Monday, 26 October 2026

आजमगढ़ चर्चित दोहरे हत्याकांड में बड़ा फैसला, ब्लॉक प्रमुख समेत 9 दोषी करार दशहरे के दिन हुई थी पारसनाथ सिंह और तालुकदार सिंह की हत्या, 29 अक्टूबर को अदालत सुनाएगी सजा

आजमगढ़ चर्चित दोहरे हत्याकांड में बड़ा फैसला, ब्लॉक प्रमुख समेत 9 दोषी करार


दशहरे के दिन हुई थी पारसनाथ सिंह और तालुकदार सिंह की हत्या, 29 अक्टूबर को अदालत सुनाएगी सजा


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के रानी की सराय थाना क्षेत्र के रुद्री गांव में वर्ष 2007 में दशहरे के दिन हुए चर्चित दोहरे हत्याकांड में अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। लंबे समय से चल रहे इस मुकदमे में रानी की सराय के ब्लॉक प्रमुख विपिन सिंह समेत नौ आरोपियों को दोषी करार दिया गया है। अदालत ने दोषियों की सजा पर सुनवाई के लिए 29 अक्टूबर 2026 की तारीख निर्धारित की है। फैसले के बाद पुलिस ने दोषियों को हिरासत में लेकर मंडलीय कारागार, इटौरा भेज दिया।


मामला 21 अक्टूबर 2007 का है, जब दशहरे के दिन रुद्री गांव में दिनदहाड़े पारसनाथ सिंह और तालुकदार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात में कई अन्य लोग भी घायल हुए थे। घटना के बाद इलाके में काफी चर्चा हुई थी और मुकदमे की सुनवाई लंबे समय तक चली।


वादी पक्ष के अधिवक्ता विंध्यवासिनी सिंह के अनुसार, घटना की पृष्ठभूमि गांव में वर्चस्व की लड़ाई और मां-बदाई से जुड़े विवाद से संबंधित थी। आरोप था कि हथियारों से लैस हमलावरों ने लाइसेंसी राइफल, पिस्टल और अन्य असलहों का इस्तेमाल करते हुए पारसनाथ सिंह और तालुकदार सिंह को निशाना बनाया था। गोली लगने से दोनों की मौत हो गई थी, जबकि अन्य लोग घायल हुए थे।


इस मामले में विपिन सिंह के अलावा राजेश सिंह, बलवंत सिंह, रणजीत सिंह, पंकज सिंह, राधेश्याम सिंह, लोकनाथ सिंह, जीवनप्रकाश सिंह और शिवदास सिंह को भी दोषी करार दिया गया है।

वादी पक्ष के अधिवक्ता ने बताया कि मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 17 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। उनके मुताबिक, मुकदमे की कार्यवाही लंबे समय तक चली और विभिन्न कानूनी प्रक्रियाओं के बीच सुनवाई जारी रही। अंततः अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर नौ आरोपियों को दोषी ठहराया।


अदालत के फैसले के बाद दोषियों को हिरासत में लेने के लिए पुलिस सक्रिय हो गई। शहर कोतवाल यादवेंद्र पांडेय के नेतृत्व में पहुंची पुलिस टीम ने सभी दोषियों को हिरासत में लिया। इसके बाद उन्हें पुलिस वैन से इटौरा स्थित मंडलीय कारागार भेज दिया गया। फैसले के दौरान अदालत परिसर में दोनों पक्षों के लोगों और अन्य नागरिकों की भीड़ जुटी रही। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस सतर्क रही।


इस प्रकरण से जुड़े एक क्रॉस केस में दूसरे पक्ष के पांच लोगों को भी दोषी करार दिए जाने की जानकारी सामने आई है। वादी पक्ष के अधिवक्ता के अनुसार, उस मामले में अपेक्षाकृत हल्की धाराओं में आरोप दर्ज किए गए थे। दोनों मामलों में सजा का निर्धारण संबंधित धाराओं, साक्ष्यों और अदालत के आदेश के आधार पर होगा।

फिलहाल, इस बहुचर्चित मामले में दोषसिद्धि के बाद अब सबकी निगाहें 29 अक्टूबर 2026 को होने वाली सजा पर सुनवाई पर टिकी हैं। करीब 19 साल पुराने इस मुकदमे में अदालत के फैसले को क्षेत्र में महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।

 

आजमगढ़ सिधारी बेटे की हत्या के मामले में आरोपी पक्ष से रंजिश का आरोप गर्दन और सिर पर वार कर जान लेने की कोशिश का दावा दुकान से घर जाते समय हुई घटना, पीड़ित की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज

आजमगढ़ सिधारी बेटे की हत्या के मामले में आरोपी पक्ष से रंजिश का आरोप


गर्दन और सिर पर वार कर जान लेने की कोशिश का दावा


दुकान से घर जाते समय हुई घटना, पीड़ित की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के सिधारी थाना क्षेत्र के रामलीला मैदान के पास बेटे की हत्या के मामले में चल रही रंजिश को लेकर एक व्यक्ति पर चाकू से हमला करने का आरोप लगा है। पीड़ित की तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पीड़ित ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि आरोपी कई दिनों से उसकी रेकी कर रहा था और उसे जान से मारने की फिराक में था। घटना के बाद पीड़ित ने अपनी जान को खतरा बताते हुए पुलिस से सुरक्षा और उचित कार्रवाई की मांग की है।


प्राप्त तहरीर के अनुसार, रामलीला मैदान, सिधारी निवासी शाहेबे आलम पुत्र सरफराज अहमद के बेटे की सितंबर 2025 में हत्या हुई थी। इस मामले में अभियुक्तगण जेल में बंद हैं। पीड़ित का आरोप है कि इसी घटना को लेकर संदीप निगम पुत्र राजू प्रसाद निगम, निवासी रामलीला मैदान, सिधारी उससे रंजिश रखता है। शाहेबे आलम का कहना है कि आरोपी पिछले कई दिनों से उसका पीछा कर रहा था और उसे नुकसान पहुंचाने की फिराक में था।


पीड़ित के मुताबिक, 24 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 6:30 बजे वह अपनी दुकान से उठकर घर पर चाय पीने जा रहा था। इसी दौरान आरोप है कि संदीप निगम अपने घर के पीछे स्थित गली में चाकू लेकर छिपा हुआ था। जैसे ही वह वहां पहुंचा, आरोपी ने उसे दौड़ा लिया और गाली-गलौज करते हुए जमीन पर गिरा दिया। शाहेबे आलम ने तहरीर में आरोप लगाया है कि आरोपी ने जान से मारने की नीयत से उसकी गर्दन और सिर पर चाकू से वार किए। हालांकि, वह संयोगवश बच गया। घटना के बाद पीड़ित ने थाने पहुंचकर पुलिस को मामले की जानकारी दी और आरोपी से अपनी जान को खतरा जताया। पीड़ित ने पुलिस से आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। मामले में 25 अक्टूबर 2026 को दी गई तहरीर के आधार पर सिधारी थाने में आरोपी संदीप निगम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है। फिलहाल, घटना के संबंध में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के आधार पर ही होगी।

 

आजमगढ़ गम्भीरपुर पुलिस मुठभेड़, गोकशी के आरोप में 2 सगे भाई गिरफ्तार, एक के पैर में लगी गोली 10 किलो प्रतिबंधित मांस, अवशेष, चापड़ और अवैध तमंचा बरामद गिरफ्तार सलमान पर पहले भी गोवध निवारण अधिनियम और गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज हैं मुकदमे


 आजमगढ़ गम्भीरपुर पुलिस मुठभेड़, गोकशी के आरोप में 2 सगे भाई गिरफ्तार, एक के पैर में लगी गोली


10 किलो प्रतिबंधित मांस, अवशेष, चापड़ और अवैध तमंचा बरामद


गिरफ्तार सलमान पर पहले भी गोवध निवारण अधिनियम और गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज हैं मुकदमे



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के गम्भीरपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गोकशी में संलिप्त होने के आरोप में दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग करने वाले आरोपी जमील के बाएं पैर में गोली लगी। घायल आरोपी को उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मुहम्मदपुर भेजा गया। गिरफ्तार दूसरे आरोपी की पहचान सलमान के रूप में हुई है। 


पुलिस के अनुसार, 25 अक्टूबर 2026 की रात थानाध्यक्ष अमित कुमार त्रिपाठी पुलिस टीम के साथ संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान सूचना मिली कि ग्राम सरसेना खालसा के कुछ लोग प्रतिबंधित पशु का वध कर मांस बेचने के बाद उसके अवशेष मोटरसाइकिल से कहीं ले जा रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने खराटी से आवक मोड़ के पास घेराबंदी की। इसी दौरान मोटरसाइकिल से जा रहे दो संदिग्ध पुलिस को देखकर भागने लगे। पुलिस के रोकने पर आरोपियों ने कथित तौर पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें जमील घायल हो गया। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। 


पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 10 किलोग्राम प्रतिबंधित पशु का मांस, एक प्रतिबंधित पशु के अवशेष, लोहे का चापड़, एक मोटरसाइकिल और .315 बोर का अवैध तमंचा बरामद किया गया है। इसके अलावा .315 बोर के दो खोखा कारतूस और एक मिस कारतूस भी मिला है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर छुट्टा प्रतिबंधित पशुओं को पकड़ने, सुनसान स्थानों पर उनका वध करने और मांस बेचने की बात स्वीकार की है। 


पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने बताया कि मांस की बिक्री से प्राप्त रकम आपस में बांट लेते थे और इसी धन से अवैध असलहा खरीदते थे, ताकि विरोध होने पर लोगों को डराकर भाग सकें। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जमील पुत्र स्वर्गीय मोबिन, उम्र लगभग 42 वर्ष, और सलमान पुत्र स्वर्गीय मोबिन, उम्र लगभग 30 वर्ष, निवासी लहबरिया सरसेना खालसा, थाना गम्भीरपुर, आजमगढ़ के रूप में हुई है। 


पुलिस के अनुसार, सलमान के खिलाफ वर्ष 2017 में गोवध निवारण अधिनियम और वर्ष 2018 में गैंगस्टर एक्ट के तहत भी मुकदमे दर्ज हैं। इस मामले में थाना गम्भीरपुर में मुकदमा अपराध संख्या 255/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता, गोवध निवारण अधिनियम और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है। पुलिस आरोपियों के अन्य साथियों की संलिप्तता की जांच कर रही है और मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है। इस कार्रवाई में थानाध्यक्ष अमित कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में उपनिरीक्षक अश्वनी कुमार मिश्रा, योगेश सरोज, वीरेंद्र कुमार यादव समेत थाना गम्भीरपुर की पुलिस टीम शामिल रही।

Saturday, 24 October 2026

आजमगढ़ में 6 घंटे गुल रहेगी बिजली, कई मोहल्लों की आपूर्ति रहेगी बाधित सड़क चौड़ीकरण के लिए विद्युत पोल शिफ्टिंग का कार्य, रविवार सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक बंद रहेगी बिजली


 आजमगढ़ में 6 घंटे गुल रहेगी बिजली, कई मोहल्लों की आपूर्ति रहेगी बाधित



सड़क चौड़ीकरण के लिए विद्युत पोल शिफ्टिंग का कार्य, रविवार सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक बंद रहेगी बिजली


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के शहर में नरौली बस स्टैंड से बवाली मोड़ के बीच सड़क चौड़ीकरण के कार्य के तहत विद्युत पोल शिफ्टिंग की जाएगी। इसके चलते रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र पुरानी जेल से होने वाली बिजली आपूर्ति छह घंटे तक बाधित रहेगी। विद्युत विभाग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, रविवार सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रखी जाएगी। इस दौरान लालडिग्गी, हरवंशपुर और डीएम ऑफिस फीडरों से जुड़े क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति प्रभावित रहेगी। बिजली कटौती से मातबरगंज, रोडवेज, कुर्मी टोला, गुरु टोला, लालडिग्गी, सदावर्ती, पुरानी सब्जी मंडी, अनन्तपुरा, कटरा, कोलघाट, कोलबाज बहादुर, मड़या जयरामपुर और सिविल लाइन समेत कई अन्य मोहल्लों के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।


 विद्युत वितरण खंड आजमगढ़ के अधिशासी अभियंता ने बताया कि सड़क चौड़ीकरण के लिए विद्युत पोल शिफ्टिंग का कार्य निर्धारित समय में पूरा किया जाएगा। इस कार्य के चलते संबंधित क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बाधित रहेगी। ऐसे में विद्युत विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों के उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे निर्धारित समय को ध्यान में रखते हुए बिजली से संबंधित आवश्यक कार्य पहले ही निपटा लें।

आजमगढ़ बेलइसा मंडी में अतिक्रमण पर चला बुलडोजर, 20 दुकानों के आसपास से हटाया गया अवैध कब्जा लंबे समय से जाम की समस्या से जूझ रहे थे व्यापारी और खरीदार, मंडी प्रशासन की कार्रवाई से मचा हड़कंप


 आजमगढ़ बेलइसा मंडी में अतिक्रमण पर चला बुलडोजर, 20 दुकानों के आसपास से हटाया गया अवैध कब्जा


लंबे समय से जाम की समस्या से जूझ रहे थे व्यापारी और खरीदार, मंडी प्रशासन की कार्रवाई से मचा हड़कंप



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले मे मंडी समिति बेलइसा में शनिवार को अतिक्रमण के खिलाफ मंडी प्रशासन ने अभियान चलाया। इस दौरान बुलडोजर की मदद से करीब 20 दुकानों के आसपास किए गए अतिक्रमण को हटाया गया। मंडी प्रशासन की इस कार्रवाई से परिसर में हड़कंप मच गया। 


लंबे समय से अतिक्रमण के कारण मंडी में आवागमन प्रभावित हो रहा था, जिससे व्यापारियों के साथ ही खरीदारी के लिए आने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता था। बेलइसा मंडी जिले की प्रमुख मंडियों में शामिल है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में व्यापारी, किसान, खरीदार और अन्य लोग पहुंचते हैं। मंडी परिसर में दुकानों के आसपास लंबे समय से अतिक्रमण किए जाने के कारण रास्ते संकरे हो गए थे। इससे मंडी में वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती थी और आए दिन जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती थी। व्यस्त समय में लोगों को निकलने में काफी परेशानी होती थी। अतिक्रमण के कारण व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही थीं। मंडी परिसर में अतिक्रमण की समस्या को लेकर व्यापारी लंबे समय से परेशान थे। व्यापारियों की ओर से कई बार संबंधित विभाग से शिकायत कर अवैध कब्जे हटाने की मांग की गई थी।


 उनका कहना था कि दुकानों के आसपास सामान फैलाने और जगह घेरने के कारण आवागमन में बाधा उत्पन्न होती है। इससे मंडी में आने वाले वाहनों को निकलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल पाती थी। व्यापारियों की शिकायतों के बाद विभाग की ओर से अतिक्रमण करने वालों को नोटिस भी जारी किए गए थे, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा था। नोटिस जारी होने के बाद मामला कुछ समय के लिए शांत हो जाता था, लेकिन अतिक्रमण की समस्या बनी रहती थी। ऐसे में मंडी प्रशासन की ओर से शनिवार को अतिक्रमण हटाने के लिए कार्रवाई शुरू की गई। शनिवार को मंडी सचिव शिव मंगल यादव के नेतृत्व में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। बुलडोजर की मदद से दुकानों के आसपास किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाया गया। करीब 20 दुकानों के आसपास से अतिक्रमण हटाए जाने की कार्रवाई हुई। बुलडोजर चलते ही मंडी परिसर में हलचल बढ़ गई और लोगों की भीड़ जुटने लगी। कार्रवाई के दौरान मंडी प्रशासन ने दुकानों के आसपास घिरी जगह को खाली कराया। 


अचानक शुरू हुई इस कार्रवाई से अतिक्रमण करने वालों में हड़कंप मचा रहा। लंबे समय से चली आ रही समस्या के बीच प्रशासन की इस पहल को मंडी में आवागमन सुचारु बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मंडी परिसर में अतिक्रमण हटाए जाने से व्यापारियों और खरीदारों को जाम की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। रास्तों के आसपास से अवरोध हटने पर वाहनों की आवाजाही आसान हो सकती है और मंडी में आने वाले लोगों को भी सहूलियत मिलेगी। हालांकि, समस्या का स्थायी समाधान तभी संभव होगा, जब अतिक्रमण दोबारा न होने दिया जाए और मंडी परिसर में व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियमित निगरानी की जाए। मंडी प्रशासन की इस कार्रवाई के दौरान सभानंद तिवारी, अरविंद सिंह, राजेश सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

Friday, 23 October 2026

आजमगढ़ निजामाबाद फर्जी दस्तावेजों से शस्त्र लाइसेंस हासिल करने के आरोप में 3 लाइसेंस निलंबित जिलाधिकारी के आदेश पर हुई कार्रवाई, 2 पिस्टल/राइफल और एक रिवाल्वर शामिल


 आजमगढ़ निजामाबाद फर्जी दस्तावेजों से शस्त्र लाइसेंस हासिल करने के आरोप में 3 लाइसेंस निलंबित



जिलाधिकारी के आदेश पर हुई कार्रवाई, 2 पिस्टल/राइफल और एक रिवाल्वर शामिल


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले मे फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर शस्त्र लाइसेंस प्राप्त करने और अन्य सरकारी लाभ हासिल करने के आरोपों के मामले में जिला प्रशासन ने कार्रवाई की है। जिलाधिकारी आजमगढ़ के आदेश पर तीन शस्त्र लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं। इनमें मिर्जा अयाज बेग के दो और मो. इबराक खान का एक शस्त्र लाइसेंस शामिल है। संबंधित हथियारों को पुलिस अभिरक्षा में रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में थाना निजामाबाद क्षेत्र से जुड़े इस प्रकरण में कार्रवाई की गई। आरोप है कि संबंधित व्यक्तियों ने आपस में षड्यंत्र कर फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेज तैयार किए और उनका इस्तेमाल शस्त्र लाइसेंस प्राप्त करने के लिए किया। इसके अतिरिक्त, फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से अन्य सरकारी लाभ हासिल करने के आरोप में भी मुकदमा दर्ज किया गया है।


प्रकरण की गंभीरता और लोक शांति एवं लोक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रभारी निरीक्षक थाना निजामाबाद की रिपोर्ट पर क्षेत्राधिकारी सदर, अपर पुलिस अधीक्षक नगर और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की संस्तुति के बाद जिलाधिकारी ने 16 अक्टूबर 2026 को आदेश पारित किए। इन आदेशों के तहत तीनों शस्त्र लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।


निलंबित लाइसेंसों में मिर्जापुर, थाना निजामाबाद निवासी स्वर्गीय मिनहाज के पुत्र मिर्जा अयाज बेग की .32 बोर पिस्टल और .315 बोर राइफल का लाइसेंस शामिल है। वहीं, इसी गांव के निवासी इमदाद खान के पुत्र मो. इबराक खान, जिनका वर्तमान पता मुंबई के ओशिवारा थाना क्षेत्र अंतर्गत पाटलिपुत्र बताया गया है, का .32 बोर रिवाल्वर लाइसेंस भी निलंबित किया गया है।


पुलिस के मुताबिक, थाना निजामाबाद में मुकदमा संख्या 177/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में अभियोग पंजीकृत है। इस मामले में मिर्जा अयाज बेग के विरुद्ध धारा 61(2) बीएनएस के अंतर्गत आरोप-पत्र दाखिल किया जा चुका है। वहीं, मुकदमा संख्या 245/2026 में फर्जी दस्तावेज तैयार करने, उनका इस्तेमाल कर शस्त्र लाइसेंस प्राप्त करने तथा अन्य सरकारी लाभ हासिल करने के आरोपों की जांच की जा रही है। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता और आयुध अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत अभियोग दर्ज है तथा विवेचना प्रचलित है। जिलाधिकारी के आदेशों के अनुपालन में थाना निजामाबाद के प्रभारी निरीक्षक को संबंधित हथियार पुलिस अभिरक्षा में रखने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

आजमगढ़ देवगांव अवैध तमंचा और कारतूस के साथ सुल्तानपुर का युवक गिरफ्तार चोरी, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट समेत 6 मुकदमे दर्ज


 आजमगढ़ देवगांव अवैध तमंचा और कारतूस के साथ सुल्तानपुर का युवक गिरफ्तार



चोरी, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट समेत 6 मुकदमे दर्ज


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के देवगांव थाना क्षेत्र में पुलिस ने शुक्रवार को वाहन चेकिंग के दौरान एक युवक को अवैध तमंचा और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान सुल्तानपुर जनपद के चांदा थाना क्षेत्र के रजवाड़े रामपुर निवासी अकरम पुत्र मोहम्मद निसार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, अभियुक्त के खिलाफ सुल्तानपुर में चोरी, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट समेत पूर्व में कई मुकदमे दर्ज हैं।


 पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 23 अक्टूबर 2026 को उपनिरीक्षक रविन्द्रनाथ पाण्डेय, चौकी प्रभारी लालगंज, पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में गश्त और चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि कबाड़ का काम करने वाला एक व्यक्ति पिकअप वाहन से गंभीरपुर की तरफ से अवैध असलहा लेकर मेहनगर की ओर जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने बेसो नदी पुलिया के पास वाहन चेकिंग शुरू की। इसी दौरान संदिग्ध पिकअप सवार पुलिस को देखकर वाहन रोककर भागने का प्रयास करने लगा। पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे मौके पर पकड़ लिया। तलाशी के दौरान अभियुक्त के कब्जे से .315 बोर का एक देशी तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। इस मामले में देवगांव थाने में मु0अ0सं0 366/2026 संबंधित धारा के तहत दर्ज किया गया है।


 पुलिस के मुताबिक, अभियुक्त के खिलाफ थाना चांदा, जनपद सुल्तानपुर में चोरी से संबंधित दो मुकदमे, आर्म्स एक्ट का एक मुकदमा, धारा 401 भादवि के तहत एक मुकदमा और उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एक्ट के तहत एक मुकदमा दर्ज है। देवगांव में दर्ज नया मुकदमा मिलाकर प्रेस नोट में उसके विरुद्ध कुल छह अभियोगों का उल्लेख किया गया है। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक रविन्द्रनाथ पाण्डेय, कांस्टेबल अवधेश कुशवाहा, कांस्टेबल सूर्यकान्त तिवारी और कांस्टेबल नीरज चौरसिया शामिल रहे।