आजमगढ़ रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध मानव तस्करी का खुलासा, 3 युवक हिरासत में, 2 युवतियां सकुशल बरामद
पहचान छिपाकर दिल्ली ले जाने की आशंका, पुलिस कर रही गहन जांच
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में पुलिस ने धोखाधड़ी और पहचान छिपाकर युवतियों को ले जाने के एक गंभीर मामले का खुलासा किया है। इस प्रकरण में पुलिस ने तीन युवकों को हिरासत में लिया है, जबकि दो युवतियों को सकुशल बरामद कर उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। मंगलवार को कैफियात एक्सप्रेस से दिल्ली जा रहे तीन युवकों और दो युवतियों को आजमगढ़ रेलवे स्टेशन पर रोका गया। बजरंग दल के पदाधिकारियों ने मानव तस्करी की आशंका जताते हुए इसकी सूचना तत्काल जीआरपी और सिधारी थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सभी को हिरासत में लेकर थाने पर पूछताछ की। पूछताछ के बाद दोनों युवतियों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया, जबकि तीनों युवक अभी पुलिस हिरासत में हैं।
बताया जा रहा है कि युवक और युवतियां अलग-अलग समुदाय से संबंधित हैं। बजरंग दल के जिला सह संयोजक शिवम सिंह ने दावा किया कि उन्हें प्रांत स्तर से सूचना मिली थी कि दो हिंदू युवतियों को कथित रूप से दिल्ली ले जाकर बेचने की साजिश रची जा रही है। इसी आधार पर संगठन के कार्यकर्ता रेलवे स्टेशन पर निगरानी कर रहे थे। वहीं, विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष अमित गुप्ता ने कहा कि पुलिस के सहयोग से की गई कार्रवाई में युवतियों को सुरक्षित बचाया गया है और मामले की जांच जारी है।
पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ0 अनिल कुमार के अनुसार, सूचना मिली थी कि कुछ युवक अपनी असली पहचान छिपाकर धोखाधड़ी के जरिए युवतियों को कहीं ले जाने की फिराक में हैं। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों युवकों को पकड़ लिया और युवतियों को सुरक्षित बरामद किया। एसपी ने बताया कि युवतियां प्रथम दृष्टया बालिग प्रतीत हो रही हैं, हालांकि उनकी उम्र और पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों का वास्तविक उद्देश्य क्या था और क्या इसके पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय है। यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।






