Wednesday, 4 November 2026

आजमगढ़ मुबारकपुर, बाइक पर मिला प्रॉपर्टी डीलर का खून से लथपथ शव भूमि विवाद में लोहे की रॉड से हमला करने का आरोप


 आजमगढ़ मुबारकपुर, बाइक पर मिला प्रॉपर्टी डीलर का खून से लथपथ शव


भूमि विवाद में लोहे की रॉड से हमला करने का आरोप



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के मुबारकपुर थाना क्षेत्र के बिजरवा गांव के पास आजमगढ़-गोरखपुर मुख्य मार्ग पर मंगलवार की रात बाइक पर एक युवक का खून से लथपथ शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान बिजरवा गांव निवासी 35 वर्षीय मुकेश यादव के रूप में हुई है। वह प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते थे। परिजनों ने भूमि विवाद को लेकर हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।


 मृतक के भाई अरविंद यादव के अनुसार, गांव के कुछ लोगों से परिवार का काफी समय से भूमि विवाद चल रहा था। इस मामले के निस्तारण के लिए मुकेश ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर आॅनलाइन शिकायत भी दर्ज कराई थी। मंगलवार की रात अरविंद अपने भाई मुकेश और शैलेश के साथ बिजरवा स्थित पुराने मकान पर बैठकर बातचीत कर रहे थे। कुछ देर बाद मुकेश बाइक से नए मकान के लिए निकले। आरोप है कि बिजरवा पूर्वांचल एक्सप्रेसवे अंडरपास के पास पहुंचते ही विपक्षियों ने उन पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। हमले के दौरान मुकेश ने शोर मचाया तो आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। राहगीरों से घटना की जानकारी मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और घायल मुकेश को आनन-फानन जिला अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना पर डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची। मृतक के भाई ने हत्या में शामिल लोगों के खिलाफ तहरीर दी है।


 घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मुबारकपुर थानाध्यक्ष ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मृतक के भाई की तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच में मिले तथ्यों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

आजमगढ़ कोतवाली, 50 हजार रुपये का इनामी अपराधी गिरफ्तार 18 साल से पुलिस को दे रहा था चकमा, दीपावली पर मुंबई से आते ही आया पुलिस की चंगुल में, न्यायालय में पेशी के दौरान हुआ था फरार


 आजमगढ़ कोतवाली, 50 हजार रुपये का इनामी अपराधी गिरफ्तार


18 साल से पुलिस को दे रहा था चकमा, दीपावली पर मुंबई से आते ही आया पुलिस की चंगुल में, न्यायालय में पेशी के दौरान हुआ था फरार


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद की कोतवाली पुलिस ने 18 साल से फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी अभियुक्त को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। एनडीपीएस एक्ट के मुकदमे में जेल में बंद रहने के दौरान वर्ष 2008 में न्यायालय में पेशी के लिए ले जाते समय पुलिस अभिरक्षा से फरार हुआ अभियुक्त दीपावली के त्योहार पर मुंबई से आजमगढ़ पहुंचा था। इसी दौरान पुलिस ने उसे मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार कर लिया।


पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त राकेश पाण्डेय उर्फ राजू (45) पुत्र रामानन्द पाण्डेय, निवासी खुरशु, थाना देवगांव, आजमगढ़ का रहने वाला है। उसके खिलाफ वर्ष 2004 में देवगांव थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मामले में गिरफ्तारी के बाद वह जिला कारागार आजमगढ़ में विचाराधीन बंदी था।


बताया जाता है कि 29 अप्रैल 2008 को न्यायालय में पेशी के दौरान राकेश पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया था। इसके बाद थाना कोतवाली में उसके खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 504/2008, धारा 223/224 भादवि के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। काफी समय तक गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस उपमहानिरीक्षक, आजमगढ़ परिक्षेत्र की ओर से उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।


बुधवार, 4 नवंबर 2026 को प्रभारी निरीक्षक यादवेन्द्र पाण्डेय और उपनिरीक्षक सौरभ त्रिपाठी पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में मौजूद थे। इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने प्राइवेट बस अड्डे से दोपहर करीब 2:30 बजे इनामी अभियुक्त राकेश पाण्डेय उर्फ राजू को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि वर्ष 2008 में पुलिस अभिरक्षा से फरार होने के बाद वह लगातार अपना ठिकाना बदलता रहा। बाद में वह मुंबई चला गया और वहां किराये के मकान में रहने लगा। दीपावली के त्योहार पर मुंबई से आजमगढ़ आने के दौरान पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। अभियुक्त ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए आगे की बात अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में रखने की बात कही।

इस गिरफ्तारी में प्रभारी निरीक्षक यादवेन्द्र पाण्डेय, उपनिरीक्षक सौरभ त्रिपाठी, कांस्टेबल मनीष, अखिलेश कुशवाहा और महिला कांस्टेबल प्रियंका सिंह सहित पुलिस टीम शामिल रही। साथ ही चोरी अनावरण टीम और सर्विलांस टीम ने भी सहयोग किया। पुलिस के अनुसार अभियुक्त के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।

आजमगढ़ गंभीरपुर एडीजी के आने की सूचना पर थाने पहुंचे सैकड़ों ग्रामीण शाहरुख हत्याकांड, पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हत्यारों की गिरफ्तारी की उठाई मांग


 आजमगढ़ गंभीरपुर एडीजी के आने की सूचना पर थाने पहुंचे सैकड़ों ग्रामीण


शाहरुख हत्याकांड, पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हत्यारों की गिरफ्तारी की उठाई मांग


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के गंभीरपुर थाना क्षेत्र के गौरी गांव की नट बस्ती निवासी 30 वर्षीय शाहरुख खान हत्याकांड का एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी पुलिस खुलासा नहीं कर सकी है। हत्यारों की गिरफ्तारी और हत्या की वजह सामने न आने से मृतक के परिजनों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को वाराणसी जोन के एडीजी नवीन अरोड़ा के गंभीरपुर थाने में निरीक्षण की सूचना पर सैकड़ों की संख्या में महिला और पुरुष थाने पहुंच गए। परिजनों को उम्मीद थी कि एडीजी से मुलाकात कर वे अपनी पीड़ा और पुलिस की कथित लापरवाही से अवगत कराएंगे, लेकिन कार्यक्रम निरस्त होने की सूचना मिलने पर उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा।


मृतक के परिजनों ने गंभीरपुर पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि शाहरुख के लापता होने की सूचना घटना से एक दिन पहले ही डायल 112 और थाने पर दी गई थी। परिजन थाने पहुंचकर तहरीर भी दे चुके थे और शाहरुख को खोजने की गुहार लगाई थी। इसके बावजूद पुलिस ने समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की। परिजनों का कहना है कि यदि पुलिस उसी समय सक्रियता दिखाती तो शायद शाहरुख की जान बचाई जा सकती थी।


गौरतलब है कि गौरी गांव निवासी मुस्तफा के पुत्र शाहरुख खान बोलने में असमर्थ थे और पाव रोटी बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। बीते 27 तारीख की शाम वह घर नहीं लौटे। परिजनों ने उनकी काफी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। अगले दिन 28 तारीख की सुबह गांव की नट बस्ती के पास बहा में उनका गला रेता हुआ शव बरामद हुआ। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई थी। आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया था और थाने का घेराव करते हुए आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की थी।


हत्याकांड की जांच में घटनास्थल से मिले साक्ष्य भी अहम माने जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि शाहरुख के बाएं हाथ की बंद मुट्ठी में कुछ बाल मिले थे। इसके अलावा घटनास्थल से बरामद धारदार हथियार और मृतक के गले में मिला दुपट्टा भी जांच के दायरे में है। पुलिस की फोरेंसिक टीम इन साक्ष्यों की जांच कर रही है। हालांकि, वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जाने के बावजूद अब तक पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है।


इस बीच सूत्रों के हवाले से बेकरी मालिक अरशद और नदीम गनी समेत करीब आधा दर्जन लोगों से पूछताछ किए जाने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि पुलिस घटना के बाद से गौरी गांव और नट बस्ती के सैकड़ों लोगों से पूछताछ कर चुकी है। परिजनों का दावा है कि करीब एक दर्जन लोगों से हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही थी। हालांकि, पुलिस ने किसी की गिरफ्तारी अथवा हिरासत में लिए जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पूछताछ के दायरे में आए लोगों की हत्याकांड में संलिप्तता भी अभी प्रमाणित नहीं हुई है।


परिजनों का आरोप है कि घटना के शुरुआती चार दिनों तक पुलिस परिवार के सदस्यों से ही पूछताछ करती रही। उनका सवाल है कि जब घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं और कई लोगों से पूछताछ भी हो रही है, तो आखिर हत्यारों तक पुलिस क्यों नहीं पहुंच पा रही है?


बुधवार को एडीजी के निरीक्षण कार्यक्रम की जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण थाने पहुंचे थे। उन्हें उम्मीद थी कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के सामने अपनी बात रखने से जांच में तेजी आएगी और हत्याकांड का जल्द पर्दाफाश होगा। लेकिन कार्यक्रम निरस्त होने की सूचना ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।


फिलहाल शाहरुख हत्याकांड की गुत्थी सुलझाना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। एक सप्ताह गुजरने के बाद भी हत्या की वजह और आरोपियों का पता नहीं चल सका है। वहीं, पीड़ित परिवार अब पुलिस के आश्वासनों से संतुष्ट नहीं है। परिजनों की मांग है कि निष्पक्ष जांच कर जल्द से जल्द हत्याकांड का खुलासा किया जाए और दोषियों को गिरफ्तार कर उन्हें कड़ी सजा दिलाई जाए।

आजमगढ़ कप्तानगंज मानसिक रूप से अस्वस्थ गुमशुदा महिला को पुलिस ने सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंपा पुलिस की मानवीय पहल, पहचान कर परिजनों से कराया संपर्क; महिला के मिलने पर परिवार ने जताया आभार


 आजमगढ़ कप्तानगंज मानसिक रूप से अस्वस्थ गुमशुदा महिला को पुलिस ने सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंपा



पुलिस की मानवीय पहल, पहचान कर परिजनों से कराया संपर्क; महिला के मिलने पर परिवार ने जताया आभार


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के कप्तानगंज थाना पुलिस ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए मानसिक रूप से अस्वस्थ एक गुमशुदा महिला को सकुशल बरामद कर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। पुलिस के इस प्रयास से परेशान परिजनों को बड़ी राहत मिली।


 प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक नवंबर 2026 को आजमगढ़ जनपद की निवासी महिला बिना किसी को बताए घर से कहीं चली गई थी। परिजन उसकी लगातार तलाश कर रहे थे। इसी बीच दो नवंबर की रात 8:53 बजे यूपी-112 पर सूचना मिली कि एक अज्ञात महिला एक घर पहुंची है, जो मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण अपना नाम और पता बताने में असमर्थ है। सूचना मिलते ही पीआरवी 7149 (इवेंट संख्या 25775) के पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर थाना कप्तानगंज पुलिस को जानकारी दी। इसके बाद उपनिरीक्षक रामनिहाल वर्मा, महिला उपनिरीक्षक नेहा पटेल, महिला आरक्षी समीक्षा मौर्य एवं महिला आरक्षी मधु मिश्रा ने मौके पर पहुंचकर महिला को सकुशल थाने लाया। पुलिस टीम ने संवेदनशीलता दिखाते हुए महिला की पहचान और उसके परिजनों का पता लगाने के लिए लगातार प्रयास किया। अथक प्रयासों के बाद महिला की पहचान सुनिश्चित हुई और उसके परिजनों से संपर्क कर उन्हें थाने बुलाया गया। आवश्यक सत्यापन एवं कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद तीन नवंबर 2026 को महिला को सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। लंबे समय से परेशान परिजनों ने महिला के सकुशल मिलने पर आजमगढ़ पुलिस की त्वरित कार्रवाई, संवेदनशीलता और मानवीय प्रयासों की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।

Monday, 2 November 2026

आजमगढ़ एडीजी नवीन अरोड़ा ने किया आजमगढ़ पुलिस का वार्षिक निरीक्षण, अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था की समीक्षा लंबित विवेचनाओं के समयबद्ध निस्तारण और जनशिकायतों को प्राथमिकता देने के निर्देश


 आजमगढ़ एडीजी नवीन अरोड़ा ने किया आजमगढ़ पुलिस का वार्षिक निरीक्षण, अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था की समीक्षा


लंबित विवेचनाओं के समयबद्ध निस्तारण और जनशिकायतों को प्राथमिकता देने के निर्देश


आजमगढ़, अपर पुलिस महानिदेशक, वाराणसी जोन, वाराणसी नवीन अरोड़ा ने सोमवार को जनपद आजमगढ़ का वार्षिक निरीक्षण-2026 किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस कार्यालय की विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण कर अभिलेखों, व्यवस्थाओं और कार्यप्रणाली की समीक्षा की। साथ ही पुलिस अधिकारियों को अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और लंबित मामलों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।


वार्षिक निरीक्षण के दौरान पुलिस उपमहानिरीक्षक आजमगढ़ परिक्षेत्र आजमगढ़ सुनील कुमार सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ0 अनिल कुमार सहित जनपद के अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। पुलिस कार्यालय पहुंचने पर गार्द द्वारा अपर पुलिस महानिदेशक को सलामी दी गई। इसके बाद उन्होंने अपर पुलिस अधीक्षक नगर, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, आंकिक शाखा, डीसीआरबी समेत विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान अभिलेखों के रखरखाव और कार्यों के समयबद्ध निस्तारण की स्थिति का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश दिए।


पुलिस कार्यालय स्थित सभागार में जनपद के समस्त राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों के साथ समीक्षा गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था, विवेचनाओं की गुणवत्ता, लंबित अभियोगों और जनशिकायतों के निस्तारण की समीक्षा की गई। इसके अलावा वांछित एवं पुरस्कार घोषित अभियुक्तों की गिरफ्तारी, महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर अपराधों की रोकथाम और यातायात व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।


अपर पुलिस महानिदेशक ने अधिकारियों को गंभीर अपराधों में त्वरित कार्रवाई करने, अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी अभियान चलाने तथा लंबित विवेचनाओं और अभियोगों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आमजन की शिकायतों को गंभीरता से सुनकर प्राथमिकता के आधार पर उनका समाधान कराने पर भी जोर दिया।


समीक्षा गोष्ठी के बाद पुलिस लाइन आजमगढ़ में अपर पुलिस महानिदेशक ने जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर विभिन्न विषयों पर संवाद किया। इस दौरान उनकी समस्याएं और सुझाव सुने गए। उन्होंने जनहित एवं सुरक्षा से जुड़े मामलों में पुलिस प्रशासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई का आश्वासन दिया।


इसके बाद गणमान्य नागरिकों, पीस कमेटी के सदस्यों और विभिन्न व्यापार संगठनों के पदाधिकारियों के साथ भी बैठक की गई। इसमें जनपद में शांति एवं सौहार्द बनाए रखने तथा सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आपसी सहयोग की अपील की गई। प्राप्त सुझावों और समस्याओं पर नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया।


कार्यक्रम के अंतिम चरण में अपर पुलिस महानिदेशक नवीन अरोड़ा ने जनपद के मीडिया प्रतिनिधियों के साथ प्रेस वार्ता की। उन्होंने वार्षिक निरीक्षण के दौरान की गई समीक्षा, पुलिस की कार्यप्रणाली, अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था तथा जनपद में संचालित विभिन्न पुलिस अभियानों और जनहितकारी कार्यों की जानकारी साझा की। इस दौरान मीडिया प्रतिनिधियों के सवालों का जवाब भी दिया।

वार्षिक निरीक्षण के माध्यम से पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली की समीक्षा के साथ ही अपराध नियंत्रण, जनसुरक्षा और आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

आजमगढ़ कंधरापुर खाटू श्याम मंदिर की छत ढलाई के दौरान शटरिंग गिरी, एक मजदूर की मौत, 2 गंभीर मलबे में दबे तीनों मजदूरों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया; मंडलीय अस्पताल में 3 घंटे स्ट्रेचर पर पड़ा रहा शव


 आजमगढ़ कंधरापुर खाटू श्याम मंदिर की छत ढलाई के दौरान शटरिंग गिरी, एक मजदूर की मौत, 2 गंभीर


मलबे में दबे तीनों मजदूरों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया; मंडलीय अस्पताल में 3 घंटे स्ट्रेचर पर पड़ा रहा शव



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले मे कंधरापुर थाना क्षेत्र के भंवरनाथ के पास देवखरी गांव में सोमवार दोपहर निमार्णाधीन खाटू श्याम मंदिर की छत की ढलाई के दौरान बड़ा हादसा हो गया। शटरिंग अचानक भरभराकर गिरने से तीन मजदूर मलबे में दब गए। हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।


 जानकारी के अनुसार, देवखरी गांव में पिछले दो वर्षों से खाटू श्याम मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा है। सोमवार को मंदिर की छत की ढलाई कराई जा रही थी। दोपहर में शटरिंग का काम कर रहे तीन मजदूर नीचे मौजूद थे। इसी दौरान अचानक तेज आवाज के साथ पूरी शटरिंग बैठ गई। शटरिंग के साथ सरिया और छत का ताजा मलबा भी नीचे गिर पड़ा, जिसकी चपेट में आकर तीनों मजदूर दब गए। हादसे में घायल मजदूरों की पहचान जहानागंज थाना क्षेत्र के असोना गांव निवासी 32 वर्षीय राजाराम, मुबारकपुर थाना क्षेत्र के काशीपुर गांव निवासी 22 वर्षीय कमलेश चौहान और 32 वर्षीय अरुण चौहान के रूप में हुई। तीनों मजदूर क्षेत्र के आबाड़ी गांव निवासी एक ठेकेदार के साथ रहकर शटरिंग का काम करते थे। घटना के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और मलबा हटाकर तीनों मजदूरों को बाहर निकाला। एंबुलेंस की मदद से उन्हें मंडलीय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने राजाराम को मृत घोषित कर दिया। वहीं, कमलेश और अरुण की गंभीर हालत देखते हुए उन्हें रेफर कर दिया गया। कमलेश की हालत नाजुक बताई जा रही है। उसे शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे की सूचना पर कंधरापुर पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। मलबे में किसी अन्य व्यक्ति के दबे होने की आशंका को देखते हुए करीब चार घंटे तक राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया। इस हादसे के बाद मंडलीय अस्पताल की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि घायलों को लेकर एंबुलेंस दोपहर करीब तीन बजे अस्पताल पहुंची थी। चिकित्सकों ने राजाराम को मृत घोषित कर दिया, जबकि दोनों घायलों को रेफर कर दिया गया। इसके बाद परिजन घायलों को लेकर निजी अस्पताल चले गए, लेकिन मृतक का शव करीब तीन घंटे तक इमरजेंसी के बाहर स्ट्रेचर पर ही पड़ा रहा। कंधरापुर थानाध्यक्ष केदारनाथ मौर्य ने बताया कि शटरिंग गिरने से एक मजदूर की मौत हुई है, जबकि दो अन्य घायल हैं। घायलों का उपचार निजी अस्पताल में चल रहा है। घटना के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है।

आजमगढ़ गंभीरपुर पेट्रोल पंप के पास पति-पत्नी और दो मासूम बच्चियों से मारपीट, जातिसूचक गाली देने का आरोप बाइक में टक्कर के बाद विवाद बढ़ने का आरोप, परिवार के चारों सदस्य घायल; पुलिस कर रही मामले की जांच


 आजमगढ़ गंभीरपुर पेट्रोल पंप के पास पति-पत्नी और दो मासूम बच्चियों से मारपीट, जातिसूचक गाली देने का आरोप


बाइक में टक्कर के बाद विवाद बढ़ने का आरोप, परिवार के चारों सदस्य घायल; पुलिस कर रही मामले की जांच



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के गंभीरपुर थाना क्षेत्र में रोहुआ और गोमाडीह के बीच स्थित पेट्रोल पंप के समीप एक परिवार के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। बाइक से ससुराल जा रहे पति-पत्नी और उनकी दो मासूम बच्चियों के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। पीड़ित परिवार ने बुलेट सवार व्यक्ति पर बाइक में टक्कर मारने, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। घटना में चारों लोग घायल हो गए।


 प्राप्त जानकारी के अनुसार, ऊबारपुर लखमीपुर गांव निवासी मुकेश कुमार अपनी पत्नी और दो बच्चियों के साथ बाइक से ससुराल जा रहे थे। इसी दौरान रोहुआ और गोमाडीह के बीच पेट्रोल पंप के पास सामने से आ रहे बुलेट सवार विवेकानंद राय पुत्र दिनेश राय, निवासी गोमाडीह की बाइक से उनकी बाइक की टक्कर हो गई। मुकेश कुमार का आरोप है कि टक्कर के बाद बुलेट सवार ने उनके परिवार के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए लात-घूंसों से मारपीट की गई। आरोप है कि इस दौरान पति-पत्नी के साथ दोनों छोटी बच्चियों को भी चोटें आईं। पीड़ित ने आरोपी पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है। घटना के बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है। 


इस संबंध में गोसाई की बाजार पुलिस चौकी प्रभारी अश्वनी मिश्रा ने बताया कि महिला की ओर से तहरीर प्राप्त हुई है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।