह की बारात सोमवार शाम छर्रा स्थित एमआर गार्डन पहुंची थी। बारात दरवाजे पर पहुंचने के दौरान किसी ने दूल्हे को बताया कि उसके पिता का अपमान किया गया है और उनके साथ मारपीट हुई है। यह सुनते ही दूल्हे ने बग्घी से उतरकर अपना सेहरा सड़क पर फेंक दिया और हाथ में तलवार लेकर गार्डन के अंदर पहुंच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दूल्हे ने तलवार लहराते हुए दुल्हन पक्ष के लोगों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। तलवार देखकर समारोह में मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। लोगों ने उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन हथियार होने के कारण कोई उसके करीब नहीं जा सका। उस समय दुल्हन पार्लर गई हुई थी। घटना की जानकारी मिलने पर उसने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। पुलिस के पहुंचने से पहले ही दूल्हा मौके से फरार हो गया, जबकि उसके साथ आए अधिकांश बाराती भी वहां से निकल गए। मारपीट में दुल्हन का भाई मनवीर समेत दो लोग घायल हो गए, जिन्हें पुलिस ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया। छर्रा थाना प्रभारी अंकित सिंह ने बताया कि शादी समारोह में दूल्हा और दुल्हन पक्ष के बीच विवाद हुआ था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। मामले में तहरीर मिलने के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी।

Tuesday, 7 July 2026

आजमगढ़ जहानागंज डकैती की साजिश नाकाम, भारी मात्रा में असलहों के साथ 5 शातिर बदमाश गिरफ्तार पुलिस ने कॉलेज के खंडहर से दबोचा, 3 पिस्टल, 2 तमंचे, कारतूस और डकैती के औजार बरामद

 

आजमगढ़ जहानागंज डकैती की साजिश नाकाम, भारी मात्रा में असलहों के साथ 5 शातिर बदमाश गिरफ्तार



पुलिस ने कॉलेज के खंडहर से दबोचा, 3 पिस्टल, 2 तमंचे, कारतूस और डकैती के औजार बरामद


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के जहानागंज थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए डकैती की योजना बना रहे पांच शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से भारी मात्रा में अवैध असलहे, कारतूस, डकैती में प्रयुक्त होने वाले औजार तथा मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस ने सभी आरोपितों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय भेज दिया। पुलिस के अनुसार 6 जुलाई 2026 की रात उपनिरीक्षक लवकुश सोनकर, उपनिरीक्षक शिवम त्यागी, उपनिरीक्षक गौरव सिंह तथा पुलिस टीम क्षेत्र में चोरी, नकबजनी और डकैती की रोकथाम के लिए गश्त पर थी। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर ग्राम गम्भीरवन स्थित कृष्णा कॉलेज के खंडहर में छापेमारी कर पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।


 गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान अभिषेक यादव निवासी गेलवारा थाना सिधारी, अजय यादव निवासी जहानाबाद थाना मधुबन (मऊ), आशीष चौहान निवासी गेलवारा थाना सिधारी, जयहिंद मौर्य तथा गोविंद यादव निवासी मोहनाठ थाना निजामाबाद के रूप में हुई है। पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से तीन पिस्टल (.32 बोर), छह जिंदा कारतूस (.32 बोर), दो अवैध तमंचे (.315 बोर), तीन जिंदा कारतूस (.315 बोर), एक कटर, एक पाइप हथौड़ी, लोहे की पाइप में लगी चकरी तथा तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस संबंध में थाना जहानागंज पर बीएनएस की धारा 310(4), 310(5) तथा 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पूछताछ में अभियुक्तों ने अपराध स्वीकार करने की बात कही है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्तों में कुछ के विरुद्ध पहले से भी विभिन्न थानों में आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पूरी कार्रवाई जहानागंज थाना पुलिस टीम ने संयुक्त रूप से की। पुलिस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।

आजमगढ़ जिलाधिकारी ने 09 शस्त्र लाइसेंस किया निरस्त आपराधिक मामलों में संलिप्त पाये जाने पर 8 व्यक्तियों के विरूद्ध हुई कार्रवाई


 आजमगढ़ जिलाधिकारी ने 09 शस्त्र लाइसेंस किया निरस्त


आपराधिक मामलों में संलिप्त पाये जाने पर 8 व्यक्तियों के विरूद्ध हुई कार्रवाई



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने एवं शस्त्र अधिनियम के प्रावधानों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने 08 व्यक्तियों के कुल 09 शस्त्र लाइसेंस निरस्त किया। जिन व्यक्तियों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त किए गए हैं, उनमें थाना अतरौलिया क्षेत्र के बृजेश उपाध्याय, थाना पवई के जयप्रकाश सिंह, थाना फूलपुर के अशहद उर्फ चुन्नू शेख, थाना गंभीरपुर के मो. आरिफ (02 शस्त्र लाइसेंस), थाना कोतवाली के मंजीत उर्फ रंजीत सिंह, थाना महाराजगंज के मो. फैसल तथा थाना निजामाबाद के जिलेदार यादव शामिल हैं।


 जिलाधिकारी ने बताया कि संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध विभिन्न आपराधिक मुकदमे पंजीकृत पाए गए हैं। इनकी गतिविधियों एवं आपराधिक प्रकरणों के दृष्टिगत पुलिस विभाग द्वारा नियमानुसार इनके शस्त्र लाइसेंस निरस्त किए जाने की संस्तुति करते हुए पत्राचार किया गया था। प्राप्त आख्या, उपलब्ध अभिलेखों एवं संबंधित प्रकरणों का परीक्षण करने के उपरांत शस्त्र अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत सभी तथ्यों पर विचार करते हुए उक्त शस्त्र लाइसेंस निरस्त किए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनपद में शांति व्यवस्था एवं सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी ऐसे व्यक्ति को शस्त्र रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती, जिसकी गतिविधियां कानून-व्यवस्था के लिए प्रतिकूल हों अथवा जिसके विरुद्ध गंभीर आपराधिक मामले लंबित हों। प्रशासन द्वारा कानून का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध प्रभावी एवं निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि जनपद में सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण वातावरण बना रहे।