Monday, 2 February 2026

आजमगढ़ बरदह रोडवेज बस रोककर चालक-परिचालक से मारपीट अज्ञात हमलावरों ने बस का शीशा तोड़ा, नकदी व दस्तावेज लूटे परिचालक की तहरीर पर मुकदमा दर्ज, जांच में जुटी पुलिस

आजमगढ़ बरदह रोडवेज बस रोककर चालक-परिचालक से मारपीट



अज्ञात हमलावरों ने बस का शीशा तोड़ा, नकदी व दस्तावेज लूटे


परिचालक की तहरीर पर मुकदमा दर्ज, जांच में जुटी पुलिस



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के बरदह थाना क्षेत्र में देर रात प्रयागराज से गोरखपुर जा रही रोडवेज बस को रोककर अज्ञात लोगों ने चालक और परिचालक के साथ मारपीट की। हमलावरों ने बस का शीशा तोड़ दिया और परिचालक से नकदी सहित जरूरी दस्तावेज भी छीन लिए। घटना की सूचना पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 


प्राप्त जानकारी के अनुसार हरदोई जनपद के बेहटा गोकुल निवासी दीपक दीक्षित पुत्र अशोक कुमार दीक्षित रोडवेज बस में परिचालक के पद पर कार्यरत हैं। देर रात वह बस लेकर प्रयागराज से गोरखपुर की ओर जा रहे थे। जैसे ही बस बरदह थाना क्षेत्र के भीरा गांव के पास पहुंची, कुछ लोगों ने उसे रुकवाकर चालक के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी और बस का शीशा तोड़ दिया। इसके बाद आरोपियों ने चालक को बस से नीचे उतारकर मारपीट की। परिचालक दीपक दीक्षित जब बीच-बचाव के लिए आगे आए तो हमलावरों ने उनके साथ भी मारपीट की और उनके बैग से करीब दस हजार रुपये नकद तथा मार्ग पत्र छीन लिया। आरोप है कि हमलावरों ने रॉड से जानलेवा हमला भी किया, जिससे बचने के लिए परिचालक को मौके से कुछ दूरी पर जाकर छिपना पड़ा। घटना के बाद पीड़ित परिचालक ने बरदह थाने में लिखित तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

 

आजमगढ़ बूढ़नपुर लोन दिलाने के नाम पर महिलाओं से लाखों की ठगी, फर्जी वित्तीय संस्था का संचालक फरार एएमएन नाम से चल रहा था कथित बैंक, 200 से अधिक महिलाओं से 2 से 5 हजार रुपये की वसूली आफिस बंद मिलने पर हुआ ठगी का खुलासा, पीड़ित महिलाओं ने चौकी प्रभारी से की शिकायत


 आजमगढ़ बूढ़नपुर लोन दिलाने के नाम पर महिलाओं से लाखों की ठगी, फर्जी वित्तीय संस्था का संचालक फरार


एएमएन नाम से चल रहा था कथित बैंक, 200 से अधिक महिलाओं से 2 से 5 हजार रुपये की वसूली


आफिस बंद मिलने पर हुआ ठगी का खुलासा, पीड़ित महिलाओं ने चौकी प्रभारी से की शिकायत



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के बूढ़नपुर नगर पंचायत क्षेत्र में लोन दिलाने के नाम पर सैकड़ों महिलाओं से लाखों रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। एएमएन नाम से खुले एक कथित बैंक/वित्तीय संस्था ने समूह लोन देने का झांसा देकर महिलाओं से एडवांस रकम वसूल ली और फिर अचानक अपना कार्यालय बंद कर संचालक फरार हो गया। पीड़ित महिलाओं के अनुसार संस्था द्वारा समूह के माध्यम से लोन देने का भरोसा दिलाया गया था। इस प्रक्रिया के तहत 200 से अधिक महिलाओं से 2,000 से 5,000 रुपये तक की राशि जमा कराई गई। महिलाओं को आश्वासन दिया गया था कि तय तिथि पर उन्हें लोन की रकम उपलब्ध करा दी जाएगी। निर्धारित दिन जब महिलाएं लोन लेने के लिए एएमएन कार्यालय पहुंचीं तो वहां न तो कोई कर्मचारी मौजूद था और न ही संस्था का संचालक। कार्यालय पूरी तरह बंद मिला। इसके बाद महिलाओं को ठगी का एहसास हुआ, जिससे मौके पर हड़कंप मच गया और आक्रोश फैल गया।


 पीड़ित महिलाओं ने पूरे मामले की शिकायत बूढ़नपुर चौकी प्रभारी अखिलेश कुमार सिंह से की। चौकी प्रभारी ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है। ठगी का शिकार हुई महिलाओं में पुष्पावती, निर्मला, सरिता, संगीता, अंजू, सुमन, आशा, ममता, चरौता सहित अनेक महिलाएं शामिल हैं। पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने कर्ज के सहारे अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने का सपना देखा था, लेकिन अब वे कर्ज और ठगी के बोझ तले दब गई हैं। इस घटना ने एक बार फिर क्षेत्र में सक्रिय फर्जी वित्तीय संस्थानों और अवैध माइक्रो फाइनेंस कंपनियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी कर पीड़ित महिलाओं की मेहनत की कमाई वापस दिलाने की मांग की है।

आजमगढ़ गम्भीरपुर एटीएम ठगी गिरोह का भंडाफोड़, पुलिस मुठभेड़ में अंतर्जनपदीय अभियुक्त घायल कैश टैपिंग कर एटीएम से ठगी करने वाला बदमाश मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार तमंचा, कारतूस, ठगी के उपकरण और अर्टिगा कार बरामद, लंबा आपराधिक इतिहास उजागर


 आजमगढ़ गम्भीरपुर एटीएम ठगी गिरोह का भंडाफोड़, पुलिस मुठभेड़ में अंतर्जनपदीय अभियुक्त घायल


कैश टैपिंग कर एटीएम से ठगी करने वाला बदमाश मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार


तमंचा, कारतूस, ठगी के उपकरण और अर्टिगा कार बरामद, लंबा आपराधिक इतिहास उजागर



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के थाना गम्भीरपुर क्षेत्र में पुलिस और एटीएम ठगी गिरोह के बीच हुई मुठभेड़ में एक अंतर्जनपदीय अभियुक्त घायल अवस्था में गिरफ्तार किया गया है। अभियुक्त एटीएम मशीनों में कैश टैपिंग डिवाइस लगाकर ठगी की घटनाओं को अंजाम देता था। उसके कब्जे से अवैध तमंचा, कारतूस, एटीएम ठगी के उपकरण, अर्टिगा कार सहित अन्य सामग्री बरामद की गई है।


 प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 29 जनवरी 2026 को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, शाखा रानीपुर रजमो के शाखा प्रबंधक द्वारा थाना गम्भीरपुर में तहरीर दी गई थी। शिकायत में बताया गया कि 4 जनवरी 2026 को एक खाताधारक द्वारा एटीएम से ₹20,000 की निकासी विफल होने की सूचना दी गई थी। जांच के दौरान एटीएम मशीन में कोई अतिरिक्त नकदी नहीं पाई गई। सीसीटीवी फुटेज के अवलोकन से सामने आया कि अज्ञात व्यक्ति द्वारा कैश डिस्पेंसर में अवैध रूप से कैश टैपिंग/स्कीमिंग डिवाइस लगाकर नकदी को मशीन के मुहाने पर फंसा दिया गया था, जिसे बाद में निकाल लिया गया। मामले में थाना गम्भीरपुर पर मु0अ0सं0 26/2026 धारा 318(4) बीएनएस के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया था। 


वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में 2 फरवरी 2026 की सुबह थाना गम्भीरपुर पुलिस संदिग्ध व्यक्ति एवं वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि एटीएम ठगी, चोरी और लूट में संलिप्त अभियुक्त अर्टिगा कार से ठेकमा बाजार होते हुए आजमगढ़ की ओर आ रहा है। सूचना पर पुलिस टीम ने रोहुआ मुस्तफाबाद के पास घेराबंदी की। खुद को घिरता देख अभियुक्त ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई नियंत्रित जवाबी कार्रवाई में अभियुक्त के बाएं पैर में गोली लग गई। घायल अभियुक्त को सुबह करीब 3:45 बजे पुलिस हिरासत में लेकर उपचार हेतु अस्पताल भेजा गया।


गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान संजय कुमार पुत्र मेवालाल निवासी ग्राम पौधन रामपुर थाना अखण्डनगर जनपद सुल्तानपुर (उम्र करीब 33 वर्ष) के रूप में हुई है। उसके पास से एक अवैध देशी तमंचा, दो जिंदा कारतूस, चार खोखा कारतूस (.315 बोर), एक अर्टिगा कार (UP 44 BR 0699), एटीएम कैश टैपिंग उपकरण, तीन एटीएम कार्ड, एक मोबाइल फोन और ₹2530 नकद बरामद किए गए हैं।पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि वह अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर विभिन्न जनपदों में एटीएम मशीनों को निशाना बनाता था। कैश डिस्पेंसर में प्लास्टिक स्ट्रिप लगाकर नकदी को बाहर आने से रोक दिया जाता था और बाद में स्ट्रिप हटाकर फंसी हुई राशि निकाल ली जाती थी। इस तरह की कई घटनाओं को अभियुक्त पहले भी अंजाम दे चुका है। गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध बस्ती, लखनऊ, जौनपुर, अम्बेडकर नगर सहित विभिन्न जनपदों में चोरी, ठगी, जालसाजी, आईटी एक्ट और आर्म्स एक्ट के कुल 13 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। पुलिस ने अभियुक्त के विरुद्ध मु0अ0सं0 30/2026 संबंधित धारा के अंतर्गत नया अभियोग पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्यवाही शुरू कर दी है। मौके पर फील्ड यूनिट द्वारा साक्ष्य संकलन की कार्रवाई भी की जा रही है।

आजमगढ़ 4 निरीक्षकों का हुआ तबादला सरायमीर, सिधारी व क्राइम ब्रांच में हुआ फेरबदल


 आजमगढ़ 4 निरीक्षकों का हुआ तबादला



सरायमीर, सिधारी व क्राइम ब्रांच में हुआ फेरबदल



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में पुलिस विभाग द्वारा जनहित एवं रिक्त पदों के सापेक्ष चार निरीक्षक नागरिक पुलिस के स्थानांतरण का आदेश जारी किया गया है। यह स्थानांतरण तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। संबंधित अधिकारियों को आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। 


जारी आदेश के अनुसार निरीक्षक निहार नन्दन कुमार, जो वर्तमान में प्रभारी निरीक्षक सरायमीर के पद पर तैनात थे, को क्राइम ब्रांच में स्थानांतरित किया गया है। वहीं पुलिस लाइन में तैनात निरीक्षक भुवनेश कुमार चौबे को प्रभारी निरीक्षक सरायमीर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अतिरिक्त निरीक्षक कमलेश कुमार, जो निरीक्षक अभिसूचना थाना सिधारी में तैनात थे, को क्राइम ब्रांच भेजा गया है। वहीं क्राइम ब्रांच में कार्यरत निरीक्षक रूद्रभान पाण्डेय को निरीक्षक अभिसूचना थाना सिधारी स्थानांतरित किया गया है। पुलिस विभाग के इस प्रशासनिक फेरबदल को कार्य व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

Sunday, 1 February 2026

आजमगढ़ अतरौलिया विवाहिता की संदिग्ध हालात में मौत से मचा हड़कंप मायके पक्ष ने लगाया 5 लाख रुपये दहेज के लिए हत्या का आरोप पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा, रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई


 आजमगढ़ अतरौलिया विवाहिता की संदिग्ध हालात में मौत से मचा हड़कंप



मायके पक्ष ने लगाया 5 लाख रुपये दहेज के लिए हत्या का आरोप


पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा, रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के अतरौलिया थाना क्षेत्र के लोहरा गांव में शनिवार की देर शाम 25 वर्षीय विवाहिता अंकिता सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही मायके पक्ष के लोगों में कोहराम मच गया। परिजनों ने दहेज के लिए हत्या का आरोप लगाते हुए डायल 112 पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल शुरू की। जहानागंज थाना क्षेत्र के बोहना गांव निवासी संतोष सिंह ने अपनी पुत्री अंकिता सिंह की शादी वर्ष 2023 में अतरौलिया थाना क्षेत्र के लोहरा गांव निवासी आनंद प्रकाश से की थी। 


मृतका के पिता संतोष सिंह का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही ससुराल पक्ष दहेज में पांच लाख रुपये की मांग करने लगा था। मांग पूरी न होने पर अंकिता को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। इसको लेकर कई बार पारिवारिक स्तर पर सुलह-समझौता भी हुआ, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। परिजनों के अनुसार, शनिवार की सुबह अंकिता ने फोन कर दहेज प्रताड़ना की जानकारी दी थी। इसके बाद शाम को उसके ससुर दानबहादुर ने फोन कर अचानक मौत की सूचना दी। जब मायके पक्ष मौके पर पहुंचा तो अंकिता का शव संदिग्ध अवस्था में पड़ा था और उसका चेहरा काला पड़ चुका था, जिससे परिजनों का शक और गहरा गया। इस संबंध में अतरौलिया थानाध्यक्ष देवेंद्र नाथ दूबे ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।

आजमगढ़ सऊदी अरब में फंसे 161 भारतीय श्रमिक, 3 माह से वेतन और खुराकी बंद कंपनी की लापरवाही से भुखमरी के कगार पर मजदूर, सोशल मीडिया पर लगाई वतन वापसी की गुहार

आजमगढ़ सऊदी अरब में फंसे 161 भारतीय श्रमिक, 3 माह से वेतन और खुराकी बंद



कंपनी की लापरवाही से भुखमरी के कगार पर मजदूर, सोशल मीडिया पर लगाई वतन वापसी की गुहार


उत्तर प्रदेश, आजमगढ़, सऊदी अरब के अबहा शहर में काम कर रहे भारत के 161 श्रमिक बीते तीन माह से गंभीर संकट में फंसे हुए हैं। संबंधित कंपनी द्वारा न तो उन्हें वेतन दिया जा रहा है और न ही खुराकी के लिए एक भी रियाल। हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि बेहतर भविष्य के सपने लेकर विदेश गए ये श्रमिक अब घर से पैसे मंगाकर किसी तरह पेट पालने को मजबूर हैं। दाने-दाने को मोहताज इन श्रमिकों ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर भारत सरकार से सकुशल वतन वापसी की गुहार लगाई है। इस संकट में आजमगढ़ जिले के चार युवक भी शामिल हैं। 


महाराजगंज थाना क्षेत्र के कुढ़ई गांव निवासी जयसिंह साहनी दिसंबर 2024 में सऊदी अरब गए थे। उन्हें अलीसार कंस्ट्रक्शन कंपनी में पेंटिंग का काम मिला था। अनुबंध के अनुसार छह माह तक उन्हें प्रतिमाह 1300 रियाल बेसिक मजदूरी और 300 रियाल खुराकी मिलती रही। लेकिन जैसे ही छह माह पूरे हुए, कंपनी ने 161 भारतीय श्रमिकों का वेतन रोक दिया। मजदूरी को लेकर बार-बार संपर्क करने पर कंपनी द्वारा टालमटोल किया गया। अब तीन माह से श्रमिकों को एक फूटी कौड़ी भी नहीं मिली है। जयसिंह साहनी ने बताया कि उन्होंने अपनी समस्या को लेकर सऊदी अरब के लेबर कोर्ट और पुलिस थाने के चक्कर लगाए, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। इधर, कुढ़ई गांव में उनकी पत्नी नीलम तीन छोटे बच्चों के साथ पति की सलामती की दुआ कर रही है। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। नीलम ने बताया कि पति से मोबाइल पर बात हो जाती है, लेकिन उनके खाने-पीने के लिए यहां से पैसे भेजने पड़ रहे हैं। उन्होंने सरकार से जल्द पति की सुरक्षित वापसी कराने की मांग की है। 


इसी तरह रौनापार थाना क्षेत्र के गोड़ियाना अराजी देवारा नैनीजोर गांव निवासी योगेंद्र साहनी भी रोजी-रोटी की तलाश में सऊदी अरब गए थे, लेकिन चार माह बाद ही कंपनी में काम बंद हो जाने से वह कई महीनों से बेरोजगार हैं। घर पर उनके पिता रामवचन साहनी, माता किसवा देवी और अन्य परिजन रहते हैं। मां किसवा देवी ने बताया कि योगेंद्र तेरह माह से सऊदी में है, लेकिन केवल चार माह ही काम मिला। हाल ही में खाने-पीने के खर्च के लिए परिवार ने 5000 रुपये भेजे हैं। 


सुरहन मार्टीनगंज निवासी घनश्याम राजभर वर्ष 2023 में सऊदी अरब गए थे। उनकी पत्नी सविता ने बताया कि दो वर्षों से पति विदेश में फंसे हैं और घर पर दो बच्चियों की जिम्मेदारी उन पर है। 


वहीं बनगांव मार्टीनगंज निवासी सोनू बीते छह वर्षों से सऊदी अरब में रह रहे हैं। उनके परिवार में पत्नी सरिता देवी, मां दुर्गावती और तीन बच्चियां हैं। परिजनों ने बताया कि हाल ही में सोनू से बातचीत हुई है, लेकिन हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। विदेश में फंसे श्रमिकों और उनके परिजनों ने भारत सरकार से जल्द हस्तक्षेप कर सभी श्रमिकों की सुरक्षित स्वदेश वापसी और बकाया वेतन दिलाने की मांग की है।

 

वाराणसी गेस्ट हाउस की आड़ में देह व्यापार का भंडाफोड़ एसओजी और पुलिस की संयुक्त छापेमारी, 3 युवतियां, ग्राहक व मैनेजर गिरफ्तार चौकी से महज 400 मीटर की दूरी पर देह व्यापार, पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल


 वाराणसी गेस्ट हाउस की आड़ में देह व्यापार का भंडाफोड़


एसओजी और पुलिस की संयुक्त छापेमारी, 3 युवतियां, ग्राहक व मैनेजर गिरफ्तार


चौकी से महज 400 मीटर की दूरी पर देह व्यापार, पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल



उत्तर प्रदेश के वाराणसी में एसओजी और भेलूपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में देह व्यापार के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। त्रिदेव मंदिर के ठीक सामने स्थित विजय लक्ष्मी पेइंग गेस्ट हाउस में तस्दीक के बाद पुलिस टीम ने छापेमारी कर एक कमरे से तीन युवतियों और एक ग्राहक को पकड़ा। इसके साथ ही गेस्ट हाउस के मैनेजर को भी हिरासत में लिया गया है। सभी को भेलूपुर थाने लाकर पूछताछ की जा रही है। एसीपी अपूर्व पांडेय ने बताया कि पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के हेल्पलाइन नंबर पर अज्ञात कॉलर द्वारा गेस्ट हाउस में अनैतिक देह व्यापार की सूचना दी गई थी।


 सूचना के आधार पर सादी वर्दी में एसओजी-2 की टीम ने मौके पर पहुंचकर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान छह मोबाइल फोन, आपत्तिजनक सामग्री और 30 हजार रुपये नकद बरामद किए गए। पुलिस जांच में सामने आया है कि पकड़ी गई तीनों युवतियां पश्चिम बंगाल के कोलकाता की रहने वाली हैं, जिन्हें पांच दिन पहले बनारस लाया गया था। पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि ग्राहकों से मोबाइल फोन के जरिए संपर्क किया जाता था। व्हाट्सएप कॉल और मैसेजिंग के माध्यम से सौदे तय किए जाते थे, ताकि किसी प्रकार का रिकॉर्ड न रहे। इसके बाद ग्राहकों को सीधे गेस्ट हाउस भेजा जाता था। जांच में यह भी पाया गया कि विजय लक्ष्मी पेइंग गेस्ट हाउस में न तो कोई नियमित रजिस्टर रखा जाता था और न ही ठहरने वालों का सत्यापन कराया जाता था। इससे स्पष्ट है कि गेस्ट हाउस संचालक की जानकारी में ही यह अवैध गतिविधि लंबे समय से चल रही थी। 


दुर्गाकुंड चौकी से महज लगभग 400 मीटर की दूरी पर इस तरह का देह व्यापार का रैकेट संचालित होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गेस्ट हाउस में लंबे समय से संदिग्ध लोगों की आवाजाही देखी जा रही थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है और उम्मीद जताई जा रही है कि पूछताछ में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।